सैंधव सभ्यता एवं संस्कृति (Part-1)

Total Questions: 50

11. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए - [U.P. R.O/A.R.O. (Mains) 2017]

सूची-Iसूची-II
A. हड़प्पा1. एन.जी.मजूमदार (1936-37)
B. हस्तिनापुर2. जॉन मार्शल (1913-34)
C. तक्षशिला3. दयाराम साहनी (1923-24 तथा 1924-25)
D. कौशांबी4. बी.बी. लाल (1950-52)

कूट:

ABCD
(a)4213
(b)1342
(c)3421
(d)4132
Correct Answer: (c)
Solution:
सूची Iसूची II
हड़प्पादयाराम साहनी (1923-24 तथा 1924-25)
हस्तिनापुरबी. बी. लाल (1950-52)
तक्षशिलाजॉन मार्शल (1913-34)
कौशांबीएन. जी. मजूमदार (1936-37)

12. भारत में चांदी की उपलब्धता के प्राचीनतम साक्ष्य मिलते हैं- [I.A.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (a) हड़प्पा संस्कृति में
Solution:

भारत में चांदी की उपलब्धता के प्राचीनतम साक्ष्य 'हड़प्पा संस्कृति' (Indus Valley Civilization) में मिलते हैं। हड़प्पावासी चांदी से भली-भांति परिचित थे और वे इसका उपयोग आभूषण, बर्तन और विभिन्न कलाकृतियाँ बनाने के लिए करते थे।

हड़प्पा सभ्यता के निवासी सोने की तुलना में चांदी का अधिक व्यापक रूप से उपयोग करते थे। पुरातात्विक खुदाई में कुणाल (हरियाणा) और मोहनजोदड़ो जैसे स्थलों से चांदी के बर्तन और कीमती आभूषण प्राप्त हुए हैं, जो इस धातु की उपलब्धता का पुख्ता प्रमाण देते हैं। यद्यपि भारत में उस समय चांदी की कोई प्रमुख खदान नहीं थी, फिर भी विद्वानों का मानना है कि हड़प्पावासी संभवतः राजस्थान की जावर (Zawar) और अजमेर की खदानों से चांदी प्राप्त करते थे या फिर इसे अफगानिस्तान और ईरान से आयात (Import) करते थे।

13. हड़प्पा में मिट्टी के बर्तनों पर सामान्यतः किस रंग का उपयोग हुआ था? [40th B.P.S.C. (Pre) 1995]

Correct Answer: (a) लाल
Solution:

प्रारंभिक हड़प्पा सभ्यता में पैर से चालित चाक का प्रयोग किया जाता था। सभ्यता की परिपक्व अवस्था में हाथ से चालित चाकों का प्रयोग किया जाने लगा। डिजाइन के आधार पर इन बर्तनों की दो श्रेणियां थीं-एक तो बिना डिजाइन वाले मृदभांड की तथा दूसरे चित्रित मृद्भांड की। मृद्भांडों को बनाने वाली मिट्टी में रेत का मिश्रण किया जाता था, जिनको पकाने पर यह हल्के भूरे-लाल रंग का रूप ग्रहण कर लेती थीं। इन मृद्भांडों के ऊपरी हिस्सों में लाल रंग की पुताई कर दी जाती थी तथा निचले हिस्से में काले रंग से विभिन्न प्रकार की चित्रकारी की जाती थी।

14. मूर्ति पूजा का आरंभ कब से माना जाता है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (a) पूर्व आर्य (Pre Aryan)
Solution:

भारत में मूर्ति पूजा (Idolatry) का आरंभ मुख्य रूप से पूर्व-आर्य काल (Pre-Aryan Period) यानी सिंधु घाटी सभ्यता से माना जाता है।

यद्यपि हड़प्पा सभ्यता के स्थलों पर बाद के हिंदू मंदिरों की तरह कोई भव्य 'मंदिर' नहीं मिले हैं, लेकिन खुदाई में बड़ी संख्या में मातृदेवी (Mother Goddess) की मृण्मूर्तियाँ (Terracotta figurines) और पत्थर की मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं। ये साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि सिंधु घाटी के निवासी देवियों और देवताओं की मानवीय या प्रतीकात्मक रूप में उपासना करते थे।

इसके अतिरिक्त, मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'पशुपति शिव' की मुहर, जिसमें एक योगी की आकृति के चारों ओर पशु बने हैं, प्राचीन मूर्ति पूजा का एक सशक्त प्रमाण है। वैदिक काल में मूर्ति पूजा का स्पष्ट उल्लेख कम मिलता है क्योंकि वहाँ 'यज्ञ' और 'प्रकृति पूजा' की प्रधानता थी, लेकिन मौर्योत्तर काल (Post-Mauryan Period) और गुप्त काल के दौरान मंदिरों के निर्माण के साथ मूर्ति पूजा को पूर्णतः संस्थागत और सामाजिक विस्तार मिला।

15. निम्नलिखित पशुओं में से किस एक का हड़प्पा संस्कृति में पाई मुहरों और टेराकोटा कलाकृतियों में निरूपण (Representation) नहीं हुआ था? [I.A.S. (Pre) 2001]

Correct Answer: (a) गाय
Solution:

हड़प्पा संस्कृति की मुहरों एवं टेराकोटा कलाकृतियों में गाय का चित्रण नहीं मिलता है, जबकि हाथी, गैंडा, बाघ, हिरण, भेड़ा आदि के अंकन मिलते हैं। गाय को महत्व वैदिक काल में प्राप्त हुआ।

16. निम्नलिखित में से कौन-सा एक हड़प्पा स्थल नहीं है? [I.A.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (c) सोहगौरा
Solution:

सोहगौरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में राप्ती नदी के तट पर स्थित एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है, जो अपने प्राचीन सोहगौरा ताम्रपत्र शिलालेख के लिए प्रसिद्ध है। यह मौर्यकालीन (तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व) है और सबसे प्राचीन ताम्रपत्रों में से एक माना जाता है, जो अकाल राहत के लिए कोष्ठागार (अन्न भंडार) के प्रबंधन का विवरण देता है।

• चन्हूदड़ो: यह एकमात्र ऐसा हड़प्पाई शहर है जहाँ 'दुर्ग' (Citadel) के प्रमाण नहीं मिले हैं और यह मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factory) के लिए प्रसिद्ध था।

• कोटदीजी: यह स्थल मोहनजोदड़ो के पास स्थित है और यहाँ किलेबंदी के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं, जो हड़प्पा पूर्व (Pre-Harappan) सभ्यता की झलक देते हैं।

• देसलपुर: यह गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थल था, जो अपनी सुव्यवस्थित किलेबंदी और विशाल पत्थर की दीवारों के लिए जाना जाता है।

17. सूची-I (प्राचीन स्थल) को सूची-II (पुरातत्वीय खोज) के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- [I.A.S. (Pre) 2002]

सूची-I (प्राचीन स्थल)सूची-II (पुरातात्त्विक खोज)
A. लोथल1. जूता हुआ खेत
B. कालीबंगा2. गोदीबाड़ा
C. धौलावीरा3. पक्की मिट्टी की बनी हुई हल की प्रतिकृति
D. बनावली4. हड़प्पन लिपि के बड़े आकार के दस चिन्हों वाला एक शिलालेख

कूट:

ABCD
(a)1234
(b)2143
(c)1243
(d)2134
Correct Answer: (b)
Solution:

प्रश्नगत हड़प्पा सभ्यता के स्थलों में से खम्भात की खाड़ी के निकट स्थित लोथल से गोदीबाड़ा के साक्ष्य मिले हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के किनारे स्थित कालीबंगा से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं।
गुजरात के धौलावीरा से हड़प्पा लिपि के बड़े आकार के 10 चिह्नों वाला एक शिलालेख मिला है।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले में स्थित बनावली से पकी मिट्टी की बनी हुई हल की प्रतिकृति मिली है।

18. एक जुते हुए खेत की खोज की गई थी- [U.P.P.C.S. (Mains) 2005]

Correct Answer: (b) कालीबंगा में
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

19. निम्न में से किस हड़प्पन नगर में जुते हुए खेतों के निशान मिले हैं? [66th B.P.S.C. (Pre) 2020]

Correct Answer: (a) कालीबंगा
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

20. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। [U.P.P.C.S. (Mains) 2017]

सूची - Iसूची - II
A. हड़प्पा1. शवाधान R - 37
B. लोथल2. गोदी
C. कालीबंगा3. नर्तकी की मूर्ति
D. मोहनजोदड़ो4. जूता हुआ खेत

कूट:

ABCD
(a)1234
(b)2143
(c)3412
(d)1243
Correct Answer: (d)
Solution:
सूची - Iसूची - II
हड़प्पाशवाधान R-37
लोथलगोदी
कालीबंगाजूता हुआ खेत
मोहनजोदड़ोनर्तकी की मूर्ति