Solution:सोहगौरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में राप्ती नदी के तट पर स्थित एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है, जो अपने प्राचीन सोहगौरा ताम्रपत्र शिलालेख के लिए प्रसिद्ध है। यह मौर्यकालीन (तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व) है और सबसे प्राचीन ताम्रपत्रों में से एक माना जाता है, जो अकाल राहत के लिए कोष्ठागार (अन्न भंडार) के प्रबंधन का विवरण देता है।
• चन्हूदड़ो: यह एकमात्र ऐसा हड़प्पाई शहर है जहाँ 'दुर्ग' (Citadel) के प्रमाण नहीं मिले हैं और यह मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factory) के लिए प्रसिद्ध था।
• कोटदीजी: यह स्थल मोहनजोदड़ो के पास स्थित है और यहाँ किलेबंदी के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं, जो हड़प्पा पूर्व (Pre-Harappan) सभ्यता की झलक देते हैं।
• देसलपुर: यह गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थल था, जो अपनी सुव्यवस्थित किलेबंदी और विशाल पत्थर की दीवारों के लिए जाना जाता है।