स्थानीय स्वशासन (भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

Total Questions: 50

21. निम्नलिखित में से कौन पंचायतों की संरचना के बाबत उपबंध करने को अधिकृत है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (b) राज्य का विधानमंडल
Solution:संविधान के अनुच्छेद 243 ग (1) के अनुसार, राज्य का विधानमंडल पंचायतों की संरचना के बाबत उपबंध करने को अधिकृत है।

22. पंचायत की संरचना में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही नहीं है? [U.P. Lower Sub. (Mains) 2013]

Correct Answer: (c) प्रत्येक राज्य ग्राम, मध्य और जिला स्तर पर पंचायत का गठन करेगा।
Solution:संविधान में 73वें संशोधन, 1992 के द्वारा शामिल भाग-9 के उपबंधों 5 के तहत किसी राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा पंचायत की संरचना के लिए उपबंध कर सकेगा (अनु. 243 ग) तथा ग्राम सभा, ग्राम स्तर पर ऐसी शक्तियों का प्रयोग और ऐसे कृत्यों का पालन कर सकेगी, जो किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा, विधि द्वारा, उपबंधित किए जाएं (अनु. न 243 क)। प्रत्येक राज्य ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायत का गठन करेगा [अनु. 243ख (1)], लेकिन जहां, ऐसे राज्य जिनकी जनसंख्या बीस लाख से अधिक नहीं है, वे मध्य स्तर पर पंचायत का गठन नहीं कर सकेंगे [अनु. 243ख (2)], अतः वहां विकल्प (c) लागू • नहीं होगा। अतः विकल्प (c) सही नहीं है।

23. पंचायती राज व्यवस्था में शासन प्रणाली की संरचना क्या है? [I.A.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (c) ग्राम, खंड और जिला स्तर पर स्थानीय स्वशासन की त्रि-स्तरीय संरचना
Solution:संविधान के अनुच्छेद 243B (243ख) के अनुसार पंचायती राज व्यवस्था में स्थानीय स्वशासन त्रि-स्तरीय है-ग्राम स्तर, मध्यवर्ती (खंड) स्तर एवं जिला स्तर पर, किंतु मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का उस राज्य में गठन नहीं किया जा सकेगा, जिसकी जनसंख्या 20 लाख से अधिक नहीं है।

24. वह न्यूनतम जनसंख्या कितनी है जिसके नीचे (73वें संशोधन) अधिनियम के उपबंध के अनुसार, मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतें गठित नहीं की जा सकती ? [U.P.P.C.S. (Mains) 2017]

Correct Answer: (b) 20 लाख
Solution:संविधान के अनुच्छेद 243B (243ख) के अनुसार पंचायती राज व्यवस्था में स्थानीय स्वशासन त्रि-स्तरीय है-ग्राम स्तर, मध्यवर्ती (खंड) स्तर एवं जिला स्तर पर, किंतु मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का उस राज्य में गठन नहीं किया जा सकेगा, जिसकी जनसंख्या 20 लाख से अधिक नहीं है।

25. पंचायतों के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? [U.P.P.C.S. (Pre) 2019]

1. पचास प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

2. ग्राम सभा एक निकाय है, जिसमें गांव के रहने वाले सभी लोग होते हैं।

3. मध्यवर्ती स्तर पर एक पंचायत होगी।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

 

Correct Answer: (d) केवल 3
Solution:संविधान के अनुच्छेद 243-घ के तहत पंचायतों में अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है, जिनमें कम-से-कम 1/3 स्थान संबंधित जातियों/जनजातियों की महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं। इस प्रकार कथन 1 सही नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 243 (ख) के अनुसार, 'ग्राम सभा' में ग्राम स्तर पर पंचायत क्षेत्र के भीतर समाविष्ट किसी ग्राम से संबंधित निर्वाचक सूची में पंजीकृत व्यक्ति होते हैं (गांव के रहने वाले सभी लोग नहीं)।

अतः कथन 2 भी सही नहीं है।

संविधान के अनुच्छेद 243 ख के खंड (1) के अनुसार, प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाएगा; हालांकि खंड (2) के अनुसार, मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का उस राज्य में गठन नहीं किया जा सकेगा, जिसकी जनसंख्या 20 लाख से अनधिक है। अतः कथन 3 सही है।

26. भारत में प्रत्येक पंचायत का कार्यकाल किस दिनांक से पांच वर्ष का होता है? [U.P. Lower Sub. (Mains) 2013]

Correct Answer: (a) अपने प्रथम अधिवेशन के लिए निर्धारित तिथि से
Solution:संविधान के अनुच्छेद 243E (243 ङ) के अनुसार, भारत में प्रत्येक पंचायत अपने प्रथम अधिवेशन की तारीख से पांच वर्षों की अवधि तक कार्य करेगी। विधि द्वारा विहित प्रक्रिया के अनुसार, उसे इसके पहले विघटित किया जा सकेगा। यदि पंचायत पहले विघटित कर दी गई हो, तो विघटन की तारीख से 6 मास के भीतर निर्वाचन हो जाना चाहिए। समय पूर्व (अर्थात 5 वर्ष की पूरी अवधि की समाप्ति के पहले) विघटित पंचायत जब पुनर्गठित की जाती है, तो वह अवशिष्ट अवधि के लिए ही होगी, किंतु यदि बची हुई अवधि 6 मास से कम है तो निर्वाचन कराना आवश्यक नहीं होगा।

27. एक ग्राम पंचायत के लिए निर्वाचन 20 जनवरी, 2014 को हुआ। इसका पहला सम्मेलन 10 फरवरी, 2014 को बुलाया गया। इसके बाद 20 फरवरी, 2016 को ग्राम पंचायत विघटित कर दी गई। नई ग्राम पंचायत के लिए चुनाव 15 मई, 2016 को हुए और इसका पहला सम्मेलन 25 मई, 2016 को बुलाया गया। इस नवगठित ग्राम पंचायत का कार्यकाल क्या होगा ? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2018]

Correct Answer: (b) 10 फरवरी, 2019
Solution:संविधान के अनुच्छेद 243E के तहत पंचायत का कार्यकाल अपने प्रथम अधिवेशन की तारीख से पांच वर्ष तक का होता है, तथा समय-पूर्व विघटित पंचायत जब पुनर्गठित की जाती है, तो वह विघटित पंचायत की अवशिष्ट अवधि तक के लिए ही होती है। अतः प्रश्नगत स्थिति में नवगठित पंचायत का कार्यकाल 10 फरवरी, 2019 तक (अर्थात विघटित पंचायत के पहले अधिवेशन की तिथि से पांच वर्ष पूरे होने तक) ही होगा।

28. यदि पंचायत भंग होती है, तो किस अवधि के अंदर निर्वाचन होंगे? [U.P. Lower Sub. (Mains) 2015 Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (c) 6 माह
Solution:73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा संविधान में भाग 9 जोड़ा गया है। इसके द्वारा भाग 9 के तहत 16 नए अनुच्छेद और एक नई अनुसूची-ग्यारहवीं अनुसूची शामिल की गई है। इस भाग में पंचायतों के गठन, उनके निर्वाचन, शक्तियों इत्यादि का वर्णन किया गया है। अनुच्छेद 243 E (3) (b) के तहत पंचायत भंग होने पर 6 माह के अंदर निर्वाचन होना आवश्यक है।

29. ग्राम पंचायत के विषय में क्या सही नहीं है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015]

i. ग्राम पंचायत में अधिकतम 20 पंच हो सकते हैं।

ii. ग्राम पंचायत में यदि 15 पंच निर्वाचित हैं, तो 5 पंच मनोनीत किए जाते हैं।

iii. जनपद पंचायत अध्यक्ष पांच पंचों को नामित करता है।

iv. ग्राम पंचायत में 10 पंच भी हो सकते हैं।

v. पंचों के निर्वाचन में समान मत आने पर लाटरी द्वारा निर्णय होता है।

vi. मनोनीत सदस्य बैठक में भाग लेते और मतदान कर सकते हैं।

 

Correct Answer: (c) ii iii vi
Solution:ग्राम पंचायत ग्रामीण स्तर पर स्थानीय स्वशासन की सबसे छोटी इकाई होती है। छत्तीसगढ़ के पंचायत राज अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र को कम-से-कम 10 और अधिक से अधिक 20 वार्डों में बांटा जाता है और प्रत्येक वार्ड से एक पंच चुना जाता है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्वाचित पंच और एक सरपंच होता है, जो कि ग्राम पंचायत का मुखिया होता है। अतः स्पष्ट है कि कथन (ii), (iii) तथा (vi) असत्य हैं, क्योंकि तीनों कथनों में मनोनीत सदस्यों की बात की गई है, जबकि सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं। उत्तर प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, यहां ग्राम पंचायत में प्रधान के अतिरिक्त 9 (पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या 1000 तक होने पर), 11 (जनसंख्या 1001 से 2000 तक होने पर), 13 (जनसंख्या 2001 से 3000 तक होने पर) या 15 (जनसंख्या 3000 से अधिक होने पर) सदस्य होते हैं, जिनका निर्वाचन होता है।

30. निम्नलिखित कार्यों में से कौन-सा कार्य स्थानीय स्वशासन से संबंधित नहीं है? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (d) लोक-व्यवस्था का अनुरक्षण
Solution:लोक-व्यवस्था का अनुरक्षण स्थानीय स्वशासन से संबंधित नहीं है। लोक-व्यवस्था का अनुरक्षण राज्य सरकार से संबंधित है, जबकि जन-स्वास्थ्य, स्वच्छता का प्रबंधन, सड़कें और पुल, आर्थिक एवं सामाजिक विकास योजना, अग्निशमन आदि स्थानीय स्वशासन से संबंधित हैं। अनुच्छेद 243-छ पंचायतों की शक्तियों, प्राधिकारों और उत्तरदायित्वों से तथा अनुच्छेद 243-ब नगरपालिकाओं आदि की शक्तियों, प्राधिकारों और उत्तरदायित्वों से संबंधित है।