अपभ्रंश में केवल आठ स्वर थे-अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ओ। ........ हिन्दी में दो नये स्वर ऐ, औ विकसित हो गए, जो संस्कृत स्वर थे तथा जिनका उच्चारण क्रमशः अएँ, अओ था।
च, छ, ज, झ, संस्कृत, पालि, प्राकृत और अपभ्रंश में स्पर्श व्यंजन थे, किन्तु ....... हिन्दी में आकर ये स्पर्श-संघर्षी हो गए और तब से अब तक ये स्पर्श-संघर्षी ही हैं।
उपर्युक्त रिक्त स्थानों में हिन्दी के किन कालों का वर्णन किया गया है?
Correct Answer: (2) आदिकालीन, आदिकालीन
Solution:च, छ, ज, झ स्पर्श व्यंजन-संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश में किन्तु आदिकालीन हिन्दी में ये स्पर्श संघर्षी हो गए।
अपभ्रंश में केवल आठ स्वर अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ओ, थे किन्तु आदिकालीन हिन्दी में ऐ, औ दो संयुक्त स्वर हो गए।