हिन्दी भाषा एवं उसकी बोलियाँः उत्पत्ति एवं विकास part-4

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31. देवनागरी लिपि का विकास माना जाता है- [T.G.T. परीक्षा, 2005, 2010, 2011 U.P.P.S.C. (एल.टी. ग्रेड) परीक्षा, 2018]

Correct Answer: (c) ब्राह्मी से
Solution:सभी भारतीय लिपियाँ 'ब्राह्मी लिपि' से विकसित हुई हैं। देवनागरी लिपि का विकास भी ब्राह्मी लिपि से हुआ है। देवनागरी भारत की लगभग 10 प्रमुख लिपियों में से एक है। देवनागरी आक्षरिक लिपि है, जो प्रचलित लिपियों (रोमन, अरबी, चीनी आदि) में सबसे अधिक वैज्ञानिक है। देवनागरी लिपि में एक वर्ण के लिए ध्वनि है, अर्थात् प्रत्येक अक्षर उच्चारित होते हैं।

32. देवनागरी लिपि की सबसे बड़ी विशेषता है- [T.G.T. परीक्षा, 2009]

Correct Answer: (d) सर्वाधिक वैज्ञानिक लिपि होना, एक ध्वनि के लिए एक संकेत होना।
Solution:देवनागरी लिपि की विशेषता है- सर्वाधिक वैज्ञानिक लिपि का होना तथा एक ध्वनि के लिए एक ही प्रतीक (संकेत) होना। जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है। शिरोरेखा का प्रयोग सुन्दरता के लिए किया जाता है।

33. निम्नांकित में से कौन-सी विशेषता देवनागरी में नहीं है? [P.G.T. परीक्षा, 2009]

Correct Answer: (d) विकास की दृष्टि से यह लिपि ब्राह्मी एवं खरोष्ठी की समकालीन है।
Solution:विकास की दृष्टि से यह लिपि ब्राह्मी एवं खरोष्ठी की समकालीन है।' उक्त विशेषता देवनागरी लिपि की नहीं है। देवनागरी लिपि का विकास ब्राह्मी लिपि के उत्तरी शैली से विकसित गुप्त लिपि तथा कुटिल लिपि से हुआ है। अतः यह ब्राह्मी की समकालीन नहीं हो सकती।

34. देवनागरी लिपि क्या है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (d) अक्षरात्मक लिपि
Solution:देवनागरी लिपि अक्षरात्मक लिपि है। हिन्दी, संस्कृत सहित अनेक भाषाएँ इसी लिपि में लिखी जाती हैं। देवनागरी लिपि का विकास ब्राह्मी लिपि से हुआ है। हिन्दी वर्णमाला देवनागरी लिपि पर आधारित है।

35. 'देवनागरी लिपि' मूलतः क्या है? [T.G.T. परीक्षा, 2011]

Correct Answer: (b) अक्षरात्मक
Solution:वस्तुतः देवनागरी लिपि मूलतः अक्षरात्मक है। हालाँकि यह वर्णमाला पर आधारित है। फिर भी विद्वान इसे वर्णात्मक नहीं मानते।

36. प्राचीन देवनागरी लिपि का विकास....................से हुआ है। [दिल्ली केन्द्रीय विद्यालय (P.G.T.) परीक्षा, 2015]

Correct Answer: (a) कुटिल लिपि
Solution:ब्राह्मी की उत्तरी शैली से 4-5वीं सदी में गुप्त लिपि' तथा 'गुप्तलिपि' से छठी सदी में 'कुटिल लिपि' विकसित हुई है। इसी 'कुटिल लिपि से 9वीं सदी के लगभग 'नागरी' के प्राचीन रुप का विकास हुआ, जिसे 'प्राचीन नागरी' कहते है।

37. नागरी लिपि सुधार समिति के संयोजक थे- [दिल्ली केन्द्रीय विद्यालय (P.G.T.) परीक्षा, 2015]

Correct Answer: (a) काका कालेलकर
Solution:हिन्दी साहित्य सम्मेलन के इन्दौर अधिवेशन में गाँधीजी के सभापतित्व में नागरी लिपि में सुधार के लिए एक लघु समिति गठित की गयी, जिसके संयोजक काका कालेलकर बनाए गए। इस समिति द्वारा प्रस्तुत 14 सुझावो को सम्मेलन ने स्वीकार किया।

38. किस विद्वान् ने देवनागरी लिपि के स्थान पर रोमन लिपि स्वीकार करने का सुझाव दिया था? [P.G.T. परीक्षा, 2009, T.G.T. परीक्षा, 2010]

Correct Answer: (c) सुनीति कुमार चटर्जी
Solution:भारतीय भाषाओं के लिए देवनागरी लिपि के स्थान पर रोमन लिपि का प्रस्ताव डॉ. सुनीति कुमार चटर्जी ने रखा था।

39. नागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ है? [उ.प्र. उच्चतर शिक्षा आयोग परीक्षा-2021]

Correct Answer: (d) ब्राह्मी लिपि
Solution:नागरी (देवनागरी) लिपि का विकास 'ब्राह्मी लिपि' से हुआ है।

40. देवनागरी में 'अ' के बारह खड़ी का सुझाव किसने दिया था? [U.P.P.S.C. (एल.टी. ग्रेड) परीक्षा, 2018]

Correct Answer: (c) काका कालेलकर
Solution:सावरकर बन्धुओं और काका कालेलकर ने अकी बारह बड़ी को उपयोग में लाने का सुझाव दिया, किन्तु यह स्वीकार नहीं किया जा सका उनका सुझाव या कि अ में ही मात्राओं को जोड़कर लिखा जाया महात्मा गाँधी के हरिजन सेवक में इसका प्रयोग भी हुआ था।