हिन्दी भाषा एवं उसकी बोलियाँः उत्पत्ति एवं विकासTotal Questions: 5021. मध्यकालीन भारतीय आर्यभाषा काल- [UPSSSC विधानभवन रक्षक एवं वन रक्षक परीक्षा, 2016 (II)](a) 500 ई. पूर्व से 1000 ई. तक(b) 1000 ई. से 21 वीं तक(c) 1500 ई. पूर्व से 500 ई. पूर्व तक(d) 500 ई. से 1000 ई. तकCorrect Answer: (a) 500 ई. पूर्व से 1000 ई. तकSolution:मध्यकालीन भारतीय आर्यभाषा काल 500 ई. पू. से 1000 ई तक माना जाता है। इस काल में क्रमशः पालि, प्राकृत एवं अपभ्रंश भाषाओं का व्यवहार होता रहा है।22. पालि भाषा के सर्वप्रथम वैयाकरण कौन हैं? [UP SI-2021](a) पतंजलि(b) पाणिनी(c) कच्चायन(d) हेमचन्द्रCorrect Answer: (c) कच्चायनSolution:23. इनमें से किस विद्वान् ने अपभ्रंश के लिए 'पुरानी हिच शब्द का प्रयोग किया? [U.P. SI-2021](a) रामकुमार वर्मा(b) धीरेन्द्र वर्मा(c) हजारी प्रसाद द्विवेदी(d) चन्द्रधर शर्मा गुलेरीCorrect Answer: (d) चन्द्रधर शर्मा गुलेरीSolution:चन्द्रघर शर्मा 'गुलेरी' ने अपभ्रंश के लिए 'पुरानी हिन्दी' शब्द का प्रयोग किया है। अपभ्रंश मध्यकालीन भारतीय आर्यभाषा और आधुनिक भारतीय आर्यभाषा के बीच की कड़ी है। इसे 'सन्धिकालीन' भाषा भी कहते हैं।अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्यडॉ. रामकुमार वर्मा ने 'अपभ्रंश' के प्रथम कवि 'स्वयंभू' को ही हिन्दी का प्रथम कवि माना है।स्वयंभू को अपभ्रंश भाषा का 'वाल्मीकि' तथा 'व्यास' कहा जाता है।24. 'पैशाची भाषा' वह प्राकृत भाषा है, जो प्राचीन समय में भारतवर्ष के पश्चिमोत्तर प्रदेशों में बोली जाती थी। [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024](a) दक्षिण(b) पश्चिमोत्तर(c) पूर्वोत्तर(d) दक्षिण पूर्वCorrect Answer: (b) पश्चिमोत्तरSolution:25. मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषा का अन्तिम रूप कौन-सा है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस), परीक्षा, 2024](a) संस्कृत(b) पालि(c) प्राकृत(d) अपभ्रंशCorrect Answer: (d) अपभ्रंशSolution:मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषा का अन्तिम रूप अपभ्रंश है। वस्तुतः मध्यकालीन भारतीय आर्यभाषा की तीन अवस्थाएँ थीं- पालि, प्राकृत तथा अपभ्रंश।26. अपभ्रंश की उत्तरकालीन अवस्था का नाम क्या है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस), परीक्षा, 2024](a) अवहट्ट(b) प्राकृत(c) संस्कृत(d) पालिCorrect Answer: (a) अवहट्टSolution:'अपभ्रंश 'की उत्तरकालीन अवस्था को 'अवहट्ट' नाम दिया गया है। भाषिक विकास प्रक्रिया में अनेक विद्वान् अपभ्रंश के बाद की भाषा को 'अवहट्ट' कहते हैं।27. अपभ्रंश का शाब्दिक अर्थ क्या है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस), परीक्षा, 2024](a) देशज(b) तद्भव(c) विदेशी(d) बिगड़ा हुआ शब्दCorrect Answer: (d) बिगड़ा हुआ शब्दSolution:अपभ्रंश शब्द का शाब्दिक अर्थ है, बिगड़ा हुआ शब्द। वस्तुतः संस्कृत भाषा के सरलीकरण की प्रक्रिया में जो शब्द पालि-प्राकृत से होकर आये, उन्हें अपभ्रंश कहा जाने लगा।28. अपभ्रंश को ण-ण भाषा किसने कहा? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस), परीक्षा, 2024](a) आचार्य दण्डी(b) किशोरीदास वाजपेयी(c) भरत मुनि(d) डॉ. भोलानाथ तिवारीCorrect Answer: (b) किशोरीदास वाजपेयीSolution:किशोरीदास वाजपेयी अपभ्रंश को 'ण-ण' भाषा कहते हैं। अपभ्रंश को सन्धिकालीन भाषा भी कहा जाता है, इसी के बाद हिन्दी की विभिन्न बोलियों के विकास होते हैं।29. आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं के उदय के पूर्व आर्यभाषा का कौन-सा रूप विद्यमान था? [डायट (प्रवक्ता) परीक्षा, 2014](a) संस्कृत(b) पालि(c) प्राकृत(d) अपभ्रंशCorrect Answer: (d) अपभ्रंशSolution:आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं के उदय के पूर्व आर्यभाषा का 'अपभ्रंश' रूप विद्यमान था। वस्तुतः 'अपभ्रंश' के विभिन्न रूपों से ही आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं का विकास हुआ है। आधुनिक आर्य भाषाओं का वर्गीकरण सर्वप्रथम डॉ.ए.एफ.आर. हार्नले ने 1880 ई. में किया।अपभ्रंशआधुनिक भारतीय आर्यभाषाएँ / उपभाषाएँशौरसेनीपश्चिमी हिन्दी, राजस्थानी, पहाड़ी, गुजरातीमागधीबिहारी, बंगाली, उड़िया (ओडिया), असमियाअर्धमागधीपूर्वी हिन्दीमहाराष्ट्रीमराठीब्राचड़सिन्धीटक्कपंजाबीकेकयलहँदा30. डॉ. तगारे के अनुसार अपभ्रंश के कितने भेद हैं? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024](a) तीन(b) दो(c) चार(d) पाँचCorrect Answer: (a) तीनSolution:डॉ. तगारे के अनुसार, अपभ्रंश के तीन भेद हैं-(i) दक्षिणी(ii) पश्चिमी(iii) पूर्वी।डॉ. नामवर सिंह के अनुसार, 'भाषा के सामान्य मानदण्ड से जो शब्द-रूप च्युत हों, वे अपभ्रंश हैं।'Submit Quiz« Previous12345Next »