हिन्दी भाषा एवं उसकी बोलियाँः उत्पत्ति एवं विकास

Total Questions: 50

31. आधुनिक आर्य भाषाओं के वर्गीकरण के अनुसार पूर्वी समुदाय की भाषा नहीं है- [UGC हिन्दी तृतीय प्रश्न-पत्र जून, 2014]

Correct Answer: (b) मराठी
Solution:आधुनिक आर्य भाषाओं के वर्गीकरण के अनुसार समुदाय की भाषा भराती नहीं है। पूर्वीमा बैला ओडिया को जगह दी गई है, जबकि मराठीको दक्षिणी समुदाय में रखा गया है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारतीय आर्यभाषाओं को दो वर्गों में बाँटा गया है। -1. हिन्दी वर्ग 2. हिन्दी इतर वर्गी
  • पाकिस्तान में बोली जाने वाली पंजाबी भाषा को लहँदा कहा जाता है।
  • बैंगला, ओडिया, असमिया तथा बिहारी का विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ है।

32. आधुनिक भारतीय भाषाओं का विकास किससे हुआ है? [K.V.S. (प्रवक्ता) परीक्षा, 2014]

Correct Answer: (a) अपभ्रंश
Solution:आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं के उदय के पूर्व आर्यभाषा का 'अपभ्रंश' रूप विद्यमान था।

33. नागरी प्रचारिणी पत्रिका में पुरानी हिन्दी शीर्षक में किसने अपभ्रंश को 'पुरानी हिन्दी' नाम दिया है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (b) पण्डित चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी'
Solution:नागरी प्रचारिणी पत्रिका में पुरानी हिन्दी शीर्षक के अंतर्गत पण्डित चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी' ने अपभ्रंश को पुरानी हिन्दी नाम दिया है।

34. अपभ्रंश में कितने स्वर मौजूद थे? [U.P. SI-2021]

Correct Answer: (c) आठ
Solution:'अपभ्रंश' मध्यकालीन आर्यभाषा तथा आधुनिक आर्यभाषाओं के बीच की कड़ी है, जिसे 'सन्धिकाल की भाषा' भी कहा जाता है। अपभ्रंश में स्वरों के सम्बन्ध में विवाद है- डॉ. नगेन्द्र के अनुसार, इसमें आठ मूल स्वर हैं, जबकि डॉ. उदयनारायण तिवारी के अनुसार, 11 स्वर हैं। कुछ विद्वान 10 स्वर भी मानते हैं।

35. अपभ्रंश भाषा के प्राचीनतम उदाहरण निम्नलिखित में से किस हिन्दी का विक ग्रन्थ में मिलते हैं? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (b) भरतमुनि कृत नाट्यशास्त्र में
Solution:अपभ्रंश भाषा का प्राचीनतम उदाहरण 'भरतमुनि' कृत 'नाट्यशास्त्र' में मिलता है।

36. प्राकृत सर्वस्व' में अपभ्रंश के कितने मेदों का उल्लेख मिलता है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (d) तीन
Solution:'प्राकृत सर्वस्व' मार्कण्डेय की रचना है, जिसमें अपभ्रंश के तीन भेद किए गए हैं।

नागरो ब्राचऽश्चोपनागरश्चेति ते त्रयः ।

अपभ्रंशः परे सूक्ष्मभेदत्वान्न पृथड्.मयतम ।। (प्राकृत सर्वस्वः) इस प्रकार मार्कण्डेय के अनुसार नागर ब्राचड़ तथा उपनागर अपभ्रंश के तीन प्रमुख भेद हैं। इस पुस्तक से यह भी जानकारी मिलती है कि कुछ लोग अपभ्रंश के 27 भेद मानते हैं।

37. हिन्दी भाषा के उद्भव और विकास का सही क्रम चुनिए- [T.G.T. परीक्षा, 2005]

Correct Answer: (a) संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश, शौरसेनी, पश्चिमी हिन्दी, खड़ी बोली।
Solution:हिन्दी की आदि जननी 'संस्कृत' है। संस्कृत पालि, प्राकृत भाषा से होती हुई अपभ्रंश तक पहुँचती है। फिर अपभ्रंश, अवहट्ट से गुजरती हुई प्राचीन/प्रारम्भिक हिन्दी का रूप लेती है। विशुद्धतः, हिन्दी भाषा के इतिहास का आरम्भ अपभ्रंश से माना जाता है। हिन्दी का विकास क्रम है-संस्कृत-पालि-प्राकृत-अपभ्रंश-शौरसेनी-पश्चिमी हिन्दी-खड़ी बोली।

38. निम्नलिखित आधुनिक भाषाओं में से किसका सम्बन्ध अपभ्रंश की पैशाची बोली से है? [U.P.P.S.C. (एल.टी. ग्रेड) परीक्षा, 2018]

Correct Answer: (c) पंजाबी
Solution:'पंजाबी बोली' का विकास 'पैशाची अपभ्रंश' से हुआ है, जबकि 'राजस्थानी' और 'गुजराती का विकास 'शौरसेनी अपभ्रंश' तथा 'बंगाली' का विकास 'मागधी अपभ्रंश' से हुआ है।

39. हिन्दी को विकास प्रदान करने वाली भाषा कौन-सी है? [UPSI Exam, 13-दिसम्बर, 2017 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (d) अपभ्रंश
Solution:भारतीय आर्य भाषा के इतिहास में 500 ई. से 1000 ई. के मध्य काल को अपभ्रंश काल कहा जाता है। अपभ्रंशों से ही आधुनिक आर्य भाषाओं - हिन्दी, बँगला, गुजराती, मराठी, पंजाबी, उर्दू, ओडिया आदि के विकास हुए हैं।

40. शौरसेनी अपभ्रंश के अन्तर्गत आने वाली भाषा नहीं है? [P.G.T. परीक्षा-2021 (यू.पी.)]

Correct Answer: (b) सिन्धी
Solution:'सिन्धी' भाषा का विकास ब्राचड़ अपभ्रंश से हुआ है, जबकि गुजराती, राजस्थानी तथा पश्चिमी हिन्दी की बोलियों का विकास 'शौरसेनी' अपभ्रंश से हुआ है।