Correct Answer: (a) संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश, शौरसेनी, पश्चिमी हिन्दी, खड़ी बोली।
Solution:हिन्दी की आदि जननी 'संस्कृत' है। संस्कृत पालि, प्राकृत भाषा से होती हुई अपभ्रंश तक पहुँचती है। फिर अपभ्रंश, अवहट्ट से गुजरती हुई प्राचीन/प्रारम्भिक हिन्दी का रूप लेती है। विशुद्धतः, हिन्दी भाषा के इतिहास का आरम्भ अपभ्रंश से माना जाता है। हिन्दी का विकास क्रम है-संस्कृत-पालि-प्राकृत-अपभ्रंश-शौरसेनी-पश्चिमी हिन्दी-खड़ी बोली।