Solution:खड़ी बोली और बुन्देली पश्चिमी हिन्दी' की बोलियाँ हैं। 'पश्चिमी हिन्दी' की अन्य प्रमुख बोलियाँ- ब्रजभाषा, हरियाणवी एवं कन्नौजी हैं। पश्चिमी हिन्दी की बोलियों का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है।अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य
पूर्वी हिन्दी - अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी (पूर्वी हिन्दी की बोलियों का विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है।)
राजस्थानी - मारवाड़ी, जयपुरी, मेवाती, मालवी हैं। पहाड़ी - कुमाऊँनी एवं गढ़वाली। पहाड़ी हिन्दी की बोलियों का विकास खस या शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है।
बिहारी - भोजपुरी, मगही, मैथिली। बिहारी हिन्दी की बोलियों
का विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ है।
- 'ब्रज' का पुराना अर्थ 'पशुओं या गौओं' का समूह अथवा चारागाह होता है।
- 'ब्रजभाषा' आगरा, मथुरा, अलीगढ़, धौलपुर, मैनपुरी, एटा, बदायूँ तथा बरेली के आस-पास बोली जाती है।
- हिन्दी की पाँच उपभाषाएँ हैं, जिनके अन्तर्गत 17 बोलियाँ हैं। कुछ विद्वान 18 बोलियाँ भी मानते हैं।
- बाँगरू 'हरियाणवी' की उपबोली है।