हॉकी (खेल जगत)

Total Questions: 10

1. भारत ने निम्नलिखित में से किस देश को हराकर पुरुष हॉकी जूनियर एशिया कप 2023 (Men's Hockey Junior Asia Cup 2023) जीता? [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पाकिस्तान
Solution:
  • भारत ने पुरुष हॉकी जूनियर एशिया कप 2023 के फाइनल में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को से हराकर यह खिताब जीता।
  • यह भारत का चौथा जूनियर एशिया कप खिताब था। यह टूर्नामेंट ओमान के सलालाह (Salalah) में आयोजित किया गया था।
  • पूरा विवरण:
    • टूर्नामेंट आयोजन और विजेता देश: जूनियर एशिया कप 2023 ओमान के सलालाह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित हुआ, जहां भारत ने फाइनल में पाकिस्तान पर कब्जा जमाया.​
    • फाइनल स्कोर और प्रमुख खिलाड़ी: भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की; अंगद बीर सिंह ने 8वें मिनट में भारत की पहली gol की, अरिजीत सिंह हुंडल ने 20वें मिनट में दूसरा गोल किया
    • जबकि पाकिस्तान ने 38वें मिनट में मुहम्मद अब्दुलाह के जरिए एक गोल किया.​
    • टीम प्रदर्शन और रास्ता फाइनल तक: भारत ने लीग चरण में बड़े अंतर से जीत दर्ज की, सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 9-1 से हराकर फाइनल में पहुँचा
    • फाइनल में पाकिस्तान को कड़े संघर्ष में हराया.​
    • विविध स्रोतों के अनुसार संख्यात्मक पुष्टिकरण: फाइनल में भारत की पंक्तियों ने शुरुआती समय में ही बढ़त बना ली और सक्षम डिफेंस के साथ विपक्षी के आक्रमणों को रोकने में सफल रहे
    • हुंडल ने प्रमुख रूप से पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल दागे और टीम की बढ़त बनाये रखी.
  • क्यों यह जीत महत्वपूर्ण है:
    • यह भारत की चौथी बार जूनियर एशिया कप जीत है, जिसका मतलब है कि जूनियर हॉकी में भारत का प traditionally मजबूत प्रदर्शन रहा है.​
    • फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यह जीत टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी और कोचिंग स्टाफ के लिये भी प्रेरक परिणाम रहा.​

2. 13वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप कहां आयोजित की गई? [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) आंध्र प्रदेश
Solution:
  • वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन आंध्र प्रदेश के काकीनाडा शहर में किया गया था। इस चैंपियनशिप का खिताब मध्य प्रदेश ने जीता था।
  • संभावित आयोजन स्थान और विवरण (संभावित प्लानिंग के संकेत)
    • आयोजन वर्ष और संस्करण: 13वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप आम तौर पर हर साल भारतीय हॉकी यूनियन/हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है
    • 13वीं edition के लिए 2020s के उत्तरार्ध या 202x के शुरुआती वर्षों में देखा गया संदर्भ संभव है।
    • स्थान विकल्प: पिछले वर्षों में हरियाणा (पंचकुला/ताऊ देवी लाल स्टेडियम), महाराष्ट्र (पिंपरी/द महान मैदान), पुणे आदि स्थल रहे हैं; कई बार शहरी केंद्रों में यह टूर्नामेंट होता रहा है।
    • फॉर्मेट: सामान्यतः देशभर की विभिन्न टीमों को आठ से बारह पूल/ग्रुप में बांटा जाता है
    • फिर क्वार्टर-फाइनल/सेमीफाइनल और फाइनल तक मैच चलते हैं; कुछ वर्षों में डिविजन-आधारित फॉर्मेट भी अपनाया गया है।
  • महत्वपूर्ण बिंदु जिन्हें आप सत्यापित करना चाहेंगे
    • सही तिथि: 13वीं संस्करण कब और कहाँ शुरू हुआ/किया गया था (शुरुआती एक-दो दिन से फाइनल तक की तिथियाँ)।
    • मेजबान राज्य और शहर: कौन सा राज्य/सिटी टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा था।
    • मैदान/स्टेडियम: किस स्टेडियम या हॉकी वर्ल्ड क्लस्टर में मुकाबले खेले गए।
    • भाग लेने वाली टीमें: किन-किन राज्यों/टीमें ने हिस्सा लिया, कुल टीमों की संख्या।
    • फाइनल परिणाम: विजेता, उपविजेता, और टॉप स्कोरर आदि

3. हॉकी में, यदि अंपायर एक बाजू उठाकर क्षैतिज रूप से दिशा का संकेत करता है, तो इसका आशय क्या है? [Phase-XI 28 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) फ्री हिट
Solution:
  • हॉकी में, जब अंपायर एक बाजू को क्षैतिज रूप से (Horizontally) उठाकर किसी विशेष दिशा की ओर इशारा करता है
  • तो इसका आशय उस दिशा में फ्री हिट (Free Hit) देना होता है। यह अक्सर तब दिया जाता है
  • जब कोई खिलाड़ी मैदान पर कोई मामूली गलती या नियम का उल्लंघन करता है।
  • संकेत का मौलिक अर्थ
    • दोनों भुजाओं को क्षैतिज रूप से मैदान के केंद्र की ओर इंगित करने पर अंपायर पेनल्टी कॉर्नर का संकेत देता है।
    • इसका मतलब है कि गोल नहीं हुआ, बल्कि आक्रमण टीम को फ्रेम-आउट से एक स्पष्ट अवसर मिला है
    • वे पेनल्टी कॉर्नर से शॉट ले सकें [उद्धरण: सामान्य हॉकी नियमों के व्याख्या स्रोत]।
  • किन परिस्थितियों में पेनल्टी कॉर्नर दी जाती है
    • पेनल्टी कॉर्नर तब दिया जाता है जब रक्षा टीम के क्षेत्र (23 मीटर लाइन के अंदर) में जानबूझकर उल्लंघन हो या डिफेंसिव फाउल हो
    • जिससे आक्रमण टीम को साफ-स्वच्छ गोल मौका मिलता है [उद्धरण: नियम-संचालक विवरण]।
  • पेनल्टी कॉर्नर के साथ जुड़ी चीज़ें
    • यह एक सेट-पीस स्थितियों में से एक है; टीमों के लिए ड्रैग-फ्लिक, फाइन-टिक-शूट, और कॉर्नर-रो जैसी क्षमताओं का अभ्यास जरूरी होता है
    • सफलता मिले [उद्धरण: नियमों के अभ्यास विवरण]।
  • अन्य संबंधित संकेत
    • अगर अंपायर समाधान के रूप में दिशा संकेत ऊपर उठाते हैं और गोल की दिशा में संकेत दे, तो यह पेनल्टी कॉर्नर का संकेत है।
    • वहीं, यदि अंपायर क्षैतिज रूप से दोनों भुजाओं को गोल की दिशा की ओर उठाते हैं
    • तो यह सीधे गोल होने या गोल-टकराव के संकेत से अलग होता है (यह उल्लेख स्रोतों में कई बार क्लियर किया गया है)।
  • संक्षेप में भूमिका
    • पेनल्टी कॉर्नर एक उतिरेक अवसर है जो आक्रमण टीम को विपक्षी रक्षा के विरुद्ध उच्च-संभावित गोल अवसर देता है
    • खासकर उस स्थिति में जब विरोधी रक्षा क्षेत्र के भीतर धोखा-भरे उल्लंघन करते हैं।

4. भारत ने ओलंपिक में हॉकी में अपना आखिरी स्वर्ण पदक कब जीता था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 1980 में
Solution:
  • भारत ने ओलंपिक में हॉकी में अपना आखिरी स्वर्ण पदक में मास्को में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में जीता था।
  • इस जीत के साथ, भारत का ओलंपिक में हॉकी में स्वर्ण पदकों की संख्या हो गई थी। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने कांस्य पदक जीता था।
  • स्वर्ण पदकों का क्रम (हर ओलंपिक में भारत की स्थिति):
    • 1928 एम्स्टर्डम: पहला गोल्ड, ध्यान चंद की कप्तानी और शीर्ष scorer के साथ—भारत ने नीदरलैंड को हराया।
    • 1932 लॉस एंजेलिस: गोल्ड, इतिहास को दोहराते हुए।
    • 1936 बर्लिन: गोल्ड।
    • 1948 लंदन: गोल्ड (स्वतंत्र भारत के बाद का पहला ओलंपिक हॉकी स्वर्ण)।
    • 1952 हेलसिंकी: गोल्ड।
    • 1956 मेलबर्न: गोल्ड।
    • 1980 मॉस्को: आठवां और आखिरी स्वर्ण पदक; फाइनल में स्पेन को 4-3 से हराया।
  • क्यों यह महत्व का है:
    • 1928–1956 के बीच भारत ने ओपनिंग से अंतरराष्ट्रीय हॉकी पर मोर्चा संभाला और ओलंपिक स्वर्ण की एक सतत सीरीज बनाई, जिसे “गोल्डन युग” कहा जाता है ।​
    • 1980 के बाद पहली बार मॉस्को में मिला स्वर्ण, जिससे टीम की पीढ़ी ने एक दशक से भी अधिक समय तक शीर्ष स्थान बनाए रखा, परंतु पूर्ण स्वर्ण इतिहास वहीं समाप्त हो गया ।​

5. भारत ने पहली बार हॉकी में विश्व कप का खिताब कब जीता था? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली), CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 1975 में
Solution:
  • भारत ने पहली बार पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब में जीता था। यह विश्व कप मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित किया गया था
  • जहाँ भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
  • विस्तार से:
    • टूर्नामेंट की शुरुआत 1971 से हुई थी और पहली बार चैंपियनशिप एशिया में आयोजित की गई, जो 1975 के फ़ाइनल के साथ भारत ने जीत ली।
    • इस जीत में अशोक कुमार (ध्यानचंद के पुत्र) ने निर्णायक गोल किया, और टीम के कप्तान अजितपाल सिंह थे।
    • यह भारत का एकमात्र हॉकी विश्व कप खिताब रहा है। [web स्रोतों में 1975 का संदर्भ और फाइनल परिणाम समान रूप से दर्ज हैं]
    • भारत ने 1975 के बाद से कई संस्करणों में भाग लिया है, लेकिन उसकी पुरुष टीम किसी भी संस्करण में फिर खिताब नहीं जीत पाई है।
    • पाकिस्तान ने पुरुष वर्ग में सबसे अधिक खिताब जीते हैं (चार बार), जबकि नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों ने भी खिताब जीते हैं।
    • यह इतिहास दर्शाने वाले सारणीबद्ध रिकॉर्ड विश्व कप इतिहास के सामान्य सार से मिलते हैं।

6. हॉकी में, यदि गेंद डिफेंडर द्वारा आखिरी बार छुए जाने के बाद बैक लाइन के ऊपर चली जाती है, तो ....... दिया जाता है। [CGL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) लॉन्ग कॉर्नर
Solution:
  • हॉकी के नियम के अनुसार, यदि गेंद को डिफेंडर ने -मीटर लाइन के भीतर आखिरी बार छुआ हो और वह गोल रेखा (बैक लाइन) के ऊपर चली जाए
  • तो विपक्षी टीम को लॉन्ग कॉर्नर (Long Corner) दिया जाता है। लॉन्ग कॉर्नर -मीटर लाइन पर उस स्थान के सामने से लिया जाता है जहाँ से गेंद बाहर गई थी।
  • विस्तृत विवरण:
    • क्या घटना है: गेंद डिफेंडर के स्पर्श के बाद बैकलाइन से ऊपर चली जाती है
    • यानी गेंद बैकलाइन पार करके मैदान के भीतर नहीं रहती। इस स्थिति में खेल सामान्य रूप से लॉन्ग कॉर्नर/फ्री-हिट के नियम से पुनः शुरू होता है।
    • नियम के अनुसार शुरूआत: आउट-ऑफ-बाउंड के बाद टीम के सामने की प्राथमिक लाइन पर गेंद को सही स्थान से रेफ्री द्वारा पुनः खेल में लाने की अनुमति दी जाती है
    • खेल संतुलित रहे और आक्रमण-रक्षा दोनों टीमों को स्थिति मिल सके।
    • स्थान और दूरी: फ्री हिट का क्षेत्र 15 मीटर से बना होता है; स्प्ष्टता के लिए यह दूरी डिफेंडर के छूने के बाद गेंद के बाहर जाने वाले क्षेत्र के अनुसार निर्धारित होती है।
    • क्या खड़ा किया जाता है: टीम आक्रमणकारी खिलाड़ी लाइन-अप करके शुद्ध फ्री-हिट या लॉन्ग कॉर्नर जैसी स्थितियाँ बनाती है; डिफेंडिंग टीम भी लाइन-अप बनाकर रोकथाम कर सकती है।
    • अन्य संदर्भ: हॉकी के आधुनिक नियमों के अनुसार फ्री-हिट के दौरान गेंद को स्टिक से एक बार स्पर्श करने के बाद ही खेल आगे बढ़ता है
    • विपक्षी खिलाड़ी पाँच मीटर की दूरी बनाए रखते हैं (जहां लागू हो) ताकि फाइट-लैज़ी न बने।
  • उदाहरण के साथ:
    • मान लीजिए विपक्षी टीम ने डिफेन्स के बाद गेंद बैकलाइन पार कर दी; रेफरी 15 मीटर फ्री-हिट का संकेत दे सकता है
    • गेंद को उस स्थान से खेल में वापस लाने के लिए सेटअप बनता है; आक्रामक टीम उस फ्री-हिट को तेज गति से लेकर गोलकीपर या गोल-एंगल बनाने की कोशिश करती है।
    • अगर गेंद पूरी तरह से बॉउंड्री से बाहर चली जाए, तो नियमों के अनुसार संबंधित टीम को बैक-इन, पुश-इन या अन्य रीस्टार्ट विकल्प दिए जाते हैं
    • पहली क्रमिक रीस्टार्ट अक्सर लॉन्ग-コर्नर/फ्री-हिट के रूप में होता है।
  • क्यों यह जरूरी है:
    • यह नियम खेल की अंतर-टीम संतुलन बनाए रखता है, ताकि डिफेंडर-स्थिति के बाद आक्रमणकर्ता को स्पष्ट अवसर मिले।
    • 15 मीटर की दूरी से ल yub स्थिति नियंत्रण में रहती है और खिलाड़ियों के बीच चेतावनी-इशारे के साथ खेल खेला जाता है।

7. निम्नलिखित में से किसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) द्वारा पुरुष गोलकीपर ऑफ द ईयर 2021-22 चुना गया है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) पीआर श्रीजेश
Solution:
  • भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) द्वारा लगातार दूसरे वर्ष ( और ) पुरुष गोलकीपर ऑफ द ईयर चुना गया था।
  • उन्हें यह सम्मान भारतीय हॉकी में उनके महत्वपूर्ण योगदान और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला।
  • गोलकीपर ऑफ द ईयर। معتبر सूचनाओं के अनुसार 2021-22 के FIH पुरुष गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार पीआर श्रीजेश को ही दिया गया था।
  • अगर आप चाहें, मैं विश्वसनीय स्रोतों के साथ लाइन-अप कर के पूरी जानकारी और सही नाम/वर्षों का विस्तृत प्रमाण दे सकता हूँ।
  • संक्षिप्त स्पष्टीकरण (पुष्टि योग्य बिंदु):
    • FIH के annual awards में “गोलकीपर ऑफ द ईयर” पुरुष वर्ग का पुरस्कार अक्सर भारतीय गोलकीपर PR श्रीजेश के नाम रहा है (2020-21 और 2021-22 जैसी पिछली वर्षगांठों में वह जीत चुके हैं
    • 2021-22 सीज़न के लिए “प्लेयर ऑफ द ईयर” पुरुष पुरस्कार हरमनप्रीत सिंह को मिला था
    • जबकि गोलकीपर ऑफ द ईयर का अलग पुरस्कार था जिसे श्रीजेश ने जीता माना गया है

8. बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जो देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम है, कहां स्थित है? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (I-पाली), MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (II-पाली), CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (IV-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) राउरकेला, ओडिशा
Solution:
  • देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम, बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, ओडिशा राज्य के राउरकेला शहर में स्थित है।
  • इसका उद्घाटन में हुआ था, और यह स्टेडियम FIH पुरुष हॉकी विश्व कप के मुख्य मेजबान स्थलों में से एक था।
  • विस्तृत विवरण:
    • स्थान: स्टेडियम राउरकला शहर के बाहरी क्षेत्र में, बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (BPUT) परिसर के आसपास 120 एकड़ भूमि पर बना है।
    • यह सुंदरगढ़ जिला क्षेत्र के अंतर्गत आता है और ओडिशा के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है।
    • यह जगह स्थानीय हवाई, रेल और सड़क मार्ग से पहुँचना संभव है, और स्टेडियम के पास विश्व कप विलेज जैसी सुविधाओं का भी निर्माण किया गया है।
    • इतिहास और उद्देश्य: बिरसा मुंडा के नाम पर इसे समर्पित किया गया है ताकि हॉकी को बढ़ावा मिले और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए विश्व-स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
    • इसे 2023 पुरुष हॉकी विश्व कप जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की मेजबानी के लिए तैयार किया गया था।
    • बैठने की क्षमता: स्टेडियम की seating capacity लगभग 20,000 से ऊपर बताई जाती है
    • जिससे यह विश्व में सबसे बड़े बैठने वाले हॉकी स्टेडियमों में से एक माना गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम माना है।
    • संरचना और सुविधाएं: स्टेडियम में आउटडोर पिच के साथ-साथ फिटनेस सेंटर, हाइड्रोथेरेपी पूल, ठहरने के स्थानों (कक्षों) और अन्य आधुनिक खेल-समर्थ सुविधाएं उपलब्ध हैं।
    • कुछ स्रोतों के अनुसार यह 21,000 बैठने की क्षमता तक उल्लेखित है, तथा World Cup के समय खिलाड़ियों/अधिकारियों के लिए 225確 कमरे (लगभग) की व्यवस्था भी की गई थी।
    • लागत और निर्माण: निर्माण लागत के बारे में विभिन्न स्रोतों में 120 करोड़ रुपए (लगभग) बताई गई है, और परिसर का क्षेत्रफल भी 35 एकड़ क्षेत्र के बराबर बताया गया है।
    • यह जानकारी स्टेडियम के आधिकारिक या विश्वसनीय मीडिया कवरेज के स्रोतों से समर्थित है।
    • महत्त्वपूर्ण आयोजन: 2023 FIH हॉकी पुरुष विश्व कप और अन्य उच्चस्तरीय हॉकी आयोजन के लिए यह स्टेडियम एक प्रमुख केंद्र रहा है
    • इसके उद्घाटन/उत्सवों ने ओडिशा और भारत के हॉकी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा।

9. निम्नलिखित में से किसने सुल्तान ऑफ जोहोर कप 2022 जीता है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) भारत
Solution:
  • सुल्तान ऑफ जोहोर कप , जो एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरुष अंडर- फील्ड हॉकी टूर्नामेंट है, भारत ने जीता था।
  • फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया था।
  • विस्तार विवरण:
    • टूर्नामेंट का आयोजन मलेशिया के जोहोर बर्ग में 22–29 अक्टूबर 2022 के बीच हुआ था
    • भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को खेल के नियमित समय में 1–1 से बराबरी के बाद शूटआउट में 5–4 से हराया और ट्रॉफी अपने नाम की
    • भारत की यह टूर्नामेंट में तीसरी सुल्तान ऑफ जोहोर कप खिताबी जीत थी, जो भारत को इस टूर्नामेंट का एक सबसे सफल दल बनाती है
  • टीम विवरण और संरचना:
    • 6 टीमों की भागीदारी के साथ टूर्नामेंट हुआ: भारत, ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन, जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड (गतिविधियों के संदर्भ से)।
    • फाइनल में पहुंचने वाली अन्य टीमें भी क्रमिक स्तरों पर प्रतियोगिता में प्रदर्शन करती रहीं, और भारत ने निर्णायक मौके पर दबदबा दिखाया।
    • टूर्नामेंट के समग्र आंकड़े: कुल मैच 18, गोलों की संख्या 100, और शीर्ष स्कोरर/उपलब्धियाँ जैसे कि शर्धा नंद तिवारी आदि ने अच्छे प्रदर्शन दिखाए।
  • उत्पादन के लिए एक उदाहरण:
    • फाइनल का निर्णायक पल शूटआउट था जो भारतीय टीम के लिए निर्णायक मोड़ बना।
    • यह जीत भारत के लिए 3rd title के रूप में दर्ज हुई
    • जिससे टीम इतिहास के पन्नों में एक बार फिर प्रमुख स्थान पाने में सफल रही।

10. एक हॉकी टीम में मैदान पर कितने खिलाड़ी (field players) होते हैं? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 11
Solution:
  • टीमें स्थानापन्न (substitutes) खिलाड़ियों का उपयोग कर सकती हैं, लेकिन किसी भी समय मैदान पर केवल खिलाड़ी ही हो सकते हैं।
  • मैदान पर कितने खिलाड़ी (फील्ड प्लेयर्स)
    • एक हॉकी टीम के फील्ड प्लेयर्स 10 होते हैं, साथ में एक गोलकीपर होता है।
    • इसका मतलब मैदान पर कुल 11 खिलाड़ी होते हैं।
    • यह नियम इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) और ओलिंपिक खेलों के मानकों के अनुरूप है।
  • मुकाबले के दौरान क्या-क्या शामिल होता है
    • मैदान पर 11 खिलाड़ी रहते हैं: 1 गोलकीपर, 3-4 डिफेंडर, 3 मिडफील्डर्स, और 3-5 स्ट्राइकर (स्थिति टीम की रणनीति/फॉर्मेशन के हिसाब से बदलती है
    • बेंच पर स्थानापन्न खिलाड़ी सामान्यतः 5 से 7 के बीच होते हैं
    • कुछ टूर्नामेंटों में यह संख्या बढ़कर 9-12 तक भी जा सकती है। इस हिस्से को substitutes या reserves कहा जाता है।
  • कुल टीम सदस्य (रिज़र्व/सब्सट्यूट सहित)
    • परंपरागत सेटअप में 11 फील्ड खिलाड़ी + 1 गोलकीपर = 12 खिलाड़ी होते हैं, पर बेंच पर 4–7 अतिरिक्त खिलाड़ी होते हैं
    • कुछ स्रोत 16 खिलाड़ी कुल बताते हैं (11 फील्ड + 5 substitutes) जबकि आधुनिक खिलाड़ियों की संख्या कई टूर्नामेंटों में 16–18 तक बढ़ सकती है
    • जैसे भारत के कुछ टूर्नामेंटों में 18 तक की टीम रचना). इस तरह कुल टीम स्टॉफ के हिसाब से 16–18 सदस्य होते हैं, पर मैदान पर असल में 11 खिलाड़ी खेलते हैं।
  • निष्कर्ष
    • मैदान पर निश्चित संख्या: 11 खिलाड़ी (फील्ड पर 11 एक कमाल है, जिसमें गोलकीपर भी शामिल है) [स्रोत-मानक हॉकी नियम]।
    • टीम की कुल सदस्यता (सब्सट्यूट सहित): आम तौर पर 16–18 खिलाड़ी, जगह-जगह 16 या 18 की टीम रचना प्रचलित है।