Correct Answer: (c) लक्ष्मी स्वामीनाथन
Solution:- झांसी की रानी रेजीमेंट नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा संगठित आज़ाद हिंद फौज (INA) की महिला इकाई थी।
- इसकी भर्तीकर्ता, कार्यवाहक और सेनापति कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन (बाद में लक्ष्मी सहगल) थीं।
- उन्होंने इस महिला रेजीमेंट को नेतृत्व प्रदान किया, जिसने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लिया
- जो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बना।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कैप्टन लक्ष्मी सहगल को इस महिला रेजिमेंट का नेतृत्व सौंपा था।
- यह रेजिमेंट भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) की एक महिला ब्रिगेड थी, जिसका गठन 1943 में हुआ था।
- कैप्टन लक्ष्मी सहगल के नेतृत्व में यह रेजिमेंट सिंगापुर में स्थापित हुआ जहाँ भारतीय प्रवासी महिलाएं शामिल हुईं और उन्हें राइफल, हथगोले, बायोनेट, मशीनगन जैसे युद्ध के उपकरणों का कठोर प्रशिक्षण दिया गया।
- इस रेजिमेंट का नाम झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और साहस को सम्मानित करते हुए रखा गया था। लक्ष्मी सहगल एक प्रख्यात चिकित्सक थीं
- उन्होंने चिकित्सा सेवा के साथ-साथ इस सैन्य इकाई की कमान संभाली थी।
- यह रेजिमेंट महिलाओं को संगठित कर ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता के खिलाफ एक सशक्त स्वरूप देने वाली सेना की इकाई थी
- जिसमें महिलाओं ने न केवल युद्ध प्रशिक्षण लिया, बल्कि नर्सिंग और चिकित्सा सेवाओं में भी योगदान दिया।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने इस महिला रेजिमेंट को आज़ाद हिंद फौज का एक महत्वपूर्ण अंग बनाया था। लक्ष्मी सहगल इस रेजिमेंट की मुखिया और सेनापति थीं
- जिन्होंने इसके गठन, प्रशिक्षण और संचालन की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई.