Correct Answer: (a) मीथेन, हाइड्रोजन सायनाइड, नाइट्राइल, एमीनो अम्ल
Solution: मीथेन, हाइड्रोजन सायनाइड, नाइट्राइल, एमीनो अम्ल। मिलर-उरे प्रयोग जैसे अध्ययनों ने यह दर्शाया कि आदिम पृथ्वी के वातावरण में मीथेन (CH₄) और अमोनिया (NH₃) जैसी गैसें मौजूद थीं। इन गैसों से बिजली और पराबैंगनी किरणों की ऊर्जा के कारण हाइड्रोजन सायनाइड (HCN) और नाइट्राइल (R-C≡N) जैसे सरल कार्बनिक यौगिकों का निर्माण हुआ। इन यौगिकों से अंततः एमीनो अम्ल जैसे अधिक जटिल अणु बने, जो प्रोटीन के निर्माण खंड हैं और जीवन के लिए आवश्यक हैं। यह अनुक्रम रासायनिक विकास के सिद्धांत से मेल खाता है।