C. सल्फर, नाइट्रोजन, हैलोजन, अक्रिय गैसें

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21. सामान्यतः गुब्बारे में कौन-सी गैस भरी जाती है? [M.P. P.C.S. (Pre) 1991]

Correct Answer: (d) हीलियम
Solution:सामान्यतः गुब्बारों में हीलियम गैस भरी जाती है। हीलियम एक हल्की और अक्रिय गैस है, जिसका मतलब है कि यह आसानी से किसी अन्य पदार्थ के साथ प्रतिक्रिया नहीं करती है। हालांकि हाइड्रोजन गैस हीलियम से भी हल्की होती है, यह अत्यधिक ज्वलनशील होती है और हवा के साथ मिलकर विस्फोटक मिश्रण बना सकती है। 1937 में हिंडनबर्ग आपदा के बाद, गुब्बारों और हवाई जहाजों में हाइड्रोजन की जगह हीलियम का उपयोग करना सुरक्षित माना गया।

22. वायु भरे गुब्बारों में हीलियम को हाइड्रोजन की अपेक्षा वरीयता दी जाती है, क्योंकि यह- [U.P.P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (d) वायु के साथ विस्फोटक मिश्रण नहीं बनाता है।
Solution:गुब्बारों में हीलियम को हाइड्रोजन की अपेक्षा इसलिए वरीयता दी जाती है, क्योंकि यह वायु के साथ विस्फोटक मिश्रण नहीं बनाता है। हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील गैस है, जो वायु में मौजूद ऑक्सीजन के साथ मिलकर आसानी से जल सकती है, जिससे गुब्बारे में विस्फोट हो सकता है। इसके विपरीत, हीलियम एक अक्रिय गैस है, जो ज्वलनशील नहीं होती और रासायनिक रूप से बहुत स्थिर होती है। इस सुरक्षा विशेषता के कारण, गुब्बारों में हीलियम का उपयोग अधिक सुरक्षित माना जाता है।

23. अश्रु गैस है- [Uttaranchal P.C.S. (Pre) 2002]

Correct Answer: (b) क्लोरीन
Solution:अश्रु गैस का प्रयोग कभी-कभी अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। इसके मानव नेत्र के सम्पर्क में आने से आंखों में जलन होती है तथा अनु टपकने लगते हैं। एल्फाक्लोरोएसीटोफिनॉन, 2-क्लोरोवैजैलमैलोनाइट्राइल, एक्रोलिन आदि कुछ प्रमुख अश्रु गैसे (Tear gass) हैं। अश्रु गैस में क्लोरीन का प्रयोग किया जाता है।

24. निम्न गैस अश्रु गैस की तरह काम में लेते हैं- [43rd B.P.S.C. (Pre) 1999]

Correct Answer: (d) Cl₂
Solution:अश्रु गैस का प्रयोग कभी-कभी अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। इसके मानव नेत्र के सम्पर्क में आने से आंखों में जलन होती है तथा अनु टपकने लगते हैं। एल्फाक्लोरोएसीटोफिनॉन, 2-क्लोरोवैजैलमैलोनाइट्राइल, एक्रोलिन आदि कुछ प्रमुख अश्रु गैसे (Tear gass) हैं। अश्रु गैस में क्लोरीन का प्रयोग किया जाता है।

25. मृत मछली से निकलने वाली दुर्गंध किन यौगिकों के कारण होती है? [Jharkhand P.C.S. (Pre) Exam. 2016]

Correct Answer: (a) अमीनो यौगिक
Solution:मृत मछली से निकलने वाली दुर्गंध मुख्य रूप से अमीनो यौगिकों के कारण होती है। जब मछली मर जाती है, तो उसके शरीर में मौजूद प्रोटीन और अमीनो एसिड बैक्टीरिया द्वारा विघटित हो जाते हैं। इस अपघटन प्रक्रिया में, ट्राइमेथिलअमाइन (trimethylamine) जैसे अस्थिर अमीनो यौगिकों का निर्माण होता है, जिनकी विशिष्ट दुर्गंध होती है। यही कारण है कि मृत या बासी मछली से दुर्गंध आती है।

26. निम्नलिखित में से कौन-सा सामान्य ताप पर ठोस अवस्था में रहता है? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2003]

Correct Answer: (c) आयोडीन
Solution:आयोडीन सामान्य ताप (कमरे के तापमान) पर ठोस अवस्था में रहता है। आयोडीन एक गहरा बैंगनी-काला क्रिस्टलीय ठोस है, जो गर्म करने पर बिना तरल अवस्था में बदले सीधे वाष्प में बदल जाता है (उर्ध्वपातन)। अन्य हैलोजन, जैसे क्लोरीन और फ्लोरीन, सामान्य तापमान पर गैसें हैं, जबकि ब्रोमीन एक तरल है।

27. हैलोजनों में सबसे अधिक अभिक्रियाशील है- [I.A.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (a) फ्लोरीन
Solution:हैलोजन समूह में सबसे अधिक अभिक्रियाशील तत्व फ्लोरीन है। आवर्त सारणी में हैलोजन समूह (समूह 17) के तत्वों में फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I) और एस्टेटिन (At) शामिल हैं। जैसे-जैसे समूह में ऊपर से नीचे जाते हैं, तत्वों की अभिक्रियाशीलता घटती जाती है। फ्लोरीन का छोटा आकार और उच्च वैद्युतीय ऋणात्मकता (electronegativity) इसे सबसे अधिक अभिक्रियाशील बनाता है, जो इसे लगभग सभी तत्वों के साथ तेजी से प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाता है।

28. ब्रोमीन होती है [63rd B.P.S.C. (Pre) 2017]

Correct Answer: (d) लाल द्रव
Solution:ब्रोमीन गहरा लाल-भूरा रंग धारित, तीक्ष्ण गंध वाला वाष्पशील द्रव है। ब्रोमीन (Br) का परमाणु क्रमांक 35 होता है तथा यह कमरे के ताप (room temperature) पर द्रव अवस्था में रहता है। ब्रोमीन आवर्त सारणी के समूह 17 का सदस्य है, जिसे हैलोजन वर्ग के नाम से भी जाना जाता है।

29. सामान्य ताप पर निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व द्रव के रूप में पाया जाता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2017]

Correct Answer: (c) ब्रोमीन
Solution:कमरे के मानक तापमान अर्थात पर केवल ब्रोमीन एवं मरकरी द्रव रूप में पाए जाते हैं। यद्यपि सीजियम (Cs), रुबिडियम (Rb), फ्रेसियम (Fr) तथा गैलियम (Ga), कमरे के तापमान या उससे कुछ अधिक तापमान पर द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाते हैं।

30. वह हैलोजन जिसका उपयोग पीड़ाहारी की तरह किया जाता है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (b) आयोडीन
Solution:हैलोजन में से, आयोडीन का उपयोग पीड़ाहारी (pain reliever) की तरह किया जाता है। आयोडीन, विशेषकर आयोडोफॉर्म () के रूप में, एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक और पीड़ाहारी होता है, जिसका उपयोग अक्सर घावों को साफ करने और दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। हालाँकि, आजकल इसका उपयोग काफी कम हो गया है क्योंकि यह विषाक्त हो सकता है।