Solution:पी. बॉर्ड और ए. गिड्डेन्स समाज विज्ञानी ने प्रतिवर्त (रिफ्लेक्टिव) समाजशास्त्र के विचार का प्रतिपादन किया।गिडेंस ने 'रिक्लेक्टिव आधुनिकता' की अपनी धारणा के साथ बल दिया और यह तर्क दिया कि समय के साथ समाज तेजी से अधिक आत्मजागरूक और चिंतनशील होता जा रहा है। और इस लिए रिक्लेक्टिव होता जा रहा है।
बॉ ने तक दिया कि सामाजिक वैज्ञानिक स्वाभाविक रूप से पूर्वाग्रह से भरा हुआ है, और केवल उन पूर्वाग्रहों के प्रति सजगता से जागरूक होकर ही सामाजिक वैज्ञानिक खुद को उनसे मुक्त कर सकते है। और एक वस्तुनिष्ठ विज्ञान के अभ्यास की आकांक्षा कर सकते हैं।