समाज कल्याण प्रशासन सरोकार समाज कल्याण अभिकरणों से है जो उन्हें अपने लक्ष्य समूहों के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करता है जिसके लिए वह कार्यरत होता है। इसका उद्देश्य विशेषकर सामाजिक लक्ष्यों को पहचानना तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रस्तावित कार्यक्रमों को तैयार तथा उन्हें क्रियान्वित करना है।
कार्यात्मक वृद्धि से समाज कल्याण प्रशासन मे सामाजिक समस्याओं के तीन परिदृश्य शामिल होते है। (1) वांधित सामाजिक कार्यकलापों की बहाली (II) सामाजिक तथा वैयक्तिक स्तर पर संसाधनो का प्रबंध ताकि सामाजिक कार्यकलापों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके (III) सामाजिक अपकार्यात्मकता की रोकथाम ।
कार्यक्रमों का आकार विस्तार संरचना और प्रकार में भिन्नता के बावजूद, प्रत्येक अभिकरण में अंतिम रूप से निर्णय लेन के लिए शीर्ष निकाय के रूप में एक शासकीय बोर्ड होता है। बोर्ड में सामान्यता उस समुदाय का प्रतिनिधित्व होता है जिनकी सेवा उसका उद्देश्य है।
समाज कल्याण प्रशासन के लिए वह आवश्यक है कि वह उपलब्ध संसाधनो का अधिकतम उपयोग करे और साथ ही समुदाय की सक्रिय भागीदारी हो ताकि कार्यक्रमों का निर्धारित लक्ष्य सही ढंग से प्राप्त किया जा सके।
समाज कल्याण अभिकरणों को जीवित रहने के लिए अपने कुछ संसाधन आवेटिन करने होते है ताकि संगठन का अस्तित्व बना रह सके। लेकिन यह उसके परिणात्मक तथा गुणात्मक वृद्धि प्राप्त करने की क्षमता को सीमित नह रके।
सामाजिक कल्याण अभिकरण समान्यतः सहकारी ढंग से कार्य करता है तथा गतिविधियों से जुड़े प्रशासन में सभी सहस्यों की सहभागिता सुनिश्चित करता है
इन अभिकरणों में पेशागत रूप से अर्ह लोगों को भर्ती करने की बढ़ती प्रवृत्ति है। इससे उन्हें अपने कार्य करण में पेशेवर दृष्टि का समावेश करने मे सहायता मिलती है।
सामाजिक कल्याण प्रशासन के कार्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सही नहीं है?