NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 समाजशास्त्र

Total Questions: 100

81. विज्ञान सोपानिकी के अनुसार निम्नलिखित कौन विषयों का सही अनुक्रम है?

(A)  जीवविज्ञान, गणित, भौतिकी, समाज विज्ञान
(B)  समाज-विज्ञान, भौतिकी, गणित, जीवविज्ञान
(C) भौतिकी, गणित, जीवविज्ञान, समाज-विज्ञान
(D) भौतिकी, गणित, जीवविज्ञान, समाज विज्ञान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (D)
Solution:विज्ञान सोपानिकी के अनुसार विषयों का सही क्रम निम्न है:-

- गणित
- भौतिकी
- जीव
- विज्ञान
- समाज
- विज्ञान

82. भारत में ग्रामीण अध्ययन के क्षेत्र में निम्नलिखित पुस्तकों का कालानुक्रम कौन सा है?

(A) रूरल अर्बन आर्टिकुलेशन (बी.आर. चौहान)
(B) इंडियन विलेज (एस.सी. दुबे)
(C) कास्ट, क्लास एंड पावर (आंद्रे बेतई)
(D) रिलीजन एंड सोसायटी एमांग द कूर्स आफ साउथ इंडिया

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (B), (D), (C), (A)
Solution:भारत में ग्रामीण अध्ययन के क्षेत्र में पुस्तकों का कालानुक्रम निम्न है:-

- इंडियन विलेज (एस.सी. दुबे)
- रिलीजन एंड सोसायटी एमांग द कूर्स ऑफ साउथ इंडिया।
- कास्ट क्लास एंड पावर (आद्रे बेतई)
- रुरल अर्बन ऑर्टिकुलेशन (बी. आर.चौहान)

83. डब्ल्यू. डब्ल्यू. रॉस्तोव के आर्थिक वृद्धि के चरण निम्नलिखित क्रमानुसार है :

(A)  परिपक्वता की ओर गतिमान
(B) उड़ान के लिए पूर्व-दशाएँ
(C) आर्थिक वृद्धि के लिए उड़ान
(D) परंपरागत समाज
(E) व्यापक स्तर पर उच्च उपभोग की अवस्था

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (D), (B), (C), (A), (E)
Solution:डब्ल्यू, डब्ल्यू, रॉस्तोव ने अपने आर्थिक संवृद्धि के सिद्धांत में आर्थिक वृद्धि की पाँच अवस्थाओं (Rostow's stages of economic growth model) का उल्लेख किया है। इस सिद्धांत को वर्ष 1960 में प्रकाशित किया गया था। आर्थिक वृद्धि के पाँच चरण इस प्रकार है:-

- परंपरागत समाज की अवस्था (The Traditional society)
- स्वयं स्फूर्ति की दशा (The Tack -off stage)
- परिपक्वता की अवस्था (Drive to maturity)
- अत्यधिक जन उपभोग की अवस्था (Stage of high mass consumption)

84. पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित निम्नलिखित प्रकाशनों को आरोहीक्रम (प्रथम से अंतिम)

(A)  सामुद्रिक जीवविज्ञानी रचेल कार्सन ने साइलेन्ट स्प्रिन्ग, पुस्तक का प्रकाशन किया, जो लोगों तथा पर्यावरण के प्रति विषैले रसायनों के खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करती है।
(B) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यू एन ई पी) की स्थापना।
(C) पॉल ए लिख ने पापुलेशन बम का प्रकाशन किया जिसमें तीव्रतर तरीके से बढ़ रहे मानव संबंधी पारिस्थितिकीय खतरों का वर्णन किया किया गया है।
(D) रसायन विज्ञानी शेरवुड रोलैंड एवं मार्को मोलिना ने अपने ऐतिहासिक जांच परिणामों को प्रकाशित किया कि क्लोरोफ्लोरो कार्बन्स (सी एफ सी) ओजोन सतह को नष्ट कर सकते हैं।
(E) क्लब ऑफ रोम ने 'द लिमिट्स टू ग्रोथ' को प्रकाशित किया।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (A), (C), (E), (B), (D)
Solution:पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित प्रकाशनों का आरोहीक्रम (प्रथम से अंतिम) इस प्रकार है:- सामुद्रिक जीवविज्ञानी रचेल कार्सन ने साइलेन्ट स्प्रिंग, पुस्तक का प्रकाशन किया जो लोगों तथा पर्यावरण के प्रति विषैले रसायनों के खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करती है। पॉल ए लिख ने पापुलेशन बम का प्रकाशन किया।

जिसमें तीव्रतर तरीके से बढ़ रहे मानव संबंधी पारिस्थितिकीय खतरों का वर्णन किया गया है। क्लब ऑफ रोम ने 'द लिमिट्स टू ग्रोथ' को प्रकाशित किया। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की स्थापना ।

रसायन विज्ञानी शेरवुड रोलैंड एवं मार्को मोलिना ने अपने ऐतिहासिक जांच परिणामों को प्रकाशित किया कि क्लोरोफ्लोरो कार्बन्स (CFC) ओजोन सतह को नष्ट कर सकते हैं।

85. निम्नलिखित सामाजिक विधि अधिनियमों का सही कालक्रमानुसार अनुक्रम कौन सा है?

(A) हिंदू विवाह अधिनियम
(B)  विशेष विवाह अधिनियम
(C) दहेज विरोधी अधिनियम
(D) बाल विवाह विरोधी अधिनियम
(E) न्यूनतम वेतन अधिनियम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (D), (E), (B), (A), (C)
Solution:निम्नलिखित सामाजिक विधि अधिनियमों का सही कालानुक्रम इस प्रकार है:-

* बाल विवाह विरोध अधिनियम न्यूनतम वेतन अधिनियम
* विशेष विवाह अधिनियम हिंदू विवाह अधिनियम
* दहेज विरोधी अधिनियम

86. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन (I) :एम.एन. श्रीनिवास ने जाति और धर्म का अध्ययन किया और न केवल उनके संरचनात्मक प्रकार्यात्मक पहलुओं का बल्कि वर्ग की गतिकी को भी मुख्य रूप से दर्शाया।
कथन (II) : उन्होंने अंतर जातीय संबंधों की वास्तविकताओं को समझने के लिए प्रभावी जाति, संस्कृतिकरण, पाश्चात्यकरण और धर्मनिरपेक्षीकरण जैसे अवधारणात्मक साधनों का प्रस्ताव किया।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है
Solution:एम.एन. श्रीनिवास ने सिर्फ जाति का अध्ययन किया है। उन्होंने अंतर जातीय संबंधो की वास्तविकताओं की समझने के लिए प्रभावी जाति, संस्कृतिकरण, पाश्चात्यकरण और धर्मनिरपेक्षीकरण जैसी अवधारणात्मक साधनों का प्रस्ताव किया।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन (I) :गुणात्मक आंकड़ों के संग्रह के प्रकारों में से एक 'साक्षात्कार' तब उपयोगी होता है जब प्रतिभागियों का प्रत्यक्ष तौर पर अवलोकन नहीं किया जा सकता है।
कथन (II) : साक्षात्कार के दौरान शोधकर्ता सूचनाओं जानकारियों के प्रकट होने के समय इसका अभिलेखन कर सकते हैं।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है
Solution:गुणात्मक आंकड़ों के संग्रह के प्रकारों में से एक 'साक्षात्कार' तब उपयोगी होता है जब प्रतिभागियों का प्रत्यक्ष तौर पर अवलोकन नहीं किया जा सकता है। यह कथन गलत है, क्योंकि साक्षात्कार में प्रतिभागियों का प्रत्यक्ष तौर पर अवलोकन संभव है।

साक्षात्कार के दौरान शोधकर्ता सूचनाओं जानकारियों के प्रकट के समय विभिन्न माध्यमों जैसे ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग अथवा लिखित माध्यम से इसका अभिलेखन कर सते है। अतः कथन (II) सही हैं।

नोट: एनटीए ने इसका सही उत्तर विकल्प (c) को माना है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन (I) : पर्यावरणीय नारीवादी, पितृसत्तावाद एवं औद्योगिक वाद दोनों से मुक्ति के आधार के रूप में प्रकृति के प्रति परम सम्मान के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं।
कथन (II) : पर्यावरणीय नारीवादी, ऐसे प्रागैतिहासिक, प्राकृतिक समाज, के युग में लौटने की बात करते है। जहाँ प्रकृति एवं संस्कृति के मध्य सामंजस्य पाया जाता था।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) कथन I और कथन II दोनों सही है
Solution:पर्यावरणीय- नारीवादी, पितृसत्तावाद एवं औद्योगिकवाद दोनों से मुक्ति के आधार के रूप में प्रकृति के प्रति परम सम्मान के सिद्धांत मे विश्वास रखते हैं। पर्यावरणीय नारीवादी, ऐसे प्रागैतिहासिक, प्राकृतिक समाज के युग मे लौटने की बात करते हैं। जहाँ प्रकृति एवं सस्कृति के मध्य सामंजस्य पाया जाता था।

89. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन (I) : किसी भी प्रौद्योगिकी प्रणाली के पृष्ठ में कोई न कोई संस्थानिक व्यवस्था निहित रहती है।
कथन (II) : प्रौद्योगिकीय उन्नति की द्रुतगामिता एवं प्रकृति, अंतः संस्थानिक व्यवस्था पर उतनी ही निर्भर करती है जितनी कि स्वयं पूर्व-प्रौद्योगिक अवस्था पर।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) कथन । और कथन II दोनों सही है।
Solution:किसी भी प्रौद्योगिकी प्रणाली के पृष्ठ में कोई न कोई संस्थानिक व्यवस्था निहित रहती है। प्रौद्योगिकीय उन्नति की द्रुतगामिता एवं प्रकृति अंतः संस्थानिक व्यवस्था पर उतनी ही निर्भर करती है जितनी कि स्वयं पूर्व-प्रौद्योगिक अवस्था पर।

90. नीचे दो कथन दिए गए हैं

कथन (I) : धार्मिक विश्वास पवित्र तथ ईश्वर की प्रकृति से संबंधित होने के साथ-साथ ईश्वरीय सत्ता में निहित वस्तुओं तथा शक्तियों से संबंधित अवधारणाएँ हैं।
कथन (II) : धार्मिक कर्मकाण्ड, सही व गलत क्या है? के साथ-साथ क्या अस्तित्व में रहना तथा घटित होना चाहिए, से संबंधित अवधारणाएँ है?

उपरोक्त  कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) कथन । सही है, लेकिन कथन II गलत है
Solution:धार्मिक विश्वास पवित्र तथा ईश्वरीय प्रकृति से संबंधित होने के साथ-साथ ईश्वरीय सत्ता में निहित वस्तुओं तथा शक्तियों से संबंधित अवधारणाएँ है। धार्मिक कर्मकाण्ड से तात्पर्यं क्रियाओं से जुड़े कर्मों से हैं।

कर्मकांड का सम्बन्ध गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि तक सभी प्रकार के अनुष्ठानों, पूजा-पाठ अथवा यज्ञ आदि से है। अतः कथन (I) सही है तथा कथन (II) गलत है।