Solution:अबुल फजल ने लिखा है कि समय बहुमूल्य है और अपरिवर्तनीय है। अकबर के सांस्कृतिक कार्यों के संगठनकर्ता मुख्य रूप से अबुल फजल थे। वह उस युग के बहुत बड़े विद्वानों में से थे। वे धार्मिक सहिष्णुता की नीति निर्धारित करने में, सर्वात्मवाद का प्रचार करने में वह अकबर के निकटतम सहयोगी थे। स्मिथ ने अकबर के दीन-इलाही को राजनीतिक मिथ्या धर्म और अबुल फजल को उसका मुख्य पुरोहित कहा है।
कट्टरपंथियों को यह धर्म पसंद नहीं था, अकबर का पुत्र सलीम इन कट्टरपंथियों से मिल गया था और उसने बुंदेलखण्ड के बीरसिंह देव द्वारा अबुल फजल की हत्या करवा दी थी। स्मिथ ने अकबरकालीन राजकीय दस्तावेजों के अभाव की चर्चा की है लेकिन अबुल फ़ज़ल के आइन ए अकबरी की प्रशंसा की है।
अकबर के आदेश से अबुल फजल ने अकबरनामा लिखने का कार्य शुरू किया और 7 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद 1596-97 में इसे पूरा कर अकबर के समक्ष रखा था। अबुल फजल ने अकबरनामा को 3 जिल्दों में विभाजित किया है जिसमें से प्रथम दो जिल्द इतिहास है और तीसरा जिल्द आइन ए अकबरी है।