NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift-I

Total Questions: 100

11. कियारी और गियक नामक नवपाषाण कालीन स्थल निम्नांकित में से किस जगह पर अवस्थित हैं?

Correct Answer: (d) लद्दाख
Solution:

कियारी और गियक नामक नवपाषाण कालीन स्थल केन्द्रशासित प्रदेश लद्दाख में अवस्थित हैं। लद्दाख के गियक नामक स्थान से नवपाषाण कालीन स्थल प्राप्त हुये हैं जिसकी तिथि 4000 वर्ष पूर्व आंकी गई है, किन्तु इसके समीप स्थित कियारी नामक पुरास्थल का काल 1000 वर्ष से अधिक पुराना नहीं है।

12. घग्घर-हाकरा नदी तंत्र का निम्नलिखित में किसके द्वारा अध्ययन किया गया था?

Correct Answer: (a) सी.एफ. ओल्डहैम
Solution:

घग्घर हाकरा नदी तंत्र का अध्ययन सी.एफ. ओल्डम द्वारा किया गया था। 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश अधिकारियों और खोजकर्ताओं द्वारा भूगर्भीय और पुरातात्विक साक्ष्यों और भाषाई समानता के आधार पर मौजूदा नदी प्रणालियों के साथ ऋग्वैदिक सरस्वती नदी का मिलान करने के कई प्रयास किए गये थे, जिसमें एक ब्रिटिश सेना चिकित्सक और इंडोलॉजिस्ट, सी.एफ. ओल्डहैम ने सरस्वती नदी की पहचान इसके ऊपरी भाग में घग्घर नामक नदी से की है जो अधिकांश रूप से भारत के अंदर प्रवाहित होती है और इसके निचले हिस्से में हकरा नदी जो पाकिस्तान से होकर बहती है।

13. ए.के. घोष के अनुसार भारत में निम्नलिखित में कौनपुरापाषाणिक संस्कृति समूह काम्पलेक्स का एक काल (क्रोनो) सांस्कृतिक तत्व नहीं है?

Correct Answer: (d) बोरर-ब्युरिन
Solution:ए. के. घोष के अनुसार भारत में बोरर-ब्युरिन (वेधकतक्षनी) पुरापाषाणिक संस्कृति समूह काम्पलेक्स का एक काल (क्रोनो) सांस्कृतिक तत्व नहीं है। ए.के. घोष ने 1966 में भारत में पुरापाषाणिक संस्कृति को सामान्यतः तीन मूल तत्वों में विभाजित किया है-

(1) चॉपर विफेस तत्व (2) फ्लेक तत्व (3) फ्लेक ब्लेड तत्व ।

14. औरंगजेब के शासनकाल में निम्नलिखित में से किस कुलीन राजपूत को 7000/7000 का मनसब दिया गया था?

Correct Answer: (c) मिर्जा राजा जय सिंह
Solution:

शाहजहाँ और औरंगजेब के शासनकाल में मिर्जा राजा जय सिंह राजपूत मनसबदारों में सर्वाधिक प्रतिष्ठित और प्रभावशाली थे उन्हें 7000 जात एवं 7000 सवार का सर्वोच्च मनसब प्राप्त था।

15. भारत में कुएँ से जल निकालने की दो विधियों का विवरण निम्नलिखित ग्रंथों में से किसमें मिलता है?

Correct Answer: (b) बाबरनामा
Solution:

भारत में कुएँ से जल निकालने की दो विधियों का विवरण बाबरनामा ग्रंथ में उल्लेख किया गया है। जिसे बाबर ने तुर्की भाषा में स्वयं लिखा था। उसने मुगलकाल में सिंचाई के अत्याधुनिक साधनों रहट, चरस का वर्णन किया है।

मुगलकाल में रहट का प्रयोग लाहौर, दीपालपुर (दोनों ही आज के पाकिस्तान में) और ऐसी दूसरी जगहों पर लोग रहट के जरिये सिंचाई करते हैं। कुँए से पानी निकालने की दूसरी सामान्य विधि चरस थी। बाबर के अनुसार आगरा, चाँदवार और बयाना आदि क्षेत्रों चरस के द्वारा सिंचाई की जाती थी।

16. किसने इस बात का पर्यवेक्षण किया कि जब अकबर मिर्जा हकीम के विद्रोह का दमन करने के अभियान हेतु काबुल की ओर गया था, तो उसने अपनी माँ हमीदा बानू बेगम को दिल्ली सूबे का प्रभारीनियुक्त किया था?

Correct Answer: (b) फादर एंथोनी मॉन्सरेट
Solution:

फादर एंथोनी मॉन्सरेट ने अपने पर्यवेक्षण में यह पाया कि जब अकबर मिर्जा हकीम के विद्रोह को दमन करने के अभियान हेतु काबुल की ओर गया था, तो उसने अपनी माँ हमीदा बानू बेगम को दिल्ली सूबे का प्रभारी नियुक्त किया था। फादर मॉन्सरेट जिन शहरों को देखा और जिन मार्गों से होकर यात्रा की उसका वर्णन इस प्रकार से किया है कि भारत के नगर दूर से देखने पर तो बड़ेसुहावने लगते हैं, किंतु अंदर से देखों तो संकरा और बेतरतीब नजर आते हैं।

मॉन्सरेट को काबुल अभियान के समय अकबर के साथ जाने का अवसर मिला था, किंतु बादशाह (अकबर) अस्वस्थ हो जाने की वजह से जलालाबाद से आगे नहीं गया व अपनी सेना के साथ लौट आया और लाहौर में डेरा डाला। इस प्रकार मॉन्सरेट को मुगल सेना और छावनी की आँखों देखी जानकारी पाने का अवसर मिला था।

17. जनवरी 1751 में, निम्नलिखित में से किस सेनानायक के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना मुजफ्फर जंग के साथ आई थी?

Correct Answer: (a) कैप्टन / बस्सी
Solution:फ्रांसीसी सेना जनवरी 1751 में सेनानायक बुस्सी के नेतृत्व में मुजफ्फर जंग के साथ आई थी। कर्नाटक का दूसरा युद्ध (1749-54) के दौरान अंग्रेजों तथा फ्रांसीसियों के मध्य होने वाले युद्धों के दो पक्ष है। एक ओर आसफ जाह निजामुल्मुल्क की मृत्यु मई 1748 में हुई।

उसके द्वितीय पुत्र नासिरजंग तथा उनके पौत्र मुजफ्फर जंग में संघर्ष हो रहा था। दोनों दक्षिण के अधिपति होने के अभिलाषी थे। मुजफ्फर जंग चंदा साहिब के साथ मिल गया, जो अर्काट का नवाब बनना चाहता था। चंदा साहिब ने डुप्ले के साथ समझौते की बातचीत आरम्भ की। जिसे डुप्ले भावी सफलता को तभी अनुकूल समझता था, जब चंदा साहिब और मुजफ्फर जंग दोनों की सहायता की जाए। इस नए प्रस्ताव से प्राप्त होने वाले लाभों को प्राप्त करना कठिन नहीं था।

मुजफ्फर जंग और चंदा साहिब ने फ्रांसीसियों की सहायता से अगस्त 1749 में अनवरुद्दीन को अम्बर के युद्ध में हराने के बाद चंदा साहिब कर्नाटक पर अधिकार पाने में सफल हो गया। जिस प्रकार फ्रांसीसियों ने मुजफ्फर जंग व चंदा साहिब की सहायता की उसी प्रकार अंग्रेजों ने नासिरजंग की सहायता की। नासिरजंग ने 1750 में मुजफ्फर जंग से पराजित हुआ और पकड़ा गया और उसे बंदी बना लिया गया। उसी दौरान नासिरजंग के भाग्य चक्र में परिवर्तन हुआ और उसे मार दिया गया। उसके बाद चंदा साहिब को अर्काट के नवाब के रूप में स्वीकार कर लिया गया था।

18. आरंभिक आधुनिक काल में, 'उम्मल' के रूप में किसे जाना जाता है?

Correct Answer: (b) कर संग्राहक
Solution:

आरंभिक आधुनिक काल में उम्मल के रूप में कर संग्राहक (Tax-collector) को जाना जाता है। यह व्यवस्था मद्रास (पांडिचेरी) में लागू की थी। इसकी जानकारी 1865 में भारत के राज्य सचिव द्वारा जारी सूचना से प्राप्त होती है।

19. निम्नलिखित में से किस साम्राज्य के अंतर्गत सैनिक सेवा के समर्थन हेतु गाँवों से राजस्व कार्य अर्थात् सरन्जाम, एक लोकप्रिय प्रथा थी?

Correct Answer: (c) मराठी साम्राज्य
Solution:

मराठा साम्राज्य के अंतर्गत सैनिक सेवा के समर्थन हेतु गाँवों से राजस्व कार्य अर्थात् सरन्जाम एक लोकप्रिय प्रथा थी। मोकासा, जागीर व सरन्जाम प्रथा उन भू-अभिहस्तांकनों के लिए प्रयुक्त होती थीं जो मराठों के अंतर्गत सैनिक सेवाओं के एवज में प्रदान किए जाते थे। मराठी साहित्य में मोकासा व जागीर संज्ञा का किन्हीं अर्थविशेष में प्रयोग नहीं हुआ है।

किंतु दोनों के मध्य अंतर यह है कि मोकासा की अपेक्षा जागीर का स्वरूप अधिक स्थायी था। सरन्जाम भू-अभिहस्तांकन जो कि पूर्ण रूप से सैनिक सेवाओं के बदले में दिया जाता था, जात (Jat) तथा फौज (fauj) के रूप में दिया जाता था। जात सैनिक सेवाओं के लिए सरन्जामदार के वेतन के रूप प्रदान किया जाता था जबकि फौज शीर्षक के अंतर्गत प्रदान किया जाने वाला अभिहस्तांकन सेना और किले आदि की व्यवस्था के मद में प्रयुक्त होता था।

इससे स्पष्ट है मनसबदारी व्यवस्था के समान ही सरन्जाम भी दो रूपों में अभिव्यक्त होता था। सरन्जाम भूमि अभिहस्तांकनों के अंतर्गत अधिग्राही का एक या कई ग्रामों के प्रशासन तथा राजस्व दोनों में ही हिस्सा रहता था।

20. किसने लिखा है कि, 'समय बहुमूल्य है और अपरिवर्तनीय है।'

Correct Answer: (a) अबुल फजल
Solution:

अबुल फजल ने लिखा है कि समय बहुमूल्य है और अपरिवर्तनीय है। अकबर के सांस्कृतिक कार्यों के संगठनकर्ता मुख्य रूप से अबुल फजल थे। वह उस युग के बहुत बड़े विद्वानों में से थे। वे धार्मिक सहिष्णुता की नीति निर्धारित करने में, सर्वात्मवाद का प्रचार करने में वह अकबर के निकटतम सहयोगी थे। स्मिथ ने अकबर के दीन-इलाही को राजनीतिक मिथ्या धर्म और अबुल फजल को उसका मुख्य पुरोहित कहा है।

कट्टरपंथियों को यह धर्म पसंद नहीं था, अकबर का पुत्र सलीम इन कट्टरपंथियों से मिल गया था और उसने बुंदेलखण्ड के बीरसिंह देव द्वारा अबुल फजल की हत्या करवा दी थी। स्मिथ ने अकबरकालीन राजकीय दस्तावेजों के अभाव की चर्चा की है लेकिन अबुल फ़ज़ल के आइन ए अकबरी की प्रशंसा की है।

अकबर के आदेश से अबुल फजल ने अकबरनामा लिखने का कार्य शुरू किया और 7 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद 1596-97 में इसे पूरा कर अकबर के समक्ष रखा था। अबुल फजल ने अकबरनामा को 3 जिल्दों में विभाजित किया है जिसमें से प्रथम दो जिल्द इतिहास है और तीसरा जिल्द आइन ए अकबरी है।