NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift-I

Total Questions: 100

21. किसने कहा कि उसके (लालकुँवर) लिए नूरजहाँ के समय को पुनर्जीवित किया गया और उसके नाम से सिक्के जारी किये गये थे?

Correct Answer: (a) हादी कम्वार खान
Solution:

हादी कम्वार खान ने कहा है कि उसके (लालकुँवर) के लिए नूरजहाँ के समय को पुनर्जीवित किया गया और उसके नाम से सिक्के जारी किये गये थे। लालकुंवर जिसे समसामयिक इतिहासकारों ने नाचने वाली कहा है, बहुत पहले से जहाँदारशाह की कृपापान थी।

जहाँदारशाह के गद्दी पर बैठने के पश्चात् वह रानी बन गई। लालकुँवर के रानी होने के साथ-साथ उसके निकट संबंधियों को उच्च पद मिलना स्वाभाविक था। उसके तीन भाइयों को सात व पाँच हजार की मनसब तथा बड़ी जागीरें प्रदान की गई। अत्यधिक भ्रष्ट एवं अनैतिक आचरण वाले जहाँदारशाह पर उसकी प्रेमिका लालकुँवर का काफी प्रभाव था।

22. राजस्थान में अवस्थित निम्नलिखित में कौन-से स्थल से 2000 ई.पूर्व के लगभग सूखापन (शुष्कता) के आरंभ का प्रमाण प्राप्त होता है?

Correct Answer: (d) लूणकरनसर
Solution:

लूणकरनसर झील राजस्थान के बीकानेर जिले में अवस्थित है। इस स्थल से 2000 ई.पूर्व के लगभग सूखापन (शुष्कता) के आरम्भ का प्रमाण प्राप्त होता है। इस क्षेत्र में काष्ठ कोयला और अनाजों के पुष्प पराग मिलने के कारण जंगल की कटाई के पश्चात् कृषि के शुरू की जाने की सूचना मिलती है किन्तु उस क्षेत्र में उस काल से खाद्य उत्पादन संबंधित किसी भी पुरातात्विक स्थल को नहीं ढूंढ़ा जा सका है। इस झील से नमक बहुत कम बनाया जाता है।

23. 'द कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' ने निम्नलिखित में से किस रियासत के विलय को 'राज्य हड़प सिद्धांत' (ड्राक्ट्रिन ऑफ लैप्स) के आधार पर मंजूरी को रोक दिया था?

Correct Answer: (c) करौली
Solution:

द कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने करौली रियासत के विलय को राज्य हड़प सिद्धांत (डाक्ट्रिन ऑफ लैप्स) के आधार पर मंजूरी को रोक दिया था।

1852 में करौली रियासत जो राजस्थान में स्थित है यहाँ के राजा नरसिंह पाल की मृत्यु हो गयी थी, जबकि करौली राज्य पेशवा को कर देता था। नरसिंह पाल को कोई पुत्र नहीं था

अतः लार्ड डलहौजी अपने राज्य विस्तार नीति के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गृह सरकार से अनुमति माँगी लेकिन संचालकों ने इस राज्य के विलय की अनुमति नहीं दी। उनका कहना था कि करौली एक स्वतंत्र और सुरक्षा प्राप्त राज्य था।

24. निम्नलिखित में से किस भारतीय फैक्टरी अधिनियम के अंतर्गत सभी श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया गया था?

Correct Answer: (b) द्वितीय भारतीय फैक्टरी अधिनियम, 1891
Solution:द्वितीय भारतीय फैक्ट्री अधिनियम, 1891 के अंतर्गत सभी श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया गया था। इस समय भारत के वायसराय लार्ड लेन्सडाउन थे। इस अधिनियम के अन्य प्रावधान इस प्रकार हैं-

(1) नौ वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों से श्रम लेना निषिद्ध कर दिया गया।

(2) नौ वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों से प्रतिदिन 7 घण्टे ही श्रम लेना निर्धारित किया गया।

(3) महिला और शिशु श्रमिकों को रात में 8 बजे से सुबह 5 बजे के बीच काम पर लगाना निषिद्ध कर दिया गया।

(4) महिला श्रमिकों से मात्र 11 घण्टे काम लिया जाना निर्धारित किया गया।

25. प्रथम बर्मा युद्ध (1824-26) का तात्कालिक कारण क्या था?

Correct Answer: (a) एक ब्रिटिश संरक्षित राज्य के रूप में चाचर की स्थापना
Solution:

प्रथम बर्मा युद्ध (1824-26) का तात्कालिक कारण एक ब्रिटिश संरक्षित राज्य के रूप में चाचर की स्थापना था। 1822 बर्मा सेनाओं को निर्विघ्न रूप से सफलता मिल रही थी जिसके कारण बर्मा राज्य स्वयं को अपराजेय समझने लगा था। 1822 में बर्मा ने असम पर अधिकार कर लिया और कंपनी अधिराज्य के उत्तर-पूर्वी सीमांत का अतिक्रमण करने लगा।

1823 में बर्मा ने कंपनी से एक छोटा-सा द्वीप शाहपुरी (चटगाँव से परे) ले लिया और उस द्वीप से ब्रिटिश चौकियों से अंग्रेजों को भगा दिया तथा बंगाल पर हमला करने की तैयारियाँ करने लगा। अंग्रेजों के लिए इसे बर्दाश्त करना बहुत कठिन था।

अतः 24 फरवरी 1824 को गवर्नर जनरल लॉर्ड एम्हर्स्ट ने युद्ध की घोषणा कर दी। बर्मा की प्राकृतिक विशेषताओं बर्मियों को प्रतिरक्षा का साधन उपलब्ध था जिसकी वजह से कंपनी के इतिहास में सबसे कम लाभकारी आक्रमण साबित हुआ। इस युद्ध में धन-जन व समय की दृष्टि से अंग्रेजों को बहुत महँगा पड़ा। दो वर्ष के युद्ध में एक करोड़ तीस लाख स्टर्लिंग खर्च हुए। 24 फरवरी 1826 में याण्डबू संधि के द्वारा युद्ध को विराम दिया गया।

26. निम्नलिखित में से किसने "गाँधीजी लीडरशिप एंड द कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' शीर्षक से निबंध लिखा था?

Correct Answer: (d) जयप्रकाश नारायण
Solution:जयप्रकाश नारायण ने "गाँधीजी लीडरशीप एंड द कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी शीर्षक से निबंध लिखा था। जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर, 1902 को गंगा सरयू के संगम पर बसे बिहार के सिताबदियारा जो वर्तमान उत्तर प्रदेश में है, हुआ था।

जयप्रकाश नारायण का राजनीतिक चिन्तन अनवरत गतिशील रहा है। शुरू शुरू में उनके ऊपर मार्क्सवाद का प्रभाव रहा तो बाद के दिनों में गाँधीवाद उनके सिर-चढ़कर बोला, असर कुछ इस कदर हुआ कि समाजवाद लाने का सपना बुनने वाला गाँधीवादी समाजवाद के पक्ष में जा खड़ा हुआ।

जयप्रकाश नारायण ने आजादी के बाद समकालीन नेताओं और पार्टियों द्वारा स्वार्थ और गलत नीतियों की वजह से सत्ता से मोहभंग हुआ तो वह अपने जीवन के अंतिम समय सत्ता की जोड़-तोड़ और गुणा गणित से दूर रहे। राजनीतिक जीवन के उत्तरार्द्ध में ही वह सर्वोदय भूदान आन्दोलन से जुड़े जिसकी परिणति बाद में समग्र क्रान्ति के रूप में होती है।

27. निम्नलिखित में से किस युद्ध के बाद प्रख्यात हीरा- कोहिनूर, ब्रिटिश मुकुट को समर्पित कर दिया गया था?

Correct Answer: (b) द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध (1848-49)
Solution:

द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध (1848-49) के बाद प्रख्यात हीरा कोहिनूर ब्रिटिश मुकुट को समर्पित किया गया था। 29 मार्च, 1849 को लॉर्ड डलहौजी ने हेनरी लॉरेंस, लॉर्ड एलनबरो व मंत्रिमण्डल की इच्छाओं की परवाह नहीं करते हुए पंजाब को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने की घोषणा कर दी।

इस दिन लाहौर में महाराजा दिलीप सिंह ने आखिरी बार दरबार लगाते हुए भारत सरकार के विदेश सचिव हेनरी इलियट के सामने अपने राज्य के विलय की संधि पर हस्ताक्षर कर दिए। जिसके परिणामस्वरूप दिलीप सिंह के लिए पाँच लाख रुपये वार्षिक पेंशन निर्धारित कर दी गयी। राजा दिलीप सिंह से कोहिनूर हीरा लॉर्ड डलहौजी ने प्राप्त किया जिसे बाद में इस कोहिनूर हीरा को महारानी विक्टोरिया को भेज दिया गया।

28. मैला ढोने वालों की 1928 की हड़ताल के एक प्रमुख के रूप में किसको 'धनगर्मा' की उपाधि दी गई थी?

Correct Answer: (b) प्रभावती दास गुप्ता
Solution:

मैला ढोने वालों की 1928 की हड़ताल में प्रभावती दास गुप्ता को महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के कारण उन्हें धनगर्मा की उपाधि दी गयी थी। ट्रेड यूनियन नेता प्रभावती दास गुप्ता के नेतृत्व में मैला ढोने वालों का पहला संघ 1927 में स्थापित किया गया था। 1928 में कलकत्ता में मैला ढोने वालों का अधिकार आन्दोलन एक ऐतिहासिक आन्दोलन था।

29. 'एस्टाड़ो द इंडिया' निम्नलिखित में से किस नाम से लोकप्रिय है?

Correct Answer: (a) पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी
Solution:

पुर्तगाली ईस्ट इण्डिया कम्पनी 'एस्टाड़ो द इण्डिया' के नाम से प्रसिद्ध थी। इसका प्रमुख उद्देश्य काली मिर्च और मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना था। लाल सागर तथा भू-मध्य सागर के माध्यम से व्यापार सुरक्षित नहीं था। अतः पुर्तगाली सुरक्षा के बदले में व्यापारियों से 'कार्टेज' (सुरक्षा कर) वसूलते थे। कहा जाता है कि मुगल सम्राट अकबर को भी अपने समुद्री व्यापार के लिए पुर्तगालियों से कार्टेज लेना पड़ा था। एक प्रकार 'एस्टाड़ों द इण्डिया' सामुद्रिक लुटेरा के नाम से प्रसिद्ध था।
नोट :-
प्रमुख विदेशी कंपनियाँ

कंपनीस्थापना वर्ष
1. एस्ताडो द इण्डिया (पुर्तगाली कंपनी)- 1498 ई. (पुर्तगाल)
2. अंग्रेजी ईस्ट इण्डिया कंपनी- 1599 ई. (इंग्लैण्ड)
3. डच ईस्ट इण्डिया कंपनी- 1602 ई. (नीदरलैण्ड)
4. डेनिश ईस्ट इण्डिया कंपनी- 1616 ई. (डेनिश-डेनमार्क)
5. फ्रांसीसी ईस्ट इण्डिया कंपनी (कंपनी द इंडस ओरियंटल)- 1664 ई. (फ्रांस)
6. स्वीडिश ईस्ट इण्डिया कंपनी- 1731 ई. (स्वीडेन)

30. 1770 और 1780 के दशक के अंतिम वर्षों में खतबंदी विनियमन किससे संबंधित थे?

Correct Answer: (b) भारतीय दस्तकरों को उनके उत्पाद अनन्य रूप से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को बिक्री करने के लिए बाध्य करते हैं।
Solution:

ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भारतीय दस्तकारों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए। यह प्रतिबंध उनकी सौदेबाजी की शक्ति को कम करने, उनके उत्पादों को तरजीह के आधार पर और काफी कम कीमतों पर खरीदने के लिए लगाए थे। कम्पनी ने बुनकरों को स्थानीय या विदेशी अन्य व्यापारियों के लिए कपड़ा बनने से तब तक रोका जब तक की उन्होंने कंपनी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त उत्पादन नहीं किया।

ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने 1770 के अंतिम दशक तथा 1780 के प्रारम्भिक दशक के मध्य खतबंदी विनियमन (अनुबंध प्रणाली) प्रारम्भ किया जो पूर्णतया भारतीय दस्तकारों को उनके उत्पाद अनन्य रूप से कंपनी को बिक्री करने के लिए बाध्य करते हैं। इस प्रकार इस नियम ने भारतीय कारीगरों को बंधुआ मजदूर बना दिया। इस नियम ने कारीगरों को अपने उत्पाद खुले बाजार में बेचने के अधिकार से वंचित कर दिया।