Solution:प्रथम बर्मा युद्ध (1824-26) का तात्कालिक कारण एक ब्रिटिश संरक्षित राज्य के रूप में चाचर की स्थापना था। 1822 बर्मा सेनाओं को निर्विघ्न रूप से सफलता मिल रही थी जिसके कारण बर्मा राज्य स्वयं को अपराजेय समझने लगा था। 1822 में बर्मा ने असम पर अधिकार कर लिया और कंपनी अधिराज्य के उत्तर-पूर्वी सीमांत का अतिक्रमण करने लगा।
1823 में बर्मा ने कंपनी से एक छोटा-सा द्वीप शाहपुरी (चटगाँव से परे) ले लिया और उस द्वीप से ब्रिटिश चौकियों से अंग्रेजों को भगा दिया तथा बंगाल पर हमला करने की तैयारियाँ करने लगा। अंग्रेजों के लिए इसे बर्दाश्त करना बहुत कठिन था।
अतः 24 फरवरी 1824 को गवर्नर जनरल लॉर्ड एम्हर्स्ट ने युद्ध की घोषणा कर दी। बर्मा की प्राकृतिक विशेषताओं बर्मियों को प्रतिरक्षा का साधन उपलब्ध था जिसकी वजह से कंपनी के इतिहास में सबसे कम लाभकारी आक्रमण साबित हुआ। इस युद्ध में धन-जन व समय की दृष्टि से अंग्रेजों को बहुत महँगा पड़ा। दो वर्ष के युद्ध में एक करोड़ तीस लाख स्टर्लिंग खर्च हुए। 24 फरवरी 1826 में याण्डबू संधि के द्वारा युद्ध को विराम दिया गया।