NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift-I

Total Questions: 100

31. दादा भाई नौरोजी ने 1895 में किस आयोग के समक्ष भारत से 'धन के निष्कासन' (ड्रेन ऑफ वैल्थ) के मामले को प्रस्तुत किया था?

Correct Answer: (a) वेल्बी आयोग
Solution:

वेल्बी आयोग ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित भारत के व्यय प्रशासन पर रॉयल कमीशन था। इसका गठन 1895 ई. में भारत में हो रहे अनावश्यक खर्चों की जाँच करने के लिए किया गया था। इसे आयोग में वेल्बी, चमन तथा टी.आर. बुकानन संसदीय प्रतिनिधि के रूप में तथा दादाभाई नौरोजी, विलियम वेडरबर्न एवं विलियम एस. केन भारतीय हितों के प्रतिनिधि के रूप में सदस्य थे।

अतः 189.5 में दादाभाई नौरोजी ने इस आयोग के समक्ष धन के निष्कासन (ड्रेन ऑफ वेल्थ) का मामला रखा। 1897 में गोखले तथा दिनशा वाचा आयोग के समक्ष उपस्थित हुए थे। 1900 ई. में आयोग की रिपोर्ट में वित्तीय व्यवस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस से विनती किया गया।

32. 1880 के दशक की किस संस्था से फर्ग्यूसन कॉलेज को विकसित किया गया था?

Correct Answer: (b) न्यू इंग्लिश स्कूल
Solution:

1880 के दशक में न्यू इंग्लिश स्कूल से फर्ग्युसन कॉलेज को विकसित किया गया था। 1880 के दशक में बाल गंगाधर तिलक, विष्णुशास्त्री चिपलूनकर तथा गोपाल गणेश अगारकर ने मिलकर भारतीयों की शिक्षा के लिए पुणे में न्यू इंग्लिश स्कूल खोला तथा 1884 में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी का गठन किया गया।

इसके एक वर्ष पश्चात् अर्थात् 1885 ई. में फर्ग्यूसन कॉलेज की स्थापना की गई। इस कॉलेज का उद्घाटन एलफिस्टन कॉलेज (बॉम्बे) के प्रिंसिपल विलियम वसवर्थ ने किया था। इसमें आर.जी. भण्डारकर तथा रानाडे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बॉम्बे के तत्कालीन गवर्नर सर जेम्स फसन के नाम पर कॉलेज का नाम फर्ग्यूसन कॉलेज रखा गया था।

33. निम्नलिखित में से कौन अस्पृश्यता पर 1929 की कांग्रेस उप-समिति का अध्यक्ष था?

Correct Answer: (c) पंडित, मदनं मोहन मालवीय
Solution:

1929 में कॉंग्रेस कार्य समिति ने अपनी दिल्ली की बैठक में अस्पृश्यता विरोधी उप-समिति बनाया जिसके अध्यक्ष पं. मदन मोहन मालवीय तथा सचिव जमुनालाल बजाज को बनाया गया। इस समिति के निर्माण करने का उद्देश्य था दलितों के मन्दिर प्रवेश, सार्वजनिक कुओं के प्रयोग, स्वच्छ जीवन उपलब्ध कराने तथा उन प्रतिबंधों को, जिसका दलित बच्चे विद्यालयों में सामना कर रहे थे हटाया जा सके। सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान भी अस्पृश्य उन्मूलन का अभियान निरंतर चलता रहा।

34. उपयोगितावाद के सिद्धांत का प्रतिपादक कौन था?

Correct Answer: (b) जे.एस. मिल
Solution:

जॉन स्टुअर्ट मिल (1806-1873 ई.) एक अंग्रेजी दार्शनिक, अर्थशास्त्री और उपयोगितावाद के सिद्धान्त के प्रतिपादक थे। 19वीं शताब्दी के सुधार युग में एक प्रचारक के रूप में वे प्रमुख थे। दार्शनिक जेरेमी बेथम के उपयोगितावाद के मूल सिद्धान्त को विस्तार करते हुए जे.एस. मिल इस पर तीन सिद्धान्त दिये हैं -

(1) आनंद या खुशी ही एकमात्र ऐसी चीज है जिसका सच्चा आंतरिक मूल्य है।

(2) क्रियाएँ उस हद तक सही हैं जहाँ तक वे खुशी को बढ़ावा देती हैं, गलत जहाँ तक वे दुख पैदा करती हैं।

(3) सबकी खुशी बराबर मायने रखती है। मिल ने अपने 1861 के निबंध उपयोगितावाद में इन सिद्धान्तों का समर्थन किया है। इनकी महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं ऑन लिबर्टी, ए सिस्टम ऑफ लॉजिक, द सब्जेक्शन ऑफ वीमेन और यूटिलिटेरियनिज्म । शुरूआती अर्थशास्त्रियों में डेविड रिकार्डो और एडम स्मिथ के सिद्धान्तों पर विस्तार से मिल ने अवसर लागत पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं और व्यापार में तुलनात्मक लाभ जैसी आर्थिक अवधारणाओं को विकसित करने में मदद की है।

35. हेरोडोटस का जन्म कहाँ हुआ था?

Correct Answer: (a) हेलीकारनासस
Solution:

हेरोडोटस का जन्म लगभग 485 ईसा पूर्व में ग्रीक शहर हेलीकारनासस में हुआ था, जो एशिया माइनर के दक्षिणपश्चिमी तट पर एक जीवंत वाणिज्यिक केन्द्र था। हेरोडोटस एक ग्रीक लेखक और भूगोलवेत्ता थे तथा जिन्हें पहले इतिहासकार होने का श्रेय भी दिया जाता है।

425 ईसा पूर्व के आस-पास इन्होंने अपनी महान कृति 'ग्रीको फारसी युद्धों का एक लंबा लेखा-जोखा' प्रकाशित की। इतिहास का ग्रीक शब्द में अर्थ है पूछताछ करना। इनके पहले किसी भी लेखक ने अतीत का इतना व्यवस्थित गहन अध्ययन नहीं किया था। हेरोडोटस को इतिहास का पिता कहा जाता है तथा इसने 5वीं सदी ईसा पूर्व में 'हिस्टोरिका' नामक पुस्तक की रचना की जिसमें भारत और फारस के सम्बन्धों का वर्णन मिलता है।

36. लेनी रीफेन्स्टॉल की फिल्म 'ट्रायंक ऑफ द विल' निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

Correct Answer: (c) नाजी प्रचार
Solution:

'ट्रायंफ ऑफ द विल' 1935 की जर्मन नाजी प्रचार फिल्म है एवं जिसका निर्देशन व संपादन लेनी रीफेन्स्टॉल ने किया है। इस फिल्म में नूर्नबर्ग के 1934 के नाजी पार्टी कांग्रेस का इतिहास है तथा जिसमें 700,000 से अधिक नाजी समर्थकों ने भाग लिया था। इसमें हिटलर, रूडोल्फ हेस और जूलियस स्ट्रीचर सहित कांग्रेस में नाजी नेताओं द्वारा दिए गए भाषणों के अंश शामिल हैं।

इसका प्रमुख विषय हिटलर को नेता के रूप में एक महान शक्ति के रूप में जर्मनी में वापसी है। इस फिल्म में प्रथम विश्व युद्ध, वर्साय की सन्धि, चांसलर के रूप में हिटलर की नियुक्ति तथा उसकी नूर्नबर्ग की यात्रा से बीता हुआ समय दिखाया गया है। इस फिल्म ने जर्मनी, फ्रांस और इटली में कई पुरस्कार जीते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रैंक कैप्रा की सात फिल्म श्रृंखला व्हाई वी फाइट सीधे तौर पर ट्रायंफ ऑफ द विल तथा संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिक्रिया से प्रेरित थी। लेनी रीफेन्स्टॉल की एक अन्य फिल्म 'ओलंपिया' है एवं यह भी नाजी प्रचार से सम्बन्धित है।

37. किसने यह कहा था- "काल्पनिक कृतियों के रूप में इतिहासकार की कृति और उपन्यासकार की कृति भिन्न नहीं होती। वे जहाँ भिन्न होते हैं, वह यह है कि इतिहासकार के वर्णन का अर्थ सच होने से है।"

Correct Answer: (a) आर.जी. कॉलिगवुड
Solution:

आर. जी. कॉलिगवुड ने अपने ग्रन्थ 'द आइडिया ऑफ हिस्ट्री' में यह कहा था कि “काल्पनिक कृतियों के रूप में इतिहासकार की कृति और उपन्यासकार की कृति भिन्न नहीं होती। वे जहाँ से भिन्न होते हैं, वह यह है कि इतिहासकार के वर्णन का अर्थ सच होने से है।" कॉलिगवुड एक अंग्रेजी दार्शनिक, इतिहासकार और पुरातत्वविद थे। उन्हें उनके दार्शनिक कार्यों के लिए जाना जाता है, जिसमें द प्रिंसिपल्स ऑफ आर्ट (1938) और मरणोपरांत प्रकाशित द आइडिया ऑफ हिस्ट्री (1946) शामिल है।

38. किसने कहा था- "इतिहास का पुनर्लेखन किया जाना चाहिए क्योंकि इतिहास कारणों या पूर्व-वृत्तों (एन्टीसिडेंटस) के वे धागे हैं, जिनमें हमारी रूचि होती है।"

Correct Answer: (d) हेनरी एडम्स
Solution:

कानूनी इतिहासकार और दार्शनिक ओलिवर वेन्डेल होम्स, जूनियर का जन्म मार्च, 1941 ई. वोस्टन, मास में हुआ था। वह मैसाचुसेट्स सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की बेटी अमेलिया ली जैक्सन के बेटे थे। उन्होंने 1867 से बोस्टन में कानून का अभ्यास किया। होम्स ने बोलने की स्वतन्त्रता पर प्रस्तावित प्रतिबन्धों के लिए स्पष्ट और वर्तमान खतरे परीक्षण को स्पष्ट किया।

उन्होंने यह कहा था कि “इतिहास का पुनर्लेखन किया जाना चाहिए क्योंकि इतिहास कारणों या पूर्व वृत्तों (एन्टीसिडेटस) के वे धागे हैं जिनमें हमारी रूचि होती है" होम्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपने 29 वर्षों के दौरान, अवमानना, कॉपीराइट, पट्टे, और ट्रेडमार्क कानून, अमेरिकी नागरिकों के लिए आवश्यक निष्ठा की शपथ आदि विविध मुद्दों पर अभी भी अवसर उद्धत राय जारी की।

39. निम्नलिखित में से किसने 1831 के रामोशी विद्रोह का नेतृत्व किया था?

Correct Answer: (d) उमाजी राजे
Solution:

पश्चिमी घाट के रहने वाले रामोशी जनजाति के लोग मराठा सेना व पुलिस के अधीनस्थ कर्मचारी थे। मराठा साम्राज्य के पतन के बाद इन्होंने कृषि का धन्धा अपना लिया, लेकिन अधिक लगान एवं उत्पीड़न के चलते अपने नेता सरदार चित्तुर सिंह के नेतृत्व में 1822 में विद्रोह कर दिया।

रामोशियों ने सतारा के आसपास के क्षेत्रों को लूटा और किलों पर आक्रमण कर दिया। 1825- 26 में पुनः विद्रोह हुए और इस प्रदेश में 1829 ई. तक अशान्ति रही। 1831 ई.में रामोशी विद्रोह को नेतृत्व उमाजी राजे ने किया। अन्त में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें भू-अनुदान दिये व पहाड़ी पुलिस में भर्ती किया।

40. राजा राममोहन रॉय द्वारा स्थापित ब्रह्मो समाज निम्नांकित में से किसका उत्तरवर्ती था?

Correct Answer: (b) आत्मीय सभा
Solution:

बंगाल में प्रारम्भ हुए धर्म सुधार आन्दोलन का नेतृत्व राजाराममोहन रॉय ने किया। इसी कारण राजाराममोहन रॉय को भारत के नवजागरण का अग्रदूत, सुधार आन्दोलनों का प्रवर्तक एवं आधुनिक भारत का पहला महान नेता माना जाता है। रॉय बहु भाषाविद् थे एवं उन्होंने अरबी फारसी तथा संस्कृत का अध्ययन किया। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी, फ्रेंच, ग्रीक, लैटिन, जर्मन भाषाएँ भी सीखी।

इनका पहला ग्रन्थ फारसी भाषा में तोहफत-उल-मुहद्दीन (एकेश्वरवादियों का उपहार) 1809 में प्रकाशित किये। इन्होंने कलकत्ता में रहते हुए अपने युवा समर्थकों के सहयोग से 'आत्मीय सभा' की स्थापना की। तदुपरान्त वे आजीवन धर्म और समाज की बुराइयों को दूर करने में लगे रहे। 1828 ई. में उन्होंने ब्रह्म सभा की स्थापना की, यह सभा आत्मीय सभा का उत्तरवर्ती था। ब्रह्म सभा को आगे चलकर ब्रह्म समाज के नाम से जाना गया।