Solution:रॉयल इण्डियन नेवी (नौसैनिक रेटिंग्स) के विद्रोह की शुरूआत 18 फरवरी, 1946 को हुई, जब बंबई में एच. एम. आई. एम. तलवार के 1100 नाविकों ने नस्लवादी भेदभाव और अखाद्य भोजन के प्रतिवाद में हड़ताल कर दी। कम्युनिस्ट पार्टी ने आम हड़ताल का आह्वान किया तो लाखों मजदूर अपने कारखाने छोड़कर सड़क पर निकल आये।
नाविक विद्रोह के बाद बंबई की जनता इस कदर उत्तेजित हो गयी कि सरकारी अनुमानों के अनुसार 30 दुकानों, 10 डाकघरों, 10 पुलिस चौकियों, 64 अनाज दुकानों और 200 बिजली के खंभों को बरबाद कर दिया गया। शहर की सामान्य दिनचर्या तो बिल्कुल ही अस्त-व्यस्त हो गई। इस मामले में कराची का नंबर बंबई के बाद ही था।
बंबई के नाविकों के विद्रोह की खबर अगले ही दिन, यानी 19 फरवरी को कराची पहुँच गयी जिसके बाद एच. एम. आई. एस. हिन्दुस्तान और एक अन्य जहाज के नाविकों और तीन तटवर्ती प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। ब्रिटिशों द्वारा बंबई में शान्ति स्थापना के लिए एक मराठा बटालियन बुलाई तथा यह बटालियन ने बंबई में नाविकों को घेर लिया तथा उन्हें खदेड़कर उनके बैरकों तक पहुँचा दिया।