NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift-I

Total Questions: 100

81. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।

A. अटलांटिक चार्टर।
B. बैकांक में भारतीय स्वतंत्रता लीग संगठन की घोषणा।
C. जापान द्वारा पर्ल हार्बर में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर आक्रमण ।
D. 16,300 सैनिकों के साथ आई.एन.ए. के प्रथम डिवीजन का गठन किया गया।
E. आई.एन.ए. की बटालियन ने मॉडोक पर कब्जा कर लिया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A, C, B, D, E
Solution:निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है :-

1. अटलांटिक चार्टर (14 अगस्त, 1941 ई.)।

2. जापान द्वारा पर्ल हार्बर में अमेरिकी नैसैनिक अड्डे पर आक्रमण (6 दिसम्बर, 1941 ई.)।

3. बैकांक में भारतीय स्वतंत्रता लीग संगठन की घोषणा (1942)।

4. 16,300 सैनिकों के साथ आई.एन.ए. के प्रथम डिवीजन का गठन किया गया (1 सितंबर, 1942)।

5. आई.एन.ए.की बटालियन ने मॉडोक पर कब्जा कर लिया (मई, 1944)1

82. निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।

A.  एनी बेसेन्ट ने बनारस में केंद्रीय हिन्दू महाविद्यालय की आधार शिला रखी थी।
B. थियोसोफिकल सोसायटी का मुख्यालय भारत के अडयार में स्थानांतरित किया गया।
C.हरिद्वार में गुरुकुल पाठशाला की स्थापना ।
D. स्वामी विवेकानंद द्वारा रामकृष्ण मिशन की स्थापना।
E. लाहौर में आंग्ल-वैदिक विचार सम्प्रदाय की स्थापना।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) B, E, D, A, C
Solution::निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है।

1. थियोसोफिकल सोसायटी का मुख्यालय भारत के अड्यार में स्थानांतरित किया गया (1882 ई.)।

2. लाहौर में आंग्ल-वैदिक स्कूल (विचार सम्प्रदाय) की स्थापना (1886 ई.)।

3. स्वामी विवेकानन्द द्वारा रामकृष्ण मिशन की स्थापना (1897 ई.)

4. एनी बेसेन्ट ने बनारस में केंद्रीय हिन्दू महाविद्यालय की आधारशिला रखी थी (1898 ई.)।

5. हरिद्वार में गुरूकुल पाठशाला की स्थापना की गई (1902 ई.)।

83. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

A. बाल गंगाधर तिलक पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें चार साल की जेल की सजा सुनाई गई।
B. कांग्रेस के लखनऊ सत्र में गवर्नर संघुर्स्ट के बॉम्बे के प्रशासन की निंदा करने वाला तिलक द्वारा प्रस्ताव रखने के प्रयास को भी रोक दिया गया।
C. तिलक को 18 माह के लिए जेल भेज दिया गया।
D. तिलक और उनके समूह ने रानाडे और गोखले को पूना सार्वजनिक सभा के नियंत्रण से हटा दिया।
E. नरमपंथियों ने मद्रास के कांग्रेस सत्र में तिलक के आत्म-बलिदान की भावना की सराहना करने वाला प्रस्ताव रखने के, तिलक के प्रशंसकों के प्रयास को विफल कर दिया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (c) A, D, C, E, B
Solution:

निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है:-

1. बाल गंगाधर तिलक पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें चार साल की जेल की सजा सुनाई गई (1882 ई.)।

2. तिलक और उनके समूह ने रानाडे और गोखले को पूना सार्वजनिक सभा के नियंत्रण से हटा दिया (1895 ई.)।

3. तिलक को 18 माह के लिए जेल भेज दिया गया (1897 ई.)।

4. नरमपंथियों ने मद्रास के काँग्रेस सत्र में तिलक के आत्मबलिदान की भावना की सराहना करने वाला प्रस्ताव रखने के, तिलक के प्रशंसकों के प्रयास को विफल कर दिया (1898 ई.)।

5. कांग्रेस के लखनऊ सत्र में गवर्नर संघुर्स्ट के बॉम्बे के प्रशासन की निंदा करने वाला तिलक द्वारा प्रस्ताव रखने के प्रयास को भी रोक दिया गया (1899 ई.)।

84. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

A. ऐलेक्जेन्डर रीड ने रैयतवाड़ी प्रयोग प्रारम्भ किया था।
B. जी. विनोट और एच.ई. गोल्डस्मिड ने 'बॉम्बे सर्वे सिस्टम' का विचार प्रदान किया।
C. मद्रास यातना आयोगा
D. सिविल प्रक्रिया संहिता प्रारम्भ की गई।
E.  थॉमस मुनरो से सत्तांतरित जिलों के भूमि राजस्व का प्रभार ग्रहण करने को कहा गया था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A, E, B, C, D
Solution:निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है:-

1. एलेक्जेन्डर रीड ने रैयतवाड़ी प्रयोग प्रारम्भ किया था (1792 ई.)।

2. थॉमस मुनरो से सत्तांतरित जिलों के भूमि राजस्व का प्रभार ग्रहण करने को कहा गया था (1801 ई.)।

3. जी. विन्गेट और एच.ई. गोल्डस्मिड ने 'बॉम्बे सर्वे सिस्टम' का विचार प्रदान किया (1835 ई.)।

4. मद्रास यातना आयोग (1855 ई.)।

5. सिविल प्रक्रिया संहिता प्रारम्भ की गई (1882 ई.)।

85. निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थितकीजिए।

A. फिल्म- सीता वेनिस फिल्मोत्सव में प्रदर्शित की गई प्रथम भारतीय फिल्म थी।
B. फिल्म अछूत कन्या का रिलीज होना।
C. गीत-दूर हटों ए दुनिया वालों को फिल्मकिस्मत में दर्शाया गया था।
D.  फिल्म - संत तुकाराम को सिनेमैटोग्राफिक कला की पाँचवीं आंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी वेनिस में पहली बार तीन श्रेष्ठ फिल्मों में से रैंक प्रदान की गई।
E.फिल्म औरत जो फिल्म मदर इंडिया की कहानी की तर्ज पर थी, रिलीज हुई।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A, B, D, E, C
Solution:निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है:-

1.फिल्म सीता वेनिस फिल्मोत्सव में प्रदर्शित की गई प्रथम भारतीय फिल्म थी (1934 ई.)।

2. फिल्म अछूत कन्या का रिलीज होना (1936 ई.)।

3. फिल्म संत तुकाराम को सिनेमैटोग्राफिक कला की पाँचवीं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी वेनिस में पहली बार तीन श्रेष्ठ फिल्मों में से रैंक प्रदान की गई (1937 ई.)।

4. फिल्म औरत जो फिल्म मदर इण्डिया की कहानी की तर्ज पर थी, वह 1940 ई.में रिलीज हुई।

5. गीत-दूर हटों ए दुनिया वालों को फिल्म किस्मत में दर्शाया गया था (1943 ई.)।

86. नीचे दो कथन दिए गए हैं एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में,

अभिकथन A: अशोक के 5वें स्तम्भलेख से उन जानवरों की एक सूची प्राप्त होती है जिन्हें किसी भी स्थिति में नहीं मारा जाना है।
कारण R: सम्राट अशोक ने इस पर विचार किया कि वे जानवर जो न तो उपयोगी है न ही खाने योग्य हैं, उन्हें नहीं मारा जाना चाहिए।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
Solution:

अशोक के 5वें स्तम्भलेख से उन जानवरों की सूची प्राप्त होती है जिन्हें किसी भी स्थिति में नहीं मारा जाना चाहिए। सम्राट अशोक अपने 5वें स्तम्भ लेख में कहता है कि अपने राज्याभिषेक के 26 वर्ष बाद मैंने निम्नलिखित जीवों का वध निषिद्ध किया शुक, सारिका, अरुन, चक्रवाक, हंस, नन्दिमुख, गेलाट, जका, अस्थि हीन मत्स्य, कछुआ और साही, खरगोश जैसी गिलहरी, बारासिंहे, साँड, गेंडा, श्वेत कपोत आदि तथा ऐसे सभी चौपाये जो खाये न जाते हों और अन्य किसी काम न आते हों। इसके अतिरिक्त उसने गर्भिणी अथवा स्तनंधय शिशुवाली भेड़, बकरी और सूकरी तथा उनके छः माह के छोटे बच्चे, मुर्गो को बधिया न किया जाय। अतः A और R दोनों सत्य हैं और R, Aकी सही व्याख्या करता है।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में,

 अभिकथन A : अभिलेख इतिहास के बहुत महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं।
कारण R : अशोक का इतिहास अभिलेखों से हमें ज्ञात होता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
Solution:

अभिलेख इतिहास के जानकारी के लिए महत्वपूर्ण स्रोत हैं क्योंकि अशोक का इतिहास अभिलेखों से हमें ज्ञात होता है। उसके अभी तक 40 से अधिक अभिलेख देश के विभिन्न भागों से प्राप्त होते हैं। जहाँ एक ओर अभिलेख उसके धर्म, प्रशासन एवं कर व्यवस्था के बारे में बताते हैं तो वहीं दूसरी ओर उसके साम्राज्य की सीमा निर्धारित करते हैं।

डी. आर. भण्डारकर महोदय ने केवल अभिलेख के आधार पर ही अशोक का इतिहास लिखने का प्रयास किया है। सर्वप्रथम 1837 ई. में जेम्स प्रिंसेप ने अशोक के अभिलेख को पढ़ने में सफलता प्राप्त की किन्तु उन्होंने 'देवानांपिय' की पहचान सिंहल नरेश तिस्स से कर दिया। अतः A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथनः के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में,

अभिकथन A: दक्षिण पूर्व एशिया पर भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव बिलकुल भी नहीं था।
कारण R : शिव भगवान को समर्पित अनेक मंदिर (मठ) जावा के डिएंग पठार पर पाए जा सकते
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A असत्य है, लेकिन R सत्य हैं
Solution:

दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय संस्कृति का व्यापक प्रभाव था। इसके अन्तर्गत जावा, कम्बोडिया (कम्बुज), चम्पा, बोर्नियो, बर्मा, स्याम (थाईलैण्ड) आदि देश आते हैं। इस सम्पूर्ण क्षेत्र को 'सुवर्णभूमि' तथा 'सुवर्ण द्वीप' कहा जाता था। यह द्वीप गरम मसाले, स्वर्ण, बहुमूल्य धातुओं तथा खनिज संसाधनों के लिए प्रसिद्ध था।

इससे प्रभावित होकर भारतीय व्यापारी धन की लालसा से यहाँ आये। उन्होंने न केवल यहाँ पर अपना उपनिवेश बनाया बल्कि स्वतंत्र हिन्दू राज्य की स्थापना भी की। दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न राज्यों में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार हुआ। यहाँ के विभिन्न राज्यों में संस्कृत भाषा का व्यापक प्रचार-प्रसार था।

इन देशों में वेद, वेदान्त, रामायण, महाभारत आदि ब्राह्मण ग्रंथों के साथ-साथ बौद्ध एवं जैन ग्रंथों का अध्ययन किया जाता था। यहाँ पर ब्राह्मण एवं बौद्ध धर्म का व्यापक प्रचार-प्रसार था। पौराणिक देवताओं में शिव, विष्णु तथा ब्रह्मा सर्वाधिक लोकप्रिय थे।

जावा के डिएंग पठार में स्थित मंदिर भगवान शिव को समर्पित था तथा यहाँ पर स्थित बोरोबुदुर का विशाल बौद्ध स्तूप प्राचीन विश्व की उत्कृष्ठ रचना है। दक्षिण-पूर्व एशिया के कम्बोज में स्थित अंकोरवाट का मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। अतः A असत्य है तथा सत्य है।

89. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में,

अभिकथन A : राजा राममोहन रॉय मुख्य रूप से उपयोगितावादी महत्व के कारण अन्य विश्व के संभावित अस्तित्व को मानने को तैयार थे।
कारण R : राजा राममोहन रॉय ने दर्शाया कि सती प्रथा को धार्मिक स्वीकृति प्राप्त नहीं थी।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
Solution:राजा राममोहन रॉय मुख्य रूप से उपयोगितावादी महत्व के कारण अन्य विश्व के संभावित अस्तित्व को मानने को तैयार थे। उन्होंने दर्शाया की सती प्रथा को धार्मिक स्वीकृति प्राप्त नहीं थी। उन्होंने अपने निबंध "द एब्सट्रेक्ट द आरग्यूमेंटस रिगारडिंग द बर्निंग ऑफ विडोज कंसीडर्ड एज रिलिजियस राइट (1830 ई.) में सती प्रथा के खिलाफ तीन बिन्दुओं को समूहीकृत कियाः-

1. अनिवार्य नहीं, लेकिन अधिक से अधिक वैकल्पिक ।

2. सबसे प्रशंसनीय नहीं, लेकिन सबसे कम पुण्य कार्य जो एक विधवा कर सकती है।

3.चिता पर चढ़ना और आग में प्रवेश स्वैच्छिक होना चाहिए-एक ऐसी विधा जिसका अभ्यास पारंपरिक सती में कभी नहीं किया जाता था।

राजा राममोहन रॉय की शास्त्रीय व्याख्या और हिन्दू शास्त्रों की मदद से उनके तर्को ने ब्रिटिस सरकार को सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर कर दिया। अतः ब्रिटिश गवर्नर जनरल लॉर्ड बैंटिक ने 4 दिसम्बर, 1829 ई. को सती प्रथा को एक दण्डनीय अपराध के रूप में प्रतिबंधित करते हुए सती विनयमन अधिनियम पारित कर दिया।

90. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

 कथन-I : आर.सी. दत्त के अनुसार 1901-02 में गृह शुल्कों में 'ऋण पर ब्याज और ऋण का प्रबंधन' सम्मिलित थे।
कथन-II : आर.सी. दत्त के अनुसार 1901-02 में गृह शुल्कों में 'सैन्य शुल्क (पेन्शन सहित)' सम्मिलित थे।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सही है।
Solution:

रमेश चन्द्र दत्त (आर.सी. दत्त) ने 1901 में 'इण्डियन अंडर अर्ली ब्रिटिश रूल' तथा 1902 में इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इण्डिया इन द विक्टोरियन एज" नामक पुस्तक लिखा। जिसमें औपनिवेशिक भारतीय अर्थव्यवस्था सम्बन्धी नीतियों की क आलोचना की।

उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन न केवल भारत की भौतिक स्थिति सुधारने में विफल रहा, बल्कि उसके समय में भारत का विउद्योगीकरण हुआ। उनके अनुसार, 1901-02 में गृह शुल्कों के अन्तर्गत ऋण पर ब्याज और ऋण का प्रबंधन, सैन्य शुल्क (पेंशन सहित), मेलसेवा पर लागत, टेलीग्राफ लाईन, रेलवे, सार्वजनिक कार्य आदि सम्मिलित थे।