Solution:अंतर धर्म विवाह संघ गांधी जी के रचनात्मक कार्यक्रम का अंग नहीं था। यह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच धर्मांतरण के बिना विवाह को नियंत्रित करता है।
गाँधी जी का मानना था कि राजनीतिक स्वतंत्रता को और अधिक अर्थपूर्ण बनाने के लिए भारतीय सामाजिक संरचना में कुछ कमजोरियाँ हैं जिन्हें सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। गाँधी जी ने सेवाग्राम से बारदोली तक ट्रेन में अपने रचनात्मक कार्यक्रम के बारे में लिखा है तथा इन्होंने सभी कांग्रेसियों और स्वतंत्रता संग्राम में लगे लोगों से इन मुद्दों को पालन करने की अपील की है।
रचनात्मक कार्यक्रम के अंग निम्न हैं - साम्प्रदायिक एकता, अस्पृश्यता निवारण, खादी ग्राम उद्योग संघ, ग्राम स्वंच्छता, तालिमी संघ या बुनियादी शिक्षा, गौ-संरक्षण संघ, प्रौढ़ शिक्षा, प्रांतीय भाषाओं, राष्ट्रभाषा एवं आर्थिक असमानता आदि।