NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift- II

Total Questions: 100

21. 1857 के विद्रोह में निम्नलिखित में से किसके नेतृत्व में पलामू के चेरो और खैरवार एकजुट हुए थे?

Correct Answer: (d) पीताम्बर साही
Solution:1857 के विद्रोह के समय पलामू (Palamau) छोटा- नागपुर पठार का सबसे प्रभावित जिला था। 1857 के विद्रोह में नीलाम्बर तथा पीताम्बर साही बन्धुओं ने पलामू के चारों ओर खरवारों को एकजुट किया था। साही बंधु खरवार जनजाति के भोगवा कबीले के प्रमुख थे, जिनके पास पुश्तैनी जागीरें थी।

1857 के विद्रोह के समय उन्होंने 21 अक्टूबर, 1857 को 500 व्यक्तियों का एक दल गठित किया था। इस दल ने रघुवर दयाल सिंह (चैनपुर) पर हमला कर दिया क्योंकि उसने अंग्रेजों का पक्ष लिया था। अंग्रेजों ने विद्रोह को दबाने के लिए लेफ्टिनेंट ग्राहम को भेजा था किन्तु वे असफल रहें। राँची के कमिश्नर कर्नल डाल्टन ने आंदोलन करने वालों में से एक विद्रोही देवी राय बख्श को पकड़ने में सफलता प्राप्त की तथा धीरे-धीरे विद्रोह को दबा दिया।

उन्होंने पलामू किले पर कब्जा कर लिया। इस प्रकार पलामू का विद्रोह दबा दिया गया। 28 मार्च, 1859 ई. को नीलाम्बर को फाँसी दे दी गई। और पीताम्बर को भारत से आजीवन निष्कासित कर दिया गया।

22. निम्नलिखित में से किसने 'हिन्दुत्व' नामक पुस्तक लिखी ?

Correct Answer: (d) वी.डी. सावरकर
Solution:'हिन्दुत्व' पुस्तक विनायक दामोदर सावरकर द्वारा लिखा गया था। उनके द्वारा लिखित इस पुस्तक से हिंदुत्व के प्रमुखतम अभिलक्षण, सप्तसिंधु से प्रथमतः उदय होने वाला राष्ट्र, बौद्ध धर्म के अभ्युदय तथा इस के कारण 'हिन्दू' नाम को असाधारण महत्व प्राप्त होना आदि जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने कालापानी, मैझिनी चरित्र, 1857 का स्वतंत्रता संग्राम नामक पुस्तकें भी लिखीं। उन्होंने ही सर्वप्रथम 1857 के विद्रोह को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा था। सावरकर ने 1904 ई. में 'अभिनव भारत' नामक संगठन की स्थापना की और 1905 ई. के बंगाल विभाजन के समय पुणे में विदेशी वस्त्रों की होली जलाई थी।

तिलक के कहने पर उन्हें श्यामजी कृष्ण वर्मा छात्रवृत्ति मिली। 10 मई, 1907 ई. में उन्होंने इण्डिया हाउस, लंदन में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की स्वर्ण जयंती मनाई। 1910 तथा 1911 में दो बार उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

23. निम्नलिखित में से कौन सा चौथ आय का भाग नहीं था?

Correct Answer: (d) नाग भाग
Solution:

मराठा प्रशासन में राजस्व के प्रमुख स्रोत चौथ एवं सरदेशमुखी थे। चौथ कुल राजस्व का 25% होता था, जिसको निम्नलिखित भागों में विभाजित किया गया था-

(1) बब्ती राजा अथवा शासक के लिए आरक्षित था यह कुल आय का 25% था।

(2) मोकासा सैनिकों के रख-रखाव के लिए मराठा सरदारों और प्रमुखों को दिया जाता था। यह कुल आय का 66% था।

(3) सहोत्रा - पंत सचिव को दिया जाता था जो कुल आय का 6% था।

(4) नादगौंडा - विभिन्न व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए कुल आय का 3% भाग निर्धारित किया गया था।

24. मलय के ताइपिंग में सितम्बर 1943 में आजाद हिन्द फ़ौज की एक नई रेजिमेंट स्थापित की गई, जिसके सिपाहियों ने इसे ___ ब्रिगेड के नाम से उद्बोधित किया।

Correct Answer: (c) सुभाष ब्रिगेड
Solution:मलय के ताइपिंग में सितम्बर 1943 में आजाद हिन्द फौज की एक नई रेंजीमेंट स्थापित की गई, जिसके सिपाहियों ने इसे 'सुभाष ब्रिगेड' के नाम से उद्घोधित किया। शाहनवाज खान को 'कमाण्डर इन चीफ' नियुक्त किया गया।

'सुभाष ब्रिगेड' एक छापामार ब्रिगेड का नाम था। 24 जनवरी, 1944 को जापान के प्रधान सेनापति के साथ वार्तालाप किया था। शाहनवाज जापानी आक्रमण करने के साथ-साथ कलकत्ता पर बमबारी करना चाहते थे किन्तु सुभाष चन्द्र बोस इसके लिए तैयार नहीं हुए।

इसके पश्चात् सुभाष ब्रिगेड युद्ध संचालन की दृष्टि से वर्मा स्थित जापानी आलाकमान को सौंप दिया गया। 23 फरवरी 1944 को रंगून से सुभाष ने इस ब्रिगेड को जीत हासिल करने के लिए रवाना किया और इस प्रकार आजाद हिन्द फौज 'दिल्ली चलो का नारा' लगाते हुए आगे बढ़ी तथा उसने मोदोक पर कब्जा कर लिया। यहीं राष्ट्रीय झण्डा फहराया गया तथा आई.एन.ए. ने राष्ट्रीय गीत गाया। जब यह युद्ध चल रहा था तब सुभाष ने रंगून रेडियो से गाँधी जी को राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित किया था।

25. निम्नलिखित में से किसको उत्तरी भारत में भूमि बंदोबस्त के जनक के रूप में जाना जाताहै-

Correct Answer: (d) मर्टिन्स बर्ड
Solution:

मर्टिन्स बर्ड को उत्तरी भारत में भूमि बंदोबस्त के जनक के रूप में जाना जाता है। महालवाड़ी व्यवस्था का प्रस्ताव सर्वप्रथम 1819 में हॉल्ट मैकेंजी ने किया था। मैकेंजी के महालवाड़ी प्रस्तावों को 1822 में रेग्यूलेंशन 7 के माध्यम से कानूनी रूप दे दिया गया।

इस रेग्यूलेशन के तहत भूमिकर, भू-उपज का 8% निश्चित किया गया। समय के साथ रेग्यूलेशन 7 को लागू करने में जब कुछ समस्या उत्पन्न होने लगी तो 1833 ई. में विलियम बैंटिक के समय इसे संशोधित करके रेग्यूलेशन 9 पारित किया गया जिसे मर्टिन्स बर्ड और जेम्स थॉमसन ने क्रियान्वित किया। नये अधिनियम में व्यवस्था की अवधि 30 वर्ष रखा गया तथा भू-राजस्व में सरकार का हिस्सा 66% तय किया गया।

महालवाड़ी व्यवस्था ब्रिटिश भारत के कुल क्षेत्रफल के 30% हिस्से पर लागू थी। इस व्यवस्था के अन्तर्गत दक्कन के कुछ जिले, उत्तर भारत (संयुक्त प्रान्त), आगरा, अवध, मध्य प्रांत तथा पंजाब के कुछ हिस्से शामिल थे। 1855 ई. में लार्ड डलहौजी के समय में सहारनपुर नियम के अनुसार लगान की राशि 50% निर्धारित की गई किन्तु इसमें भविष्य की बढ़ोत्तरी को भी ध्यान में रखा गया। फलतः कृषकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया था।

26. निम्नलिखित में से किसके द्वारा भारत के रिशरा में 1855 में प्रथम जूट कताई मिल की स्थापना की गई थी?

Correct Answer: (d) जॉर्ज ऑकलैंड
Solution:

जॉर्ज ऑकलैंड के द्वारा भारत में कोलकाता के पास हुगली नदी पर रिशरा (पश्चिमी बंगाल) में 1855, में प्रथम जूट कताई मिल की स्थापना की गई थी। जूट कताई मशीनरी डंडी (यूके) से इनके द्वारा भारत में लाई गई थी।

1859 में पहली बिजली चालित बुनाई का कारखाना स्थापित किया गया। जूट पूर्वी भारत की सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक फाइबर नकदी खेती के रूप में जाना जाता है तथा यह एक सुनहरा और रेशमी चमक वाला प्राकृतिक फाइबर है। भारत में जूट के कारखानों की संख्या 1885 ई. में 11 से बढ़कर 1947 ई. में 116 हो गयी थी।

27. निम्नलिखित में से कौन सा गांधी के रचनात्मक कार्यक्रम का अंग नहीं था?

Correct Answer: (d) अंतर धर्म विवाह संघ
Solution:

अंतर धर्म विवाह संघ गांधी जी के रचनात्मक कार्यक्रम का अंग नहीं था। यह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच धर्मांतरण के बिना विवाह को नियंत्रित करता है।

गाँधी जी का मानना था कि राजनीतिक स्वतंत्रता को और अधिक अर्थपूर्ण बनाने के लिए भारतीय सामाजिक संरचना में कुछ कमजोरियाँ हैं जिन्हें सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। गाँधी जी ने सेवाग्राम से बारदोली तक ट्रेन में अपने रचनात्मक कार्यक्रम के बारे में लिखा है तथा इन्होंने सभी कांग्रेसियों और स्वतंत्रता संग्राम में लगे लोगों से इन मुद्दों को पालन करने की अपील की है।

रचनात्मक कार्यक्रम के अंग निम्न हैं - साम्प्रदायिक एकता, अस्पृश्यता निवारण, खादी ग्राम उद्योग संघ, ग्राम स्वंच्छता, तालिमी संघ या बुनियादी शिक्षा, गौ-संरक्षण संघ, प्रौढ़ शिक्षा, प्रांतीय भाषाओं, राष्ट्रभाषा एवं आर्थिक असमानता आदि।

28. निम्नलिखित में से किसने 'धर्म तृतीय रत्न' (एक्सपोजर ऑफ द पुराणाज) की रचना की थी?

Correct Answer: (a) ज्योतिबा फूले
Solution:

ज्योतिबा फुले ने 1885 ई. में 'धर्म तृतीय रत्न (एक्सपोजर ऑफ द पुराणाज) की रचना की थी। 19वीं सदी के प्रख्यात समाज सुधारक और विचारक ज्योतिबा फूले ने समाज के निचले तबके की लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया था।

उन्होंने जाति-विरोधी आंदोलन का भी नेतृत्व किया और महिलाओं के लिए शिक्षा को बढ़ावा दिया। 1873 ई. को ज्योतिबा फुले ने महिलाओं, शूद्र और दलित समूहों के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 'सत्यशोधक समाज' का गठन किया। इनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में गुलामगिरी (गुलामी) और शेतकरायाचा आसुद (कल्टीवेटर व्हिपकार्ड) शामिल हैं।

29. निम्नलिखित में से कौन सा जर्मन अध्येता है, जिसने किसी भी भारतीय भाषा को सीखे बिना भारतीय बौद्धिक इतिहास पर विस्तार से लिखा था?

Correct Answer: (c) जी.डब्ल्यू.एफ. हेगेल
Solution:

जर्मन अध्येता जी.डब्ल्यू.एफ. हेगेल ने किसी भी भारतीय भाषा को सीखे बिना भारतीय बौद्धिक इतिहास पर विस्तार से लिखा था। दार्शनिक आंदोलनों का संग्रह जो 19वीं शताब्दी में इनके विचार से विकसित हुआ था।

हेगेल एक महान दार्शनिक होने के साथ-साथ एक विद्वान लेखक भी था। उसने दर्शन, राजनीति, अध्यात्म, कला व इतिहास आदि क्षेत्रों में अपना लेखन कार्य किया। हेगेल की पुस्तक 'फिनोमिनोलॉजी ऑफ स्पिरिट' यह दार्शनिक विचारों का निचोड़ है।

'फिलोसॉफी ऑफ हिस्ट्री' पुस्तक का प्रकाशन हेगेल की मृत्यु के बाद हुआ। हेगेल का ब्रह्म किसी हद तक श्री रामानुजाचार्य के ईश्वर से मिलता जुलता है तथा वे इनकी तरह ब्रह्म के सजातीय विजातीय भेद तो नहीं मानते, परंतु उसमें स्वतगभेद अवश्य स्वीकार करते हैं।

30. निम्नलिखित में से किसने 'मनोइतिहास' (साइको- हिस्ट्री) के प्रादुर्भाव को प्रेरित किया?

Correct Answer: (d) सिग्मंड फ्राइड
Solution:

सिग्मंड फ्राइड ने 'मनोइतिहास' (साइको हिस्ट्री) के प्रादुर्भाव को प्रेरित किया था। मनो इतिहास ब्रह्मांड में एक काल्पनिक विज्ञान है जो इतिहास, समाजशास्त्र और गणितीय आँकड़ों को जोड़ता है। ताकि लोगों के बहुत बड़े समूहों के भविष्य के व्यवहार के बारे में सामान्य भविष्य वाणियाँ की जा सके। इसे पहली बार 4 लघु कथाओं में 1942-44 के दौरान पेश किया गया था।