NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift- II

Total Questions: 100

41. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही है?

(A)  मुस्लिम लीग के कराची अधिवेशन के 'बांटो और छोड़ो' (डिवाइड एंड क्विट) नारे को अंगीकार किया था।
(B)  भारतीय नौसैनिक रेटिंग्स का विद्रोह बॉम्बे में फरवरी, 1946 में शुरू हुआ था।
(C)  1946 लॉर्ड माउंटबेटन ने अगस्त, 1946 में एक अंतरिम सरकार का गठन करने के लिए नेहरू को आमंत्रित किया था।
(D) 1938 वी. डी. सावरकर को 1938 में हिन्दू महासभा का अध्यक्ष चुना गया था।
(E) लॉयड जॉर्ज ने 'स्टील फ्रेम' भाषण दिया था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (b) केवल A, B, D,E
Solution:

लार्ड माउंटबेटन ने 2 सितम्बर 1946 को एक अंतरिम सरकार का गठन करने के लिए पं. जवाहर लाल नेहरू को आमंत्रित किया था। 1943 ई. में मुस्लिम लीग ने कराची अधिवेश में 'बांटो और छोड़ों' नारे को अंगीकार किया था।

भारतीय नौ सेना का विद्रोह बम्बई में 18 फरवरी 1946 ई. को प्रारम्भ हुआ था। हिन्दू महासभा का अध्यक्ष 1937 ई.में वी.डी. सावरकर को चुना गया था। लॉयड जार्ज ने 'स्टीक फ्रेम' भाषण दिया हुआ था।

42. निम्नलिखित में से कौन-से वक्तव्य सही हैं -

(A) कनिष्क बौद्ध धर्म की महायान शाखा का अनुयायी था।
(B)  बौद्ध महासंघ (परिषद) कश्मीर में आयोजित हुई थी।
(C) कनिष्क ने तक्षशिला का निर्माण करवाया था।
(D)  यूनानी वास्तुविद एजिसाल द्वारा पेशावर में स्तूप का निर्माण किया गया था।
(E) नागार्जुन और अश्वघोष कनिष्क के समकालीन थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) केवल A, B, D और E
Solution:

एक परंपरा के अनुसार अयोध्या के राजा श्रीराम के भाई भरत के पुत्र तक्ष ने तक्षशिला की स्थापना की थी। प्रसिद्ध कुषाण शासक कनिष्क बौद्ध धर्म की महायान शाखा का अनुयायी था।

उसी ने कश्मीर के कुण्डलवन में चतुर्थ बौद्ध संगीत का आयोजन किया था। कनिष्क की राजसभा में नागार्जुन और अश्वघोष निवास करते थे। कनिष्क के काल में यूनानी वास्तुविद एजिसाल द्वारा पेशावर में स्तूप का निर्माण किया गया था।

43. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :

सूची-Iसूची-II
A. सामान्य सेवा भर्ती अधिनियमII. 1856
B. धार्मिक असक्षमता अधिनियमIII. 1850
C. पोस्ट ऑफिस अधिनियमIV. 1854
D. भारतीय शस्त्र अधिनियमI. 1878

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:सही सुमेलन है-
सूची- Iसूची- II
सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम1856
धार्मिक असक्षमता अधिनियम1850
पोस्ट ऑफिस अधिनियम1854
भारतीय शस्त्र अधिनियम1878

44. औरंगजेब के शासनकाल के दौरान संगीत की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) फकीरुल्ला ने 'राग दर्पण' शीर्षक संगीत प्रबंध की रचना की
(B) औरंगज़ेब की पुत्री जेबुन्निसा संगीत की संरक्षिका थी
(C) औरंगजेब के शासनकाल के दौरान नक्शबंदियों ने संगीत का परित्याग कर दिया
(D) मुहम्मद आजम ने संगीत को अत्यधिक आघात पहुँचाया
(E) टैवर्नियर ने औरंगजेब के शासन काल के दौरान संगीत की स्थिति के संदर्भ में उल्लेख नहीं किया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (a) केवल A,B
Solution:मुगल शासक औरंगजेब संगीत व नृत्य विरोधी था। उसके काल में संगीत का विकास अवरुद्ध हो गया। हाँलाकि व्यवहारिक रूप में संगीत व नृत्य चलते रहे। औरंगजेब खुद एक कुशल बीणावादक था।

औरंगजेब के संरक्षण में फकीरुल्लाह ने मानकुतहूल का अनुवाद राग दर्पण नाम से किया तथा इसे औरंगजेब को समर्पित किया। औरंगजेब के समय में फारसी भाषा में भारतीय शास्त्रीय संगीत पर सर्वाधिक पुस्तकें लिखी गयी। इसी प्रकार औरंगजेब की पुत्री जेबुन्निसा ने भी संगीत को संरक्षण दिया।

45. इक्ता पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन से कथन सही हैं?

(A) इक्ता पद्धति गौरी साम्राज्य से प्रत्यक्षतः दिल्ली सल्तनत द्वारा ली गई थी।
(B) मिन्हाजे सिराज की तबकात-ए-नासिरी हमें अनेक साक्ष्य प्रदान नहीं करती हैं कि 13वी सदी के दौरान इक्ता पद्धति कैसे कार्य करती थी।
(C) प्रत्येक इक्ता में शहना या अधीक्षक की नियुक्ति की जाती थी।
(D) बलबन ने इक्ता पर शाही नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे।
(E) इक्ता पद्धति फारसी प्रशासन की प्रतिकृति थी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (a) केवल A, D
Solution:

भारत में इक्ता प्रणाली की सुव्यवस्थित रूप से शुरुआत करने का श्रेय इल्तुतमिश को दिया जाता है। यह इक्ता पद्धति गौरी साम्राज्य से प्रत्यक्षतः दिल्ली सल्तनत द्वारा अपनायी गयी थी। इक्ता के अधिकारी इक्तादार कहलाते थे।

इन्हें मुक्ता व वली भी कहा जाता था। ये संबन्धित क्षेत्र से भूराजस्व का संग्रह करते थे और उस क्षेत्र का प्रशासन देखते थे। आगे चलकर बलबन ने इक्ता पर शाही नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के लिए ख्वाजा नामक अधिकारी की नियुक्ति की थी।

46. अकबर के मकबरे के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से कथन सही हैं?

(A)  मकबरा एक बहुमंजिला संरचना है
(B) जहाँगीर ने वर्ष 1614 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण किया था
(C) पहली तीन मंजिले स्तंभ वाली हैं
(D) ऊपरी मंजिल सफेद संगमरमर से निर्मित है
(E) मकबरे का आधार जहाँगीर के मकबरे के समान है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (d) केवल A, B, C, D
Solution:

अकबर का मकबरा 1614 ई. में बना जो जहाँगीर के काल में निर्मित पहली इमारती संरचना है। यह मकबरा सिकंदरा में स्थित है। इस मकबरे में कुल 5 मंजिले हैं। अकबर की कब्र पहली मंजिल पर है। इसकी पहली 3 मंजिले स्तंभों वाली हैं। तथा ऊपरी मंजिल सफेद संगमरमर से निर्मित की गयी हैं।

यह अपने प्रकार का अनूठा मकबरा है जो गुम्बद विहीन है। इस मकबरे पर ईश्वर के 99 नामों का उल्लेख हुआ है। अकबर का मकबरा बौद्ध शैली के अधिक नजदीक है, इस मकबरे का द्वार मक्का की ओर न होकर पूर्व की ओर है।

47. मुगल चित्रकला शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन से कथन सही हैं?

(A) शाही पेंटिंग (चित्रकला) मुगल शासकों की वरीयता से प्रभावित नहीं थी।
(B) बाबर ने पेंटिंग (चित्रकला) हेतु एक कार्यशाला स्थापित की।
(C) प्रलेखन के प्राचीनतम उदाहरण हुमायूँ के शासनकाल के दौरान पाये जाते हैं।
(D) शाही मुगल चित्रकार भारत, फारस और मध्य एशिया से थे।
(E) हुमायूँ मुगल चित्रकला के विस्तार हेतु उत्तरदायी था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (c) केवल C, D
Solution:

मध्यकालीन भारत में चित्रकला का वास्तविक विकास मुगलों के शासनकाल में हुआ। मुगल चित्रकला शैली के विषय मुख्यतया शाही दरबार, सांस्कृतिक दृश्य, पौराणिक कथाएं व प्राकृति जीवन से संबन्धित होती थी। मुगल बादशाहों में अकबर ने चित्रकला के लिए एक अलग कार्यशाला स्थापित किया था। शाही मुगल चित्रकार भारत फारस और मध्य एशिया तीनों से संबन्धित होते थे।

48. दिल्ली सल्तनत के दौरान धन एवं मूल्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) दिल्ली सल्तनत की स्थापना ने धन के प्रसार में द्रुत परिवर्तन चिन्हित किया
(B) दिल्ली सल्तनत की स्थापना के पूर्व पंजाब एवं दिल्ली क्षेत्र की सामान्य मुद्रा देहलीवाल कहलाती थी।
(C) इल्तुतमिश ने लगभग 170 ग्रेन के तांबे से बने टंका का प्रारंभ किया
(D) पंजाब एवं दिल्ली क्षेत्र के आरंभिक सिक्कों का उल्लेख 1198 के कुत्व मस्जिद अभिलेख में है।
(E) कन्नौज के गहड़वालों ने कुछ सोने के सिक्के जारी किए जिस पर सरस्वती का चित्र है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (a) केवल A, B, D
Solution:

भारत में दिल्ली सल्तनत की स्थापना के साथ पुनः नगरीकरण की शुरुआत होती है। दिल्ली सल्तनत की स्थापना ने धन के प्रसार में द्रुत परिवर्तन चिन्हित किया। दिल्ली सल्तनत की स्थापना के पूर्व पंजाब एवं दिल्ली क्षेत्र की सामान्य मुद्रा देहलीवाल कहलाती थी।

कन्नौज के गहड़वालों ने कुछ सोने के सिक्के जारी किए जिस पर लक्ष्मी का चित्र अंकित है। आगे चलकर इल्तुतमिश ने लगभग 175 ग्रेन के चाँदी से बना सिक्का टंका को प्रारम्भ किया। पंजाब एवं दिल्ली क्षेत्र के आरम्भिक सिक्कों का उल्लेख 1198 ई. के कुत्व मस्जिद अभिलेख में है।

49. अकबर को व्यापक मात्रा में आर्टिलरी उत्तराधिकार में प्राप्त हुई थी जिसमें निम्नलिखित शामिल थेः

A. तुफांग
B. तोप
C. डेग
D. ब्यूतात
E. जर्बजान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेः

Correct Answer: (b) केवल A, B, C, E
Solution:

अकबर को व्यापक मात्रा में तोपों (आर्टिलरी) उत्तराधिकार में प्राप्त हुई थी जिनमें तुफांग, तोप, डेग और जर्बजान प्रमुख रूप से शामिल थी। अकबर के काल में तोपे युद्ध में प्रमुखता से शामिल किए जाने लगी थीं क्योंकि एक तरफ तोपों की मदद से सुदृढ़ किलों को ध्वस्त किया जा सकता था जो दूसरी तरफ इससे विरोधी सेनाओं को भी काफी क्षति पहुँचायी जा सकती थी। मुगल काल में भारी तोपों को जिन्सी तोप तथा हल्की तोपों को दस्ती तोप कहते थे। अकबर ने, तोपों की नाल को साफ करने की मशीन यरधु बनवाई थी कबीर एवं हुसैन अकबर के तोपची एवं बन्दुकची थे।

50. बायजीद रौशन ने सूफी मार्ग और उसके आठ सोपानों के अनुसरण का प्रबल समर्थन किया, नीचे दी गई तालिका में निम्नलिखित में से कौन से शामिल हैं?

A. शरी अत
B. तरीक़त
C. हक़ीक़त
D. मारिफ़त
E. बुसलत
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (d) A, B, C, D,E
Solution:

प्रसिद्ध सूफी बायजीद रौशन ने सूफी मार्ग और उसके 8 सोपानों के अनुसरण का प्रबल समर्थन किया था। इन 8 सोपानों में प्रमुख रूप से शरीअत, तरीक़त, हक़ीकत, मारिफ़त, वुसलत आदि शामिल थे। बयाजीद अपने मजबूत सूफी प्रभावों के साथ अपनी दार्शनिक सोच के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने रोशनी आंदोलन का गठन किया था जिसका एक केन्द्रीय सिद्धांत था प्रत्येक पुरुष और महिला की समानता। 16 वीं सदी में पश्तो साहित्य का विकास बायजीद के खैर-उल-बयान से शुरू हुआ। बायजीद एक अफगानी थे।