NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift- II

Total Questions: 100

51. शेरशाह के आरंभिक जीवन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A)  उसके दादा घोड़ों के छोटे व्यापारी जो अफगानिस्तान से आए थे
(B) उसके पिता हसन अफगान लुटेरों के सरदार के रूप में उभरे थे
(C) हसन को नारनौल परगना का प्रभारी नियुक्त किया गया था
(D) फरीद को बंगाल के सेनानायक ताज खान के अधीन नौकरी मिली
(E) उसने अपने पिता हसन को नौकरी से निकालने के लिए ताज खान को याचिका सौंपी
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Correct Answer: (b) केवल A, B, C
Solution:

शेरशाह के बचपन का नाम फरीद था। शेरशाह के दादा का नाम इब्राहिम खाँ सूर था जो घोड़े के छोटे व्यापारी थे और अफगानिस्तान से आए थे। शेरशाह के पिता का नाम हसन खाँ था जो अफगान लुटेरों के सरदार के रूप में उभरे थे।

हसन खाँ को नारनौल परगना का प्रभारी नियुक्त किया गया था। फरीद दक्षिणी बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी के अधीन नौकरी करने लगा। उसने अपने पिता हसन खाँ को नौकरी से निकालने के लिए दिल्ली के लोदी सुल्तान को याचिका सौंपी थी।

52. निम्नलिखित में से कौन-से वक्तव्य सही हैं?

(A) स्कन्दगुप्त ने क्रमादित्य और विक्रमादित्य की उपाधि ग्रहण की।
(B) सोमदेव के कथासरित्सागर में मलेंच्छों के पराजय का विवरण मिलता है।
(C) णों ने गुप्त सत्ता को 6वीं शताब्दी में चुनौती दी थी।
(D) कुमारगुप्त द्वितीय अपने पिता पुरुगुप्त के उत्तराधिकारी बने।
(E) अपसद अभिलेख में गुप्तकाल के कई राजाओं का उल्लेख मिलता है।
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Correct Answer: (c) केवल A, B, C, E
Solution:कुमारगुप्त द्वितीय का जन्म राजा नरसिंह गुप्त की रानी महालक्ष्मी देवी से हुआ था। कुमारगुप्त द्वितीय, नरसिंह गुप्त के बाद राजा बना था इसके समय में मालव संवत 529 में मंदसौर, दशपुर में सूर्यमंदिर का निर्माण हुआ था। स्कन्दगुप्त की मुद्राओं पर क्रमादित्य, परमभागवत व विक्रमादित्य की उपाधियाँ मिलती हैं।

स्कन्दगुप्त द्वारा प्रचलित ताँबे का कोई भी सिक्का नहीं मिलता है। सोमदेव के कथासरित्सागर में वर्णन किया गया है कि उज्जयिनी के विक्रमादित्य (स्कन्दगुप्त) ने म्लेंच्छों को जीता था। अपसद अभिलेख में गुप्त नरेश कुमारगुप्त मौखरी नरेश ईशानवर्मा का समकालीन था और महासेन गुप्त कामरूप के राजा सुस्थितवर्मा का समकालीन था इस तरह गुप्तकाल के कई राजाओं का उल्लेख मिलता है।

भारत पर हूणों का पहला आक्रमण गुप्त सम्राट स्कन्दगुप्त (455-467 ई.) के शासन काल में हुआ लेकिन स्कन्दगुप्त के हाथों उनकी हार हुई और उनका अभियान असफल रहा। यह आक्रमण एक धावा मात्र था और इसका तात्कालिक प्रभाव गुप्त साम्राज्य पर नहीं पड़ा था। इसके बाद हूणों का दूसरा आक्रमण तोरमाण के नेतृत्व में 6वीं शताब्दी में बुद्धगुप्त के शासन काल में किया गया और तोरमाण ने कुछ क्षेत्रों पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया।

53. निम्नलिखित में से कौन-से वक्तव्य सही हैं?

(A) जैन गुरु महावीर भगवान बुद्ध के समकालीन थे।
(B) अहिंसा के सिद्धांत का प्रतिपादन महावीर ने किया था।
(C) विनय पिटक बौद्ध धर्म के दर्शन की शिक्षा देने वाले ग्रंथ हैं।
(D)  भगवान महावीर का जन्म आधुनिक बिहार के पाटलिपुत्र के निकट हुआ था।
(E) अनेकान्तवाद जैन दर्शन का एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त है।
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Correct Answer: (d) केवल A, B, D, E
Solution:विनय पिटक में बौद्ध संघ सम्बन्धी नियम भिक्षु भिक्षुणियों के आचार विचार तथा विधि निषेधों का संग्रह है। इसी पिटक में महावीर व बुद्ध को समकालीन बताया गया है। महान सुधारक महावीर वर्धमान और गौतम बुद्ध के जन्म और मृत्यु का सही समय बता पाना मुश्किल है। लेकिन एक परम्परा के अनुसार महावीर स्वामी का जन्म 599 ई. पू. विदेह की राजधानी वैशाली (आधुनिक बसाढ़) के कुण्डग्राम में हुआ था।

इसके निकट आधुनिक बिहार का शहर पाटलिपुत्र (पटना) स्थित है। अहिंसा जैन धर्म का प्रमुख सिद्धान्त (व्रत) है जिसमें सभी प्रकार के अहिंसा के पालन पर बल दिया गया है। अहिंसा के पूर्ण पालन के लिए निम्नलिखित आचारों (व्यवहारों) के पालन के लिए इर्या समिति, भाषा समिति, एषणा समिति, आदान-निक्षेप समिति, व्युत्सर्ग समिति के लिए निर्देश दिया गया है। महावीर ने भिक्षुओं के लिए 5 व्रतों का विधान किया था-

1. अहिंसा, 2. सत्य, 3. अस्तेय (चोरी न करना), 4. अपरिग्रह (धन संचय का त्याग), 5. ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य किया था। जबकि महावीर के पूर्व के तीर्थंकर पार्श्वनाथ ने ब्रह्मचर्य व्रत का उल्लेख नहीं किया था। अनेकान्तवाद जैन दर्शन का महत्वपूर्ण सिद्धांत है। बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध को जन्म नेपाल की तराई में स्थित कपिलवस्तु के लुम्बिनी गाँव में शाक्य क्षत्रिय कुल में 563 ई.पू. में हुआ था।

54. निम्नलिखित में से कौन-से वक्तव्य सही हैं?

(A) खोतान जैन सम्प्रदाय का महत्वपूर्ण केन्द्र है।
(B) पाणिनी की अष्टाध्यायी में यौधेय का उल्लेख मिलता है।
(C) मालवा- कालीन सिक्के प्रचुर मात्रा में नागर में मिले थे
(D) मालवा-सिक्कों पर तत्कालीन शासकों के चिह्न प्राप्त होते हैं
(E) नागा सर्पों की पूजा करने वाले प्राचीन भारतीय जनजाति के लोग थे।
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Correct Answer: (d) केवल B, C, D, B
Solution:

चीनी यात्री फाहियान ने अपने यात्रा के दौरान खोतान में लगभग 14 बौद्ध विहार को देखा था। पाणिनी की अष्टाध्यायी में शुद्रक, मालव, यौधेय, सत्वत, अंधक, वसाति, आर्जुनायन, शिवि, मरु आदि जनपदों का उल्लेख मिलता है। मालवों का मूल स्थान पंजाब था किंतु यहाँ से मालवों के एक बड़े हिस्से का प्रव्रजन राजस्थान क्षेत्र में हुआ।

उनकी राजधानी 'मालवनगर' थी जिसे आधुनिक नाम नागर (टोंक, राजस्थान) से अंकित किया जाता है। नागर में मालवों की टकसाल थी। यहां से 6 हजार ताम्र के सिक्के मिले है। मालव सिक्कों पर तत्कालीन शासकों के चिन्ह प्राप्त होते हैं। नागा जनजाति नागालैण्ड में निवास करती है। यह जनजाति नागों (सर्पों) की पूजा करने वाले प्राचीन भारतीय जनजाति थी।

55. निम्नलिखित में से कौन से संत वरकरी पंथ से संबंधित थे?

(A) ज्ञानेश्वर
(B) नामदेव
(C) निम्बार्क
(D) माधव
(E)  तुकाराम
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Correct Answer: (b) केवल A, B, E
Solution:महाराष्ट्र धर्म दो सम्प्रदायों में विभाजित था -
वरकरी पंथ - ज्ञानेश्वर, नामदेव तथा तुकाराम ।
धरकारी पंथ - रामदास एवं एकनाथ।
ज्ञानेश्वर का जन्म आपेगाँव में हुआ था। उन्हें वरकरी पंथ में विष्णु का अवतार एवं मराठी साहित्य का जनक माना जाता हैं। नामदेव का महाराष्ट्र धर्म के उदय में महत्वपूर्ण योगदान है, इन्होंने ब्राह्मणों की सत्ता को चुनौती दी एवं जाति प्रथा का विध किया। नामदेव ने वरकरी पंथ की विचारधारा को लोकप्रिय बनाया। वे विठोबा के परम भक्त थे। नामदेव के कुछ पद गुरु ग्रन्थ साहिब (आदिग्रन्थ) में संकलित है। तुकाराम को महाराष्ट्र का कबीर कहा जाता है। ये जहाँगीर के समकालीन थे। तुकाराम ने वरकरी पंथ की स्थापना की। जबकि धरकरी पंथ की स्थापना शिवाजी के आध्यात्मिक गुरु रामदास ने किया था।

56. निम्नलिखित वक्तव्यों में से कौन-से सही हैं?

(A) रामायण के समालोचनात्मक संस्करण के अंग्रेजी अनुवाद के मुख्य संपादक आर.पी. गोल्डमन है।
(B) यह अनुवाद भण्डारकर ओरियन्टल रिसर्च इन्स्टीट्‌यूट के तत्वावधान में पूर्ण हुआ।
(C) रामायण के रचयिता वाल्मीकि थे।
(D) कम्बन ने बारहवीं शताब्दी में तमिल भाषा में इरामावतारम् रामायण की रचना की थी।
(E)  थाई भाषा में रचित रामायण का नाम रामकियन है।
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Correct Answer: (c) केवल A, C, D, E
Solution:

रामायण को आदि काव्य तथा उसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को आदि कवि माना जाता है। रामायण के वर्तमान स्वरूप में चौबीस हजार श्लोक है जिससे इसे चतुर्विशशतिसाहस्त्रीसंहिता कहा गया है। बारहवीं शताब्दी के कम्बन ने तमिलभाषा में इरामावतारम् रामायण की रचना की।

थाइलैण्ड के नागरिकों का यह गहरा विश्वास है कि रामायण की कई घटनाएँ उनके अपने देश में घटी थी। और थाइलैण्ड की अपनी स्थानीय भाषा थाई में रामायण भी लिखी है जिसे रामकियेन के नाम से जाना जाता है। रामायण के समालोचनात्मक संस्करण का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद के मुख्य संपादक आर.पी. गोल्डमन थे। रामायण का फारसी अनुवाद मुल्ला अब्दुल कादिर बदायूनी ने किया।

57. निम्नलिखित वक्तव्यों में से कौन-से सही हैं?

(A) गौतमी पुत्र शातकर्णी और समुद्रगुप्त की प्रशस्तियों में शक का उल्लेख मिलता है।
(B) शकस्थान का उल्लेख संभवतः महामायुरी में मथुरा के सिंह स्तम्भ अभिलेख में और कदम्ब मयूरशर्मन के चन्द्रावली शिलालेख में मिलता है।
(C) जैन ग्रन्थ कालकाचार्य कथानक में शक राजाओं को शाही कहा गया है।
(D) हरिवंश पुराण में वर्णित है, कि शक शासक अपने सिर के आधे बालों को मुढ़वा देते थे।
(E) शक राजकुमारों के नाम वज्जि के कई अभिलेखों में प्राप्त होते हैं।
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Correct Answer: (a) केवल A, B, C, D
Solution:

शकों के प्रारम्भिक इतिहास की जानकारी हमें चीनी स्रोतों, भारतीय पुराण शास्त्रों, अभिलेखों, दानपत्रों आदि से होती है। रामायण, महाभारत में शकों के साथ यवन, पहलव आदि जैसी विदेशी जातियों का भी उल्लेख मिलता है। गार्गी संहिता, देवी चन्द्रगुप्तम्, हर्षचरित, काव्यमीमांसा आदि जैसे ग्रंथों से भी शकों के विषय में जानकारी प्राप्त होती है।

गौतमीपुत्र शातकर्णी और समुद्रगुप्त की प्रशस्तियों में शकों का उल्लेख मिलता है, जैन ग्रंथ कालकाचार्य कथानक में इन्हें शाही कहा गया है। हरिवंश पुराण में वर्णित है कि शक शासक अपने सिर के आधे बालों को मुढ़वा देते थे। भारतीय साहित्य में शकों के निवास स्थान को शकद्वीप महामायूरी एवं मथुरा सिंह स्तम्भ अभिलेख और कदम्ब के मयूरशर्मन के चन्द्रावली शिलालेख में मिलता है।

58. निम्नलिखित में से कौन से सही हैं?

(A) भारत में प्रथम समाचार-पत्र 'बंगाल गजट' को 'कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर' के नाम से भी जाना जाता था।
(B)  सरकारी अधिकारियों की आलोचना और गवर्नर जनरल पर हमले के कारण 'बंगाल गजट' के प्रेस की जब्ती हुई।
(C) प्रेस सेंसरशिप अधिनियम नियंत्रण वर्ष 1809 में लागू हुआ।
(D) वर्ष 1823
का लाईसेंसिंग विनिमयन कार्यकारी गवर्नर जनरल जॉन एडम्स द्वारा आरम्भ किया गया था। (E)  प्रेस अधिनियम 1835 ने वर्ष 1823 के आपत्तिजनक अध्यादेश को रद्द किया।
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Correct Answer: (d) केवल A, B, D और E
Solution:

भारत में प्रथम समाचार पत्र जेम्स आगस्टस हिक्की द्वारा 1780 में 'बंगाल गजट' नाम से प्रकाशित करवाया गया था, जिसे 'कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर' नाम से भी जाना जाता है। किन्तु सरकार के प्रति आलोचनात्मक रवैया अपनाने के कारण 1872 में इसका मुद्राणालय जब्त कर लिया गया।

समाचार पत्रों पर प्रेस सेंसरशिप अधिनियम, 1799 ई. में पारित हुआ था। लाइसेंसिंग विनियमन, 1823 ई. में कार्यकारी गवर्नर जनरल जॉन-एडम्स द्वारा प्रारम्भ किया गया, जिसके तहत बिना अनुज्ञप्ति लिए प्रेस की स्थापना या उसका उपयोग दंडनीय अपराध माना गया। प्रेस अधिनियम या मेटकॉफ अधिनियम, 1835 ने 1823 के आपत्तिजनक अध्यादेश को रद्द कर दिया जिसके कारण चास मेटकॉफ को “भारतीय समाचार पत्रों के मुक्तिदाता" की संज्ञा दी गई।

59. निम्नलिखित वक्तव्यों में कौन-से सही हैं?

(A) श्वेताश्वतर उपनिषद में शिव को वैदिक देवताओं से बड़ा बताया गया है।
(B)  आपस्तम्ब गृह्यसूत्र और कौटिल्य के अर्थशास्त्र में शिव को अवर देवताओं की श्रेणी में गिना गया है।
(C) पांचाल राजा विष्णुमित्र के सिक्कों में विष्णु वासुदेव की प्रतिमा को चतुर्भुज रूप में दर्शाया गया है, जिनके एक बाएँ हाथ में चक्र दर्शाया गया है।
(D)  अंगुत्तर निकाय में वर्णन मिलता है, कि आजीवकों ने पुंडू देश में अपनी गतिविधियों का केन्द्र स्थापित किया।
(E) अथर्वशिरस उपनिषद् में गणेश को विनायक कहा गया है।
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Correct Answer: (d) केवल A, B, C, E
Solution:

श्वेताश्वर उपनिषद में नवधाभक्ति का उल्लेख मिलता है। इसी उपनिषद में शिव को वैदिक देवताओं से बड़ा बताया गया है तथा परमात्मा को रूद्र तथा जगत को माया कहा गया है। आपस्तम्ब, गृह्यसूत्र और कौटिल्य के अर्थशास्त्र में शिव को अवर देवताओं की श्रेणी में गिना गया है।

पांचाल राजा विष्णुमित्र के सिक्कों में विष्णु-वासुदेव की प्रतिमा को चतुर्भुज रूप में तथा बाएँ हाथ में चक्र के रूप में दर्शाया गया है। अथर्वशिरस उपनिषद में गणेश को विनायक कहा गया है। नोट- मक्खलिपुत्र गोशाल ने आजीवक सम्प्रदाय की स्थापना की। भगवती सूत्र में गोशाल तथा महावीर के बीच हुए हिंसक संघर्ष का वर्णन मिलता है। श्रावस्ती आजीवक मत का तथा मक्खलीपुत्र गोशाल की गतिविधियों का प्रधान केन्द्र था, न की पुड़ देश।

60. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) 1865 का वन अधिनियम वन उपयोगकर्ताओं के प्रचलित अधिकारों के आदर की आवश्यकता को मानते हुए वन संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए जिसकी तात्कालिक रूप से आवश्यकता थी, उसके लिए राज्य को नाममात्र रूप से सशक्त किया।
(B) 1878 के वन अधिनियम ने वनों को 'आरक्षित' और 'संरक्षित' की मूल श्रेणियों में स्थापित किया।
(C) 1878 के वन अधिनियम के अंतर्गत आरक्षित वनों पर अनन्य रूप से राज्य का एकाधिकार हो गया।
(D) 1878 के वन अधिनियम के अंतर्गत आरक्षित वन में कटन एवं जलन स्थानांतरण करने की लोगों की अनुमति थी।
(E) 1878 के वन अधिनियम के अंतर्गत आरक्षित वन में चराई करने की अनुमति दी गई थी।
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Correct Answer: (b) केवल A, B और C
Solution:

1865 का वन अधिनियम वन उपयोगकर्ताओं के प्रचलित अधिकारों के आदर की आवश्यकता को मानते हुए वन संसाधनों पर नियंत्रण बनाये रखने के लिए जिसकी तात्कालिक रूप से आवश्यकता थी, उसके लिए राज्य को नाममात्र रूप से सशक्त किया।

1878 के वन अधिनियम के अनुसार वनों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था- आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वन । इस वन अधिनियम के अन्तर्गत आरक्षित वनों पर अनन्य रूप से राज्य का एकाधिकार हो गया। आरक्षित वन में कटन एवं जलन स्थानान्तरण करने की लोगों को अनुमति नहीं थी। तथा 1878 के वन अधिनियम के अन्तर्गत आरक्षित वन में लोगों को चराई करने की भी अनुमति नहीं दी गई थी। इस प्रकार D एवं E कथन असत्य है।