NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (इतिहास) Shift- II

Total Questions: 100

81. निम्नलिखित शासकों को उनके कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. मुइज्जुद्दीन कैकुबाद
B. शम्सुद्दीन इल्तुतमिश
C. अलाउद्दीन खिलजी
D. गयासुद्दीन बलबन
E. जलालुद्दीन खिलजी
नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) B, D, A, E, C
Solution:शासकों का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
(i)शम्सुद्दीन इल्तुतमिश 1211 - 1236 ई.
(ii) गयासुद्दीन बलबन 1266 -1286 ई.
(iii) मुइज्जुद्दीन कैकुबाद 1287 -1290 ई.
(iv)जलालुद्दीन खिलजी 1290 - 1296 ई.
(v) अलाउद्दीन खिलजी - 1296 - 1316 ई.

82. निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमनुसार व्यवस्थित कीजिए।

(A) एक अवर न्यायाधीश (पियूत्रे जज ) के रूप में हाईड के साथ उच्चतम न्यायालय का गठन किया गया।
(B)  गवर्नर जनरल के परिषद पर प्राप्त अपनी अध्यारोही शक्ति का विस्तार भावी गवर्नर जनरल और गवर्नरों तक किया गया।
(C) गवर्नर जनरल परिषद् द्वारा निर्मित नियमों और विनियमों को उच्चतम न्यायालय में पंजीकृत नहीं किया जाना चाहिए।
(D) नियंत्रण बोर्ड की स्थापना की गई थी।
(E) गवर्नर जनरल को गवर्नर जनरल और सेनापति (कमांडर-इन-चीफ) दोनों की शक्तियां प्रदान की गई थीं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (d) A, C, D, E, B
Solution:घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
(i) एक अवर न्यायाधीश (पियूस्त्रे जज) के रूप में हाईड के साथ उच्चतम न्यायालय का गठन किया गया रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1773

(ii) गवर्नर जनरल परिषद द्वारा निर्मित नियमों और विनियमों को उच्चतम न्यायालय में पंजीकृत नहीं किया जाना चाहिए - रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1773 के तहत 1774 ई.में

(iii) नियंत्रण बोर्ड की स्थापना पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 ई.

(iv) गवर्नर जनरल को गवर्नर जनरल और सेनापति (कमांडर-इनचीफ) दोनों की शक्तियाँ प्रदान किया जाना अधिनियम, 1786 ई.

(v) गवर्नर जनरल के परिषद् पर प्राप्त अपनी अध्यारोही शक्ति का विस्तार भावी गवर्नर जनरल और गर्वनरों तक किया जाना चार्टर एक्ट, 1833 ई.

83. निम्नलिखित को कालक्रमनुसार व्यवस्थित कीजिए:

(A) नाना फड़नवीस की मृत्यु
(B) वेल्लोर विद्रोह
(C)  वेलेजली ने कार्नटिक को कब्जे में लिया
(D) माल्कॉम फारस मिशन और एल्फिन्स्टोन काबुल मिशन
(E) बसीन की संधि

Correct Answer: (b) A, C, E, B, D
Solution:घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
(i) नाना फड़नवीस की मृत्यु - 1800 ई.

(ii) वेलेजली द्वारा कर्नाटक को कब्जे में लिया जाना - 1801 ई.

(iii) बसीन की संधि 1802 ई.

(iv) वेल्लोर विद्रोह - 1806ई.

(v) माल्कॉम फारस मिशन और एल्फिन्स्टोन काबुल मिशन- 1808 ई.

84. महात्मा गांधी से संबंधित निम्नलि

(A) गांधी ने कलकत्ता में मार्शल और मैडम चांग काई शेक से भेंट की।
(B)  गांधी ने क्रिप्स से भेंट की और उनके प्रस्तावों को "एक उत्तर दिनांकित चेक" की संज्ञा दी। (C)  महात्मा गांधी ने 18 माह की समाप्ति के बाद "हरिजन वीकलीज" को पुनः प्रारम्भ किया।
(D) गांधी ने अखिल भारतीय गौ संरक्षण सम्मेलन को संबोधित किया।
(E) महात्मा गांधी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पंडित मालवीय के कार्य की प्रशंसा की।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (b) C, E, D, A, B
Solution:दिये  गए घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है-

(A) महात्मा गाँधी ने 18 माह की समाप्ति के बाद हरिजन साप्ताहिक (वीकलीज) को पुनः प्रारम्भ किया 18 जनवरी, 1942

(B) महात्मा गाँधी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पंडित मदनमोहन मालवीय के कार्य की प्रशंसा की - 21 जनवरी, 1942

(C) गाँधी ने नागपुर में अखिल भारतीय गौ संरक्षण सम्मेलन को संबोधित किया फरवरी 1942

(D) गांधी जी ने कलकत्ता में मार्शल और मैडम चांग काई- शेक से भेंट की - 18 फरवरी 1942

(E) गाँधीजी ने क्रिप्स से भेंट की और उनके प्रस्तावों को 'एक उत्तर दिनांकित चेक' की संज्ञा दी मार्च 1942

85. निम्नलिखित को कालक्रमनुसार व्यवस्थित कीजिए:

A. सुल्तानपुर में 1857 का विद्रोह
B. सौगार में 1857 का विद्रोह
C. झांसी ब्रिटिश के अधीन हो गया
D.विद्रोहियों ने कानपुर के बाहर जनरल विन्डैम को पराजित किया
E.तांत्या टोपे बच कर भाग निकले
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (c) A, B, D, E, C
Solution:घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार हैं-

(i) सुल्तानपुर में 1857 का विद्रोह 9 जून, 1857 ई.

(ii)सागर (सौगार) में 1857 का विद्रोह 1 जुलाई, 1857 ई.

iii) विद्रोहियों ने कानपुर के बाहर जनरल विन्डैम को पराजित किया 6 दिसम्बर, 1857 ई.

(iv) तांत्या तोपे बच कर भाग निकले 7-8 दिसम्बर, 1857 ई.

(v) झांसी ब्रिटिश के अधीन हो गया - 1858 ई.

86. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में,

अभिकथन (A): चोलशासक राजेन्द्र ने सुमात्रा एवं जावा में अपनी शक्तिशाली नौसेना अभियानों के माध्यम से अपने साम्राज्य का विस्तार किया, किंतु बाद के अन्य अभियानों में उन्होंने रुचि नहीं दिखलाया।
कारण (R) : बाद वाले समय काल में चोल शासक चालुक्यों के साथ युद्ध में व्यस्त हो गए और उन्हें अपने सेनाओं को मुख्यभूमि वापस बुलाना पड़ा।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:चोल शासक राजेन्द्र प्रथम अपने पिता राजराज प्रथम के भाँति एक साम्राज्यवादी शासक था। राजेन्द्र प्रथम ने पाल शासक महीपाल को पराजित कर 'गंगैकोण्डचोल' की उपाधि धारण की और गगैकोण्ड चोलपुरम (त्रिचलापल्ली जिला) नामक एक नई राजधानी की स्थापना की।

भारतीय भू-भाग में विजय पताका फहराने के पश्चात राजेन्द्र प्रथम ने दक्षिण-पूर्व एशिया अभियान प्रारम्भ किया। इसने एक शक्तिशाली नौ सेना की मदद से श्रीविजय (शैलेन्द्र) राज्य के शासक संग्राम - विजयोतुंगवर्मन को पराजित कर बन्दी बना लिया।

इस प्रकार श्रीविजय साम्राज्य के अन्तर्गत मलय प्रायद्वीप, जावा, सुमात्रा तथा अन्य द्वीपों पर अधिकार कर लिया। लेकिन बाद में शैलेन्द्र शासक को साम्राज्य लौटा दिया। राजेन्द्र प्रथम के पश्चात राजाधिराज प्रथम, वीर राजेन्द्र, कुलोतुंग प्रथम आदि चोल शासक चालुक्यों के साथ युद्ध करने में व्यस्त होने के कारण दक्षिण-पूर्व एशिया पर ध्यान न दे सके जिससे वह स्वतंत्र हो गये। अतः कथन और कारण दोनों सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): अकबर ने मुगल साम्राज्य को इसकी अत्यधिक सुव्यवस्थित और केन्द्रीकृत संरचना प्रदान की।
तर्क (R) : वह भारत में सार्वभौमिक भू-स्वामित्व का दावा करने में सक्षम था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (c) (A) सही है परन्तु (R) सही नहीं है।
Solution:अकबर ने मुगल साम्राज्य को (प्रशासनिक क्षेत्र में) अत्यधिक सुव्यवस्थित और केन्द्रीकृत संरचना प्रदान की। अकबर का जन्म हमीदा बानो बेगम की गर्भ से 15 अक्टूबर 1542 ई. को अमरकोट (सिंध) में राणा बीरसाल नामक एक सरदार के घर हुआ था।

अकबर ने प्रशासन के क्षेत्र में मनसबदारी प्रथा का प्रारम्भ किया। केन्द्रीय प्रशासन के क्षेत्र में वकील, वजीर, मीरबख्शी एवं काजी जैसे पदाधिकारियों के सहयोग से प्रशासन को व्यवस्थित किया। प्रान्तीय प्रशासन में सुविधा के लिए अपने शासनकाल के 24वें वर्ष अर्थात् 1580 में सम्पूर्ण साम्राज्य को 12 प्रांतों में विभाजित किया आगे चलकर दक्षिण विजय के उपरान्त खानदेश, बरार एवं अहमदनगर के मिल जाने से इसकी संख्या 15 हो जाती है।

विस्तृत साम्राज्य का स्वामी होने के बावजूद भी वह भारत में सार्वभौमिक भू-स्वामित्व का दावा करने में सक्षम नहीं था। अतः कथन (A) सही है और कारण (R) गलत है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में :

अभिकथन (A): मुहम्मद बिन तुगलक ने विदेशियों हेतु अपूर्व सम्मान प्रदर्शित किया और उन्हें अपने प्रशासन में उच्च पदों पर शामिल किया।
कारण (R) : मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल में शासक वर्ग के चरित्र और संघटन में परिवर्तन नहीं हुआ था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) (A) सही है परन्तु (R) सही नहीं है।
Solution:मुहम्मद बिन तुगलक (1325 - 51 ई.) का मूल नाम मलिक फखुद्दीन था। उसके शासनकाल के विषय में दो महत्वपूर्ण स्रोत हैं- बरनी की तारीख - ए - फिरोजशाही एवं इब्न बतूता का यात्रा वृतान्त ।

मुहम्मद बिन-तुगलक ने अपने शासन काल में विदेशियों को प्रशासन में उच्च पद एवं सम्मान प्रदान किया था उसने मोरक्को निवासी इब्न बतूता को दिल्ली का काजी नियुक्त किया था जो इस पद पर 8 वर्षों तक बना रहा।

इसकी प्रमुख कृति 'रेहला' है जिसने भारत की राजनीतिक, प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक जीवन के विषय में एवं सल्तनत काल में डाक व्यवस्था के विषय में जानकारी प्राप्त होती है। इसके समय में शासक वर्ग के चरित्र और संघटन में व्यापक परिवर्तन होता है।

मुहम्मद बिन तुगलक के समय की प्रमुख सुधार एवं योजनाएं (i)दोआब में कर वृद्धि (1325 ई.) (ii) राजधानी परिवर्तन (1326 - 27 ई.) (iii) सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन (1329 ई.) (iv) खुरासान अभियान (1330-31 ई.) (v) कराचिल अभियान हैं। अतः कथन (A) सत्य है एवं कारण (R) असत्य है।

89. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन - I : महात्मा गांधी को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव के बाद भारत की प्रतिरक्षा नियमों के अंतर्गत अगस्त, 1942 में गिरफ्तार किया गया और यरवदा जेल में रखा गया था।
कथन-II : महात्मा गांधी को 1827 के बॉम्बे नियमन के अंतर्गत जनवरी 1932 में गिरफ्तार किया गया
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) Both Statement I and Statement II are false /कथन I और II दोनों गलत हैं।
Solution:

महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के काठियावाड़ में पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। बैरिस्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अप्रवासी भारतीयों का मुकदमा लड़ने के लिए वे अफ्रीका गये थे, वहाँ पर इन्होंने सर्वप्रथम सत्याग्रह का प्रयोग किया था।

भारत आने पर इन्होंने चम्पारण सत्याग्रह (1917 ई.), अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918 ई.), खेड़ा सत्याग्रह (1918 ई.), असहयोग आंदोलन (1920 ई.) तथा सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-32 ई.) का नेतृत्व किया। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान इन्हें 4 जनवरी 1932 को गिरफ्तार करके यरवदा जेल में रखा गया। इसी तरह भारत छोड़ो आन्दोलन १ अगस्त, 1942 के दौरान ऑपरेशन 'जीरो' (Zero) आवर के तहत इन्हें गिरफ्तार करके पूना स्थित आगा खाँ पैलेस में रखा गया। अतः कथन I और II दोनों गलत हैं।

90. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन - I : पाण्ड्य शासक मुदुकुदमी पेरूवालूदी को परमभागवत कहा जाता है।
कथन - II: चेर शासक पेरुम शेरल ऑदन जिन्होंने करिकाल के विरुद्ध पाण्ड्य शासकों से मैत्री की थी, प्रायश्चित के माध्यम से युद्ध क्षेत्र में भूखा रहकर मृत्यु का वरण किया था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) कथन । असत्य है, किन्तु कथन II सही है।
Solution:

वेलविकुडी दानपत्र के अनुसार मुदुकुदमी पेरूवालूदी पाण्ड्य वंश का प्रथम ऐतिहासिक शासक था। इसने अनेक वैदिक यज्ञों का आयोजन किया तथा 'महेश्वर' की उपाधि धारण की।

इसे एक अन्य अभिलेख में 'परमेश्वर' कहा गया है तथा अनेक युद्धों का विजेता बताया गया है। चेर वंश के राजाओं में किसी को भी वह यश और ख्याति नहीं प्राप्ति हुई जो करिकाल या नेडुजेलियन को प्राप्त हुई थी। चोल राजा करिकाल के विरुद्ध चेर राजा पेरुमशेरल ऑदन ने पाण्ड्यों की सहायता की थी।

वह युद्ध क्षेत्र में घायल हो गया और पश्चाताप में उसने निराहार रहकर अपने प्राणों को त्याग दिया। चेर राजाओं के बारे में संगम साहित्य में पर्याप्त विवरण प्राप्त होता है। पत्तियातु संग्रह में चेर राजाओं की सैनिक विजय तथा अन्य उपलब्धियों का उल्लेख है। अतः कथन I असत्य है किन्तु कथन II सही हैं।