Solution:कुषाण वंश का सबसे महान शासन कनिष्क था। कनिष्क के साम्राज्य की प्रथम राजधानी पेशावर (पुरूषपुर) तथा दूसरी राजधानी मथुरा थी। चीनी यात्री ह्वेनसांग एवं मुस्लिम यात्री अलबरूनी ने कनिष्क द्वारा पेशावर में बौद्ध विहार निर्मित करवाए जाने संबंधी उल्लेख अपने विवरणों में अभिलिखित किया है।
बौद्ध दार्शनिक अश्वघोष, पार्श्व, एवं वसुमित्र को कनिष्क का आश्रय प्राप्त था। पार्श्व कनिष्क के राजगुरू थे अश्वघोष कनिष्क के राजकवि थे। कनिष्क कालीन सिक्के के पृष्ठभाग पर ओएशो (शिव), साक्यमों बोडो, ओएडो एत्शो तथा कनिष्क की उपाधि महाराजाधिराज आदि का निरूपण मिलता है।
कनिष्क एवं उसके उत्तराधिकारियों के सिक्के के पृष्ठ भाग पर ईरानी, यूनानी तथा भारतीय देवी देवताओं की आकृतियां उत्कण है। कल्हण की राजतरंगिणी में हुष्क, जुष्क एवं कनिष्क नामक तीन शासकों का कश्मीर पर संयुक्त शासन का उल्लेख मिलता है।