NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-I)

Total Questions: 100

1. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में :

अभिकथन A: शैव सिद्धांत पर आधारित तिरुमंदिरम् नामक रचना के लेखक तिरुमलार का मत है कि आत्मा पदार्थ से कम नहीं होती, इसे यथार्थ के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए क्योंकि किसी एक को दूसरे से पृथक मानना असंभव है।
कारण R : प्रेम एवं शिवम अनुभव की भिन्न श्रेणियाँ नहीं हैं। प्रेम अपनी चरमावस्था में शिवम पर पहुँचता है और उसी आनंदप्रद अवस्था में विश्रांति पाता है।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, Aकी सहीं व्याख्या है।
Solution:

शैव सिद्धान्त पर आधारित तमिल ग्रन्थ तिरूमंदिरम् के लेखक तिरूमलार का मत है कि आत्मा पदार्थ से कम नहीं होती, इसे यथार्थ के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए क्योंकि किसी एक को दूसरे से पृथक मानना असंभव है।

तिरूमंदिरम् दक्षिण भारत का सबसे पुराना और सबसे महत्वपूर्ण योग ग्रन्थ है। योग, तंत्र, रहस्यवाद, अद्वैतवाद का कार्य, शैव सिद्धांत के विभिन्न पहलूओं से सम्बन्धित है। प्रेम एवं शिवम अनुभव की भिन्न श्रेणियाँ नहीं हैं। प्रेम अपनी चरम अवस्था में शिवम पर पहुँचाता है और उसी आनन्दप्रद अवस्था में विश्रांति पाता है।

तिरूमंदिरम् का पहला अंग्रेजी अनुवाद 1992 में तीन खंडों वाले अंतर्राष्ट्रीय संस्करण में तिरूमंदिरम्ः ए क्लासिक ऑफ योगा एंड तंत्र के रूप में प्रकाशित किया।

2. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

A. 'न्यायतत्त्व' के लेखक नाथमुनि हैं, जिन्होंने विशिष्टाद्वैत संप्रदाय के दर्शन की विस्तृत व्याख्या प्रदान की है।
B.  इस संप्रदाय का आवयश्क सिद्धांत 'प्राप्ति' है जिसका अर्थ है ईश्वर के प्रति परम समर्पण।
C. नाथमुनि द्वारा संस्थापित संप्रदाय अघोर के रूप में विख्यात हुआ।
D. नाथमुनि रामानुज के उत्तराधिकारियों में से एक थे।
E.  नाथमुनि सथकोप के गीतों से प्रभावित थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A, B और E
Solution:

नाथमुनि जिन्हें श्रीमान नाथमुनिगल के नाम से भी जाना जाता है। इनका समय नवीं सदी उत्तरार्द्ध और दसवीं सदी पूर्वाद्ध मान्य है। वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध आचार्य नाथमुनि योगरहस्यऔर न्यायतत्व जैसे ग्रन्थों की रचना की। ये संस्कृत और तमिल के विद्वान थे।

इन्होंने विशिष्टाद्वैत सम्प्रदाय के दर्शन की विस्तृत व्याख्या की है। इस सम्प्रदाय का आवश्यक सिद्धान्त 'प्राप्ति' है जिसका अर्थहै ईश्वर के प्रति परम समर्पण। नाथमुनि के शिष्यों में रामानुज भी शामिल थे। इनके उत्तराधिकारियों में इनके पौत्र यामुनाचार्य प्रसिद्धथे। नाथमुनि सथकोप के गीतों से प्रभावित थे। इन्होंने आलवार भक्तोंके प्रचलित गीतों का संग्रह किया जो नालायिर दिव्य प्रबन्धम् केनाम से प्रसिद्ध है।

3. निम्नलिखित में से कौन सा सही नहीं है?

Correct Answer: (a) उच्चतम न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश एवं 28 से अधिक न्यायाधीश नहीं होते हैं।
Solution:

वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश एवं 33 अन्य न्यायधीश है। अनुच्छेद 124 में उच्चतम न्यायालय की स्थापना और संगठनात्मक ढांचे के प्रावधान है उच्चतम न्यायालय के पास मौलिक एवं अपीलीय अधिकार क्षेत्र होता है।

भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा एकल हस्तांतरणीय विधि समानुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार होता है। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) में इसके नागरिकों को दस मौलिक कर्तव्य दिए गये है।

4. उपर्युक्त गद्यांश किस मन्दिर की वास्तुकला का वर्णन करता है?

Correct Answer: (b) मामल्लपुरम
Solution:पल्लवों द्वारा निर्मित मामल्लपुरम मंदिर की आयोजना कुछ असाधारण-सी है। इसका तल घर समुद्र के किनारे अवस्थित है। इसलिए स्वभावतः मंदिर के अन्य भागों को इसके पीछे वाले हिस्से में रखा गया है।

मध्य भवन को एक बड़ी-सी दीवार घेरे हुए है और खुले दलान में पश्चिम से प्रवेश करना पड़ता है। लगता है। कि पश्चिमी दोर पर बाद में दो और देवस्थानों को जोड़ दिया गया जिसमें से एक 'छोटा विमान है जिसके सर्वप्रथम दर्शन पर वह हमें मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार मालूम पड़ता है। इस प्रकार मंदिर के जो भाग बढ़ाए गए है। उनके कारण तरवर्ती मन्दिर और उसके दो विमानों का रूप असमान्यसा है पर किसी भी कदर कम मनोहर नहीं है।

5. उस अभिलेख का नाम बताएँ जो कृष्ण के द्वारा अपने शत्रुओं का विनाश करने के बाद अपनी माता देवकी के पास जाने का उल्लेख करता है।

Correct Answer: (b) भीतरी अभिलेख
Solution:स्कन्दगुप्त के भितरी स्तम्भलेख गाजीपुर जिले के (उत्तर प्रदेश) सैदपुर तहसील में भितरी नामक स्थान से प्राप्त हुआ है। इसी में पुष्पमित्रों तथा हूणों के साथ स्कन्दगुप्त के युद्ध का स्पष्ट विवरण मिलता है।

इसी लेख में उल्लेख है कि गुप्तकाल की कुललक्ष्मी विचलित हो गयी थी और उसे पुनः स्थापित करने के लिए स्कंदगुप्त को कई राते जमीन पर सोकर बितानी पड़ी थी। जिस प्रकार कृष्ण अपने शत्रुओं को परास्त कर अपनी माता देवकी के पास गए थे, उसी प्रकार स्कन्दगुप्त भी शत्रुवर्ग को नष्ट कर अपनी माता के पास गया और उसकी माता की आँखों में आँसू छलक आये थे।

6. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सहीं हैं?

A. हवेनसाँग एवं अलबेरुनी ने कनिष्क द्वारा पेशावर में बौद्ध विहार निर्मित करवाए जाने संबंधी उल्लेख अपने विवरणों में अभिलिखित किया है।
B.  बौद्ध दार्शनिक अश्वघोष, पार्श्व एवं वसुमित्र ने कनिष्क का आश्रय प्राप्त किया।
C. कनिष्क कालीन सिक्के के पृष्ठभाग पर ओएशो (शिव), साक्यमों बोड्डो, ओएडो, एत्शो इत्यादि का निरूपण मिलता है।
D. कनिष्क एवं उसके उत्तराधिकारियों के सिक्के केपृष्ठ भाग पर खरोष्ठी लिपि में लेख मिलता है।
E.  कल्हण कृत राजतरंगिणी में हुष्क, जुष्क एवं कनिष्क नामक तीन शासकों का कश्मीर पर संयुक्त शासन का उल्लेख मिलता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A, B, C और E
Solution:

कुषाण वंश का सबसे महान शासन कनिष्क था। कनिष्क के साम्राज्य की प्रथम राजधानी पेशावर (पुरूषपुर) तथा दूसरी राजधानी मथुरा थी। चीनी यात्री ह्वेनसांग एवं मुस्लिम यात्री अलबरूनी ने कनिष्क द्वारा पेशावर में बौद्ध विहार निर्मित करवाए जाने संबंधी उल्लेख अपने विवरणों में अभिलिखित किया है।

बौद्ध दार्शनिक अश्वघोष, पार्श्व, एवं वसुमित्र को कनिष्क का आश्रय प्राप्त था। पार्श्व कनिष्क के राजगुरू थे अश्वघोष कनिष्क के राजकवि थे। कनिष्क कालीन सिक्के के पृष्ठभाग पर ओएशो (शिव), साक्यमों बोडो, ओएडो एत्शो तथा कनिष्क की उपाधि महाराजाधिराज आदि का निरूपण मिलता है।

कनिष्क एवं उसके उत्तराधिकारियों के सिक्के के पृष्ठ भाग पर ईरानी, यूनानी तथा भारतीय देवी देवताओं की आकृतियां उत्कण है। कल्हण की राजतरंगिणी में हुष्क, जुष्क एवं कनिष्क नामक तीन शासकों का कश्मीर पर संयुक्त शासन का उल्लेख मिलता है।

7. निम्नलिखित को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A.  केरल वर्मा द्वारा शाकुंतलम का मलयालय में अनुवाद
B. असम के बागान-श्रमिकों की अवस्था की पड़ताल हेतु भारतीय संघ द्वारा द्वाराकानाथ गांगुली को भेजा गया
D. शिव नारायण अग्रिहोत्री द्वारा देव समाज स्थापित किया गया।
E.  सी.वी.रमन पिल्लई द्वारा मलयालम उपन्यास मार्तण्डवर्मा का लेखन किया गया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A, B, C, D, E
Solution:सही कालानुक्रम व्यवस्थित इस प्रकार है

1. केरल वर्मा द्वारा शांकुतलम का मलयालम में अनुवाद- 1882

2. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की मृत्यु- जनवरी 1885

3. असम के बगान श्रमिकों की अवस्था की पड़ताल हेतु भारतीय संघ द्वारा द्वारकानाथ गांगुली को भेजा- 1885-86

4. शिव नारायण अग्रिहोत्री द्वारा देव समाज स्थापित किया गया- फरवरी 1887

5. सी.वी रमन पिल्लई द्वारा मलयालम उपन्यास मार्तण्डवर्मा का लेखन किया गया - 1891

8. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है हैं?

A. Tबंदा बहादुर के अधीन सिखों ने सरहिंद, दिसार सहारनपुर की सरकारों में नाटकीय सफलता प्राप्त किया।
B. बंदा बहादुर ने मुखलिसपुर में राजधानी स्थापित किया।
C. बंदा बहादुर ने सिख गुरुओं के नाम से सिक्के जारी किए।
D.बंदा बहादुर ने मुगलों के आदेश पर उनकी मुहर का प्रयोग आरंभ किया।
E.  बंदा बहादुर ने मारवाड़ के राजा अजीत सिंह के साथ गठजोड़ (एलायंस) (बनाया) किया।
:नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A, B और C
Solution:

सिख नेता बदांबहादुर का बचपन का नाम लक्ष्मण देव था। गुरबक्श सिंह नामक बैरागी जो बंदा बहादुर के नाम से प्रसिद्ध हुए। ये सिख के धार्मिक उत्पीड़न के विरोध में विद्रोह किया। बन्दा बहादुर के अधीन सिखों ने सरहिन्द (1710) दिसार, सहारनपुर की सरकारों में नाटकीय सफलता प्राप्त किया तथा सरहिन्द में मुगल गर्वनर वजीर खाँ को मार डाला।

इसके द्वारा स्थापित स्वंतत्र सिख राज्य की राजधानी हिमालय की श्रेणियों में स्थित मुखलिसपुर (मुखलिसगढ़) का किला था। जिसका नाम बाद में लौहगढ़ रखा गया। तथा 1710 ई में गुरूनानक व गुरू गोविन्द सिंह के नाम के सिक्के जारी किये। बंदा बहादुर ने मुगलों के आदेश का हमेशा उल्लंघन किया तथा मारवाड़ के राजा अजीत सिंह से कोई सहायता नहीं ली।

9. निम्नलिखित किस विचारक ने 'द न्यू इंस्ट्रूमेंट' की रचना की एवं कहा कि "ज्ञान ही शक्ति है।"

Correct Answer: (c) फ्रांसिस बेकन
Solution:

फ्रांसिस बेकन एक अंग्रेजी दार्शनिक और राजनेता था जिसने पुर्नजागरण काल के दौरान वैज्ञानिक पद्धति को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में मदद की। बेकन के जीवन का प्रारम्भ फ्रांस में इग्लैंड के राजदूत के रूप में हुआ था। सन् 1603 में उन्हें 'सर' की उपाधि मिली। बेकन ने द न्यू इंस्ट्रमेंट की रचना की एवं कहा कि ज्ञान ही शक्ति है। बेकन के अन्य रचनाओं में डि सैपिएशिया वेटेरम', 'द विजडम ऑव द एशिएट्स' आदि महत्वपूर्ण है। बेकन कहता है कि कुछ किताबें चखने के लिए होती है कुछ निगलने के लिए, और चबाने और पचाने के लिए होती है।

10. निम्नलिखित में से कौन महापाषणिक संरचनाओं के प्रकार रूप हैं?

A. मैनहिर
B.  संगोरा वृत्त
C. डालमैन आकार वाला ताबूत
D. फणाकृतिपाषाण
E. संरेखण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B, C,D और E
Solution:

महापाषाण संस्कृति दफनाने की शैली से जुड़ी संस्कृति है। महापाषाण शब्द ग्रीक 'मेगास' अर्थात बड़ा और 'लिथोस' अर्थात पत्थर से जुड़कर बना है। महापाषाण संरचनाओं के प्रकार में मैनहिर, संगोरावृत्त, डालमैन आकार वाला ताबूत, फणाकृतिपाषाण संरेखण आदि के रूप में शामिल है। महापाषाण कब्र जमीन के ऊपर बने होते है तब इन्हें डालमेज (पत्थर की मेज) कहते है। गड्ढे वाले कब्र के ऊपर एक बड़ा सीधा खड़ा करके ग्रेनाइट का एकाश्म पत्थर का स्लैव रखा जाता है जिसे 'मैनहिर' अथवा नडुकल कहा जाता है। संगोरा वृत्त प्राप्ति स्थल चिंगलपुत (तमिलनाडु) है।