NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-I)

Total Questions: 100

61. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए -

सूची - Iसूची - II
A. उपरिI. मराठों के शासनकाल में काश्तकारी अवधि की एक कोटि
B. अमलाII. क्लर्क या कर संग्राहक
C. देसाईIII. संपत्तिधारी या राजस्व अधिकारधारी
D. मसन्दIV. संगतों के अभिहित प्रभारी स्थानीय सिख अधिकारी

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-I, B-II, C-III, D-IV
Solution:सूची-I से सूची-II सही सुमेलित है -
क्रम सं.सूची-Iसूची-II
1.उपरिमराठों के शासनकाल में काश्तकारी अवधि की एक कोटि
2.अमलाक्लर्क या कर संग्राहक
3.देसाईसंपत्तिधारी या राजस्व अधिकारधारी
4.मसन्दसंगतों के अभिहित प्रभारी स्थानीय सिख अधिकारी

62. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए

सूची-I (लघु शिलालेख)सूची-II (स्थान)
A. पंगुरड़ियाI. बेल्लारी, कर्नाटक
B. उडेगोलमII. चित्रदुर्ग, कर्नाटक
C. जटिंग-रामेश्वरIII. मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश
D. अहरौराIV. सिहोर, मध्य प्रदेश

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A-IV,,B-I, C-II, D-III
Solution:सूची-I से सूची- II सही सुमेलित है -
क्रम सं.सूची-II (लघु शिलालेख)सूची-II (स्थान)
A.पंगुरड़िया (पनगुडरिया)सिहोर, मध्य प्रदेश
B.उडेगोलमबेल्लारी, कर्नाटक
C.जटिंग रामेश्वरचित्रदुर्ग, कर्नाटक
D.अहरौरामिर्जापुर, उत्तर प्रदेश

63. किसके भाषण के साथ ब्रांडीची बाटली ब्रांडी की बोतल फिल्म (1939) का आरंभ होता है?

Correct Answer: (d) सरदार पटेल
Solution:

सरदार वल्लभभाई पटेल के भाषण से ब्रांडाची बाटली ब्रांडी की बोतल फिल्म (1939) की शुरूआत होती है। स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान कुछ फिल्मों ने अंग्रेजों से लड़ने के लिए एकजुटता और सामाजिक रूप से प्रगतिशील होने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

इसी प्रकार मास्टर विनायक की फिल्म ब्रांडी बोतल (1939) में शराब के अत्यधिक खपत की आलोचना को दर्शाया गया है। फिल्मों में इस तरह के प्रसारित संदेश को राष्ट्रवादी नेताओं ने अपना समर्थन दिया था। जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश फिल्म सेंसर बोर्ड ने ब्रांडी की बोतल से संयम (अनुशासन) के बारे में सरदार वल्लभभाई पटेल के भाषण के लाइब्रेरी फुटेज को हटाने का निर्देश दिया था।

64. निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?

Correct Answer: (d) जनरल स्मिथ के नेतृत्ववाली अंग्रेजी सेना ने लस्वारी के युद्ध में बापू गोखले को पराजित किया था।
Solution:

1. तृतीय आंग्ल मराठा युद्ध (1817-18) के बाद पेशवा बाजीराव ॥ से अंग्रेजों ने 13 June 1917 को पूना की संधि की जिसके तहत मराठा संघ समाप्त कर दिया गया। 2. दौलत राव सिन्धिया से 5 नवम्बर 1817 को अंग्रेजों ने ग्वालियर की सन्धि की। 3. 27 नवम्बर 1817 में 'सीताबल्डी का युद्ध' अंग्रेजों एवं अप्पा साहब भोसले की सेनाओं के बीच लड़ा गया था।

नोट:- लार्ड लेक के नेतृत्ववाली अंग्रेजी सेना ने नवम्बर 1803 को लस्वारी (लसवाड़ी) के युद्ध में सिंधिया को पराजित किया था।

65. इब्नबतूता के अनुसार भारत में दिल्ली की तरह समान वर्ग में रखा जा सकने वाला एक मात्र शहर था

Correct Answer: (d) दौलताबाद
Solution:

इब्नबतूता के अनुसार भारत में दिल्ली की तरह समान वर्ग में रखा जा सकने वाला एक मात्र शहर 'दौलताबाद' था। इब्नबतूता ने मु. बिन तुगलक के शासन काल में भारत की यात्रा की तथा उसने 14 वर्ष तक भारत में निवास किया।

इसने अरबी भाषा में 'रेहला' नामक पुस्तक लिखी है। इब्नबत्ता ने वर्णन किया है कि मु. तगलक द्वारा राजधानी परिवर्तन की आज्ञा देने के पश्चात् जब उसने समस्त दिल्ली की तलाशी लेने की आज्ञा दी तो उसे मात्र एक अन्धा व लंगड़ा व्यक्ति मिला। इब्नबतूता ने दौलताबाद के सुन्दर भवनों के वैभव का वर्णन किया है।

66. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

A.  बराबर पहाड़ी पर स्थित गुफा में मौखरी प्रमुख (मुखिया) अनंतवर्मन द्वारा 5वीं सदी में कृष्ण की एक प्रतिमा चित्र प्रतिष्ठापित करवाया गया था।
B. स्कंदगुप्त के जूनागढ़ अभिलेख मे विष्णु का उल्लेख लक्ष्मी के आश्रय के रूप में किया गया है।
C. पल्लवों के उनके पारिवारिक प्रतीक में शूकर का उल्लेख हैं
D.  ईश्वर छंगू नारायण अर्थात् छंगू पर नारायण अथवा गरुड़, नेपाल में डोलापर्वत पर अवस्थित (स्थापित) हैं।
E.  विष्णु के वाराह, नरसिंह एवं वामन अवतार उदयगिरी एवं मामल्लपुरम स्थित शैलकृत गुफाओं की मूर्ति कलाओं में भी पाये जाते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B, D और E
Solution:

बिहार के गया जिले में बेला स्टेशन से आठ मील पूरब की ओर बराबर नामक पहाड़ी स्थित है। यहाँ से मौर्यकाल की बनी हुई सात गुफाएँ प्राप्त हुई है। बराबर पहाड़ी पर स्थिर गुफा में मौखरी शासक अनंतवर्मन द्वारा 5वीं सदी में कृष्ण की एक प्रतिमा चित्र प्रतिष्ठापित करवाया गया था।

गुप्त शासक स्कन्द गुप्त के जूनागढ़ अभिलेख में विष्णु का उल्लेख लक्ष्मी के आश्रय के रूप में किया गया है। स्कन्दगुप्त के लक्ष्मी-प्रकार के स्वर्ण सिक्कों पर लक्ष्मी राजा को कोई वस्तु प्रदान करते हुए चित्रित की गयी है। ईश्वर छंगू-नारायण अर्थात छंगू पर नारायण अथवा गरूड, नेपाल में डोलापर्वत पर अवस्थित है।

विष्णु के वराह, नरसिंह एवं वामन अवतार उदयगिरी एवं मामल्लपुरम् स्थित शैलकृत गुफाओं की मूर्तिकलाओं में पाये जाते है। मामल्लपुरम शैली का विकास पल्लव शासक नरसिंह वर्मन प्रथम के समय शुरू हुआ था।

नोट:- पल्लव साम्राज्य का प्रतीक चिन्ह 'शेर' था। पल्लव शासक नरसिंह वर्मन II ने शेर को अपने प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया।

67. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए

सूची Iसूची II
A. अमीर खुसरोI. फुतूह-उस-सलातीन
B. जियाउद्दीन बरनीII. सना-ए-मुहम्मदी
C. रफीउद्दीनIII. तुगलकनामा
D. इसामीIV. तजकीरातुल मुलुक

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तका चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-Il, B-II, C-IV, D-I
Solution:

दिल्ली सल्तनत के रचना एवं रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है -

सूची Iसूची II
A.अमीर खुसरोंतुगलकनामा, नूह सिपेहर, आशिका
B.जियाउद्दीन बरनीसना-ए-मुहम्मदी, तारीख ए फिरोजशाही, फतवा-ए-जहाँदारी, हसरतनामा
C.रफीउद्दीनतजकीरतुल मुलुक
D.इसामीफूतूह-उस-सलातीन (अलाउद्दीन बहमनशाह को समर्पित)

68. नीचे दो कथन दिए गए है:

कथन I : पूर्वी साम्राज्यों में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण शक्तियाँ जिन्होंने गुप्त शासकों की अधीनता स्वीकार कर लिया, वे समतट और कामरूप थे।
 कथन II: वे जनजातीय राज्य जिन्होंने गुप्त शासकों साम्राज्य के प्रति सम्मान व्यक्त किया वे मालवा, अर्जुनायन, यौधेय, मदराक, आभीर, और काकस थे।
उपयोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों  में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सही है।
Solution:

चन्द्रगुप्त प्रथम के पश्चात उसका सुयोग्य पुत्र समुद्रगुप्त साम्राज्य की गदी पर बैठा। समुद्रगुप्त के समय गुप्त साम्राज्य का सर्वाधिक विस्तार हुआ था। इसकी जानकारी प्रयाग प्रशस्ति तथा स्वर्ण मुद्राओं से मिलती है।

समुद्रगुप्त के पूर्वी साम्राज्यों में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण शक्तियों कामरूप (वर्तमान असम का केन्द्रीय भाग) समतट, डवाक आदि में उसकी अधीनता स्वीकार की एवं मालवा अर्जुनायक, यौधेय, मदराक, आभीर, काकस, खरपरिक, एवं सनकानिक आदि जनजातीय राज्यों ने उसके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस जनजातीय राज्य का उल्लेख समुद्रगुप्त के प्रयाग प्रशस्ति में मिलता है।

69. "किसी नयी संस्कृति को समझने एवं उसे अपनाने हेतु साम्राज्यिक सभ्यता में विविध प्रकार के वर्णित लोगों से प्राप्त हुए बहुत से योगदानों को समाविष्ट किया जा सकता है।"

उपर्युक्त गद्यांश को किसने लिखा ?

Correct Answer: (d) युआल नोह हरारी
Solution:

1976 में इजराइल में जन्में प्रो. युआल नोह हरारी येरूशलम के हिब्रू विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग में व्याख्याता है। हरारी के अनुसार "किसी नयी संस्कृति को समझने एवं उसे अपनाने हेतु साम्राज्यिक सभ्यता में विविध प्रकार के विणित लोगों से प्राप्त हुए बहुत से योगदानों को समाविष्ट किया जा सकता है" युआल नोह हरारी का तर्क है कि नैतिक संहिताओं के सभी सिद्धान्त केवल कहाँनिया और मिथक है, जिसमें मानवाधिकरों का समकालीन नैतिक ढाँचा भी शामिल है।

70. चित्रित धूसर मृदभाण्ड (पी.जी. डब्ल्यू) के बारे में निम्नलिखित कौन-से कथन सही हैं?

A.  पी.जी. डब्ल्यू की पहचान का (तादात्म्य) सर्व प्रथम 1940 के दशक में अहिछत्र (बरेली जिले में स्थित) से हुई।
B.  इसे उड़ीसा के तटीय क्षेत्र में स्थित स्थल थापली एवं पुरोला के स्थलों से भी पाया गया है।
C. 1980 के दशक में माखन लाल द्वारा कानपुर जिले (उत्तर प्रदेश) में किए गए अध्ययन ने पीजी डब्ल्यू स्थली एवं उनके अधिवास प्रतिरूपों को प्रकाश में लाया।
D.  नागदा, पीजी डब्ल्यू के पर्याप्त तरीके से विकसित आघ नगरीय अथवा अर्ध-नगरीय अवस्था का प्रतिनिधित्व करता है।
E. आलमगीरपुर, कम्पिल, नोह, भगवानपुर एवं हस्तिनापुर से पी.जी. डब्ल्यू. भौतिक संस्कृति के साक्ष्य पाए जाते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, C और E
Solution:

चित्रित धूसर मृदभाण्ड (पी.जी. डब्ल्यू) की खोज सर्वप्रथम बी.बी. लाल ने किया था। इस मृद्भाण्ड की पहचान सर्वप्रथम 1940 के दशक में अहिछत्र (बरेली) से हुई। लेकिन इस मृद्भाण्ड की पूरी महत्ता हस्तिनापुर के उत्खनन (1954) के बाद ही उजागर हो पायी।

यह मृद्भाण्ड भगवानपुरा (हरियाणा) हस्तिनापुर, दधेरी (पंजाब), माण्डा (कश्मीर), उज्जैन, आलमगीरपुर,कम्पिल, नोह, कौशाम्बी, आदि स्थलों से भी पाया गया है लेकिन उड़ीसा के तटीय क्षेत्रों थापली एवं पुरोला से नहीं पाया गया है।

1980 के दशक में माखन लाल द्वारा कानपुर जिले (उत्तर प्रदेश) में किए गए अध्ययन ने पी.जी. डब्ल्यू स्थली एवं उनके अधिवास प्रतिरूपों को प्रकाश में लाया। पी.जी.डब्ल्यू संस्कृति विकसित ग्रामीण संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। इसका प्रारम्भ बुद्धकाल से पूर्व हुआ था। नागदा ताम्रपाषाणिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।