Solution:अकबर ने अपने शासन के 24 वें वर्ष (1580 ई.) में आइन-ए दहसाला प्रणाली को प्रारम्भ किया था। यह माप पर आधारित थी। अकबर ने सर्वप्रथम सम्पूर्ण साम्राज्य में एक समान मापन प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से गज-ए-सिंकदरी (39 अंगुल या 32 इंच) के स्थान पर गज-ए-इलाही (41 अंगुल या 33.5 इंच) को लागू किया। दोनों के मध्य 39:41 का अन्तर था।
दहसाला प्रणाली का प्रारूप अर्थ मंत्री टोडरमल तथा उनके सहयोगी ख्वाजा शाह मंसूर ने तैयार किया था। इस व्यवस्था के अन्र्तगत राजस्व आकलन के तरीकों, जैसे फसल साझेदारी (बँटाई), नस्क, एवं जब्ती या नकदी, को यथावत बनाए रखा गया था।
जब्ती या नकदी (पैमाइश एवं फसलों की किस्म के आधार पर लगान निश्चित करना) व्यवस्था मध्य भारत अर्थात बिहार, इलाहाबाद, मालवा, अवध, आगरा, दिल्ली, लाहौर और मुल्तान में लागू किया गया था।
इस प्रकार मध्य प्रान्त में किसानों का भू-राजस्व दहसाला प्रणाली के अनुसार जिंस (फसल) के बजाय नकद निर्धारित किया गया था। वर्ष 1579 तक जमीन की पैदावार, स्थानीय कीमतों आदि के बारे में जानकारी इकट्ठा कर ली गयी थी।
नोट:- NTA ने इस प्रश्न का उत्तर 'C' माना है। सतीश चन्द्र ने अपनी पुस्तक मध्यकालीन भारत का इतिहास (मुगलकाल) में आईन-ए-दहसाला माप प्रणाली को लागू करने की तिथि 1579 ई. (24 वें वर्ष) लिखा है जबकि अन्य इतिहासकारों जैसे एल.पी. शर्मा, इम्तियाज अमहद,आशिर्वादी लाल श्रीवास्तव, पप्पू सिंह प्रजापत आदि ने अपनी पुस्तक मध्यकालीन भारत का इतिहास (मुगलकाल) में दहसाला प्रणाली को लागू करने की तिथि 1580 ई. स्वीकार किया है। इसके अतिरिक्त इग्नू के अध्याय (नोट्स में) मुगलकालीन अर्थव्यवस्था में भी 1580 तिथि मिलती है।