NTA यूजीसी नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 (इतिहास)(Shift II)

Total Questions: 100

1. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-Iसूची-II
A. दबीरI. समारोह का प्रधान
B. सर-ए-नौबतII. राजा को पत्राचार करने में सहायता देता था।
C. मजूमदारIII. सेना की कमान
D. चिटनिसIV. लेखाकार

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b)
Solution:सूचियों का सही मिलान इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
1. दबीरसमारोह का प्रधान
2. सर-ए-नौबतसेना की कमान
3. मजूमदारलेखाकार
4. चिटनिसराजा को पत्राचार करने में सहायता देता था।

2. निम्नलिखित में कौन इतिहासकारों की इतिवृत्ति से जुड़ा था?

Correct Answer: (a) लुसिन फेब्रे
Solution:

इतिहासकार लुसियन (लुसिन) फेब्रे इतिवृत्ति से जुड़ा हुआ था। लुसियन फेब्रे ने सर्वप्रथम सम्भववाद शब्द का प्रयोग किया था। फेब्रे ने प्राकृतिक पर्यावरण की अपेक्षा मानवीय प्रयत्नों तथा कार्यों को प्राथमिकता दी। फेब्रे फ्रांसीसी विद्वान थे।

इतिवृत्ति का अर्थ है भूतकालिक घटनाओं का काल-क्रमानुसार लिखा हुआ विवरण। कल्हण की राजतरंगिणी इतिवृत्त के अन्तर्गत रखी जाती है। कौटिल्य ने अपने अर्थशास्त्र में इतिवृत्ति को इतिहास का ही एक अंग माना है।

3. मैं पुरुषों से जुड़ा हूँ जो हालांकि लोगोंद्वारा देखा नहीं गया लेकिन फिर भी उनकी ईश्वर केरूप में श्रद्धा की जाती है और जो लोगों की भावनाओं से जुड़े प्रत्येक पहलू को महसूस करते हैं' यह उक्तिरिपन द्वारा किसे कही गई थी?

Correct Answer: (a) ए.ओ. ह्यूम
Solution:

"मैं पुरूषों से जुड़ा हूँ जो हालांकि लोगों द्वारा देखा नहीं गया लेकिन फिर भी उनकी ईश्वर के रूप में श्रद्धा की जाती है और जो लोगों की भावनाओं से जुड़े प्रत्येक पहलू को महसूस करते है" यह उक्ति वायसराय लार्ड रिपन (1880-84) द्वारा एलन ऑक्टोवियन ह्यूम के लिए कही गई थी।

ह्यूम ने 1885 ई. में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की तथा 1906 तक महासचिव के पद पर रहे। लार्ड रिपन एक उदारवादी वायसराय थे और इन्होंने 1882 में स्थानीय स्वशासन की शुरूआत की जिसका उद्देश्य लोगों को राजनैतिक व लोकप्रिय शिक्षा देना था।

4. भगवान श्रीकृष्ण के आचरण से हमेंनिम्नांकित में से किसके बारे में शिक्षा मिलती है :

A.  विश्वतत्व
B.  व्यक्ति के जीवन में प्रत्येक व्यक्ति का स्थान
C. सच्ची मैत्री
D.  भावनाओं का संतुलन
E. फुहड़ पात्र (कपटपूर्ण आचरण)
नीचे दिये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजियेः

Correct Answer: (b) A, B, C, D
Solution:

श्रीमद् भगवद्गीता में श्री कृष्ण अपनी शिक्षा में बारबार बताते हैं कि किस प्रकार के आचार विचार से व्यक्ति उन्हेंप्राप्त कर सकता है। श्री कृष्ण के आचरण से हमें विश्वतत्व, सच्ची मैत्री, भावनाओं का संतुलन, व्यक्ति के जीवन में प्रत्येकव्यक्ति का स्थान आदि के बारे में शिक्षा मिलती है। श्री कृष्ण ने गीता में समग्रता और संपूर्णता के साथ जो शिक्षा दी है वह मानव का उसी तरह मार्गदर्शन करती है जैसे कि माँ अपने शिशु को पालती है और बड़ा करती है तथा उसे श्रेष्ठ देखना चाहती है।

5. वह कौन सी पुस्तक है जिसमें महिलाओं को 'वह माँ थी', वह माँ है: 'वह माँ रहेगी' के रूप में चित्रित किया गया है?

Correct Answer: (a) आनंदमठ
Solution:

बंकिम चन्द्र चटर्जी के उपन्यास आनन्दमठ में महिलाओं को वह माँ थी, वह माँ है: 'वह माँ रहेगी' के रूप में चित्रित किया गया है। संन्यासी विद्रोह का विस्तृत वर्णन इसी उपन्यास में किया गया है। संन्यासी विद्रोह बंगाल में वर्ष 1770- 1820 के बीच हुआ था। भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् आनन्दमठ उपन्यास से लिया गया है।

6. मानवमात्र हेतु एक धर्म, एक जाति और एक ईश्वर' निम्नलिखित में से किसका मुख्य संदेश था?

Correct Answer: (c) नारायण गुरु
Solution:

नारायण गुरू ने नारा दिया कि 'मानव के लिए एक धर्म, एक जाति तथा एक ईश्वर। नारायण गुरू केरल के निम्न जाति के एझवा जाति से सम्बंधित थे। इन्होंने केरल में अरब्बिपुरम आन्दोलन 1888 ई, में चलाया था। यह आन्दोलन धार्मिक व सामाजिक सुधार से सम्बधित था। श्री नारायण गुरू निम्न जाति के होते हुए भी अरब्बिपुरम में शिव की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की थी।

7. इन व्यक्तियों की कांग्रेस से युति किसी स्वस्थ शरीर में रोगग्रस्त अंग की युति है और इसका एकमात्र उपचार शल्यचिकित्सीय पृथक्करण है यदि कांग्रेस को रक्त विषाक्तण से होने वाली मृत्यु से बचाना है।

A. यह महात्मा गांधी का कथन है।
B. यह मदन मोहन मालवीय की उक्ति है।
C.  एच. ए. वाड़या ने यह लिखा था।
D. फिरोज शाह मेहता का भी यही मत था।
E. यह चरम पंथियों के बारे में अनुचिंतन है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल C, D, E
Solution:

"इन व्यक्तियों की कांग्रेस से युति किसी स्वस्थ शरीर में रोगग्रस्त अंग की युति है और इसका एकमात्र उपचार शल्यचिकित्सीय पृथक्करण है यदि कांग्रेस को रक्त विषाक्तण से होनो वाली मृत्यु से बचाना है" यह मत एच.ए वाड़या, फिरोजशाह मेहता तथा चरम पंथियों के बारे में अनुचिंतन से सम्बधित है। उदारवादी विचार धारा से सम्बधित फिरोजशाह मेहता ने बॉम्बे क्रॉनिकल नामक समाचार पत्र निकाला था। चरम पंथियों में लाला लाजपतराय, विपिन चन्द्र पाल एवं बाल गंगाधर तिलक आदि महत्वपूर्ण थे।

8. अर्थशास्त्र कितने अधिकरणों तथा प्रकरणों में विभाजित है?

Correct Answer: (a) 15 और 180
Solution:

कौटिल्य की पुस्तक अर्थशास्त्र में 15 अधिकरण तथा 180 प्रकरण हैं। इस ग्रन्थ में इसके श्लोकों की संख्या 4,000 बताई गई है।

कौटिल्य मौर्य शासक चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधान पुरोहित तथा प्रधानमंत्री थे। कौटिल्य राजनीतिशास्त्र का प्रकाण्ड विद्वान था तथा उसने राजशासन के ऊपर 'अर्थशास्त्र' ग्रन्थ की रचना की। यह ग्रन्थ हिन्दू राजशासन की प्राचीनतम उपलब्ध रचना है।

9. सोहगौरा ताम्र पत्र अभिलेख में निम्नलिखित में से किसके बारे में उल्लेख है :

A. मथुरा
B. चान्हू
C. मानवासी जंक्शन
D.  खाद्यान्न का भंडार
E. ताम्र खजाना
नीचे दिए गए किल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये :

Correct Answer: (c) केवल A, B, C, D
Solution:मौर्य कालीन सोहगौरा ताम्रपत्र अभिलेख गोरखपुर, उ.प्र.से प्राप्त हुआ है। यह अभिलेख ब्राह्मी लिपि एवं प्राकृत भाषा में लिखा गया है। यह श्रावस्ती के महामात्रों द्वारा पारित मानवस्ति (मानवासी जंक्शन) नामक स्थान से प्रेरित एक आदेश था।

जिसमें कहा गया है कि त्रिवेणी, मथुरा, चान्हू, मोडमा तथा भट्ट में अवस्थित अनाजगृहों (सम्भवतः चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित) का उपयोग सूखा तथा अकाल की परिस्थिति में किया जायेगा। इस लेख पर अन्नागार का चित्र भी उत्कीर्ण है।

10. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-Iसूची-II
A. बांकीपुर कांग्रेस अधिवेशन, 1912I. हकीम अजमल खाँ
B. कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन, 1906II. एनी बेसेंट
C. अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन, 1921III. रघुनाथ नर सिंह मुधोलकर
D. कलकत्ता कांग्रेस विशेष अधिवेशन, 1917IV. दादा भाई नौरोजी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर  का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIVIII
(b)IIIVIIII
(c)IIIIIIIV
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (a)
Solution:सूचियों का सही मिलान इस प्रकार है-
सूची-I (कांग्रेस अधिवेशन)सूची-II (अध्यक्ष)
1. बांकीपुर कांग्रेस अधिवेशन 1912रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर
2. कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन 1906दादा भाई नौरोजी
3. अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन 1921हकीम अजमल खां
4. कलकत्ता कांग्रेस विशेष अधिवेशन 1917एनी बेसेन्ट