NTA यूजीसी नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 (इतिहास)(Shift II)

Total Questions: 100

31. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. कालीबंगाI. श्री वेंकटेश्वर मंदिर
B. तिरूपतिII. सिंधुघाटी
C. जम्मू और कश्मीरIII. लोथल
D. गुजरातIV. मार्तंड मंदिर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IVIIIIII
(c)IIIIIIIV
(d)IIIIVIII
Correct Answer: (*)
Solution:सूचियों का सही मिलान इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
1. कालीबंगासिन्धु घाटी सभ्यता
2. तिरुपतिश्री वेंकटेश्वर मंदिर (आन्ध्रप्रदेश)
3. जम्मू और कश्मीरमार्तंड मंदिर (ललितादित्य मुक्तापी के शासनकाल में बना)
4. गुजरातलोथल

32. आरंभिक औपनिवेशिक शासन के दौरान शोरा के निर्माण का सर्वाधिक महत्वपूर्ण केन्द्र निम्नलिखित में से कौन-सा था?

Correct Answer: (c) बिहार
Solution:

आरम्भिक औपनिवेशिक शासन के दौरान शोरा के निर्माण का सर्वाधिक महत्वपूर्ण केन्द्र बिहार था। शोरा के उत्पादन और निर्यात के लिए पटना की ख्याति यूरोप और दुनिया के दूसरे देशों तक फैल चुकी थी।

पटना में 1657 में शोरा का पहला कारखाना खोलने का श्रेय डचों को दिया जाता है। अठारहवीं सदी तक पटना न केवल अन्तर्राज्यीय बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारिक केन्द्र बन चुका था। शोरा पटना में संग्रहित किया जाता था और यहाँ से उसे विशाल नौकाओं में भरकर हुगली भेजा जाता था।

33. कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार ब्राह्मण के कर्तव्योंमें निम्नलिखित में से कौन एक शामिल नहीं है?

Correct Answer: (d) भूतरक्षण
Solution:

कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार ब्राह्मण के कर्तव्यों में अध्यापन, प्रतिग्रह, दान, आदि शामिल था जबकि भूतरक्षण (जीवों की रक्षा करना) क्षत्रियों का कर्तव्य होता था। अर्थशास्त्र के अनुसार ब्राह्मणों का कर्तव्य (धर्म) है अध्ययन अध्यापन, यज्ञ करना कराना दान देना व लेना (स्वधर्मों ब्राह्मण स्वाध्ययनमध्यायन यजनं दानं प्रतिग्रहश्चेति) एवं क्षत्रियों का कर्त्तव्य है पढ़ना, यज्ञ करना, दान देना, शस्त्र बल से जीवन निर्वाह करना और प्राणियों का रक्षा करना (क्षत्रियस्याध्ययनं यजनं दानं शस्त्राजीवों भूतरक्षण)

34. इतिहास के निर्वचन की अभिलाषा इतनी गहन है कि जब तक कि इति वृत्ति के संबंध में हमारी रचनात्मक धारणा नहीं होगी हम या तो गूढ़वाद या दोष दर्शिता की तरफ प्रवृत्त हो जाएंगे।

A.  यह इतिहास के बारे में डेविड ह्यूम का कथन है।
B. यह मार्क्सवादी इतिहासकारों के मत को प्रतिबिंबित करता है।
C. यह इतिहास की व्याख्या के मुद्दे पर एफ.पोविक का मत है।
D.  यह ई.एच. कार द्वारा प्रयुक्त उद्धृत वाक्य है।
E. इसमें इति वृत्ति (भूत कालिक घटना) के बारे में रचनात्मक धारणा पर बल दिया गया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये।

Correct Answer: (b) केवल C, D, E
Solution:

इतिहास के निर्वाचन की अभिलाषा इतनी गहन है कि जब तक कि इति वृत्ति के संबंध में हमारी रचनात्मक धारणा नहीं होगी हम या तो गूढ़वाद या दोष दर्शिता की तरफ प्रवृत्त हो जाएंगे इसमें

1. उपर्युक्त कथन ई. एच कार द्वारा दिया गया है।

2. इसमें इतिवृत्ति (भूत कालीन घटना) के बारे में रचनात्मक धारणा पर बल दिया गया है।

3. यह इतिहास की व्याख्या के मुद्दे पर एफ पोविक का मत है।

35. आर्य समाज के बारे में निम्नांकित में से कौन-से कथन सही हैं :

A. दयानंद आंग्ल वैदिक कॉलेज की स्थापना सर्वप्रथम लाहौर में हुई थी।
B. स्वामी श्रद्धानंद दयानंद के गुरु थे।
C. सत्यार्थ प्रकाश स्वामी दयानंद की आत्मकथा है।
D. लाला लाजपत राय, गुरुकुल कांगड़ी से सहयोजित थे।
E. दयानंद का जन्म मोरवी में हुआ था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये।

Correct Answer: (*)
Solution:

दयानन्द सरस्वती का जन्म 1824 ई. में गुजरात के मोरवी नामक स्थान पर हुआ था। इनके बचपन का नाम मूलशंकर था। दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना 1875 में बम्बई में की। स्वामी विरजानन्द ने दयानन्द को वेदों का ज्ञान दिया था।

दयानन्द ने सत्यार्थ प्रकाश की रचना 1874 ई. में की जो आर्य समाज का एक प्रमुख ग्रन्थ है न कि उनकी आत्मकथा। 1886 ई. में हंसराज व लाला लाजपत ने लाहौर में दयानन्द आंग्ल वैदिक कॉलेज की स्थापना की। स्वामी श्रद्धानन्द ने 1902 में हरिद्वार के निकट कांगडी में गुरुकुल विश्वविद्यालय की स्थापना की। नोट- U.G.C. ने इस प्रश्न को अंतिम उत्तर कुंजी में मूल्यांकन से बाहर कर दिया है।

36. एडवर्ड सैद का प्राच्यवाद (1978)

A. यह भारत के प्राच्यवादियों के कार्य के बारे में विमर्श (अनुचिंतन) है।
B.  इसके फलस्वरूप सामंती व्यवस्था की सूझ बूझ में बड़ा अंतर उत्पन्न हुआ।
C.  इससे अफ्रीकी लेखक प्रभावित हुए।
D. इसके फलस्वरूप गैरपाश्चात्य की पश्चिमी छवियों के बारे में क्रमबद्ध विधिसम्मत आशंका की भावना उत्पन्न हुई।
E. उपर्युक्त सभी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये।

Correct Answer: (b) केवल B, C,D
Solution:

बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, मध्यपूर्व के देशों को आधार बनाकर अपनी संकल्पनाएँ प्रस्तुत करने वाले, प्रसिद्ध विचारक एडवर्ड डब्ल्यू सईद ने श्वेतमानव के इसी दम्भ को व्याख्यायित करतेरते हुए प्राच्यवाद या ओरियंटलिज्म (1978) की अवधारणा प्रस्तुत की।

एडवर्ड सईद से अफ्रीकी लेखक प्रभावित हुए थे। प्राच्यवाद के फलस्वरूप गैर-पाश्चात्य की पश्चिमी छवियों के बारे में क्रमबद्ध विधिसम्मत आंशका की भावना उत्पन्न हुई एवं सामंती व्यवस्था की सूझ बूझ में बड़ा अंतर उत्पन्न हुआ।

37. यह किसने लिखा था स्कूल एवं कॉलेजों की तुलना में फैक्ट्रियाँ अधिक प्रभावी हो सकती है तथा राष्ट्र की गतिविधियों को नया जन्म दे सकती हैं

Correct Answer: (b) एम.जी. रानाडे
Solution:एम.जी रानाडे के अनुसार स्कूल एवं कॉलेजों की तुलना में फैक्ट्रियां अधिक प्रभावी हो सकती हैं तथा राष्ट्र की गतिविधियों को नया जन्म दे सकती हैं। रानाडे एक प्रसिद्ध भारतीय राष्ट्रवादी, विद्वान, समाज सुधारक और न्यायविद थे। 1871 में प्रेसीडेंसी मजिस्ट्रेट के पद के लिए रानाड़े को चुना गया था। एम.जी.रानाडे, एस.एच चिपलंकर व जी.वी. जोशी ने पूना में पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना 1870 ई. में किया था।

38. दिल्ली सल्तनत की सेना का वह सैन्य प्रमुख (सेनापति) कौन था जिसने वारंगल के काकतीयों पर आक्रमण किया था?

Correct Answer: (b) मलिक काफूर
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति मलिक काफूर ने 1308 में वारंगल (काकतीय वंश की राजधानी) पर आक्रमण किया तथा वारंगल के शासक प्रतापरूद्ध देव II को परास्त किया। पराजित होने के पश्चात् प्रतापरूद्र देव II ने मलिक काफूर को कोहिनूर हीरा दिया तथा अपनी सोने की मूर्ति बनवाकर उसके गले में कोहिनूर हीरे की माला डालकर मलिक काफूर को दे दी और अलाउद्दीन की अधीनता स्वीकार करते हुए नियमित वार्षिक कर देना स्वीकार किया।

नोट:- मुबारक शाह खिलजी तथा खिजखाँ अलाउद्दीन खिलजी के पुत्र थे। जबकि खान-ए-जहाँ मकबूल फिरोजशाह तुगलक का वजीर था।

39. बंदा बहादुर के नेतृत्व में सिख विद्रोह का दमन करने में बहादुर शाह की विफलता के क्या कारण थे :

A. सिख को स्थानीय लोगों का समर्थन प्राप्त था।
B. सिख ने इस क्षेत्र का कुशलतापूर्वक प्रयोग किया जिसके पश्चात् गुरिल्ला युद्ध विधि का शुभारंभ हुआ।
C. मुगल सेनापतियों की पारस्परिक ईच्या एवं झगड़ा
D. सिख विद्रोह और उनकी रणनीति की प्रकृति के विरुद्ध साम्राज्यवादियों की दुर्बलता
E. बहादुर शाह ने गुरु गोविंद सिंह के निधन के पश्चात्राजगत संपत्ति का नियम लागू किया जिसके फलस्वरूप जन आंदोलन आरंभ हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये।

Correct Answer: (a) केवल A, B, C, D
Solution:

बन्दा बहादुर का बचपन का नाम लक्ष्मण देव था। बाद में गुरू गोविन्द सिंह ने उन्हें बन्दाबहादुर का नाम दिया। बन्दाबहादुर ने प्रथम स्वतंत्र सिख राज्य की स्थापना की। इसकी राजधानी सरहिन्द थी।

बंदा बहादुर के नेतृत्व में सिख विद्रोह का दमन करने में उत्तर मुगल बादशाह बहादुर शाह इसलिए असफल हुआ क्योंकि सिखों को स्थानीय लोगों का सर्मथन प्राप्त था। सिख ने इस क्षेत्र का कुशलतापूर्वक प्रयोग किया जिसके पश्चात गुरिल्ला युद्ध विधि का शुभारंभ हुआ। सिख विद्रोह और उनकी रणनीति की प्रकृति के विरुद्ध साम्राज्यवादियों की दुर्बलता, मुगल सेनापतियों की पारस्परिक ईष्या एवं झगड़ा आदि प्रमुख कारण थे।

40. 'जब तक शोधकर्ता को क्या लिखना है कैसे लिखना है और कैसे वर्गीकृत करना है, इसकी जानकारी न हो तो यह केवल समय की बर्बादी है।' यह कथन किसका है?

Correct Answer: (b) बी. शेख अली
Solution:

"जब तक शोधकर्ता को क्या लिखना है कैसे लिखना है और कैसे वर्गीकृत करना है इसकी जानकारी न हो तो यह केवल समय की बर्बादी है" यह कथन इतिहासकार बी. शेख अली (1925-2022) का है।

इन्होंने 1986 में भारतीय क्रांति कांग्रेस के 47वें सत्र में बगावत किया था और 1985 में दक्षिण भारत में क्रांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष थे। इन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। गोवा विश्वविद्यालय और मंगलौर विश्वविद्यालय में इन्होंने कुलपति के रूप में कार्य किया। इनकी प्रमुख रचना 'हिस्ट्री इट्स थ्योरी एण्ड मेथड' और 'टीपू सुल्तान' है।