NTA यूजीसी नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 (इतिहास)(Shift II)

Total Questions: 100

51. अलवार और नयनार निम्नांकित में से किनसे संबंधित हैं :

A. हिन्दू धर्म
B. वैष्णव धर्म
C. शैव धर्म
D. वैदिक धर्म
E. जैन धर्म
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, B, C, D
Solution:

अलवार और नयनार हिन्दू धर्म, वैष्णव धर्म, शैव धर्म एवं वैदिक धर्म से संबंधित हैं। अलवार बारह वैष्णव (भगवान विष्णु के भक्त) संत कवियों का एक समूह था। उनकी रचनाएँ मुख्य रूप से भगवान विष्णु के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा- भक्ति पर केंद्रित थीं और इन रचनाओं में मोक्ष प्राप्त करने हेतु ईश्वर के प्रति समर्पण (प्रपत्ति) की अवधारणा पर बल दिया गया था। नयनार 63 शैव (भगवान शिव के भक्त) संत-कवियों का एक समूह था। ये भगवान शिव के प्रति पूर्णतः समर्पित थे और उनकी स्तुति में भजन व काव्य की रचना करते थे। प्राचीन भारतीयों के धर्म के विषय में जानकारी सर्वप्रथम वैदिक साहित्य वेद, ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक तथा उपनिषद से मिलती है। वैष्णव धर्म का विकास भागवत धर्म से हुआ है।

52. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-Iसूची-II
(मध्यपाषाण युगीन)(ताम्रपाषाण युगीन)
A. औजारI. चित्रकला
B. रंगII. मुहर
C. सिंधुIII. पुरा पाषाण युगोत्तर
D. दाढ़ी वाला आदमीIV. सिलखड़ी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIIVI
(d)IIVIIIII
Correct Answer: (a)
Solution:सुमेलित सूची इस प्रकार है-

53. वारेन हेस्टिंग्स के कहने पर हिन्दू विधि सार संकलन 1775 में ग्यारह पंडितों की समिति द्वारा किया गया था

A. यह सार संग्रह एन बी हाथेड़ द्वारा अंग्रेजी में अनुदित हुआ।
B. इससे यूरोप के न्यायाधीशों को सहायता मिली और अन्तर्देशीय भाषांतरकारों पर उनकी निर्भरता कम हो गई।
C. इसके फलस्वरूप रेग्युलेटिंग एक्ट का महत्व कम हो गया।
D.  इससे ब्रिटिश को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में भारत वासियों को विधिक अर्थ में समझने में सहायता मिली।
E. यह पिट्स इंडिया एक्ट को पारित करने में अति महत्वपूर्ण साधन सिद्ध हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये।

Correct Answer: (a) केवल A, B,D
Solution:

वॉरेन हेस्टिंग्स (1773-1785) के समय भारत में एक बड़ी समस्या यह थी कि ब्राह्मण पंडित धर्मशास्त्र की अलगअलग शाखाओं के हिसाब से स्थानीय कानूनों की अलग-अलग व्याख्या कर देते थे।

इस भिन्नता को खत्म करके समरूपता लाने के लिए 1775 में 11 पंडितों को भारतीय कानूनों का एक संकलन तैयार करने का काम सौंपा गया। एन.बी. हालहेड ने इस संकलन का अंग्रेजी में अनुवाद किया।

इससे यूरोप के न्यायाधीशों को सहायता मिली और अन्तर्देशीय भाषांतरकारों पर उनकी निर्भरता कम हो गई। 1773 के रेग्युलेटिंग ऐक्ट के तहत एक नए सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई। इसके द्वारा ब्रिटिश को ऐतिहासिक परिप्रक्ष्य में भारतवासियों को विधिक अर्थ में समझने में सहायता मिली। कलकत्ता में अपीलीय अदालत सदर निजामत अदालत की भी स्थापना की गई।

54. सिक्का शास्त्र में निम्नांकित में से किसके बारे में व्याख्या की गई है :

A. युगों की अर्थव्यवस्था
B.  सिक्के का मूल्य
C. प्रयोग की जाने वाली धातु
D. काष्ठ उद्योग
E.  शासकों की प्रतिमाएँ
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, B, C, E
Solution:

सिक्का शास्त्र में युगों की अर्थव्यवस्था, सिक्के का मूल्य, प्रयोग की जाने वाली धातु एवं शासकों की प्रतिमाओं के बारे में व्याख्या की गई है। भारतीय मुद्राशास्त्र के जनक जेम्स प्रिंसेप थे। प्रत्येक सिक्के के दो पहलू होते हैं-

मुखा अभिलेख वाले पहलू को चित कहा जाता है जिसमें शासक का नाम, उपाधि एवं आकृति अंकित रहते हैं। सिक्के के दूसरे भाग पृष्ठतल को पट्ट कहते हैं जिस पर सामान्यतः नाना प्रकार के देवी-देवताओं की आकृति अंकित रहती है। सिक्कों के माप पद्धति (आकार-भार) के अध्ययन को मेट्रोलॉजी कहा जाता है। इसमें मुद्राओं की धातु, शिल्प और प्रतीकों के माध्यम से उनका काल और मूल्य निर्धारण किया जाता है।

55. वर्ष 1971 और 1976 का 25वाँ और 42वाँ संविधान संशोधन निम्नलिखित में से किसका पूर्वादाहरण है?

Correct Answer: (b) नीति निर्देशक तत्व
Solution:

वर्ष 1971 और 1976 का 25वाँ तथा 42वाँ संविधान संशोधन नीति निर्देशक तत्वों का पूर्वोदाहरण है। भारतीय संविधान में नीति निर्देशक तत्व आयरलैण्ड से लिए गए हैं। 25वें संशोधन में संपत्ति के मौलिक अधिकार में कटौती की गई।

इसमें यह भी व्यवस्था की गई कि अनुच्छेद 39 (ख) या (ग) में वर्णित नीति-निर्देशक तत्वों को प्रभावी करने के लिए बनाए गये किसी विधि को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि वह अनुच्छेद 14, 19 और 31 द्वारा मौलिक अधिकारों के संदर्भ में दी गई गारंटी का उल्लंघन करता है।

42वाँ संविधान संशोधन 1976 में स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश के आधार पर किया गया था। इसमें 59 प्रावधान थे तथा संविधान की प्रस्तावना में पंथ निरपेक्ष समाजवादी और अखण्डता शब्दों को जोड़ा गया।

56. कंपनी स्कूल ऑफ पेन्टिंग' को निम्नलिखित नाम से भी जाना जाता था?

Correct Answer: (d) पटना स्कूल
Solution:

कंपनी स्कूल ऑफ पेटिंग को पटना स्कूल के नाम से भी जाना जाता था। यह मिश्रित कला, भारतीय और यूरोपीय कला का सम्मिश्रण है जिसे कंपनी शैली कहा जाता है। अंग्रेजों के समय पटना हर तरह से सुदृढ़ व महत्वपूर्ण होने के कारण यह उनका प्रशासन व व्यापार का मुख्य केंद्र बन गया था।

यहाँ पर आश्रित कलाकार एंग्लों इंडियन स्टाइल में चित्रण करते थे जिसमें पशु-पक्षी, प्राकृतिक चित्र, लघु चित्र, भारतीय दासता का जीवन एवं अंग्रेजों व कम्पनी के व्यापारियों व धनाढ्यों के पारिवारिक लोगों के व्यक्ति चित्र बनाये। यहाँ के चित्रकार सेवकराम (1770- 1830) से लार्ड मिण्टो ने अनेक चित्र खरीदे थे।

57. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I सूची-II 
A. संधिI. तटस्थता
B. आसनII. युद्ध की घोषणा किए बिना ही आक्रमण की तैयारी करना
C. सामाश्रयIII. अन्य व्यक्ति का संरक्षण मांगना
D. यानIV. शांति या संधि वार्ता

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIVIII
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIIIV
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (d)
Solution:सुमेलित सूची इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
संधिशांति, सन्धि या वार्ता
आसनतटस्थता
सामाश्रयअन्य व्यक्ति का संरक्षण मांगना
यानयुद्ध की घोषणा किए बिना आक्रमण की तैयारी करना

58. भारत का संविधान बनाने के बारे में निम्नांकित में से कौन-से कथन सही हैं?

A. केन्द्र स्तर पर गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट, 1935 द्वारा द्विसदनीय विधायिका पुनः स्थापित की गई।
B. प्रान्तों में द्वैधशासन गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट, 1919 द्वारा पुनः स्थापित किया गया।
C. एनी बेसेंट ने गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट 1919 को इंग्लैंड द्वारा दिए जाने और भारत द्वारा स्वीकार किए जाने के योग्य नहीं माना था।
D. प्रान्तीय स्वायत्तता गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट, 1935 द्वारा पुनः स्थापित की गई।
E. कांग्रेस ने इण्डियन काउंसिल एक्ट, 1919 को अस्वीकृत कर दिया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, C,D, E
Solution:

भारत का संविधान बनाने के बारे में सही कथन इस प्रकार हैं- 1919 के भारत सरकार अधिनियम द्वारा प्रांतों में द्वैधशासन की पुनः स्थापना की गयी। द्वैध शासन के जन्मदाता लायोनिल कार्टिस थे। इन्होंने अपनी पुस्तक डायक में द्वैध शासन का वर्णन किया था।

ऐनी बेसेंट ने गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1919 को इंग्लैण्ड द्वारा दिए जाने और भारत द्वारा स्वीकार किए जाने के योग्य नहीं माना था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इंडियन काउंसिल एक्ट 1919 को अपर्याप्त, असत्तोषजनक तथा निराशापूर्ण बताया तथा इसने दिसम्बर 1921 में असहयोग आंदोलन आरम्भ किया जिसमें केन्द्रीय तथा प्रान्तीय विधानशालाओं का बहिष्कार सम्मिलित था।

गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 द्वारा प्रान्तों में द्वैध शासन समाप्त करके केन्द्र में द्वैध शासन लागू किया गया। 1935 के ही अधिनियम से प्रान्तीय स्वयत्तता को पुनः स्थापित किया गया। अतः कथन B, C, D और E सही हैं।

59. विद्रोह के किस नेता को ब्रिटिश मजिस्ट्रेट ने ब्रिटिश शासन का एकमात्र शत्रु कहलाने योग्य कहा था।

Correct Answer: (d) बाबू कुँवर सिं
Solution:

1857 के विद्रोह के नेता बाबू कुँवर सिंह को ब्रिटिश मजिस्ट्रेट ने ब्रिटिश शासन का एकमात्र शत्रु कहलाने योग्य कहा था। इन्होंने जगदीशपुर (आरा, बिहार) से विद्रोह का नेतृत्व किया तथा इन्हें बिहार का सिंह कहा गया।

कर्नल जी.बी.मालेसन ने अपनी पुस्तक 'द इंडियन म्यूटिनी ऑफ 1857' में लिखा है कि 'इस महान योद्धा ने अंग्रेजों द्वारा किए गए उनके अपमान जैसा कि वह समझते थे, का प्रतिशोध तो लिया ही, उनके छक्के भी छुड़ा दिये।'

60. निम्नांकित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :

A.  मौर्य सम्राट अशोक का राज्याभिषेक
B.  यू-ची ट्राइब को पराजित कर उन्हें चीन के तुर्किस्तान से निष्कासित किया गया था।
C.  अंतिम मौर्य शासक (सम्राट) की पुष्यमित्र द्वारा हत्या
D.सिंकदर ने डेरियस को पराजित किया और उसकी राजधानी पर्सिपोलिस को जला दिया।
E. सिकंदर और पोरस के मध्य संघर्ष
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) D, E, A, С, В
Solution:उपर्युक्त घटनाओं का कालक्रमानुसार इस प्रकार है-

1. सिकंदर ने डेरियस (दारा तृतीय) को पराजित किया और उसकी राजधानी पर्सिपोलिस को जला दिया। - 331 ई.पू.

ii. सिंकदर और पोरस के मध्य संघर्ष - 326 ई.पू.

iii. मौर्य सम्राट अशोक का राज्याभिषेक 269 ई.पू.

iv. अंतिम मौर्य शासक (सम्राट बृहद्रथ) की पुष्यमित्र द्वारा हत्या - 184 ई.पू.

v. यू-ची ट्राइब को पराजित कर उन्हें चीन के तुर्किस्तान से निष्कासित किया गया था- 165 ई.पू.