Solution:इतिहास के अध्ययन के लिए साहित्यिक स्त्रोतों में श्रीमद रामायण, श्रीमद महाभारत, मेगस्थनीज द्वारा रचित इंडिका एवं कौटिल्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र सम्मिलित है। महर्षि बाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण में मुख्यतः 6000 श्लोक थे जो बाद में बढ़कर 12000 श्लोक हो गये पर अन्ततः इसमें 24000 श्लोक हो गये।
महाभारत की रचना वेद व्यास ने की थी तथा अंत में एक लाख श्लोक होने के कारण इसे शत साहस्त्री संहिता या महाभारत कहा जाने लगा। मेगस्थनीज सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था उसने चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में 14 वर्ष व्यतीत किया था।
उसके द्वारा रचित इण्डिका में मौर्य युगीन समाज एवं संस्कृति का विवरण मिलता है। मौर्यकालीन इतिहास एवं राजनीति का विवरण मिलता है। मौर्यकालीन इतिहास एवं राजनीति के ज्ञान के लिए अर्थशास्त्र ग्रंथ एक प्रमुख स्त्रोत है। सिक्के पुरातात्विक स्रोत के अन्तर्गत आते हैं।