NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून-2024 (इतिहास)

Total Questions: 100

81. सिंगापुर में मुख्यालय के साथ 1943 में औपचारिक रूप से घोषित अंतरिम आजाद हिन्द सरकार में निम्नलिखित मंत्री थे :

A. कप्तान लक्ष्मी स्वामीनाथन
B. एस.ए. अय्यर
C. लेफ्टिनेंट कर्नल ए.सी. चटर्जी
D. ए.एम. सहाय
E. एम.एस. ऐने
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

4 जुलाई 1943 को सुभाष चन्द्र बोस ने पूर्व एशिया में भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन की कमान रास बिहारी बोस से अपने हाथों में लेली। उन्होंने आजाद हिन्द फौज गठित की। उसके सर्वोच्च कमांडर बने और उसका मुख्यालय सिंगापुर में बनाया।

21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर की एक ऐतिहासिक सभा में उन्होंने आजाद हिन्द नाम की अन्तरिम सरकार की घोषणा कर दी। अंतरिम सरकार को नौ राष्ट्रों द्वारा मान्यता प्रदान की गई। इस सरकार के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा सेनाध्यक्ष तीनों पद सुभाष चन्द्र बोस ने संभाला। इसके साथ ही अन्य दायित्व जैसे वित्तमंत्री एस.सी. चटर्जी, प्रचार मंत्री एस.ए. अय्यर तथा महिला संगठन लक्ष्मी स्वामीनाथन को सौपा गया।

82. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (फिल्म)सूची-II (निर्देशक)
A.भक्त विदुर (1921)I.कांजीभाई राठौड़
B.धर्मात्मा (1935)II.वी. शांताराम
C.धरती माता (1938)III.नितिन बोस
D.1857 (1946)IV.मोहन सिन्हा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-I, B-II, C-III, D-IV
Solution:सूचियों का सही मिलान इस प्रकार है-
सूची-I (फिल्म)सूची-II (निर्देशक)
A.भक्त विदुर (1921)कांजीभाई राठौड़
B.धर्मात्मा (1935)वी. शांताराम
C.धरती माता (1938)नितिन बोस
D.1857 (1946)मोहन सिन्हा

83. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करेंः

A. यूनाइटेड इंडियन पेट्रिओटिक एसोसिएशन का गठन
B. तिलक द्वारा गणपति पर्व का आयोजन
C.  बंकिम चन्द्र चटर्जी की मृत्यु
D.  तिलक द्वारा शिवाजी पर्व का आयोजन
E.  पूना में रैन्ड और अयर्स्ट की हत्या
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A, B, C, D, E
Solution:सही कालानुक्रम इस प्रकार है-

(i) यूनाइटेड इंडियन पेट्रिओटिक एसोसिएशन का गठन 1888 में सर सैय्यद अहमद खान द्वारा की गई।

(ii) बालगंगाधर तिलक द्वारा 1893 ई. में गणपति पर्व का आयोजन किया गया।

(iii) 1894 ई. में बंकिम चन्द्र चटर्जी की मृत्यु कलकत्ता में हुई।

(iv) बालगंगाधर तिलक द्वारा 1895 ई. में शिवाजी पर्व का आयोजन किया गया।

(v) 1897 ई.में चापेकर बन्धुओं द्वारा पूना में रेन्ड और अयस्ट की गोली मार कर हत्या कर दी गई।

84. सम्राट बिम्बिसार की पहली राजधानी का नाम बताएँ?

Correct Answer: (b) गिव्रिज
Solution:

हर्यक वंश के शासक बिम्बसार की पहली राजधानी गिनिज था। मगध साम्राज्य की महत्ता का वास्तविक संस्थापक राजा बिम्बसार (544-492) था। बिम्बसार महात्मा बुद्ध का मित्र एवं सरंक्षक था।

विनयपिटक से ज्ञात होता है कि बुद्ध से मिलने के बाद उसने बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया तथा वेलुवन नामक उद्यान बुद्ध तथा संघ के निमित्व प्रदान किया। बिम्बसार लगभग 52 वर्ष तक शासन किया। अन्त में इसका पुत्र अजातशत्रु (कुणिक) ने उसे बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया जहाँ भीषण यातनाओं द्वारा उसे मार डाला गया।

85. निम्नलिखित में से कौन-सा विद्वान "दस्तावेज झूठे है।" कथन के साथ संबद्ध है?

Correct Answer: (d) टी.ई. लॉरेन्स
Solution:

टी.ई. लॉरेन्स एक ब्रिटिश पुरातत्वविद्, सैन्य राजनीतिकार तथा लेखक थे। इन्होंने द सेवन पिलर्स ऑफ विजडम, में अपने युद्ध की कहानी बताई है। थॉमस एडवर्ड लॉरेन्स वर्साय शांति सम्मेलन में अरब राज्यों की स्वतंत्रता के समर्थन में काम किया तथा बुद्धि के सात स्तम्भों का पहला मसौदा लिखा।

लॉरेन्स ने अपना कैरियर पुरातत्वविद् के रूप में शुरू किया था तथा पुस्तकालय एवं कई अभिलेखागार पर भी काम किया और बताया कि दस्तावेज झूठे है।

86. निम्नलिखित में से किस स्थान पर मुख्य शिला लेख उपलब्ध है?

Correct Answer: (c) सोपारा
Solution:

सोपारा महाराष्ट्र प्रान्त के थाना जिले में स्थित एक खण्डित शिला पर आठवें शिलालेख के कुछ भाग उत्कीर्ण है। अनुमान किया जाता है कि पहले यहाँ सभी चौदह लेख विद्यमान रहे होगें। अशोक के बृहद शिलालेख जो आठ भिन्न भिन्न स्थानों से प्राप्त हुए है जो निम्न है- शाहबाजगढ़ी (पाकिस्तान) मनसेहरा (पाकिस्तान) कालसी (उत्तराखण्ड) गिरनार (गुजरात) धौली तथा जौगढ़ (उड़ीसा) एरंगुडि (आन्ध्र प्रदेश) सोपारा (महाराष्ट्र)।

नोट- मास्की (कर्नाटक) से लघु शिलालेख, मेरठ (उत्तर प्रदेश) से स्तम्भ लेख, प्राप्त हुए है।

87. 'नेताजी सुभाष' फिल्म का निर्देशन किसने किया, जो वल्लभ भाई पटेल द्वारा प्रोड्यूस की गई थी और सुभाष चन्द्र बोस के जीवन पर आधारित थी?

Correct Answer: (a) छोटूभाई देसाई
Solution:

'नेताजी सुभाष' फिल्म का निर्देशन छोटूभाई देसाई ने किया था, जो वल्लभ भाई पटेल द्वारा प्रोड्यूस की गई थी और सुभाष चन्द्र बोस के जीवन पर आधारित थी। देवकी कुमार बोस पहले बंगाली फिल्म निर्देशक थे जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ रवीन्द्र संगीत को मिलाकर फिल्मों में एक अद्धत ध्वनि माधुर्य पैदा किया। बाबूराव पेंटर एक स्व-शिक्षित कलाकार थे जो तेल चित्रकला और मूर्तिकला दोनों में उत्कृष्ट थे।

88. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :

A. पाणिनी की अष्टाध्यायी
B. चरक संहिता
C.  पुराणों का संकलन
D. भरत का नाट्यशास्त्र
E. कालिदास के संस्कृत नाटक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A, B, C, D, E
Solution:

सही कालानुक्रम इस प्रकार है-

(i)पाणिनी की अष्टाध्यायी

(ii) चरक संहिता

(iii) पुराणों का संकलन

(iv) भरत का नाट्यशास्त्र

(v) कालिदास के संस्कृत नाटक (गुप्तकाल)

89. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-Iसूची-II
A. कजागI. एक जनजाति
B. निशानII. किसी राजकुमार द्वारा जारी आदेश
C. ऋषिIII. सूफी सिलसिला
D. कशफुल महजुबIV. ग्रंथ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A-I, B-II, C-III, D-IV
Solution:सूचियों का सही मिलान इस प्रकार है-
सूची -Iसूची -II
A. कजाग→ एक जनजाति
B. निशान→ किसी राजकुमार द्वारा जारी आदेश
C. ऋषि→ सूफी सिलसिला
D. कशफुल महजुब→ ग्रंथ (अली बिन उस्मान अल हुजबीरी)

90. निम्नलिखित कथन किस इतिहासकार से संबंधित है?

संत ऑगस्टाइन ने आरंभिक ईसाई की दृष्टि से इतिहास देखा; टिल्लामोंट ने सत्रहवीं सदी के फ्रेंच व्यक्ति की तरह; गिब्बन ने अठाहरवीं सदी के अंग्रेज व्यक्ति तरह; मॉमसन ने उत्रीसवीं सदी के जर्मन की तरह इतिहास को देखा। यह पूछने का कोई अर्थ नही है कि कौन-सा दृष्टिकोण सही था। प्रत्येक दृष्टिकोण, उसे स्वीकारने वाले व्यक्ति के लिए केवल एक ही बचा हुआ दृष्टिकोण था।

Correct Answer: (b) आर. कॉलिंगवुड
Solution:

संत ऑगस्टाइन ने आरंभिक ईसाई की दृष्टि से इतिहास देखा; टिल्लामोंट ने सत्रहवीं सदी के फ्रेंच व्यक्ति की तरह; गिब्बन ने अठाहरवीं सदी के अंग्रेज व्यक्ति की तरह मॉमसन ने उत्रीसवीं सदी के जर्मन की तरह इतिहास को देखा।

यह पूछने का कोई अर्थ नही है कि कौन-सा दृष्टिकोण सही था। प्रत्येक दृष्टिकोण, उसे स्वीकारने वाले व्यक्ति के लिए केवल एक ही बचा हुआ दृष्टिकोण था।” यह कथन प्रसिद्ध दार्शनिक इतिहासकार एवं पुरातत्वविद रॉबिन जॉज कॉलिंगवुड का है कॉलिंगवुड ने इतिहास की महत्ता को देखते हुए कहा था "हम ऐसे दहलीज पर खड़े है जिसमें दुनिया के लिए इतिहास उतना ही महत्वपूर्ण होगा जितना कि 1600-1900ई. के बीच प्राकृतिक विज्ञान का था।