NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 (इतिहास)

Total Questions: 100

1. महाभाष्य का लेखक कौन था?

Correct Answer: (c) पतंजलि
Solution:

पतंजलि द्वारा लिखित महाभाष्य एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो पाणिनि द्वारा रचित संस्कृत व्याकरण के मूल ग्रंथ 'अष्टाध्यायी' पर लिखी गई विस्तृत टीका है। यह ग्रंथ न केवल व्याकरण के नियमों को स्पष्ट करता है, बल्कि भाषा, दर्शन और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर भी गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। पतंजलि ने इसमें वाक्य रचना, शब्द निर्माण और अर्थ के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की है, जिससे यह भारतीय भाषा विज्ञान का आधारभूत स्रोत बन गया है।

2. जैन धर्म के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

A. महावीर ने ब्रह्मचर्य के नियम पर बल दिया।
B. महावीर द्वारा सिखाए गए सिद्धांत पूर्व नामक चौदह पुराने ग्रंथों में समाहित थे।
C. पाटलिपुत्र में आयोजित संगीति/ सभा में बारह अंग संकलित किए गए थे।
D. भद्रबाहु के अनुयायी दिगम्बर कहलाये थे।
E. धर्मग्रंथों का अंतिम संकलन वल्लभी में हुई संगीति/परिषद में किया गया था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (e) *
Solution:

महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व के लगभग वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था, महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे, इन्होंने जैन धर्म द्वारा स्थापित चार व्रतों में पाँचवाँ व्रत ब्रह्मचर्य को भी जोड़ दिया तथा इसका कठोरता से पालन करना अनिवार्य कर दिया।
महावीर द्वारा सिखाए गए सिद्धांत पूर्व नामक चौदह पुराने ग्रंथों में समाहित थे। पाटलिपुत्र में आयोजित जैन संगीति सभा में बारह अंग संकलित किए गए थे, लेकिन जैन धर्मग्रंथों का अंतिम संकलन वल्लभी में हुई संगीति परिषद् में किया गया था, यह सभा देवऋद्धिगणि (क्षमाश्रवण) की अध्यक्षता में संपन्न हुई थी।
महावीर की मृत्य के 200 वर्ष बाद मगध में अकाल पड़ा जिसके चलते भद्रबाहु दक्षिण भारत चले गए और इनके अनुयायी दिगंबर कहलाए, इसके विपरीत स्थूलभद्र के नेतृत्व में मगध में रहने वाले जैन अनुयायी श्वेतांबर कहलाए। भद्रबाहु महावीर द्वारा प्रदत्त पूब्बों या पूर्व को जानने वाले अंतिम व्यक्ति थे। नोट-आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में D माना है, किंतु इस प्रश्न के सभी विकल्प सही हैं। स्रोत-के.सी. श्रीवास्तव ।

3. निम्नलिखित में से कौन देव राय ॥ के बारे में उल्लेख करता है कि "इस पश्चात्वर्ती राजकुमार के नियंत्रणाधीन तीन सौ पत्तन थे, जिनमें से प्रत्येक कालीकट के समतुल्य था...?

Correct Answer: (d) अब्दुर रज्जाक
Solution:

अब्दुर रज्जाक देवराय द्वितीय के बारे में उल्लेख करता है कि "इस पश्चात्वर्ती राजकुमार के नियंत्रणाधीन तीन सौ पत्तन थे, जिनमें से प्रत्येक कालीकट के समतुल्य था । देश का अधिकांश भाग उपजाऊ था, जिस पर भलीभांति खेती होती थी। अब्दुर रज्जाक फारस के सुल्तान शाहरुख के प्रतिनिधि के रूप में कालीकट के राजा जमोरिन के दरबार में आया था। तत्पश्चात् वह देवराय द्वितीय के दरबार में पहुँचा। इसकी पुस्तक 'मतला उस सदैन वा मजमा- उल-बहरीन' अर्थात् 'दो भाग्यशाली ग्रहों (बृहस्पति और शुक्र) एवं दो समुद्रों का संगम है।

4. निम्नलिखित में से कौन-से सत्य हैं?

A. मेधातिथि ने विधि पर लिखा।
B. सारंगधर ने व्याकरण पर लिखा।
C. भोज ने खगोलविद्या और राजनीति पर लिखा।
D. भट्टोटपाल ने खगोलविज्ञान पर लिखा।
E. श्रीधर ने गणित पर लिखा।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (c) केवल A, C, D, E
Solution:

उपर्युक्त विकल्पों में निम्न कथन सत्य हैं-
A. मेधातिथि मिताक्षरा और मनुस्मृति पर अपनी टिप्पणी लिखने के लिए प्रसिद्ध है, जो हिंदू कानून (विधि) पर आधारित है।
B. सारंगधर 13वीं शताब्दी के कवि थे, इन्होंने "सारंगधरपद्धति" नामक एक ग्रंथ लिखा था, जो नैतिक दर्शन तथा हठयोग पर आधारित था। जबकि व्याकरण की रचना के लिए पाणिनि सर्वाधिक प्रसिद्ध थे।
C. राजा भोज परमार वंश के एक महान विद्वान और संरक्षक थे. इन्होंने खगोल विद्या (राजमार्तंड और सारांश सिद्धांत) और राजनीति (युक्तिकल्पतरु) सहित विभिन्न विषयों पर लिखा था।
D. भट्टोत्पल (भट्टोटपाल) दसवीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध खगोलविज्ञानी थे, जिन्होंने वराहमिहिर के ज्योतिष और खगोल ग्रंथों पर महत्वपूर्ण टीकाएँ लिखी थीं।
E. श्रीधर एक प्राचीन गणितज्ञ थे, जिन्होंने "त्रिशतिका" और "पाटीगणित” जैसे ग्रंथों के माध्यम से अंकगणित और बीजगणित के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

5. सूची-1 को सूची-II से सुमेलित करें-

S.No.List-I (सूचि-I)List-II (सूचि-II)
Aकृष्णा I. वैसारवन
Bकुबेर II. मयोन
Cपार्वती III. मारियाम्माई
Dशीतला IV. अन्नपूर्णा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (d) A-II, B-I, C-IV, D-III
Solution:सूची-1 तथा सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है-
देवता (सूची-I)संबंधित नाम (सूची-II)
कृष्णमयोन
कुबेरवैसारवन
पार्वतीअन्नपूर्णा
शीतलामारियाम्माई

6. निम्नलिखित में से कौन-से कथन प्राचीन काल में भारतीय उपमहाद्वीप में जल संभरण और प्रबंधन के बारे में सत्य हैं?

A. सनौली में नहर सिंचाई के साक्ष्य मिले हैं।
B. मोहनजोदड़ो के महान स्नानागार में जलापूर्ति और वितरिकाओं का प्रावधान था।
C. मेहरगढ़ में रोक बाँध के साक्ष्य मिले हैं।
D. शोर्तुघई में पुरातत्वीय साक्ष्य नहरी प्रणाली का अस्तित्व दर्शाते हैं।
E. धौरावीरा में उत्खनन से जलाशय के साक्ष्य प्रकाश में आये हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (b) केवल B, C, D और E
Solution:

सनौली उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित यमुना नदी के किनारे उत्तर हड़प्पाकालीन विशालतम कब्रगाह है, यहाँ से नहर सिंचाई के साक्ष्य नहीं मिले हैं, इसके विपरीत मोहनजोदड़ो के महान स्नानागार में जलापूर्ति और वितरिकाओं के साक्ष्य, मेहरगढ़ में रोक बाँध के साक्ष्य, शो घई में पुरातत्वीय नहर प्रणाली का साक्ष्य तथा धौलावीरा में उत्खनन से जलाशय के साक्ष्य प्रकाश में आए हैं।

7. निम्नलिखित परमार शासकों को उनके शासनकाल के अनुसार कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।

A. सियक - हर्ष        B. सिंधुराज
C. कृष्णराज             D. वाकपति - मुंज
E. भोज
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (c) C, A, D, B, E
Solution:

परमार शासकों के शासनकाल का व्यवस्थित क्रम इस प्रकार है-
कृष्णराज
सीयक-हर्ष
वाकपति-मुंज
सिंधुराज
भोज

8. वेवेल योजना और शिमला सम्मेलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

A. वेवेल योजना ने लेबर पार्टी सहित ब्रिटिश राजनीतिक दलों का एकमत समर्थन प्राप्त किया। B. सम्मेलन में सिक्खों का प्रतिनिधित्व मास्टर तारा सिंह ने किया।
C. मुस्लिम लीग ने प्रस्तावित कार्यकारी परिषद के लिए नामों की सूची प्रस्तुत करने से मना कर दिया।
D. वेवेल ने कांग्रेस और यूनियनिस्ट पार्टी से एक-एक सदस्य तथा अन्य सदस्य मुस्लिम लीग से चयनित करने का प्रस्ताव दिया।
E. सम्मेलन असफल हो गया क्योंकि कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों प्रस्तावित कार्यकारी परिषद में बराबर संख्या में मुस्लिम सदस्य चाहते थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (c) केवल A, B और C
Solution:

अक्टूबर, 1943 में लॉर्ड लिनलिथगो के स्थान पर लॉर्ड वेवेल भारत के गवर्नर जनरल नियुक्त हुए। इन्होंने सभी राजनीतिक दलों में गतिरोध समाप्त करने के लिए शिमला सम्मेलन में वेवेल योजना प्रस्तुत किया वेवेल योजना के बारे में निम्नलिखित कथन सत्य हैं-
A. वेवेल योजना ने लेबर पार्टी सहित ब्रिटिश राजनीतिक दलों का एकमत समर्थन प्राप्त किया।B. सम्मेलन में सिक्खों का प्रतिनिधित्व मास्टर तारा सिंह ने किया।
C. मुस्लिम लीग ने प्रस्तावित कार्यकारी परिषद के लिए नामों की सूची प्रस्तुत करने से मना कर दिया।
D. वेवेल योजना के तहत वायसराय की कार्यकारिणी में गवर्नर जनरल और मुख्य सेनापति के अतिरिक्त सभी सदस्य भारतीय होंगे, जिसमें मुसलमान और सवर्ण हिंदू बराबर होंगे।
E. सम्मेलन असफल रहा, क्योंकि मुस्लिम लीग माँग कर रही थी कि वायसराय की सूची में मुस्लिम लीग से बाहर का कोई भी मुसलमान नहीं होना चाहिए।
अतः कथन A, B, C सत्य हैं।

9. "सज्जन व्यक्ति की मित्रता किसी श्रेष्ठ पुस्तक की सुंदरता के समान है। यह अपनी ताजगी नहीं खोती है, बल्कि प्रत्येक गुजरते दिन के साथ बढ़ता आनंद प्रदान करती है, जिस प्रकार गहन अध्ययन से हम किसी पुस्तक से अभिवर्धित आनंद प्राप्त करते हैं।" इस कहावत के लेखक हैं?

Correct Answer: (d) तिरुक्कुराल में तिरुवल्लुवर
Solution:

तिरुवल्लुर जिन्हें अमतौर पर बल्लुवर के नाम से जाना जाता है, एक तमिल कवि और दार्शनिक थे। इन्हें तिरुवल्लुवर के रचयिता के रूप में जाना जाता है, जो नैतिकता, राजनीति, आर्थिक मामलों और प्रेम पर दोहों का एक संग्रह है। तिरुवल्लुवर ने अपने ग्रंथ तिरुक्कुराल में लिखा है कि "सज्जन व्यक्ति की मित्रता किसी श्रेष्ठ पुस्तक की सुंदरता के समान है। यह अपनी ताजगी नहीं खोती है, बल्कि प्रत्येक गुजरते दिन के साथ बढ़ता आनंद प्रदान करती है, जिस प्रकार गहन अध्ययन से हम किसी पुस्तक से अभिवर्धित आनंद प्राप्त करते हैं।"

10. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा निम्नलिखित में से किस शहर का नाम बदलकर सुल्तानपुर किया गया था?

Correct Answer: (a) वारंगल
Solution:

ग्यासुद्दीन तुगलक सुल्तान बनने के पश्चात 1321 ई.में अपने ज्येष्ठ पुत्र जौना खाँ को, जो बाद में नुहम्मद बिन तुगलक के नाम से प्रसिद्ध हुआ, युवराज घोषित कर लगाना (वारंगल) केराम प्रताप रुद्र देव के विरुद्ध एक विशाल सेना के साथ दक्षिण भेजा। मुहम्मद बिन तुगलक ने तेलंगाना को जीत लिया तथा इसनेइसका नाम वारंगल से बदलकर "सुल्तानपुर" किया तथा उसे 9 जिलों में विभाजित कर दिया।