NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 (इतिहास)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित अनुच्छेद पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दीजिए -

ब्राउन कहते हैं कि इस आधार तल पर ऊँचे खड़े इस मंदिर की पश्चिमी दिशा में सीढ़ियों द्वारा एक पोर्च तक पहुँचा जाता है और इसी जगह डिजाइनर महानतम ऊँचाइयों तक पहुँचा। मंडप और विमान के परंपरागत संयोजन से स्पष्टतापूर्वक मुँह नहीं मोड़ा गया है।
किंतु जिस रीति से सभी निश्चित और तीक्षण बाहयोन्मुखी स्थापत्य तत्व, जैसे कॉर्निस, प्लास्टर, निशे और पॉर्टिको क्रमबद्ध और कलात्मक रीति से व्यवस्थित किए गए हैं, वह दक्षतानिपुणता का संकेत है। इसके पश्चात् त्रिस्तरीय सीधा स्तंभ ऊपर की और उभरता है, और जो प्रमुखता से अपने गैबल अग्र को दर्शाता है, और रूपायित कूपोला से सुशोभित है, तथा 95 फीट कुल ऊँचाई तक पहुँचता है।
किंतु यह पूर्ण विवरण नहीं है। विमान के आधार पर प्लेटफॉर्म के व्यापक स्थल के आसपास पाँच अनुषंगी श्रेणिकाएँ शिला से तराशी गई हैं, जिनमें से प्रत्येक मुख्य विषय का घटे हुए पैमाने पर सौम्य पुन त्पादन है, जिसे वे सीमा के रूप में परिलक्षित करती हैं। आंतरिक भाग में एक स्तंभ होल है, जहाँ से प्रकोष्ठ कक्षों की ओर ले जाते हैं।
यह हॉल प्रत्येक चतुर्थक में चार के समूह में 16 वर्ग कोष्ठ वाला 70 फीट x 62 फीट माप का सु-अनुपाती कक्ष है, एक ऐसी व्यवस्था, जो महान गरिमा के साथ एक विकर्णी केंद्रीय दीर्घा का प्रभाव प्रस्तुत करती है। योजना के शेष भाग में 51 फीट ऊँचे दो ध्वजस्तंभ हैं, जो नंदी के दोनों तरफ स्थित है, कलात्मक कृति का चमत्कार प्रस्तुत करते हैं, जो दक्षिण स्तंभ शैली के विकास में महत्वपूर्ण चरण चिन्हांकित करते हैं।
अंतिम रूप से संपूर्ण मंदिर की स्थापत्य सजावट इसके अवयवों को सौम्यता से प्रस्तुत करती है तथा स्मारक के ताज की भाँति गौरव प्रदान करती है। कैलास पर्वत हिलाने की रावण की हठधर्मिता का सश्रम निरूपण विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मंदिर के बारे में सत्य है?

Correct Answer: (c) मंदिर एक संपूर्ण एकाश्म संरचना है।
Solution:

एलोरा गुफाओं को भव्य कैलाशनाथ मंदिर के कारण जाना जाता है। इस शिव मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम के संरक्षण में पथरीली पहाड़ी को तराशकर 8वीं शताब्दी में निर्मित किया गया। यह मंदिर एक संपूर्ण एकाश्म चट्टानों से बना है। एकाश्म संरचना से तात्पर्य एक ही बड़े पत्थर को अथवा पहाड़ी को काटकर मंदिर का निर्माण करना।

92. अनुच्छेद में निम्नलिखित में से किस मंदिर को संदर्भित किया जा रहा है?

Correct Answer: (a) एलोरा का कैलाश नाथ मंदिर
Solution:

एलोरा का कैलाश मंदिर को संदर्भित करते हुए ब्राउन कहते हैं कि आधार तल पर ऊँचे खड़े मंदिर की पश्चिमी दिशा में सीढ़ियों द्वारा पोर्च तक पहुँचा जाता है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस मंदिर की ऊँचाई अधिक है। विमान का चारतल्ला शिखर 95 फीट ऊँचा है। इसके तीन ओर प्रदक्षिणा पथ है। यह मंदिर दक्षता का संकेत देता है।

93. इस मंदिर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

Correct Answer: (c) इस स्थल के स्मारक, जहाँ मंदिर स्थित है, यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल हैं
Solution:

एलोरा के कैलाश मंदिर की गुफाओं को 1983 में यूनेस्को की विश्व विरासत धरोहर स्थलों की सूची में कैलाश मंदिर को भी शामिल किया गया था। एलोरा का कैलाश मंदिर महाराष्ट्र प्रांत के औरंगाबाद में स्थित एलोरा की पहाड़ी पर निर्मित है। इसमें हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों के स्मारक शामिल है।

94. निम्नलिखिथ में से कौन-सा कथन सत्य है?

Correct Answer: (a) यहाँ उल्लिखित मंदिर के अलावा, बौद्ध और जैन संरचनाएँ भी इस ऐतिहासिक स्थल पर स्थित थी।
Solution:

एलोरा पहाड़ी पर कैलाश मंदिर (शैव मंदिर) के अलावा, बौद्ध (12 बौद्ध गुफाएँ), जैन (5 जैन गुहा मंदिर) धर्मों के मंदिर बने हैं। ये गुफाएँ एक दूसरे के पास बनी हुई हैं, जो धार्मिक सद्भावना का संदेश देती हैं। बौद्ध गुफाओं (1-12 तक) में चैत्य (प्रार्थना कक्ष) और विहार (मठ), हिंदू गुफाएँ (13-29) जो एक ही प्रस्तर (चट्टान) से काटकर बनाई गई हैं। जैन गुफाएँ (30-40) का संबंध दिगंबर जैन परंपरा से है।

95. निम्नलिखित में से किसने यहाँ वर्णित मंदिर का निर्माण किया था?

Correct Answer: (a) कृष्ण I
Solution:

एलोरा पहाड़ी पर निर्मित एलोरा का कैलाश मंदिर राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम ने करवाया था। यह मंदिर प्राचीन भारतीय वास्तु एवं तक्षण कला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। संपूर्ण मंदिर एकाश्म पत्थर से निर्मित है। इसमें गोवर्धन धारण किए हुए कृष्ण, भगवान विष्णु, शिव के विविध रूपों, महिषासुर का वध करती हुई दुर्गा, कैलाश पर्वत उठाए हुए रावण आदि दृश्यों का कुशलतापूर्वक अंकन है।

96. निम्नलिखित अनुच्छेद पढ़ें और प्रश्नों के के उत्तर दीजिए -

धर्म संघर्ष की समस्या का हिंदू समाधान भविष्य में स्वीकारे जाने की संभावना है, यह मुझे निश्चित प्रतीत होता है। इसकी प्राप्ति के लिए अपने उद्देश्य एवं मार्ग निर्धारण की स्वतंत्रता आधारित भावना महत्वपूर्ण है। जो आत्म-निर्धारणीय नहीं हो वह निर्धारण मूल्यवान नहीं है।
विभिन्न धर्म विश्व के प्रत्येक भाग में एक-दूसरे का हाथ मित्रतापूर्वक पकड़ना धीरे-धीरे सीख रहे हैं। इस संध्या में मेरी यहाँ उपस्थिति इसका संकेत है। धर्म संसद और सभी पंथों के उदारवादी चिंतकों के सम्मेलन परस्पर समझ और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।
तुलनात्मक धर्म का अध्ययन अन्य धर्मों के प्रति निष्पक्ष अभिवृत्ति विकसित कर रहा है। यह हमारे लिए अनुवांछित हैं कि हम लोगों की मेधा, युग की भावना और समय की जरूरत को इंगित करते हुए प्रत्येक धर्म पर बल देते हुए सभी धर्मों की मौलिक एकता को परिलक्षित करें। हम धर्म के परस्पर अन्तर्संबंध के बारे में स्पष्टतापूर्वक सोचना सीख रहे हैं।
किसने कहा था, "मैं ऐसे राष्ट्र से संबंधित होने में गौरवान्वित महसूस करता है, जिसने पृथ्वी के सभी धर्मों के उत्पीड़ितों एवं सभी राष्ट्रों के शरणार्थियों को आश्रय दिया है?"

Correct Answer: (c) स्वामी विवेकानंद
Solution:

स्वामी विवेकानंद ने कहा कि मुझे धर्म का अनुयायी होने पर गर्व है, जिसने विश्व को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति की शिक्षा दी है। विभिन्न धर्म विश्व के प्रत्येक भाग में एक दूसरे का हाथ मित्रतापूर्वक पकड़कर धीरे-धीरे सीख रहे हैं।
स्वामी जी ने कहा कि "मैं ऐसे राष्ट्र से संबंधित होने में गौरवान्वित महसूस करता हूँ, जिसने पृथ्वी के सभी धर्मों के उत्पीड़ितों एवं सभी राष्ट्रों के शरणार्थियों को आश्रय दिया है।"

97. अनुच्छेद का लेखक धर्मों के संघर्ष के "हिंदू समाधान" के बारे में आशावादी क्यों हैं?

Correct Answer: (c) हिंदू धर्म में लोकतंत्र की भावना विद्यमान है।
Solution:

लेखक धर्मों के संघर्ष के “हिंदू समाधान" के बारे में आशावादी है। धर्म संघर्ष की समस्या का हिंदू समाधान भविष्य में स्वीकार किए जाने की संभावना है, वह कहता है कि हिंदू धर्म में लोकतंत्र की भावना विद्यमान है, यह मुझे निश्चित प्रतीत होता है।

98. निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा लिखित पुस्तक नहीं है?

Correct Answer: (d) थॉट फॉर्म्स
Solution:

सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षाविद थे। भारत के उपराष्ट्रपति के पद को भी सुशोभित किया। सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा लिखी गई पुस्तकों में 'दि हिंदू व्यू ऑफ लाइफ', 'दि प्रिंसिपल उपनिषद्स', 'लीविंग विथ ए परपज' आदि हैं। जबकि थॉट-फॉर्म्स नामक पुस्तक एनी बेसेंट द्वारा लिखी गई है।

99. पुस्तक एनशिएंट विजडम का लेखक कौन है?

Correct Answer: (a) एनी बेसेंट
Solution:

'एनशिएंट विज़डम' (Ancient Wisdom) पुस्तक की लेखिका एनी बेसेंट हैं। यह एक समाज सुधारक व थियोसोफिस्ट महिला थीं। भारत में इन्होंने थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना की। इनके द्वारा लिखी गई अन्य पुस्तकों में 'द सेवन प्रिंसिपल्स ऑफ मैन' और 'एनी बेसेंट: एन ऑटोबायोग्राफी' है। 1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्षा बनीं। 'कामनवील' व 'न्यू इंडिया' पत्रों का संपादन भी किया।

100. इस अनुच्छेद का श्रेय निम्नलिखित चिंतक को दिया जाता है-

Correct Answer: (b) सर्वपल्ली राधाकृष्णन
Solution:

इस अनुच्छेद को लिखने का श्रेय भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और आस्थावान हिंदूविचारक सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया जाता है। इनके द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि भारतीय संस्कृति में सभी धर्मों का आदर करना सिखाया गया है और सभी धर्मों के लिए समता का भाव भी हिंदूसंस्कृति की विशिष्ट पहचान है।