ब्राउन कहते हैं कि इस आधार तल पर ऊँचे खड़े इस मंदिर की पश्चिमी दिशा में सीढ़ियों द्वारा एक पोर्च तक पहुँचा जाता है और इसी जगह डिजाइनर महानतम ऊँचाइयों तक पहुँचा। मंडप और विमान के परंपरागत संयोजन से स्पष्टतापूर्वक मुँह नहीं मोड़ा गया है।
किंतु जिस रीति से सभी निश्चित और तीक्षण बाहयोन्मुखी स्थापत्य तत्व, जैसे कॉर्निस, प्लास्टर, निशे और पॉर्टिको क्रमबद्ध और कलात्मक रीति से व्यवस्थित किए गए हैं, वह दक्षतानिपुणता का संकेत है। इसके पश्चात् त्रिस्तरीय सीधा स्तंभ ऊपर की और उभरता है, और जो प्रमुखता से अपने गैबल अग्र को दर्शाता है, और रूपायित कूपोला से सुशोभित है, तथा 95 फीट कुल ऊँचाई तक पहुँचता है।
किंतु यह पूर्ण विवरण नहीं है। विमान के आधार पर प्लेटफॉर्म के व्यापक स्थल के आसपास पाँच अनुषंगी श्रेणिकाएँ शिला से तराशी गई हैं, जिनमें से प्रत्येक मुख्य विषय का घटे हुए पैमाने पर सौम्य पुन त्पादन है, जिसे वे सीमा के रूप में परिलक्षित करती हैं। आंतरिक भाग में एक स्तंभ होल है, जहाँ से प्रकोष्ठ कक्षों की ओर ले जाते हैं।
यह हॉल प्रत्येक चतुर्थक में चार के समूह में 16 वर्ग कोष्ठ वाला 70 फीट x 62 फीट माप का सु-अनुपाती कक्ष है, एक ऐसी व्यवस्था, जो महान गरिमा के साथ एक विकर्णी केंद्रीय दीर्घा का प्रभाव प्रस्तुत करती है। योजना के शेष भाग में 51 फीट ऊँचे दो ध्वजस्तंभ हैं, जो नंदी के दोनों तरफ स्थित है, कलात्मक कृति का चमत्कार प्रस्तुत करते हैं, जो दक्षिण स्तंभ शैली के विकास में महत्वपूर्ण चरण चिन्हांकित करते हैं।
अंतिम रूप से संपूर्ण मंदिर की स्थापत्य सजावट इसके अवयवों को सौम्यता से प्रस्तुत करती है तथा स्मारक के ताज की भाँति गौरव प्रदान करती है। कैलास पर्वत हिलाने की रावण की हठधर्मिता का सश्रम निरूपण विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मंदिर के बारे में सत्य है?
Correct Answer: (c) मंदिर एक संपूर्ण एकाश्म संरचना है।
Solution:एलोरा गुफाओं को भव्य कैलाशनाथ मंदिर के कारण जाना जाता है। इस शिव मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम के संरक्षण में पथरीली पहाड़ी को तराशकर 8वीं शताब्दी में निर्मित किया गया। यह मंदिर एक संपूर्ण एकाश्म चट्टानों से बना है। एकाश्म संरचना से तात्पर्य एक ही बड़े पत्थर को अथवा पहाड़ी को काटकर मंदिर का निर्माण करना।