NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 (इतिहास)

Total Questions: 100

81. अर्थशास्त्र के अनुसार, कुप्याध्यक्ष निम्नलिखित में से किसका प्रभारी था?

Correct Answer: (c) वन उत्पाद
Solution:

अर्थशास्त्र में वर्णित केंद्रीय प्रशासन अनेक विभागों में बँटा था जिन्हें 'तीर्थ' कहा जाता था। अर्थशास्त्र में 18 तीर्थों के प्रधान पदाधिकारियों का विवरण प्राप्त होता है। विभागों के पदाधिकारियों के अतिरिक्त अनेक अध्यक्षों का उल्लेख अर्थशास्त्र में प्राप्त होता है, संभवतः इन अध्यक्षों को यूनानी लेखकों द्वारा मजिस्ट्रेट कहा गया है। इनमें से कुछ के नाम इस प्रकार हैं- पण्याध्यक्ष (वाणिज्य का अध्यक्ष), सीताध्यक्ष (राजकीय कृषि विभाग का अध्यक्ष), अकाराध्यक्ष (खानों का अध्यक्ष) कुप्याध्यक्ष (वन उत्पाद तथा उसकी संपदा का अध्यक्ष) आदि।

82. पाल शासनकाल में हुई निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।

A. पालों ने कलिंग और कामरूप के विरुद्ध अभियान चलाए।
B. पालों द्वारा प्रसिद्ध गदाधर मंदिर का निर्माण।
C. पालों द्वारा विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना ।
D. सुवर्णद्वीप के राजा द्वारा निर्मित विहार के लिए पालोंद्वारा पाँच गाँवों का दान ।
E. पालों ने कैवर्तों के विरुद्ध सैन्य अभियान का नेतृत्व किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (c) C, D, B, E, A
Solution:

पाल शासनकाल में हुई घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
1. पालों द्वारा विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना।
2. सुवर्णद्वीप के राजा द्वारा निर्मित विहार के लिए पालों द्वारा पाँच गाँवों का दान।
3. पालों द्वारा प्रसिद्ध गदाधर मंदिर का निर्माण।
4. पालों ने कैवत के विरुद्ध सैन्य अभियान का नेतृत्व किया।
5. पालों ने कलिंग और कामरूप के विरुद्ध अभियान चलाए।

83. अकबर के शासनकाल की निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें-

A. खानदेश का आक्रमण
B. आगरा में प्रथम जेसुइट मिशन
C. फतेहपुर सीकरी की स्थापना
D. आगरा में फिंच का आगमन
E. कश्मीर का अधिग्रहण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (d) C, A, B, D, E
Solution:

अकबर के शासनकाल की घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम-
1. फतेहपुर सीकरी की स्थापना
2. खानदेश का आक्रमण
3.आगरा में प्रथम जेसुइट मिशन
4. आगरा में फिंच का आगमन
5. कश्मीर का अधिग्रहण

84. निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें-

A. सिंध विजय
B. द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध
C. अवध का अधिग्रहण
D. द्वितीय आंग्ल-सिक्ख युद्ध
E. कूर्ग का अधिग्रहण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (a) E, A, D, B, C
Solution:

घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
1. कूर्ग (कर्नाटक) का अधिग्रहण- 1780 में हैदर अली द्वारा अधिग्रहण ।
2. सिंध विजय- 1834 ई.
3. द्वितीय आंग्ल-सिक्ख युद्ध - 1848-49 ई.
4. द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध - 1852 ई.
5. अवध का अधिग्रहण - 1852 ई.

85. चोलों से संबंधित निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें-

A. राजराजेश्वर मंदिर तंजावर में बनाया गया।
B. राजेंद्र को युवराज उद्घोषित किया गया।
C. राजेंद्र ने अपनी सेना को पश्चिमी चालुक्यों पर आक्रमण करने का आदेश दिया।
D. मदुरै नवीन चोल उपशाही (वायसरॉयल्टी) का मुख्यालय बन गया।
E. राजेंद्र ने श्रीविजय के विरुद्ध युद्ध का नेतृत्व किया।
नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (c) C, A, B, D, E
Solution:

चोलों से संबंधित घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
1.राजेंद्र ने अपनी सेना को पश्चिमी चालुक्यों पर आक्रमण करने का आदेश दिया।
2. राजराजेश्वर मंदिर तंजावुर (तंजौर) में बनाया गया।
3.राजेंद्र को युवराज घोषित किया गया।
4. मदुरै नवीन चोल उपशाही (वायसरॉयल्टी) का मुख्यालय बन गया।
5. राजेंद्र ने श्रीविजय के विरुद्ध युद्ध का नेतृत्व किया।

86. अशोक के निम्नलिखित में से किस शिलालेख में कलिंग विजय का उल्लेख है?

Correct Answer: (c) शिलालेख लेख XIII
Solution:

अशोक अपने राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पू.) में कलिंग राज्य के विरुद्ध युद्ध की शुरुआत की। कलिंग का प्राचीनराज्य आज के समय में दक्षिणी ओडिशा (उड़ीसा) में स्थित था। कलिंग युद्ध तथा उसके विजयों के विषय में जानकारी का उल्लेख अशोक के तेरहवें शिलालेख (शिलालेख XIII) से प्राप्त होती है। इस युद्ध के बारे में हेमचंद्र राय चौधरी ने लिखा है कि “मगध तथा समस्त भारत के इतिहास में कलिंग की विजय एक महत्वपूर्ण घटना थी।........आध्यात्मिक विजय और धम्मविजय का युग प्रारंभ हुआ।"

87. निम्नलिखित में से कौन विष्णुकुंडिन सम्राट नहीं था?

Correct Answer: (a) गोपावर्मन
Solution:

विष्णुकुन्डि राजवंश ने 5वीं व 7वीं शताब्दी के बीच वर्तमान में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों पर शासन किया था। इस राजवंश का अंत चालुक्य शासक पुलकेशिन II ने पूर्वी दक्कन की विजय के साथ किया। विष्णुकुन्डिन वंश का शक्तिशाली राजा माधवर्मन प्रथम था। गोविंदवर्मा प्रथम इस वंश का प्रथम राजा था। देववर्मन, इंद्रभट्टारक वर्मा आदि अन्य राजा इसी वंश से सम्बंधित थे जबकि गोपावर्मन का संबंध इस वंश से नहीं था।

88. यादवाभ्युदय (अथवा भगवान कृष्ण का जीवन) की रचना किसके द्वारा की गई थी?

Correct Answer: (a) वेदांतदेशिक
Solution:

यादवाभ्युदय अथवा भगवान कृष्ण का जीवन और यादव जाति की वंशावली के बारे में जानकारी का स्रोत संस्कृत महाकाव्य है जिसकी रचना वेदांतदेशिक ने की है। इसकी रचना 14वीं शताब्दी में की गई है। इसमें 24 सर्ग (अध्याय) है। वेदांतदेशिक विशिष्टाद्वैत दर्शन के मानने वाले थे।

89. सूची-1 को सूची-II से सुमेलित करें-

सूची–Iसूची–II
A. दीनबंधु मित्रI. महायात्रा
B. राधा नाथ रायII. वसंत गाथा
C. मधुसूदन रायIII. नील दर्पण
D. लक्ष्मण मौर्यवरIV. मुक्तमाला

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (a) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:

सूचियों का सही सुमेलन इस प्रकार है-

सूची–I (लेखक)सूची–II (रचना)
A. दीनबंधु मित्रनील दर्पण
B. राधा नाथ रायमहायात्रा
C. मधुसूदन राय (राव)वसंत गाथा
D. लक्ष्मण मोरेश्वरमुक्तामाला (मराठी उपन्यास)

90. 15वीं शताब्दी की निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।

A. अब्दुर रज्जाक का भारत आगमन
B. बहमनी राजधानी का गुलबर्गा से बीदर हस्तांतरण
C. गुरु नानक का जन्म
D. जोधपुर की स्थापना
E. निकोलो कोन्टी की विजयनगर यात्रा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-

Correct Answer: (d) E, B, A, D, C
Solution:

15वीं शताब्दी की घटनाओं का व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
1. निकोलो कोंटी की विजयनगर यात्रा (1420-22 ई., देवराय 1 के समय
2. बहमनी राजधानी का गुलबर्गा से बीदर हस्तांतरण (1423 ई.)
3. अब्दुल रज्जाक का भारत आगमन (1442-44 ई., देवराय II के समय)
4. जोधपुर की स्थापना (1459 ई.)
5. गुरु नानक का जन्म (1469 ई.)