Solution:काकतीय व यादव राजवंशों में प्रांतीय प्रमुखों के रूप मेंसैनिक अधिकारियों को नियुक्त किया जाता था जिन्हें नायक कहाजाता था। नायक व्यवस्था का विकसित स्वरूप विजयनगर साम्राज्यमें दिखाई पड़ता है। नायक प्रणाली को विजयनगर प्रशासन मेंसामंती प्रणाली के रूप परिभाषित करने का प्रयास इतिहासकारों ने किया है।विजयनगर साम्राज्य में नायक (सेनानायक) की नियुक्ति राजा स्वयं करता था। नायकों को राजा लम्बी लम्बी जोत के भू- खण्ड (कृषि योग्य भूमि) वेतन के रूप में प्रदान करते थे, जिन्हें 'अमरम्' कहा जाता है। इनका प्रमुख कार्य सेना को संगठित करना, आवश्यकता पड़ने पर सेना सहित राजा के साथ युद्ध में सम्मिलित होना, जनता की सुरक्षा करना आदि था।
नायकों को केन्द्रीय शासन प्रणाली की ओर से अनेक स्वतंत्रता तथा विशेषाधिकार प्राप्त थे। यदि नायक राजा की इच्छा के विरुद्ध कार्य करता था तो राजा उसे पद से हटा सकता था। कुछ इतिहासकारों ने नायंकर व्यवस्था को प्रांतीय शासन व्यवस्था के समतुल्य घोषित किया है। विजयनगर शासन के पतन में भी नायकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
नोट - कोई भी विकल्प सत्य न होने के कारण यू.जी.सी. ने इस प्रश्न को अंतिम उत्तर कुंजी में मूल्यांकन से बाहर कर दिया।