NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 इतिहास

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

हड़प्पा की संगठित छावनी सुमेर के पुरोहितों द्वारा नियंत्रित उद्योगों का संकेत देती है। यह मोहनजोदड़ों के लिए पुरोहित-राजा का प्रस्ताव करने के लिए भी उचित हो सकता है। लेकिन ये बिन्दु, वास्तविक या काल्पनिक, ज्यों की त्यों, स्थानीय अदला-बदली की अपेक्षा सामाजिक स्थिति के अन्तर्निहित संबंध के लिए अधिक उत्तरदायी हो सकते हैं। वे आम सामान्यीकरण हैं, जो कि समान एतिहासिक और भूगोलिय वातावरण में निषेचित आकस्मिक बीजों के उत्पाद हैं। दूसरी ओर ये विशेषताएं अत्यधिक प्रचुर और महत्वपूर्ण स्थानीय परिवर्तन को दर्शाती हैं। ऐसी मूर्तिकला, जैसी सिंधु सभ्यता ने प्रस्तुत की है, उसका सुमेर की मूर्तिकला के साथ वास्तव में घनिष्ठ संबंध नहीं है। कोई भी मोहनजोदड़ों की पत्थर की नक्काशी को टेल अस्मार या मारी की मूर्ति समझने की गलती नहीं करेगा। सिंधु सभ्यता के पक्की मिट्टी के बर्तन मेसोपोटेमिया के मिट्टी के बर्तनों से बिल्कुल अलग है। हड़प्पा की मोहरों की सम्पूर्ण उत्कीर्णन की कला का इतिहास में कोई प्रतिरूप नहीं है।
मोहनजोदड़ो की किस खोज़ की तुलना मेसोपोटामिया के टेल अस्मार की खोजों से की जा सकती है?

Correct Answer: (c) बर्तनों की घुण्डियों के चारों तरफ अलंकरण वाले बर्तन
Solution:

हड़प्पा और मोहनजोदड़ों सिंधु सभ्यता के दो प्रमुख स्थल हैं। मोहनजोदड़ो की खोज 1922 ई.में राखालदास बनर्जी ने किया था। यहाँ से विशाल स्नानागार, अन्नांगार, कांसे की नर्तकी की मूर्ति, पशुपति शिव (आद्य शिव) की मुहर, सूती कपड़ा, मृण्मूर्ति व प्रस्तर मूर्ति, मोहर, मृदभाण्ड इत्यादि के साक्ष्य मिलते हैं। मोहनजोदड़ो से मिले घुडियों के चारों तरफ अलंकरण वाले मृदभाण्ड, जो मेसोपोटामिया में अज्ञात हैं, मेसोपोटामिया के टेल अस्मार नामक स्थल से प्राप्त मृदभाण्डों से समानता रखते हैं।

92. किस इतिहासकार ने तर्क दिया कि मेसोपोटेमिया के साथ लाजवर्द मणि के व्यापार में गिरावट हड़प्पा सभ्यता के पतन का एक कारण थी?

Correct Answer: (b) शीरिन रत्नागर
Solution:

शिरीन रत्नागर (1981) के द्वारा यह तर्क दिया गया कि मेसोपोटामिया के साथ लाजवर्द मणि के व्यापार में गिरावट के कारण हड़प्पा सभ्यता का पतन हुआ होगा। ऐसे तर्क कभी भी सर्वमान्य नहीं हो सकते क्योंकि लाजवर्द मणि और मेसोपोटामिया के साथ व्यापारिक संबंध का महत्व कितना रहा होगा इसकी कल्पना व्यवहारिक रूप में नहीं की जा सकती।

93. हाल में की गई खोजों के आलोक में हड़प्पा सभ्यता से मेसोपोटेमिया के संबंधों के संदर्भ में क्या अनुमान लगाया जा सकता है?

Correct Answer: (d) हड़प्पा सभ्यता को पूर्णतया मेसोपोटेमियाई दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता है।
Solution:

हड़प्पाई सभ्यता की खोज के प्रारम्भिक वर्षों में इसके तिथि निर्धारण के लिए मेसोपोटामिया से इसका संबंध महत्वपूर्ण बना रहा। कुछ इतिहासकारों ने दोनों सभ्यताओं के मध्य तुलनात्मक अध्ययन पर बल दिया।

इसके परिणाम स्वरूप हड़प्पा सभ्यता के उदय, अर्थव्यवस्था तथा राजनीतिक व्यवस्था की प्रकृति के संबंध में भ्रांतिमय स्थिति बनी रही। हाल में की गई खोजों के आलोक में यह स्वीकार किया जा चुका है कि हड़प्पा सभ्यता को मेसोपोटामियाई दृष्टि से न देखकर स्वतंत्र रूप से देखना चाहिए।

94. निम्नलिखित हड़प्पा स्थलों में से किस स्थल में टेराकोटा मॉडल का हल मिला है?

Correct Answer: (c) बनावली
Solution:

बनावली हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। यहाँ से तीन सांस्कृतिक अवस्थाओं (हड़प्पा पूर्व, विकसित हड़प्पा तथा उत्तर हड़प्पा) के अवशेष मिले है। इसकी खोज 1973-74 में रवीन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में किया गया था।

बनावली तथा चोलिस्तान से टेराकोटा मॉडल का हल, कालीबंगा से जुते हुए खेत इत्यादि प्राप्त साक्ष्य हड़प्पा सभ्यता में विकसित कृषि के प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।

95. किस विद्वान ने सबसे पहले यह सुझाव दिया कि हड़प्पा सभ्यता में निरंकुश पुरोहित राजा शासन करते थे?

Correct Answer: (a) स्टुअर्ट पिगट
Solution:

हड़प्पाई राजनीतिक संरचना पर सबसे पहले सैद्धान्तिक प्रकाश स्टुअर्ट पिगट के द्वारा डाला गया, जिसे मॉर्टीमर व्हीलर ने भी स्वीकार किया। पिगट का मानना था कि हड़प्पाई राज्य एक अत्यंत केन्द्रीकृत साम्राज्य था जो निरंकुश पुरोहित राजाओं के द्वारा मोहनजोदड़ो और हड़प्पा के जुड़वा राजधानियों से शासित हो रहे थे।

96. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

 

फाह्यान के विवरण वृत्तांत में वैश्य परिवार के मुखियाओं/प्रमुखों द्वारा स्थापित दातव्य (चैरिटी) अस्पतालों में विभिन्न वर्ग के उन गरीब और अशक्त व्यक्ति समूहों की सूची मिलती है जिनका इन अस्पतालों में इलाज के लिए परीक्षण किया गया और औषधियां प्रदान की गई थीं।

अस्पताल में ही रोगियों के लिए निवास और औषधियां उपलब्ध थे। इस विवरण से आयुर्वेदिक अस्पतालों के भौतिक अस्तित्व की पुष्टि हो जाती है जिसके आदर्श स्वरूप का विवरण चरक ने अपने ग्रंथ में किया था।

सम्राट अशोक के राजादेश में उन औषधीय जड़ी- बूटियों के रोपण के बारे में सूचनाएं मिलती हैं जो मानव और पशुओं के लिए उपयुक्त हैं और संस्कृत तथा पाली सहित्य में अनेक अनुच्छेद/गद्यांश मिलते हैं जो 'अरोग्यशाला' (स्वास्थ्यशाला/ आयुर्विज्ञान संस्थानों) की स्थापना की विशेषताओं के बारे में चर्चा करते हैं।

अतः, इस संदर्भ में अस्पताल के बारे में चरक का विवरण ऐतिहासिक रूप से अतर्कसंगत नहीं जान पड़ता है। वास्तव में, वे इस भारतीय दावे के प्रति दृढ़ विश्वसनीयता पैदा करते हैं कि सर्वप्रथम दक्षिण एशिया में सांस्थानिक स्वास्थ्य देखभाल भारत में ही विकसित हुयी।
चरक और सुश्रुत के साथ आयुर्वेद के 'वृहतत्रयी' (बड़े तीन) में किसको माना जाता है?

Correct Answer: (c) वाग्भट्
Solution:

आयुर्वेद के वृहतत्रयी (बड़े तीन) चरक, सुश्रुत और वाग्भट्ट हैं। चरक महान काय (शरीर) चिकित्सक थे जबकि सुश्रुत उत्कृष्ट शल्य चिकित्सक । वाग्भट्ट एक महान चिकित्सक और शल्य चिकित्सक दोनों थे।

97. निम्नलिखित में कौन-सा आयुष मंत्रालय में समाहित नहीं है?

Correct Answer: (b) एलोपैथी
Solution:

प्राचीन चिकित्सा पद्धति के गहन ज्ञान को पुनर्जीवित करने और स्वास्थ्य के आयुष प्रणालियों के दृष्टतम विकास और प्रसार को सुनिश्चित करने की दृष्टि से 9 नवम्बर 2014 को आयुष मंत्रालय का गठन किया गया। आयुष मंत्रालय के अन्तर्गत आयुर्वेदयूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, योग, सोवा रिग्पा (तिब्बत की पारम्परिक चिकित्सा पद्धति) तथा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को समाहित किया गया है।

98. भारतीय इतिहास में सिविल अस्पताल के आदर्श स्वरूप का प्राचीनतम संदर्भ किसमें मिलता है?

Correct Answer: (d) चरक संहिता
Solution:

भारतीय इतिहास में सिविल अस्पताल के आदर्श स्वरूप का प्राचीनतम संदर्भ चरक संहिता में मिलता है। चरक संहितासंस्कृत भाषा में लिखित आयुर्वेद का प्रसिद्ध ग्रंथ है जो 8 भागों (स्थान) तथा 120 अध्यायों में विभक्त है।

फाह्यान ने भी अपने वृत्तांत में बताया है कि वैश्यों द्वारा (व्यापारी) स्थापित दातव्य (चैरिटी) अस्पतालों में अशक्त व्यक्तियों का इलाज होता था और औषधियां प्रदान की जाती थी। इन्हीं अस्पतालों में रोगियों के लिए आवास बने थे। इस विवरण से चरक द्वारा उल्लिखित सिविल अस्पतालों के भौतिक अस्तित्व की पुष्टि हो जाती है।

99. दिए गए गद्यांश में, फाह्यान ने जिस नगर के बारे मेंबताया है, उसकी पहचान कीजिए।

Correct Answer: (b) पाटलिपुत्र
Solution:

दिए गए गद्यांश में फाह्यान ने जिस नगर के बारे मेंबताया है वह पाटलिपुत्र है। फाह्यान ने पवित्र बौद्ध ग्रंथों को इकट्ठा करने के लिए 60 साल की उम्र में 399 ई. में भारत आया और 412 ई. तक (14 वर्ष) भारत में रहा। वह स्थल मार्ग से भारत आया और जल मार्ग से चीन वापस गया। फाह्यान ने अपने यात्राका विवरण 'फो-क्यों कि' नामक पुस्तक में लिखा है।

100. सम्राट अशोक के किसशिलालेख में चिकित्सीय उपचार, लाभकारी औषधीयजड़ी बुटियों और फलों के रोपण का राजा द्वारा प्रदत्तकराने का संदर्भ मिलता है?

Correct Answer: (a) प्रमुख शिलालेख-2
Solution:सम्राट अशोक के वृहद शिलालेख संख्या-2 मेंचिकित्सीय उपचार, लाभकारी औषधीय, जड़ी बूटियों और फलों केरोपण का राजा द्वारा प्रदत्त कराने का संदर्भ मिलता है।

सम्राटअशोक ने अपने राज्य तथा सीमान्त राज्य यथा (चोल, पाण्ड्य,सतीयपुत्र, केरलपुत्र, ताम्रपर्णि, भवन राज्य) तथा उसके आगे भीमानव तथा पशु चिकित्सा का प्रबन्ध किया। मार्गों में मनुष्यों औरपशुओं के उपभोग के लिए कुएं खुदवाये तथा फलदार वृक्ष लगवाये।