Solution:मुगलकाल में मुजारियन भूमि का मालिक नहीं होता था, जबकि खुदकाश्त, पाहीकाश्त तथा मुकर्ररी रिआया भूमि के मालिक होते थे। खुदकाश्त वे किसान थे जो अपनी स्वयं की जमीन पर खेती करते थे, जिनकी जमीन उसी गाँव में स्थित होती थी, जिसका वह निवासी हो।
'पाहीकाश्त' किसानों की एक दूसरी कोटी थी। खुदकाश्त किसानों की तरह पाहीकाश्त किसान भी भूमि का मालिक होता था और भूमि पर स्वयं खेती करता था। वह खेती करने के लिए दूसरे गाँव भी जाता था। इनके पास अपने बैल और हल भीथे। तीसरा कृषक वर्ग मुकर्ररी रिआया था जिसके पास अपनी जमीन होती थी।