Solution:आधुनिकोत्तर इतिहास लेखन, जिसे पोस्टमार्डन हिस्टोरियोग्राफी भी कहा जाता है। इतिहास लेखन की एक ऐसी विधा है जो पारंपरिक इतिहास लेखन की मान्यताओं और तरीकों को चुनौती देती है। यह इतिहास को केवल घटनाओं का क्रम न मानकर इसे भाषा, संस्कृति और संबंधों द्वारा निर्मित एक कहानी के रूप में देखता है।
इस विचारधारा में इतिहास लेखन के कार्य कारण संबंध तथा कालानुक्रम को आवश्यक नहीं माना गया है, बल्कि अतीत को परिलक्षित करने वाले स्रोत हमेशा किसी अन्य के दृष्टिकोण से लिखित होते हैं, साथ ही इतिहास लेखन में अनुक्रमिक काल के विचार को छोड़ा जा सकता है और ऐतिहासिक स्रोतों के स्थायी तथा अपरिवर्तनीय अर्थ नहीं होते।