NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-II)

Total Questions: 100

1. निम्नलिखित कौन से कथन सही हैं?

A. अशोक ने अपने शासन काल के दसवें वर्ष में लुम्बिनी की यात्रा की।
B. अशोक का 7 वाँ शिलालेख सभी संप्रदायों के मध्य सहिष्णुता का अभिवचन (वकालत) करता है।
C. रूम्मिनदेई स्थित स्तम्भ अभिलेख में शासक (अशोक) की बोधगया तीर्थयात्रा किए जाने का गुणगान किया गया हैं।
D. पृथक शिलालेख भिक्षु एवं भिक्षुणियों को निष्कासन के लिए आगाह करता है, यदि वे संघ में विघटन का प्रयास करें।
E. निगली सागर अभिलेख में इस बात का उल्लेख है कि अशोक अपने शासनकाल के 15 वें वर्ष में कोणकमान स्तूप का भ्रमण किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (e) (*)
Solution:

रूम्मिनदेई लघु स्तम्भ लेख से ज्ञात होता है कि अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 20वें वर्ष लुम्बिनी की यात्रा की एवं बुद्ध का जन्म स्थान होने के कारण उसने यहाँ कर की दर 1/6 से घटाकर 1/8 कर दिया था। अशोक द्वारा बोधगया तीर्थस्थल की यात्रा किए जाने का उल्लेख 8वें शिलालेख में मिलता है।

इसमें कहा गया है। कि अशोक अपने राज्याभिषेक के 10 वें वर्ष बोधगया (सम्बोधि) की यात्रा की। अशोक अपने 7वें शिलालेख में सभी सम्प्रदायों के मध्य सहिष्णुता का अभिवचन (वकालत) करता है। इसमें लोगों को धम्म श्रवण का संदेश दिया गया है।

सभी सम्प्रदाय के लोग सभी जगह निवास करें क्योंकि सभी आत्मसंयम तथा आत्मशुद्धि चाहते हैं। निग्लीवा सागर लघु स्तम्भ लेख इस बात की पुष्टि करता है कि अशोक ने राज्याभिषेक के 15वें वर्ष (255-54 ई.पू.) कोणकमान (कनकमुनि) स्तूप का आकार दोगुना करवाया तथा राज्याभिषेक के 20वें वर्ष इस स्थल की यात्रा की एवं पूजा अर्चना कर स्तम्भ स्थापित करवाया।

अशोक ने साँची, सारनाथ तथा कौशाम्बी (कोसम) के लघु स्तम्भ लेख में संघभेद रोकने सम्बन्धी धर्मोपदेश दिया है। इसमें कहा गया है कि जो भी संघ में फूट डालने की कोशिश करेगा, चाहे वह भिक्षु हो या भिक्षुणी उसे उत्तरीय वस्त्र उतरवाकर सफेद कपड़े पहनाकर अयोग्य स्थान पर रखा जायेगा तथा संघ से निष्कासित कर दिया जायेगा।

नोट:- NTA ने इस प्रश्न का उत्तर विकल्प 'C' माना है। प्रश्न के विकल्प D में अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद में भिन्नता है।

2. बूस्ट्रोफेडन है:

Correct Answer: (c) लेखन शैली
Solution:

बूस्ट्रोफेडन लेखन की एक शैली है। इसमें एक पंक्ति बाएँ से दाएँ तथा दूसरी पंक्ति दाएँ से बाएँ की ओर लिखी जाती है। हड़प्पा सभ्यता से प्राप्त कुछ मुहरों पर ताम्बे लेख बूस्ट्रोफेडन (गोमूत्रिका) शैली में लिखे गये है।

3. निम्नलिखित यात्रियों को उनके भारत आगमन के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. जॉन मिल्डेनहॉल
B . विलियम फिंच
C. थॉमस क्योरेट
D. निकोलो मनुची

Correct Answer: (d) D, A, B, C, E
Solution:प्रमुख यूरोपीय यात्रियों का भारत आगमन का सही क्रम -
1. राल्फ फीच (1583-1591 ई.)- 1583 ई. में लंदन से भारत के लिए चला तथा 1585 ई. में अकबर के समय गोवा पहुँचा।
2. जॉन मिल्डेनहॉल (1599-1606 ई.)- यह एक ब्रिटिश व्यापारी था जो 1603 ई.में अकबर के दरबार में आया था।
3. विलियम फिंच (1608-1612 ई.)- विलियम हॉकिंस के साथ जहाँगीर के समय 1608 ई.में सूरत पहुँचा। 4. थॉमस क्योरेट (1612-1617 ई.)- जहाँगीर के समय आया था। वह एक अंग्रेज व्यापारी था। 1615 ई. में वह अजमेर तथा 1616 ई. में आगरा पहुँचा। 1617 ई. में सूरत में उसकी मृत्यु हुई।
5.  निकोलो मनुची (1653-1708 ई.) इटली के वेनिस नगर का निवासी था। 1656 ई. में सूरत बंदरगाह पर पहुँचा था। उसने दाराशिकोह, शाह शुजा, औरंगजेब एवं मुरादबख्श के व्यक्तित्व एवं चरित्र पर लिखा है। उसका यात्रा वृत्तान्त 'स्टोरियो दो मोगोर' है।

4. इनमें से कौन-से कथन सही हैं -

(A)  रोमेश चंद्र दत्त ने 'ओपन लैटर्स टु लार्ड कर्जन ऑन फेमाइंस एंड लैंड एसेसमेंट इन इंडिया' (1900) लिखा
(B) औद्योगिक आयोग 1916 में गठित हुआ था और 1918 में रिपोर्ट दी
(C) औद्योगिक आयोग कि रिपोर्ट का महत्वपूर्ण भाग संकारात्मक राज्य कार्रवाई की वकालत करते हुए पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा लिखा गया एक नोट था
(D) बेबिंगटन-स्मिथ समिति ने 1929 में अपनी सिफारिशें जमा की।
(E)  बेबिंगटन स्मिथ समिति अकाल राहत प्रदान करने के प्रयोजनार्थ गठित की गई थी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

'ओपन लैटर्स टु लॉर्ड कर्जन ऑन फेमाइंस एण्ड लैंड ऐसेसमेंट इन इण्डिया' (भारत में अकाल और भूमि मूल्याँकन पर लॉर्ड कर्जन को खुले पत्र- 1900 ई.) के लेखक रोमेश चन्द्र दत्त थे। उन्होंने इसे मद्रास प्रेसीडेंसी में भूमि निपटान से सम्बन्धित मुद्दों पर लिखा था। भारत सरकार ने 1919 में एक औद्योगिक आयोग स्थापित किया था जिसने अपनी रिपोर्ट 1918 में दी।

औद्योगिक आयोग कि रिपोर्ट का महत्वपूर्ण भाग सकारात्मक राज्य कार्यवाही की वकालत करते हुए पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा लिखा गया एक नोट था। इस आयोग के अध्यक्ष प्रसिद्ध भूविज्ञानी और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के पूर्व निदेशक प्रो.टी. हॉलैण्ड थे।

इस रिपोर्ट में विऔद्योगीकरण के कारण, पूँजी की समस्याएँ, औद्योगिक प्रशिक्षण, कच्चे माल की खरीद और उत्पादों का विपणन आदि तथ्य शामिल थे। बेबिंगटन स्मिथ समिति का गठन 1919 में लॉर्ड चेम्सफोर्ड के समय किया गया था यह एक मुद्रा (राजस्व) आयोग था।

इसने अपनी रिपोर्ट 1920 में भारत सरकार को सौंप दी थी। इसे भारतीय विनियम एवं मुद्रा समिति भी कहते है। इस समिति की सिफारिश पर 1920 में रूपये की विनियम दर दो शीलिंग स्वर्ण तय की गई थी।

5. निम्नलिखित में कौन-से कथन सही हैं-

A. बौद्ध धर्म के धर्म ग्रंथ मलिंदा पन्हा या मिलिन्दपण्हो में सुवर्ण भूमि, टकोला और चीन की समुद्री यात्रा के संदर्भ मिलते है
B.  बौद्ध धर्म के ग्रंथ निदेसा के अंश में दूरवर्ती पूर्व में प्राचीन भारतीय व्यापार का व्यापक विचार/ विवरण मिलता है।
C. कंबोडिया के हिन्दू राज्य का एक विवरण चीन द्वारा संरक्षित है जिसे वे फू नान कहते हैं।
D. अनाम में हिन्दू राज्य को चम्पा कहा जाता था
E. कौंडिण्य ने चम्पा के राज्य की स्थापना की थी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B, C और D
Solution:

बौद्ध ग्रंथ मिलिन्दपण्हो में सुवर्णभूमि, टकोला और चीन की समुद्री यात्राओं का उल्लेख मिलता है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में सुवर्णभूमि का उल्लेख है, रामायण में यवद्वीप का उल्लेख है और पुराणों में पूर्व के कई द्वीपों का उल्लेख मिलता है। बौद्ध ग्रंथ निदेसा (निद्देस) के एक भाग में दूरवर्ती पूर्व में प्राचीन भारतीय व्यापार पर विचार-विमर्श का विवरण प्राप्त होता है। मौर्य सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्राचारार्थ सुवर्णभूमि में सोन एवं उत्तरा को भेजा था।

द्वितीय शताब्दी ईस्वी के प्रारम्भ में भारतीयों ने भारत चीन के इस सुदूर हिस्सों पर शासन किया था। 19वीं सदी से पूर्व कम्बोडिया में भारतीय संस्कृति के बारे बहुत कम जानकारी थी। जातक कथाओं तथा बौद्ध परम्पराओं के अनुसार भारतीय व्यापारी समुद्र पार सुदूर देशों तक जाते थे।

फ्रांसीसी इतिहासकार लेवी का मानना था कि 'सोने का शहर' कनकपुरी नाम का एक शहर था जो भारतीय व्यापारियों के लिए आकर्षण का केंद्र था। कम्बोड़िया के हिन्दू राज्य का विवरण चीनी स्त्रोतों में संरक्षित है। वे इसे फू-नान कहते है तथा इसकी स्थापना का श्रेय कौंडिन्य नामक हिन्दू राज्य को देते है जिसने प्रथम शताब्दी ई.पू. में इस साम्राज्य की स्थापना की थी। अनाम में हिन्दू राज्य को चम्पा कहा जाता था। इसकी स्थापना 192 ई. में हिंदू राजा श्री-मारा ने की थी। कहा जाता हैं कि इन्होंने देश को चीनियों के आतंक से मुक्त कराया था।

6. निम्नलिखित घटनाओं को उनके सही कालक्रम अनुसार व्यवस्थित कीजिए।

A. चीनी जनरल पान चाओ द्वारा कुषाण राजा को बाहर खदेड़ना।
B. पुलकेसिन IIकी मृत्यु
C. इत्सिंग का नालंदा भ्रमण
D. चन्द्रगुप्त II का राज्यारोहण
E. बुधगुप्त का शासनकाल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A, D, E, B, C
Solution:

निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार हैं-
1. चीनी जनरल पान चाओं द्वारा कुषाण राजा कनिष्क को बाहर खदेड़ना- 90 ई.
2. चन्द्रगुप्त - द्वितीय का राज्यारोहण - 375 ई.
3. बुधगुप्त का शासनकाल - 477 ई.
4. पुलकेसिन द्वितीय की मृत्यु- 642 ई.
5. इत्सिंग का नालंदा भ्रमण- 670 ई.

7. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए

सूची-Iसूची-II
A. गिब्बनI. द हिस्ट्री ऑफ द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ द रोमन एम्पायर
B. वॉल्टेयरII. फिलॉसफी ऑफ हिस्ट्री
C. मोंटेस्क्यूIII. द स्पिरिट ऑफ द लॉज
D. कैथरीन मैकालेIV. लेटर्स ऑफ एजुकेशन

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A-I, B-II, C-III, D-IV
Solution:सुमेलित सूची इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
A. गिब्बनद हिस्ट्री ऑफ द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ द रोमन एम्पायर
B. वॉल्टेयरफिलॉसफी ऑफ हिस्ट्री
C. मोंटेस्क्यूद स्पिरिट ऑफ द लॉज
D. कैथरीन मैकालेलेटर्स ऑफ एजुकेशन

8. बौद्रिलार्ड के लिए, उत्तर आधुनिकता की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषता थी ____

Correct Answer: (d) अनुरूपण
Solution:

बौद्रिलॉर्ड के लिए उत्तर-आधुनिकता की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण विशेषता थी- अनुरूपण (सिमुलेशन) अनुरुपण इस दृष्टिकोण को सन्दर्भित करता है कि समकालीन संस्कृति केवल मीडिया और फिल्म संस्कृति द्वारा बनाई गई छवियों या प्रतियों की दुनिया के रूप में मौजूद है जहाँ कुछ भी मूल या नया नहीं है क्योंकि हर वस्तु किसी और वस्तु की नकल है।

9. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए

सूची-Iसूची-II
A. बृहस्पतिI. राष्ट्रकूट
B. गोविंद IIIII. काकतीय
C. बेत IIII. पल्लव
D. सिंहविष्णुIV. कार्कोट

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:
सूची-Iसूची-II
A. बृहस्पतिकार्कोट
B. गोविंद IIIराष्ट्रकूट
C. बेत Iकाकतीय
D. सिंहविष्णुपल्लव

10. निम्नलिखित में कौन-से स्वराज पार्टी के संबंध में सही हैं?

A. मोतीलाल नेहरू और सी आर दास ने वर्ष 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की थी।
B. असहयोग आंदोलन के पतन स्थगन असफल होने के बाद स्वराजवादियों ने अपरिवर्तनकारियों के विरोध के बावजूद परिषद प्रवेश के बैनर को उठाया।
C. वल्लभ भाई पटेल केन्द्रीय विधान सभा के अध्यक्ष बनाए गए।
D. ए रामास्वामी अय्यंगर गृह समिति का सदस्य बने ।
E. टी.बी. सप्रू इंडियन लिबरल फेडरेशन के नेता थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A,B और E
Solution:

असहयोग आंदोलन की असफलता के पश्चात, स्वराजवादियों ने अपरिवर्तनकारियों के विरोध के बावजूद परिषद में प्रवेश करके काँग्रेस के लिए एक अलग गुट बनाया जिसे 'स्वराज पार्टी' कहते हैं। गया काँग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता देशबन्धु चितरंजन दास ने किया था।

इस अधिवेशन में परिषद् (कौंसिल) के प्रवेश को लेकर प्रश्न उठाया गया था। अतः श्रीनिवास अय्यंगर और मोतीलाल नेहरू के प्रभावपूर्ण भाषणों के बावजूद परिषद में प्रवेश को लेकर विरोध करने वालों की संख्या अधिक थी किन्तु इसकी परवाह न करते हुए 1923 में सी.आर. दास (चितरंजन दास) तथा मोतीलाल नेहरू ने स्वराज पार्टी का गठन किया।

इसके प्रमुख नेताओं में मदन मोहन मालवीय, विठ्ठलभाई पटेल, डॉ. एम. आर. जयकर आदि थे। अपरिवर्तन कारियों (गाँधी जी के पक्षधर) में राजेन्द्र प्रसाद, बल्लभभाई पटेल, राजगोपालचारी, सेठ जमना लाल बजाज आदि प्रमुख थे। स्वराज पार्टी का प्रथम अधिवेशन मार्च 1923 में इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुआ था।

नवम्बर 1923 के चुनाव में स्वराज पार्टी को सफलता मिली। 1925 में विठ्ठलभाई पटेल को केन्द्रीय विधान सभा का अध्यक्ष चुना गया था। इस पद पर नियुक्त होने वाले वे प्रथम गैर सरकारी व्यक्ति थे। 1919 में उदारवादी नेता सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने इण्डियन लिबरल फेडरेशन का गठन किया था। प्रमुख नेताओं में श्रीनिवास  शास्त्री, एम.आर. जयकर, तेजबहादुर सप्रू आदि इसमें शामिल थे।