NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-II)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढिए एवं प्रश्न का उत्तर दीजिए।

देश के भीतर का व्यापार भी खूब चल रहा था, भारवाहक पशुओं पर व्यापारिक सामान लदे हुए व्यापारियों का कारवाँ एक स्थान से दूसरे स्थान और एक मेले से दूसरे मेले घूमा चलता था। नमक उस समय के व्यापार की एक महत्वपूर्ण वस्तु थी और नमक व्यापारी बैलगाड़ी पर, जिनमें संकट काल के लिए अतिरिक्त पहिए रखे रहते थे, अपने परिवार को लादे हुए नमक का व्यापार करते घूमते चलते थे। सभी व्यापारिक आदान-प्रदान मुख्यतः वस्तुओं की अदला-बदली से होता थाः उदाहरण के लिए शहद और पेड़ों के मूल की अदला-बदली मछली के तेल और ताड़ी से होती थे तथा गन्ने और अवल (चावल की पापडी) की हिरण के मांस से। मुशिरी में मछली धान के बदले दी जाती थी। कृषि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार थी और इस संबंध में अधिकांश कार्य महिलाएँ और सबसे नीचे वर्ग के लोग (कड़इशियार) जिनकी स्थिति दासों से कुछ भिन्न होती थी, किया करते थे। अधिकांश भूमि के स्वामी वेल्लालर थे जो उत्तम कोटि के खेतिहर थे और उन्हें समाज में ऊँचा स्थान प्राप्त था। उनमें से धनवान खुद जमीन न जोतते थे बल्कि उसके लिए मजदूर रखते थे। भूमि के स्वामित्व के अलावा वे लोग गैर-सैनिक प्रशासन में कुछ सरकारी पद भी धारण करते थे।
संगम काल में निम्नलिखित कौन सूती वस्त्र व्यापार का प्रसिद्ध केंद्र था?

Correct Answer: (b) उरैयूर
Solution:

संगम काल में सूती वस्त्र व्यापार का प्रसिद्ध केन्द्र उरैयूर था। संगमकालीन व्यापार एवं वाणिज्य उन्नत दशा में था। आन्तरिक एवं बाह्य दोनों ही व्यापारों में अत्यधिक प्रगति होने के साथ-साथ समुद्री व्यापार में क्रांति आ गई थी। संगमकाल में कृषि के साथसाथ हस्तकला उत्पादन उद्योग का आशतीत विकास हुआ था। तत्कालीन हस्तकला कौशल का प्रतीक बारीक सूती कपड़ा विश्व में प्रसिद्ध था।

कवियों ने बुनकरों द्वारा जटिल बेलबूटे के बुनने की चर्चा की है। रूई और सम्भवतः रेशम की कताई और बुनाई बहुत ऊँचे स्तर पर पहुँच गयी थी। उस समय कताई में महिलाओं का अंशकालिक योगदान होता था। पेरीप्लस का अज्ञात लेखक बताता है कि उरैयूर उस समय सूती वस्त्र का प्रमुख केन्द्र था। इसके अलावा मदुरई भी प्रसिद्ध कपड़ा केन्द्र था।

92. निम्नलिखित में किस पुरातात्विक स्थल को 'मूसिरी' के रूप में पहचान किया जाता हैं?

Correct Answer: (c) पट्टनम
Solution:

मुसिरी या मुजिरिस बंदरगाह की पहचान पट्टनम नामक पुरातात्विक स्थल से मिलता है। तमिल भाषा के शब्द पट्टिनम का अर्थ बन्दरगाह नगर होता है। पट्टनम पुरातात्विक स्थल के उत्खनन का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक शहर बस्ती और मालाबार तट पर मुजिरिस या मुसिरी के प्राचीन इंडो-रोमन बंदरगाह की पहचान था। चम्पकलक्ष्मी ने दक्षिण भारतीय नगरों के विषय में विस्तृत अनुसंधान किया है।

93. प्राचीन तमिल क्षेत्र में नमक व्यापारियों के लिए निम्नलिखित कौन-से शब्द को प्रयुक्त किया जाता था?

Correct Answer: (b) उमानार
Solution:

प्राचीन तमिल क्षेत्र में नमक व्यापारियों के लिए उमानार (उमनन) शब्द को प्रयुक्त किया जाता था। इसके अलावा कोगलावनिकन (मक्का व्यापारी) अरुवैवनिकन (कपड़ा व्यापारी) पोनवनिकन (सोना व्यापारी) के नाम से पुकारे जाते है।

94. संगम काल के दौरान निम्नलिखित में से किस अधिकारी को एक औपचारिक समारोह में "इनादी" उपाधि से सम्मानित किया जाता था

Correct Answer: (a) चयनित सैन्य कमांडर को
Solution:

संगम काल के दौरान मुखिया द्वारा चयनित सैन्य कमांडर को एक औपचारिक समारोह में इनादी उपाधि से सम्मानित किया जाता था। वेल्लालर (कृषक) को उन लोगों में वर्गीकृत किया गया था।
1. जो स्वयं की भूमि पर खेती करते थे।
2. वे जो भूमि पर खेती करने के लिए मजदूर नियुक्त करते थे।

95. पेरीप्लस के लेखक ने निम्नलिखित किस स्थान का उल्लेख किया है जहाँ पर सभी मोती भेज दिए जाते थे जो उसके तट पर एकत्र होते थे और जहाँ से मलमल एवं अन्य वस्त्र उत्पादों को निर्यात किया जाता था?

Correct Answer: (c) अरगारु (उरैयूर)
Solution:

पेरीप्लस के लेखक ने अरगारू (उरैयूर) का उल्लेख किया है जहाँ पर सभी मोती भेज दिए जाते थे जो उसके तट पर एकत्र होते थे और जहाँ से मलमल एवं अन्य वस्त्र उत्पादों का निर्यात किया जाता था।

पेरीप्लस आफ द एरिथ्रीयन सी (Periplus of the Erythraeamsea) के यूनानी लेखक (अज्ञात) के 80 ई. के लगभग भारत के तटों की यात्रा की और उनके व्यापार और बन्दरगाहों का विवरण लिखा। इस पुस्तक से प्राचीन भारतवासियों के समुद्री अभियानों का ज्ञान प्राप्त होता है।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढिए एवं प्रश्न का उत्तर दीजिए।

एक धर्मगुरु के रूप में विवेकानंद की भूमिका ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक निर्विवाद आध्यात्मिक नेता बना दिया, जिसे चक्रवर्ती राजगोपालाचारी द्वारा ठीक ही दर्शाया गया है जो कि एक तीक्षण बुद्धि एवं विवेकशील व्यक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन के एक महत्वपूर्ण नेता भी थे। उनका उद्धरण था कि स्वामी विवेकानंद ने हिंदु धर्म को बचाया एवं भारत को बचाया। उनके बिना हम अपने धर्म को खो देते और अपनी स्वतंत्रता को नहीं प्राप्त कर पाते। अतः हम सभी चीजों के लिए विवेकानंद के ऋणी हैं।
सुभाष चंद्र बोस ने दक्षिण-पूर्वी एशिया में भारतीयों को पूर्णतया लामबंद करने हेतु एकता, आस्था, समर्पण जैसे संकेत शब्दों का प्रयोग किया जो कि किस भारतीय महापुरुष (व्यक्तित्व) के विचार से ग्रहण किया गया था

Correct Answer: (a) स्वामी विवेकानंद
Solution:

सुभाष चंद्र बोस ने दक्षिण-पूर्वी एशिया में भारतीयों को पूर्णतया लामबंद करने हेतु एकता, आस्था, समर्पण जैसे संकेत शब्दों का प्रयोग किया जो कि भारतीय महापुरूष (व्यक्तित्व) स्वामी विवेकानंद के विचार से ग्रहण किया गया था और बोस ने अपने जीवन में स्वतंत्रता आन्दोलन में संघर्ष के दौरान इन संकेतों का अनुपालन किया था।

97. श्री अरबिन्दो ने अपने किस पैफ्लेट में रामकृष्ण को मंदिर के पुरुष देवता एवं विवेकानंद को उनके, पैगम्बर के रूप में बताया है?

Correct Answer: (d) भवानी मंदिर
Solution:

श्री अरबिन्दो घोष ने अपने भवानी मंदिर पैफ्लेट में रामकृष्ण को मंदिर के पुरुष देवता एवं विवेकानंद को उनके पैगम्बर के रूप में दर्शाया है। भवानी मंदिर के दस्तावेज में स्पष्ट वर्णन मिलता है कि श्री अरबिन्दो घोष 1905 के आस-पास ब्रह्मचारियों का एक ऐसा संगठन तैयार करना चाहते थे जो न सिर्फ देश की आत्मा को उसकी निजी आध्यात्मिक शक्ति से पुनर्जीवित कर सके, बल्किवह उग्र राष्ट्रीयतावादी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए मातृभूमि को विदेशी शासन से मुक्त करा सके। भवानी मंदिर दस्तावेज को श्री अरबिन्दो घोष ने वारीन्द्र कुमार के सलाह से तैयार किया था क्योंकिउन्होंने क्रांतिकारियों पर पड़ने वाले रामकृष्ण और विवेकानंद के प्रभाव का स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था।

98. 'इन कुछ वर्षों में कितनी महान घटनाएं पूर्ण हुई। कैसेकोई अकेला व्यक्ति यह सब कर सकता हैं।' किसने विवेकानंद की उपलब्धियों के बारे में यह कथन कहा है।

Correct Answer: (b) डॉक्टर जे.सी. बोस
Solution:

जे.सी. बोस (जगदीश चन्द्र बोस) ने स्वामी विवेकानंद की प्रशसा में यह लिखा है कि “इन कुछ वर्षों में कितनी महान घटनाएं पूर्ण हुई। कैसे कोई अकेला व्यक्ति यह सब कर सकता है।" विवेकानंद जी के विचारों में धर्म और विज्ञान दोनों दर्शन का स्पष्ट प्रभाव दिखायी देता हैं।

स्वामी विवेकानंद का मत था कि विज्ञान धर्म काा दूत है। धर्म जहाँ सत्य की खोज के लिए मेढ़क कूद का मार्ग अपनाता है, वही विज्ञान अन्वेषण तकनीकी की औपचरिकता से सत्य तक क्रमशः पहुँचता है। इसी क्रम में जे.सी. बोस ने अपने प्रयोगों के निष्कर्षो से अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में गहरी छाप छोड़ी थी।

99. 'द वेब ऑफ इण्डियन लाइफ' नामक पुस्तक को किसने लिखा?

Correct Answer: (d) सिस्टर निवेदिता
Solution:

द वेब ऑफ इण्डियन लाइफ नामक पुस्तक सिस्टर निवेदिता ने लिखा था। सिस्टर निवेदिता का वास्तविक नाम 'मारग्रेट नोबल' था। अरविन्द घोष ने उन्हें भगिनी निवेदिता कहा है।

वहीं रवीन्दनाथ टैगोर 'लोकमाता' नाम से संबोधित करते है। सिस्टर निवेदिता स्वामी विवेकानन्द की शिष्या थीं और उन्होंने भारत वासियों को सदा सच्ची सेवा का पाठ पढ़ाया तथा तत्कालीन नारी समाज में जागृति का शंख फूंका और स्वंतत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

100. स्वामी विवेकानंद द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक एक बंगाली गद्य पुस्तक नहीं है?

Correct Answer: (d) संदेश
Solution:

संदेश' नामक साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन हिन्दी भाषा में होता था। यह पत्रिका हरियाणा राज्य के प. नेकी राम शर्मा द्वारा शुरू की गयी थी। जबकि परिब्राजक, वर्तमान भारत व पत्रावली पुस्तकें गद्य में स्वामी विवेकानन्द द्वारा बंगाली भाषा में लिखी गयी है।