Solution:जे.सी. बोस (जगदीश चन्द्र बोस) ने स्वामी विवेकानंद की प्रशसा में यह लिखा है कि “इन कुछ वर्षों में कितनी महान घटनाएं पूर्ण हुई। कैसे कोई अकेला व्यक्ति यह सब कर सकता है।" विवेकानंद जी के विचारों में धर्म और विज्ञान दोनों दर्शन का स्पष्ट प्रभाव दिखायी देता हैं।
स्वामी विवेकानंद का मत था कि विज्ञान धर्म काा दूत है। धर्म जहाँ सत्य की खोज के लिए मेढ़क कूद का मार्ग अपनाता है, वही विज्ञान अन्वेषण तकनीकी की औपचरिकता से सत्य तक क्रमशः पहुँचता है। इसी क्रम में जे.सी. बोस ने अपने प्रयोगों के निष्कर्षो से अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में गहरी छाप छोड़ी थी।