Solution:चन्हुदड़ो को छोड़कर शेष हड़प्पन स्थल भिरना, राखीगढ़ी तथा बनावली से किलेबंदी का साक्ष्य प्राप्त होता है। भिर्राना (हरियाणा) से हाकरा संस्कृति से लेकर परिपक्व संस्कृति तक के साक्ष्य प्राप्त होते है। यहाँ से लाल मृदभाण्ड पर एक नृत्यरत स्त्री का चित्र प्राप्त हुआ है जिसकी तुलना मोहनजोदड़ों से प्राप्त काँसे की नर्तकी से की जाती है।
1969 में सूरजभान व रफीक मुगल ने प्राचीन सरस्वती के तट पर स्थित राखीगढी (हरियाणा) की खोज की थी। धौलावीरा के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल है। यहाँ से दुर्ग-टीला के चारों तरफ कच्ची ईंटों से निर्मित रक्षा प्राचीर बनवाई गई थी। यहाँ से अग्निकुण्ड, मनका कारखाना, लकड़ी का ताबूत आदि प्राप्त होते है। बनावली (हरियाणा) की खोज 1973 में आर.एस. बिष्ट ने रंगोई नदी के तट पर किया था।
यहाँ पर पश्चिमी दुर्ग टीला तथा निचला नगर एक ही रक्षा प्राचीर (किलेबंदी) से घिरे हुए थे। पक्की ईंटों का प्रयोग केवल कुआँ, स्नान क्षेत्र तथा जल निकासी के लिए किया जाता था। विकसित जल निकासी प्रणाली का यहाँ अभाव था। यहाँ से घरों में अग्निकुण्ड, मिट्टी का हल, तांबे का वाणाय आदि