NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-II)

Total Questions: 100

31. निम्नलिखित में कौन सा सही नहीं है:

Correct Answer: (d) विशिष्ट राहत अधिनियम-1863
Solution:

निम्नलिखित अधिनियम कानून के पारित होने का सही क्रमः-
1. सिविल प्रक्रिया संहिता- 1859
2. पराक्राम्य प्रपत्र अधिनियम- 1881
3. संविदा कानून- 1872
4. विशिष्ट राहत अधिनियम- 1877

32. निम्नलिखित में किसने अपनी कृति 'हिस्ट्री एंड ट्रोपोलॉजी' में सामान्यतया ऐतिहासिकतावाद और उत्तर-आधुनिकतावाद के मध्य मध्यम मार्ग को आगे बढ़ाया जिसमें उन्होगें इसे आमूल परिवर्तनकारी- ऐतिहासिकतावाद के रूप में माना है।

Correct Answer: (b) फ्रैंक एंकेस्मित
Solution:

"हिस्ट्री एण्ड ट्रोपोलॉजी' पुस्तक के लेखक फ्रैंक एकेस्मित है। उन्होंने सामान्यतया ऐतिहासिकवाद और उत्तरआधुनिकतावाद के मध्य माध्यम-मार्ग को आगे बढ़ाया तथा उन्होंने इसे आमूल परिवर्तनकारी ऐतिहासिकतावाद के रूप में माना है।

33. अकबर के शासनकाल के दौरान चेला निम्नलिखित में से किससे संबंधित थे?

Correct Answer: (c) Slave contingent
Solution:

अकबर के समय चेला दासों के दस्ता (स्लेव कंटिन्जेन्ट) से सम्बन्धित था। टॉड के अनुसार चेला शब्द में दासता शामिल थी और साथ ही परिवार के बच्चे या शिष्य के रूप में व्यवहार भी शामिल था। चेला से सम्बन्धित विभिन्न अर्थो का उल्लेख अबुल फजल द्वारा किया गया है। आंग्ल भारतीय परिभाषा के अनुसार चेला कैदियों और धर्मांतरित लोगों से बनी एक विशेष बटालियन है।

16वीं शताब्दी में पैदल सेना की स्थापना के दौरान चेलों को बनाए रखा गया तथा उन्हें अनुभवी व्यक्तियों की देख-रेख में रखा गया जो लोग सबसे बेहतर प्रदर्शन करते थे उन्हें ऊँचे पद पर पदोन्नत किया जाता था। कुछ चेले चित्रकार के रूप में अकबर के दरबार में कार्यरत थे।

34. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार ढंग से व्यवस्थित कीजिए

A.  बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण
B. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम
C. वजन (भार) की मीट्रिक प्रणाली की शुरूआत
D. यू.एस.ए. के राष्ट्रपति विट डी. आइलनहावर का नई दिल्ली आगमन
E.अफ्रीकी एशियाई सम्मेलन की नई दिल्ली में बैठक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A, B, C, D, E
Solution:

निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है-
1. बीमा कम्पनियों का राष्ट्रीयकरण- 19 जनवरी, 1956 ई.
2. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम- 19 जून, 1956 ई.
3. वजन (भार) की मीट्रिक प्रणाली की शुरूआत - 1 अक्टूबर, 1958 ई. (भारतीय संसद द्वारा दिसम्बर, 1956 में पारित किया गया था किन्तु पूरे भारत में 1 अक्टूबर, 1958 ई. को इसे लागू किया गया)
4. यू.एस.ए. के राष्ट्रपति विट डी. आइजनहावर का नई दिल्ली आगमन- 9 से 14 दिसम्बर, 1959 ई.
5. ग्रामीण पुनर्निर्माण से सम्बन्धित मुद्दों पर अफ्रीकी एशियाई सम्मेलन की नई दिल्ली में बैठक- 18-25 जनवरी, 1961 ई.

35. "राजा ऐसी स्वतंत्रता देते थे कि हर व्यक्ति अपने पंथ के अनुसार आवाजाही कर सकता था और उसके अनुसार जी सकता था, बिना किसी अपमान को झेले और बिना पूछताछ के, चाहे वह इसाई हो, यहूदी, मूर या हिन्दू।"

इनमें से किस यात्री ने विजयनगर के राजा के बारे में यह राय व्यक्त की है?

Correct Answer: (a) बारबोसा
Solution:

विजयनगर के राजा के बारे में पुर्तगाली यात्री हुआ बारबोसा (1500-1521 ई.) का कहना था कि "राजा ऐसी स्वंतत्रता देते थे कि हर व्यक्ति अपने पंथ के अनुसार आवाजाही कर सकता था और उसके अनुसार जी सकता था, बिना किसी अपमान को झेले और बिना पूछताछ के, चाहे वह इसाई हो, यहूदी, मूर या हिन्दू ।"

अर्थात् उत्तर भारत की तुलना में (जो मुस्लिम शासन के अधीन था) दक्षिण भारत में हिंदुओं पर दूसरे धर्म के लोगों को हिन्दू धर्म में परिवर्तित न करने के लिए कोई राजनीतिक दबाव नहीं था।

36. राजा को विनष्ट करने के विषय में एक विशेष बलिदान का वर्णन कौन सा ग्रंथ करता है?

Correct Answer: (a) तांड्य ब्राह्मण
Solution:

राजा को विनष्ट करने के विषय में एक विशेष बलिदान का उल्लेख तांड्य ब्राह्मण में मिलता है। यह कार्य प्रजा के द्वारा किया जाता था। शतपथ ब्राह्मण तथा ऐतरेय ब्राह्मण से ज्ञात होता है। कि राजा असीमित शक्तियों का स्वामी होता था।

कभी-कभी वह अधिक अत्याचारी एवं दुराचारी हो जाता था जिसके कारण प्रजा को अधिक प्रताड़ित किया जाता था। अतः बाद की संहिताओं एवं ब्राह्मण ग्रंथों में ऐसे राजाओं को प्रजा द्वारा सजा दिया जाता था। उदाहरण के लिए प्रजा (सृजयों) ने अपने राजा दुष्तारितु पौरिसायण को राजपद से हटा दिया था।

37. गौड़ीय वैष्णव धर्म के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से सही हैं?

A. यह संत चैतन्य के नेतृत्व में एक रहस्यवादी आंदोलन था।
B. इस आंदोलन का नाम 16 वीं शताब्दी के स्वतंत्र बंगाल राज्य की राजधानी गौर (गौड़) से लिया गया था।
C. गौड़ीय वैष्णव धर्म में विष्णु के रूप में राम की पूजा की जाती हैं।
D. चैतन्य द्वारा आरंभ इस आंदोलन को वृंदावन के गोस्वामियों ने पुनः विकसित किया।
E. राजा मान सिंह ने वृंदावन में गौड़ीय वैष्णव धर्म के मंदिरों को संरक्षण प्रदान किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B, D, E
Solution:

गौड़ीय वैष्णव धर्म संत चैतन्य (1486-1534 ई.) के नेतृत्व में प्रारम्भ एक रहस्यवादी आंदोलन था। गौड़ीय नाम 16वीं शताब्दी के स्वतंत्र बंगाल राज्य की राजधानी गौर (गौड़) से लिया गया है। वैष्णव धर्म का अर्थ है भगवान विष्णु की पूजा करना था, किन्तु गौड़ीय सम्प्रदाय विष्णु के अवतार कृष्ण एवं राधा की पूजा से सम्बन्धित है। इस सम्प्रदाय का आधार श्रीमद्भगवतगीता एवं भागवत पुराण है।

चैतन्य द्वारा प्रारम्भ इस आन्दोलन को वृन्दावन के गोस्वामियों ने पुनः विकसित किया था। श्री राधा रमण मंदिर (वृंदावन) गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय का प्रसिद्ध मंदिर है। राजा मानसिंह अपने सैन्य अभियान के दौरान चैतन्य तथा वैष्णव धर्म से प्रभावित हुए थे। उन्होंने न केवल मंदिरों को संरक्षण दिया बल्कि अधिकाश मंदिरों का जीर्णोद्वार करवाया। उन्होंने वृन्दावन में गोविंद देव जी का सात मंजिला मंदिर बनवाया था।

38. आजाद हिन्द फौज (आई.एन.ए) के संबंध में निम्नलिखित में से सही कथन को चुनिएः

A. आई.एन.ए. में सुभाष ब्रिगेड और रानी झाँसी ब्रिगेड भी थी।
B. आई.एन.ए.के नारों में 'जय हिन्द' और 'दिल्ली चलो' शामिल थे।
C. जापानी सेना के अधिकारी मेजर फुजीवारा ने एक युद्ध बंदी (पीओडब्लू) कैप्टन मोहन सिंह को भारत की स्वतंत्रता के लिए जापानियों के साथ मिलकर युद्ध करने के लिए सहमत किया।
D. नवंबर 1943 में, जापानियों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का प्रशासन आई.एन.ए को हस्तांतरित करने के अपने निर्णय कि घोषणा की।
E. आई.एन.ए. में गाँधी, आजाद और पटेल ब्रिगेड थीं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B, C, D
Solution:आजाद हिन्द फौज के निर्माण का विचार सर्वप्रथम कैप्टन मोहन सिंह के मन में आया था। वे ब्रिटेन में भारतीय सेना के अधिकारी थे। जापान और ब्रिटेन के मध्य हुए युद्ध में जापान ने ब्रिटेन के तरफ से लड़ रहे अधिकांश सैनिकों को बंदी बना लिया था जिसमें कैप्टन मोहन सिंह भी शामिल थे। जापानी सेना के अधिकारी मेजर फुजीवारा ने कैप्टन मोहन सिंह को भारत के स्वंतत्रता के लिए जापानियों के साथ मिलकर युद्ध करने के लिए सहमत किया था।

कैप्टन मोहन सिंह के नेतृत्व में । सितम्बर 1942 ई. को आजाद हिन्द फौज (I.N.A.) की पहली डिवीजन का गठन 16,300 सैनिकों को लेकर किया गया। इसके विकास का दूसरा चरण 2 जुलाई 1943 ई. से प्रारम्भ होता है जब सुभाष चन्द्र बोस सिंगापुर पहुँचे और यहीं पर उन्होंने 21 अक्टूबर, 1943 ई. को स्वाधीन भारत की सरकार गठित की थी।

सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज के अन्तर्गत सुभाष ब्रिगेड़, नेहरू ब्रिगेड़ तथा गाँधी ब्रिगेड़ गठित किया। महिलाओं के लिए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रानी झाँसी ब्रिगेड़ गठित किया एवं इसका प्रमुख लक्ष्मी स्वामीनाथन और निकोबार द्वीप समूह का प्रशासन आई.एन.ए. को सौंपने का निर्णय लिया। इस द्वीप का नाम सुभाष चन्द्र बोस ने शहीद और स्वराज द्वीप रखा था। 1943 में आई.एन.ए.के नेतृत्व में ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध जंग का ऐलान करते हुए उन्होंने 'जय हिन्द' एवं 'दिल्ली चलों' का नारा दिया था।

39. इनमें से किस हड़प्पन स्थल के किलाबंदी के साक्ष्य नहीं है?

Correct Answer: (c) चन्हुदड़ो
Solution:

चन्हुदड़ो को छोड़कर शेष हड़प्पन स्थल भिरना, राखीगढ़ी तथा बनावली से किलेबंदी का साक्ष्य प्राप्त होता है। भिर्राना (हरियाणा) से हाकरा संस्कृति से लेकर परिपक्व संस्कृति तक के साक्ष्य प्राप्त होते है। यहाँ से लाल मृदभाण्ड पर एक नृत्यरत स्त्री का चित्र प्राप्त हुआ है जिसकी तुलना मोहनजोदड़ों से प्राप्त काँसे की नर्तकी से की जाती है।

1969 में सूरजभान व रफीक मुगल ने प्राचीन सरस्वती के तट पर स्थित राखीगढी (हरियाणा) की खोज की थी। धौलावीरा के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल है। यहाँ से दुर्ग-टीला के चारों तरफ कच्ची ईंटों से निर्मित रक्षा प्राचीर बनवाई गई थी। यहाँ से अग्निकुण्ड, मनका कारखाना, लकड़ी का ताबूत आदि प्राप्त होते है। बनावली (हरियाणा) की खोज 1973 में आर.एस. बिष्ट ने रंगोई नदी के तट पर किया था।

यहाँ पर पश्चिमी दुर्ग टीला तथा निचला नगर एक ही रक्षा प्राचीर (किलेबंदी) से घिरे हुए थे। पक्की ईंटों का प्रयोग केवल कुआँ, स्नान क्षेत्र तथा जल निकासी के लिए किया जाता था। विकसित जल निकासी प्रणाली का यहाँ अभाव था। यहाँ से घरों में अग्निकुण्ड, मिट्टी का हल, तांबे का वाणाय आदि

40. शिकारपुर के हड़प्पा स्थल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।

A. शिकारपुर हड़प्पा स्थल है जो गुजरात के कच्छ जिले में स्थित हैं।
B. उत्खनन से मोटी परत का पता चला जिसमें निचली परत पूर्व हड़प्पा चरण को प्रदर्शित करती है जबकि ऊपरी परत परिपक्व हड़प्पा चरण को प्रदर्शित करती हैं।
C. विस्तृत अन्वेषणों के प्राथमिक परिणामों से गुजरात में हड़प्पा सभ्यता के महत्वपूर्ण प्रतिमान के बारे में सूचना प्राप्त हुई हैं।
D. हमें इसका कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे पता चल सके कि शिकारपुर के लोग पालतू पशुओं के मांस का सेवन करते थे।
E. स्थल के अध्ययन से पता चलता है कि विभिन्न परतों में वन और जलीय पशुओं के बीच उल्लेखनीय भिन्नताएं भी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A, B, C और E
Solution:

शिकारपुर गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित है। गुजरात के पुरातत्व विभाग ने 1987-90 ई. के मध्य यहाँ पर उत्खन्न कार्य करवाया था। यहाँ से मोटी परत का पता चला जिसमें निचली परत पूर्व हड़प्पा चरण को दर्शाता है तथा ऊपरी परत परिपक्व हड़प्पा चरण को दर्शाता है। इस प्रकार विस्तृत अन्वेषणों के प्राथमिक परिणामों से हड़प्पा सभ्यता के महत्त्वपूर्ण प्रतिमानों का पता चलता है।

यहाँ से प्राप्त जन्तुओं के अवशेष डेक्कन कॉलेज, पुणे के पुरातात्विक प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजे गए थे। यहाँ से जन्तुओं की 47 प्रजातियों में से 23 स्तनधारी, 3 पक्षी, 2 सरीसृप, 5 मत्स्य, 13 घोंघे और एए क्रशटेसी पहचाने गए है।

इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में जंगली पशुओं एवं पालतू पशुओं के अवशेष यहाँ से प्राप्त हुए जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है यहाँ के लोग पालतू पशुओं के माँस का सेवन करते थे। जंगली या समुद्री जीवों का आहार दोनों स्तरों पर अलग-अलग था। इस पुरास्थल के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि विभिन्न परतों में वन और जलीय पशुओं के बीच उल्लेखनीय भिन्नताएँ विद्यमान थी।