NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-II)

Total Questions: 100

71. निम्नलिखित स्थानीय ग्रंथों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. पद्मावत
B. मधुमालती
C. रामचरितमानस
D. मृगावती
E. चंदायन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) E, D, A, В, С
Solution:

निम्नलिखित स्थानीय ग्रंथों की रचना कालक्रमानुसार में व्यवस्थित किया गया है-

क्रमग्रंथ का नामवर्षरचनाकार का नाम
1.चंदायन1376मुल्ला दाऊद
2.मृगावती1503कुतबन
3.पद्मावत1540मलिक मुहम्मद जायसी
4.मधुमालती1545मीर सैय्यद मंझन शतारी राजगिरि
5.रामचरितमानस1574तुलसीदास

72. निम्नलिखित में कौन-से कथन सहीं हैं?

A. व्यूह सिद्धांत में से भिन्न या वैष्णव धर्म अवतारवाद के उत्तरकालीन शैव धर्म ने अवतार सिद्धांत में किसी प्रकार का सुपरिष्कृत विकास नहीं किया।
B.  उमा और पार्वती (सुपरिचित हेमावती) के नाम तैत्रीय अरण्यक और केन उपनिषद में आते हैं।
C. उमा का चित्र हुविष्क के सिक्कों में मिलता है।
D.  भविष्य, संबा, वराह और अन्य पुराणों में सकद्वीप (पूर्वी इरान) से भारत में सूर्य पूजा पद्धति के प्रचलन के आरंभ सम्बन्धी कथा-आख्यान मिलता है।
E. कौटिल्य के अर्थशास्त्र और मौर्यकालीन सिक्कों में सूर्य पूजा पद्धति की लोकप्रियता के संदर्भ पाए जाते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A, B, C और D
Solution:

कौटिल्य के अर्थशास्त्र और मौर्यकालीन सिक्कों में सूर्य पूजा पद्धति की लोकप्रियता नहीं पायी गयी है। कौटिल्य का अर्थशास्त्र मौर्यकालीन भारतीय समाज का दर्पण कहा जाता है इसके शुरूआत में ओम चिन्ह अंकित है। अर्थशास्त्र में अपराजित, अप्रतिहत, जयन्त, वैजयन्त, शिव, वैश्रवण, अश्विन दुर्गा, आदिति सरस्वती, सविता, अग्नि, सोम, कृष्ण का उल्लेख है।

मौर्य सम्राटों में अशोक एक अत्यंत शक्तिशाली राजा हुआ जिसने ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में बौद्धों की श्रमण पंरपरा को संरक्षण दिया था। धार्मिक पद्धतियों के कई आयाम होते हैं। वे किसी एक पूजा विधि तक ही सीमित नहीं है। उस समय यक्षों और मातृदेवियों की पूजा भी काफी प्रचलित थी। इस प्रकार पूजा के अनेक रूप विद्यमान थे। तथापि इनमें से बौद्ध धर्म सबसे अधिक सामाजिक और धार्मिक आंदोलन के रूप में लोकप्रिय हो गया। यक्ष पूजा बौद्ध धर्म के आगमन से पहले और उसके बाद भी काफी लोकप्रिय रही लेकिन आगे चलकर यह बौद्ध और जैन धर्म में विलीन हो गयी।

व्यूह सिद्धांत में से भिन्न या वैष्णव धर्म अवतारवाद के उत्तरकालीन शैव धर्म ने अवतार सिद्धांत में किसी प्रकार का सुपरिष्कृत विकास नहीं किया। उमा और पार्वती (सुपरिचित हेमावती) के नाम तैत्तरीय आरण्यक और केन उपनिषद में मिलते है। उमा का चित्र हुविष्क के सिक्कों में मिलता है। भविष्य, संबा, बराह और अन्य पुराणों में शकद्वीप (पूर्वी ईरान) से भारत में सूर्य पूजा पद्धति के प्रचलन के आरंभ सम्बन्धी कहानी का वर्णन मिलता है।

73. निम्न में से किसने राष्ट्रों के बीच परंपरागत सीमाओं को अस्वीकार किया और निश्चयपूर्वक कहा कि केवल सभ्यताएं अध्ययन का उचित विषय हैं?

Correct Answer: (d) अर्नाल्ड टॉयनबी
Solution:

अर्नाल्ड टॉयनबी ने राष्ट्रों के बीच परंपरागत सीमाओं को अस्वीकार किया और निश्चयपूर्वक कहा कि केवल सभ्यताएं अध्ययन का उचित विषय है। टॉयनबी ने सभ्यताओं में आपसी आदान-प्रदान का उल्लेख किया है। उनका मानना है कि कोई भी सभ्यता अन्य सभ्यताओं से पूरी तरह अलग-अलग है एवं किसी निश्चित समय में सभी सभ्यताओं के अनेक पहलुओं में समानांतर विकास होता है।

74. निम्नलिखित किस एक ग्रंथ पर कैयत ने टीका लिखा ?

Correct Answer: (a) महाभाष्य
Solution:

पाणिनी की अष्टध्यायी नामक पुरातन व्याकरण ग्रंथ पर पतंजलि ने महाभाष्य नामक टीका लिखा था। इस महाभाष्य पर सर्वप्रथम टीका भर्तृहरि ने लिखा था। इसी महाभाष्य पर कैयट ने भी टीका लिखा था।

75. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं-

A. थेरवाद का सीलोन में प्रतिपादन अशोक के पुत्र महेंद्र द्वारा किया गया था।
B.  थेरवाद की सर्वाधिक महत्वपूर्ण शाखा सर्वस्तिवाद था, जिसकी स्थापना राहुलभद्र द्वारा की गयी थी।
C. परमार्थ, महासंघिक संप्रदाय (मत) का प्रवर्तक था।
D. पूर्वशैल, अपरशैल, उत्तरशैल और चैत्यक महासंघिकों से निकली,शाखाएँ हैं।
E. स्तूप निर्मित करने और चैत्य बनाने संबंधी निर्देश पहली बार हमें निदान-कथा नामक ग्रंथ में मिलते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और D
Solution:

महासांधिक बौद्ध संप्रदाय का प्रवर्तक महाकस्सप थे जबकि स्थाविर बौद्ध संप्रदाय की स्थापना महाकच्चायन ने किया था। महापरिनिर्वाण सूत्र के अनुसार महात्मा बुद्ध ने स्वयं आनन्द को चक्रवर्ती सम्राटों की समाधि स्वरूप बनने वाले स्तूपों की तरह स्तूप बनाने के लिए निर्देशित किया था।

अतः स्पष्ट है कि स्तूप का निर्माण बुद्ध से पहले होता था। स्तूप का उल्लेख सर्वप्रथम ऋग्वेद में मिलता है। प्रसिद्ध इतिहासकार वी.एस. अग्रवाल के अनुसार ऋग्वेंद में हिरण्यस्तूप (सोने का थूहा या ढेर) का संदर्भ मिलता है। स्तूप तथा चैत्य में मुख्य अन्तर यह है कि चैत्य पर्वत गुहाओं को काटकर बनाया जाता था तथा इसमें स्तूप का आकार बना रहता था लेकिन उसमें अवशेष नहीं रखे जाते थे जबकि स्तूप के भीतरी भाग में पात्र में अवशेष रखकर बनाये जाते है।

प्रारम्भ में स्तूप का प्रयोग मृतदेह के भस्मावशेषों के ऊपर निर्मित समाधि के रूप में होता था आगे चलकर स्तूप शब्द बुद्ध तथा उनके प्रमुख अनुयायियों के जीवन के किसी घटना विशेष से संबंधित स्थान पर उस स्मृति को जीवित रखने के स्मारक के रूप में प्रयुक्त किया जाने लगा। थेरवाद का सीलोन में प्रतिपादन अशोक के पुत्र महेन्द्र द्वारा किया गया था। थेरवाद की सर्वाधिक महत्तपूर्ण शाखा सर्वास्तिवाद था, जिसकी स्थापना राहुलभद्र द्वारा की गयी थी। पूर्वशैल, अपरशैल और चैत्यक महासांधिकों से निकली शाखाएँ है।

76. सूची- I का सूची - II से मिलान कीजिए

सूची- Iसूची- II
A. सिंदखेड़ का युद्धI. 1771
B. उदगीर का युद्धII. 1758
C. मोती तलाव का युद्धIII. 1737
D. भोपाल का युद्धIV. 1760

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:सुमेलित सूची इस प्रकार है-
क्रम सं.युद्ध का नामवर्ष
1सिंदखेड़ का युद्ध1758
2उदगीर का युद्ध1760
3मोती तलाव का युद्ध1771
4भोपाल का युद्ध1737

77. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सहीं हैं?

A. महापरिनिबाना सूत्र में बुद्ध आनंद को आदेश देते हैं कि वह राजपथों के चौराहे पर उनके पवित्र शरीर के अवशेष पर स्तूप का निर्माण करे।
B.  प्रारम्भिक स्तूपों में अर्ध गोलाकार गुंबद (अंडाकार) होते हैं।
C.  गुंबद के चारों ओर प्रदक्षिणापथ या परिक्रमा पथ होता है।
D.  गुंबद चार पाशव पर चार द्वार होते हैं जिसे हरमिका कहा जाता है।
E. कनिष्क ने सांची में पगोडा का निर्माण किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

स्तूप का प्रारम्भिक स्वरूप अर्द्ध गोलाकार मिलता है। इसमें एक चबूतरे (मेधि) के ऊपर उल्टे कटोरे की आकृति का एक थूहा बनाया जाता है जिसे अण्ड कहते हैं। यह स्थापत्य कला की दृष्टि से स्तूप का सबसे विशिष्ट तथा प्रधान भाग है। स्तूप की चोटी सिरे पर चपटी होती है। जिसके ऊपर धातु पात्र रखा जाता था उसे हर्मिका कहते है। यह स्तूप का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाग है अर्थात् देवसदन इसमें पवित्र शरीर अवशेष या चिताभस्म या पारिभौगिक वस्तु संरक्षित रहती है।

हर्मिका के बीच में एक यष्टि लगायी जाती थी, यष्टि के ऊपरी सिरे पर तीन छत्र लगाये जाते थे। स्तूप के चारों तरफ की दीवार को वेदिका कहा जाता है। जो इस पवित्र दुनिया को सांसारिक दुनिया से अलग करती है। स्तूप तथा वेदिका के बीच परिक्रमा करने के लिए जो खाली स्थान होता है उसे प्रदक्षिणापथ कहते है। कोणार्क का सूर्य मंदिर सूर्य देवता को समर्पित एक मंदिर है, जो भारत में पुरी (ओडिशा राज्य) के पास स्थित है।

ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पूर्वी गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने 1250 में कराया था यूनेस्को ने वर्ष 1984 में इसे विश्व विरासत स्थल का दर्जा प्रदान किया था। समुद्री यात्रा करने वाले लोग इस मंदिर को ब्लैक पगोडा कहते थे। महापरिनिब्बाण सूत्र में बुद्ध आनंद को आदेश देते है कि वह राजपथों के चौराहे पर उनके पवित्र शरीर के अवशेष पर स्तूप का निर्माण करे। प्रारम्भिक स्तूपों में अर्थ गोलाकार गुंबद (अंडाकार) होते है। गुंबद के चारों ओर प्रदक्षिणापथ या परिक्रमा पथ होता है।

78. महात्मा गाँधी दिल्ली और पंजाब में सत्याग्रह आंदोलन को प्रोत्साहित करने हेतु 8 अप्रैल 1919 को बम्बई से प्रस्थान किए थे किन्तु वे किस स्थान से ट्रेन से बाहर निकाल दिए गए और वापस बम्बई ले जाये गए ?

Correct Answer: (a) पलवल
Solution:

महात्मा गाँधी दिल्ली और पंजाब में सत्याग्रह आंदोलन को प्रोत्साहित करने हेतु 8 अप्रैल 1919 को बम्बई से प्रस्थान करते है किन्तु 10 अप्रैल 1919 को उन्हें पलवल स्टेशन (पंजाब) पर ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। राजनीतिक रूप से यह गांधी जी की पहली गिरफ्तारी थी। इस गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब में जगह-जगह जुलूस, धरने, प्रदर्शन व रैलियां शुरू हो गई।

महात्मा गांधी की गिरफ्तारी की याद को संजोए रखने के लिए तब स्वाधीनता सेनानियों ने पलवल में एक आश्रम की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसे महात्मा गांधी सेवा आश्रम का नाम दिया गया। इस आश्रम की नींव स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद बोस ने रखी थी।

79. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार ढंग से व्यवस्थित कीजिए:

A.  स्किन समिति (कमेटी) की रिपोर्ट (प्रतिवेदन)
B. ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लास एसोसिएशन
C.  मिस्टर मोटेग्यू का त्यागपत्र
D.  रॉयल लेबर कमीशन की रिपोर्ट का प्रकाशन
E. द इंडियन मिलिट्री एकेडमी. देहरादून
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तरका चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, B, A, D और E
Solution:निम्न तथ्य को कालक्रमानुसार ढंग से व्यवस्थित किया गया है-
1. मिस्टर मोटेग्यू का त्यागपत्र- 1922
2. ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लास एसोसिएशन 1926
3. स्किन समिति (कमेटी) की रिपोर्ट (प्रतिवेदन)- 1927
4. रॉयल लेबर कमीशन की रिपोर्ट का प्रकाशन- 1931
5. द इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून- 1932

80. इनमें से कौन सा कथन पुरंदर की संधि का हिस्सा नहीं था?

Correct Answer: (d) शिवाजी को 5000 का मनसब अनुदान में दिया गया।
Solution:

22 जून 1665 को शिवाजी और औरंगजेब के प्रतिनिधि राजा जय सिंह के बीच पुरन्दर की संधि हुई थी जिसकी शर्ते निम्नलिखित हैं-
1. शिवाजी ने मुगल- आधिपत्य को स्वीकार कर लिया परन्तु अपने स्थान पर अपने पुत्र शम्भाजी को 5000 घुड़सवारों के साथ मुगलों की सेवा में भेजना स्वीकार किया।
2. शिवाजी ने अपने 23 किले और करीब 4 लाख हूण की वार्षिक आय की भूमि मुगलों को दे दी।
3. रायगढ़ को सम्मिलित करके शिवाजी के पास केवल 12 किलें और एक लाख हूण की वार्षिक आय की भूमि रही।
4. शिवाजी ने बीजापुर (दक्षिण भारत) के विरूद्ध मुगलों को सैनिक सहायता देने का वादा किया था।