NTA यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (इतिहास) (Shift-II)

Total Questions: 100

81. स्वतंत्र पडू, स्वतंत्रता संबंधी गीतों के एक संकलन, के लेखक कौन हैं:

Correct Answer: (c) सुब्रमण्य भारती
Solution:

स्वतंत्र पट्ट, स्वतंत्रता संबंधी गीतों के संकलनकर्ता सुब्रमण्य भारती जी है। सुब्रमण्य भारती की देशभक्ति से युक्त कविता को किसी भी सर्वेक्षण में प्राथामिकता दी जानी चाहिए। वे एक स्वतंत्र कवि के रूप में जाने जाते है उनके द्वारा रचित कविता को खूब लोकप्रियता मिली और तमिलनाडू के लोगों के साथ उन्होंने मधुर सम्बन्ध स्थापित किये। उन्हें देशभक्त कवि के रूप में ख्याति खूब मिली और उनके द्वारा रचित ग्रंथों को स्वतंत्रता संग्राम में स्थायी स्थान प्राप्त हुआ था क्योंकि उनके गीतों ने लाखों तमिलों को आलस्य की नींद से जगाया था।

82. राज्यारोहण के बाद जहाँगीर ने मेवाड़ पर नियंत्रण को अधिक करने और मजबूत करने का प्रयास कियाः

A. जहाँगीर ने राजकुमार परवेज को मेवाड़ के राणा के विरुद्ध भेजा।
B. जहाँगीर ने तुजुके जहाँगीर में मेवाड़ के राणा के द्वारा अधीनता स्वीकार करने का उल्लेख किया है।
C. मेवाड़ का राणा अमर सिंह, ने अपने पुत्र करण सिंह को मुगल दरबार में भेजने हेतु सहमति व्यक्त की।
D. करण सिंह को जहाँगीर द्वारा 1000 जात/1000 सवार का मंसब प्रदान किया गया।
E. जहाँगीर ने मेवाड़ राज्य के साथ वैवाहिक संबंधस्थापित किये।
नीचे दिए गए विकल्पों में से उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल A, B, C
Solution:

जहाँगीर का दूसरा विवाह उदयसिंह (मारवाड़) की पुत्री जगत गाँसाई (जोधाबाई) के साथ हुआ था। जहाँगीर के इसी पत्नी से खुर्रम (शाहजहाँ) का जन्म हुआ था। जहाँगीर ने राजपूतों के संबंध में अपने पिता द्वारा प्रवर्तित नीति का पालन किया।

1615 ई. में मेवाडत्र व मुगलों के मध्य सन्धि की गई। संधि की शर्तें इस प्रकार तैयार की गयी थी कि राणा अमर सिंह को अपने वंश की मर्यादा तथा गौरव के साथ समझौता करने के लिए बाध्य नहीं किया तथा राणा के व्यक्तिगत रूप से दरबार में उपस्थित होने के संबंध में रियायत दी गयी थी।

उसका प्रतिनिधित्व उसके पुत्र करण सिंह द्वारा किया गया। करण सिंह के प्रति जहाँगीर ने अत्यंत सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया तथा उसको 5000 जात 5000 सवार का मनसब भी प्रदान किया। चितौड़ का दुर्ग राणा अमरसिंह को वापस कर दिया गया। यद्यपि उस दुर्ग की प्राचीरों की मरम्मत करवाने या पुनर्निर्माण करने की अनुमति नहीं प्रदान की गयी थी ऐसा सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से किया गया था।

जहाँगीर ने 1605 में राजकुमार परवेज को मेवाड़ के राणा के विरूद्ध भेजा था। जहाँगीर ने तुजुक-ए- जहाँगीरी में मेवाड़ के राणा के द्वारा अधीनता स्वीकार करने का उल्लेख किया है। मेवाड़ का राणा अमर सिंह ने अपने पुत्र करण सिंह को मुगल दरबार में भेजने हेतु सहमति व्यक्त की थी।

83. किसने कहा था, "मैं अपने देश को अपनी माता मानता हूँ, मैं उससे प्रेम करता हूँ, मैं उसकी पूजा करता हूँ।"

Correct Answer: (a) अरविंदो
Solution:

क्रांतिकारी दार्शनिक अरविंदो घोष ने लिखा है कि मैं अपने देश को अपनी माता मानता हूँ, मैं उससे प्रेम करता हूँ, मैं उसकी पूजा करता हूँ। उन्होंने बंकिमचंद्र के भारतीय इतिहास के काल- विभाजन को मातृदेवी चिह्न के माध्यम से स्वीकार किया। वह भारत माँ को ब्रिटिश शासन रूपी राक्षस से बचाना चाहते थे।

84. चौरी चौरा में भीड़ जनित हिंसा के कारण महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन के 'स्थगन /वापस लेने' को किसने 'राष्ट्रीय आपदा' कहा था?

Correct Answer: (c) सुभाष चंद्र बोस
Solution:

चौरी चौरा में भीड़ जनित हिंसा के कारण महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन के स्थगन वापस लेने की घटना को नेता जी सुभाष चन्द्र बोस ने राष्ट्रीय आपदा की संज्ञा दी थी। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के दौरान 4 फरवरी 1922 को भगवान अहीर के नेतृत्व वाली उम्र भीड़ ने गोरखपुर के चौरी-चौरा के पुलिस थाने में आग लगा दी थी इसमें 23 पुलिस वालों की मौत हो गयी थी।

इस हिंसा के बाद महात्मा गांधी ने 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। महात्मा गाँधी के इस फैसले को लेकर क्रांतिकारियों का एक दल नाराज हो गया था। 16 फरवरी 1922 को गाँधी जी ने अपने लेख 'चौरी-चौरा का अपराध' में लिखा हैं, कि अगर ये आंदोलन वापस नहीं लिया जाता तो दूसरी जगहों पर भी ऐसी घटनाएँ होती।

उन्होंने इस घटना के लिए एक तरफ जहाँ पुलिस वालों को जिम्मेदार ठहराया क्योंकि उनके उकसाने पर ही भीड़ ने ऐसा कदम उठाया था तो दूसरी तरफ घटना में शामिल तमाम लोगों को अपने आपको पुलिस के हवाले करने को कहा क्योंकि उन्होंने अपराध किया था। मार्च 1922 में गाँधी जी को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया।

85. मुगल स्थापत्य कला विविध तत्वों के संयुग्मों से विशेषीकृत है।

A.  सल्तनतकालीन स्थापत्य के मेहराब, गुंबद, मेहराबदार छत, मुगल शैली में समाविष्ट किए गए थे।
B. प्रांतीय शैलियों के तत्व (अवयवों) को मुगल संरचना का हिस्सा बनाया गया।
C.  अधिवृत्तीय गुंबद, पेत्रादुरा और आयताकार बाग से विशिष्ट मध्य एशियाई और दक्षिण पूर्वी एशियाई शैलियाँ भी मुगल शैली की घटक बनी।
D. फतेहपुर सीकरी का महल शहर इस प्रकार की शैली का बेहतरीन स्थापत्य नमूना है
E. मुगल स्थापत्य चापाकार शैली का प्रदर्शन था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B, D
Solution:

मुगल स्थापत्य चापाकार शैली का प्रदर्शन नहीं था। जिस कला को मुगल स्थापत्य कला (वास्तुकला) पुकारा गया है वह मध्य एशिया की इस्लामी कला और भारतीय हिन्दू-कला का मिश्रित रूप है। मुगलकालीन स्थापत्य की मुख्य विशेषता संगमरमर के पत्थरों पर हीरे-जवाहरत से की जड़ावट पित्रादुरा एवं महलों तथा विलास भवनों में बहते पानी का उपयोग है।

मुगल काल में स्थापत्य-कला की श्रेष्ठतम उन्नति हुई और भव्य महल, मकबरे, मस्जिदें आदि बनी। मुगल-स्थापत्य कला अपने में श्रेष्ठतम रही और उसने विभिन्न प्रान्तीय स्थापत्य कलाओं को भी प्रभावित किया। मुगल स्थापत्य कला की अपनी पृथक विशेषता थी और विदेशी प्रभावों को अपने वास्तुकला में सम्मिलित करते हुए भी उसका मूल स्वरूप भारतीय था।

मुगलों द्वारा बनवायी हुई ईमारतें टर्की, फारस और मध्य एशिया की इमारतों से भिन्न है ताजमहल भारतीय मुगलस्थापत्य-कला का एक नमूना है। अकबर की सुन्दरतम इमारतें फतेहपुर सीकरी (आगरा के निकट) में बनवायी गयीं थी परन्तु आधुनिक समय में फतेहपुर सीकरी एक उजड़ा हुआ स्थान है।

फतेहपुर सीकरी में दीवाने-आम, दीवाने खास, पंचमहल, तुर्की सुल्ताना का महल, जोधाबाई-महल, मरियम महल, बीरबल महल, हिरन-महल, जामा मस्जिद, हाथी पोल, बुलन्द दरवाजा और शेख सलीम चिश्ती का मकबरा प्रमुख हैं। सल्तनत कालीन स्थापत्य के मेहराब गुंबद, मेहराबदार छत मुगल शैली में समाविष्ट किए गए थे।

86. बाजीराव II का वह विद्रोही मंत्री जिसने 1818 में खानदेश में ब्रिटिश (अंग्रेज) के आधिपत्य के विरुद्ध भीलों को भड़काया (उकसाया) था?

Correct Answer: (d) त्रिम्बकजी
Solution:

भील मुख्य रूप से खानदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बसे हुए थे, 1818 में खानदेश पर अंग्रेजों के आधिपत्य से भील आहत हुए थे। ऐसा कहा जाता है कि बाजीराव II के विद्रोही मंत्री त्रिम्बकजी ने 1818 में खानदेश में ब्रिटिश (अंग्रेज) के आधिपत्य के विरूद्ध भीलों को भड़काया (उकसाया) था।

1819 में चारों तरफ विद्रोह की आग फैल गई और भीलों ने कई छोटे-छोटे दलों में मैदानी इलाको को लूटा खसोटा। अंग्रेजों के खिलाफ भील सरदार इसी प्रकार का आक्रमण करते रहते थे। अंग्रेज सरकार एक तरफ अपनी शक्ति से उन्हें दबाने की कोशिश करती थी तो दूसरी तरफ कल्याणकारी कार्यों द्वारा उनका हृदय जीतने की कोशिश करती थी। इसके बावजूद अंग्रेज भीलों को अपने पक्ष में न कर सके।

87. न्यायप्रवेशतर्कशास्त्र ग्रंथ के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (a) शंकरस्वामी
Solution:

न्यायप्रवेशतर्कशास्त्र के लेखक शंकरस्वामी थे जो दक्षिण भारत से थे। इस पुस्तक का चीनी भाषा में अनुवाद ह्नसांग,ने 647 ई. में किया था। उन्होंने आचार्य उद्योतकर की न्यायदर्शन पर न्यायवार्तिक एवं न्यायवार्तिक तात्पर्यटीका नामक ग्रंथ लिखा है |

88. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार ढंग में व्यवस्थित कीजिए।

A. निजाम और मराठा के बीच खुर्दा की लड़ाई
B. नाना फड़नवीस की मृत्यु
C.  महादजी सिंधिया की मृत्यु
D. रणजीत सिंह एवं कंपनी के मध्य अमृतसर की संधि
E.  प्रथम आंग्ल नेपाली युद्ध
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) C, A, B, D और E
Solution:निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित किया गया है:-
क्रम सं.घटनाएँवर्ष
1महादजी सिंधिया की मृत्यु1794
2निजाम और मराठा के बीच खुर्दा की लड़ाई1795
3नाना फड़नवीस की मृत्यु1800
4रणजीत सिंह एवं कंपनी के मध्य अमृतसर की संधि1809
5प्रथम आंग्ल-नेपाली युद्ध1814

89. कुमार कंपन के सैन्य अभियान का विवरण देने वाले संस्कृत काव्य 'मदुरा विजयम' के लेखक कौन थे?

Correct Answer: (d) गंगा देवी
Solution:

मदुरा विजयम संस्कृत का एक काव्य है जिसे गंगादेवी ने 14वीं शताब्दी के उत्तरार्थ में अपने पति कुमार कंपन की मदुरै के सुरूष्कों पर विजय प्राप्ति के उपलक्ष्य में लिखा था। रामेश्वरम् तक अपने साम्राज्य विस्तार के उद्देश्य से संगम वंश के शासक बुक्का ने अपने बेटे कुमार कंपन को मदुरा विजय के लिए भेजा था। इस अभियान को उसके पुत्र ने सफल बनाया।

90. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन सही नहीं है?

Correct Answer: (c) नानासाहेब ने महेश्वर का दुर्ग बनवाया था
Solution:

महेश्वर का किला म.प्र. के खरगोन जिला में अवस्थित है। इस किले का निर्माण अहिल्याबाई ने करवाया था इसलिए इसे अहिल्या किला भी कहते है किला परिसर के अन्दर पर्यटक विभिन्न छतरियों और आसनों को देख सकते है जिस पर रानी किले में आने पर बैठती थी। इस प्राचीन इमारत में भगवान शिव के विभिन्न अवतारों को समर्पित कई मंदिर है।

यह किला रानी अहिल्याबाई होल्कर के शक्तिशाली शासक होने और अपने साम्राज्य की सुरक्षा के प्रति किये गये उपायों का प्रत्यक्ष गवाह है। अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था। नाना सहिब पेशवा ने सुंदरनारायण मंदिर का निर्माण करवाया था। नाना फड़नवीस ने भीमशंकर मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ करवाया था।