NTA यूजीसी नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून 2024 (इतिहास) Shift-II

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

 

यह कृति चालुक्य राजवंश की उत्पत्ति के साथ आरंभ होती है तथा किसी महाकाव्य की चिर-परिचित शैली में सम्राट विक्रमादित्य द्वारा लड़ी गई लड़ाईयों और लिए गए आनंदों का विवरण प्रदान करती है।

हर्ष चरित के प्रथम उच्छावस की तरह ही अंतिम भाग हमें स्वयं लेखक, उसकी साहित्यिक यात्रा, उसके परिवार तथा उसके देश और वहाँ के शासकों के बारें में लेखा-जोखा प्रदान करता है।

इतिहास के एक अंश के रूप में यह कृति विभिन्न झोल से परिपूर्ण है। यह सम्राट के जीवन में कतिपय दुखद प्रसंगों की व्यांख्या करने के लिए शिव के हस्तक्षेप की आकांक्षा रखती है। सटीक अभिव्यक्तियों के अभाव में शुद्ध सही कालक्रम भी लुप्त हो गया है।
ग्रंथ का लेखक कौन है?

Correct Answer: (b) बिल्हण
Solution:प्रस्तुत गद्यांश विक्रमांकदेव चरित का है जिसके लेखक विल्हण है जो विक्रमादित्य VI का दरबारी, कवि था। विल्हण मूल रूप से कश्मीर का निवासी था तथा विक्रमादित्य VI के काल में वह चालुक्य दरबार में आ गयां था। विल्हण ने विक्रमांकदेव चरित को महाकाव्य की शैली में लिखा है। यह ग्रंथ जीवन चरित ग्रंथों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

92. अनुच्छेद किस ग्रंथ को संदर्भित कर रहा है?

Correct Answer: (c) विक्रमांकदेव चरित.
Solution:

प्रस्तुत अनुच्छेद विक्रमांकदेव चरित ग्रंथ को संदर्भित कर रहा है जिसका लेखन विक्रमादित्य VI चालुक्य के दरवारी कवि विल्हण ने किया था। विल्हण ने महाकाव्य शैली में अपने आश्रयदाता विक्रमादित्य VI का जीवन चरित विक्रमांकदेव चरित में लिखा। इसमें विक्रमादित्य VI द्वारा लड़ी गयी लड़ाइयों का विवरण प्रस्तुत किया गया है।

93. निम्नलिखित में से कौन-सी कृति भी उसी लेखक द्वारा लिखी गई है?

Correct Answer: (d) राम चन्द्र
Solution:विल्हण मूल रूप से कश्मीर का निवासी था तथा चालुक्य राजा विक्रमादित्य VI के काल में चालुक्य दरबार में पहुँचा जहाँ उसने विक्रमांकदेव चरित नाम से विक्रमादित्य VI की जीवनी लिखी। इस ग्रंथ के अतरिक्त उसने चौरपंचाशिका ग्रंथ की भी रचना किया। विल्हण का विक्रमांकदेव चरित महाकाव्य शैली में लिखा गया एक ग्रंथ है।

94. लेखक किस क्षेत्र से संबंधित ह

Correct Answer: (a) कश्मीर
Solution:प्रस्तुत गद्यांश विक्रमांकदेव चरित ग्रंथ का है जिसका लेखन विल्हण ने किया था। विल्हण मूल रूप से कश्मीर का निवासी था चालुक्य शासक विक्रमादित्य VI के काल में वह चालुक्य दरबार मे आया जहाँ विक्रमादित्य VI ने उसे अपना राज कवि नियुक्त किया। विक्रमांकदेव चरित विक्रमादित्य VI का जीवन चरित है जो महाकाव्य शैली में लिखी गयी है।

95. ग्रंथ के लेखक का संरक्षक कौन था ?

Correct Answer: (c) कल्याण का चालुक्य सम्राट विक्रमादित्य VI
Solution:

प्रस्तुत गद्यांश विक्रमांकदेव चरित का है जिनका लेखन विल्हण ने किया है जो कल्याणी के चालुक्य सम्राट विक्रमादित्य VI का दरबारी कवि था जिसे विक्रमादित्य VI ने संरक्षण प्रदान किया था। विक्रमांकदेव चरित महाकाव्य शैली में लिखा गया जीवन चरित है। विल्हण मुख्यतया कश्मीर का निवासी था जो आगे विक्रमादित्य के दरबार में आ गया।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़े और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

हालांकि सावरकर स्वयं 1906 में लंदन चले गये परन्तु उनका संगठन भारत में फलता फूलता रहा। इसने गंभारतापूर्वक क्रांतिकारी गतिविधियों का मार्ग अपनाया तथा संपूर्ण महाराष्ट्र में इसकी फैलाने का प्रयास किया। इसने आजादी के मंत्र का उपदेश दिया तथा स्वतंत्रता के गीत और तराने गाए, जिनके मूलतत्व “विदेश शासकों से भारत की मुक्ति” था तत्कालीन समय में संपूर्ण प्रांत में गुप्त सोसायटियों का एक जाल था।

बहुत सारे कॉलेजों और उच्चतर शैक्षणिक संस्थाओं में कम से कम एक गुप्त सोसायटी थी.....सोसायटी की गतिविधियों में, जहाँ भी और जब भी संभव हो, शस्त्रों और विस्फोटकों का प्रशिक्षण और उनका संकलन करना सम्मिलित था। जब सावरकर 1906 में लंदन में रहने लगे तो उन्होंने गोपनीय तरीके से सोसायटी के प्रयोजनार्थ शस्त्र भेजे थे।
वी डी सावरकर किस कॉलेज से स्नातक हुए थे?

Correct Answer: (d) फासन कॉलेज
Solution:

वी.डी. सावरकर भारत के एक महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानी थे। वी.डी. सावरकर ने फार्ग्युसन कालेज पूर्ण से स्नातक किए हुए थे। उन्होंने 1900 ई. में मित्र मेला नामक एक संगठन की स्थापना किया जो 1904 में अभिनव भारत में बदल गया। अभिनव भारत संगठन का मूल उद्देश्य सशस्त्र संगठन के माध्यम से भारत को आजाद कराना था।

97. अनुच्छेद में उल्लिखित, सोसायटी का कौन-सा सदस्य रूसी क्रांतिकारियों से बम निर्माण की कला सीखने के लिए पेरिस भेजा था?

Correct Answer: (a) पी एन बापट
Solution:

भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी वी.डी. सावरकर ने 1900 ई. में मित्र मेला नामक संगठन की स्थापना की थी जो 1904 में अभिनव भारत नामक संस्था में परिवर्तित हो गयी। इस संगठन से वी.डी. सावरकर, पी.एन. बापट आदि जुड़े हुए थे। इस संगठन के सदस्य पी.एन. बापट रूसी क्रातिकारियों से बम निर्माण की कला सिखने के लिए पेरिस गए थे।

98. सावरकर ने किस व्यक्तित्व हस्ती के जीवन को मराठी में अनुवादित किया, जिसकी तीन महीनों में 2000 प्रतियां बिक गई थी?

Correct Answer: (b) मेजिनी
Solution:

वी.डी. सावरकर महाराष्ट्र के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। वे आधुनिक इटली के निर्माता मेजनी से काफी प्रभावित थे। मेजनी द्वारा स्थापित यंग इटली संगठन के समान सावरकर ने अभिनव भारत का गठन किया था। सावरकर ने मेजनी के जीवनी को मराठी में अनुवादित किया जिसकी 3 महीने में 2000 प्रतियाँ बिक गयी थी।

99. नुच्छेद में वी.डी.सावरकर के किस संगठन की चर्चा की जा रही है?

Correct Answer: (c) अभिनव भारत
Solution:

प्रस्तुत अनुच्छेद में वी.डी. सावरकर के अभिनव भारत संगठन की चर्चा है जिसकी स्थापना 1904 में हुई थी। यहाँ ध्यातव्य है कि वी.डी. सावरकर ने 1900 ई. में मित्र मेला संगठन स्थापित किया था।

यही संगठन 1904 में अभिनव भारत संगठन में परिवर्तित हो गया। इस संगठन का उद्देश्य सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से भारत को स्वतंत्र कराना था।

100. लंदन में वी डी सावरकर किस संगठन से संबंद्ध थे?

Correct Answer: (b) इंडिया हाउस
Solution:

वी.डी. सावरकर 1906 में लंदन चले गए और वहाँ पर इंडिया हाउस संगठन से सम्बद्ध हो गए। लंदन में 1905 ई.में श्याम जी कृष्ण वर्मा ने इंडिया हाउस की स्थापना किया था। इसे ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के बीच राष्ट्रवादी विचारों को बढ़ावा देने के लिए खोला गया था। यह संस्थान इग्लैण्ड में उच्च अध्ययन के लिए भारतीय युवाओं को छात्रवृत्ति भी प्रदान करता था।