NTA यूजीसी नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून 2024 (इतिहास) Shift-I

Total Questions: 100

91. निम्नांकित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और दिए गए प्रश्न के उत्तर दीजिए :

"राजा के बारे में अगली महत्वपूर्ण धारणा यह थी कि वह जनता का सेवक है। एक प्रारंभिक धर्मसूत्र लेखक ने टिप्पणी की है। कि राजा वस्तुतः सेवक होता है और 16% कर उसका पारिश्रमिक है।

एक जगह कौटिल्य ने इस बात का उल्लेख किया है कि राजा किस प्रकार से अपने सैनिकों के समतुल्य था, दोनों को अलग-अलग पारिश्रमिक मिलता था और दोनों राष्ट्र की परिसम्पत्ति साझा करने के हकदार थे। नारद भी जनता की रक्षा के लिए कराधान को राजा का वेतन मानते हैं।

अपरार्क का कथन है कि कोई भी व्यक्ति प्रतिफल की उम्मीद के बिना कर अदा नहीं करता है, अतएव, करों की अदायगी- राजा से संरक्षण प्राप्त करने के बदले ही- की जाती है। चूंकि जनता राजा को उचित पारिश्रमिक अदा करती है, राजा को अनिवार्यतः एक सेवक के रूप में, यहाँ तक कि गुलाम के रूप में उनकी सेवा करनी चाहिए। निश्चित रूप से यह अतिशयोक्तिपूर्ण कथन है, यथार्थ स्थिति की झलक शुक्र के लेखन में मिलती है जहाँ उन्होंने राजा की व्याख्या जनता का स्वामी और सेवक दोनों के रूप में किया है।"
निम्नांकित में से किसमें राजा का वर्णन जनता के स्वामी और सेवक दोनों के रूप में किया गया है?

Correct Answer: (c) शुक्रनीतिसार
Solution:शुक्रनीतिसार में राजा का वर्णन जनता का स्वामी और सेवक दोनों रूपों में किया गया है। भारत के कई प्राचीन लेखकों की तरह शुक्राचार्य ने भी राजनीति को नैतिकता का एक पहलू माना है। नैतिकता के तहत जनता के स्वामी और सेवक का तात्पर्य यह है कि राजा का हर निर्णय जनता के लिए हितकारी हो साथ ही जनता भी राज्य कर अदा कर राजतंत्र को आगे बढ़ाने में योगदान दे।

92. प्राचीन ग्रंथों में निम्नांकित में से किसे 'राजाओं का ताड़क' माना गया है?

Correct Answer: (c) वरुण
Solution:

प्राचीन ग्रंथों में वरूण को 'राजाओं का ताड़क' माना गया है। वरूण मूलतः ऋग्वैदिक देवता थे जिन्हें सहस्त्र स्तंभों में निवास करने वाला बताया गया है।

वरूण को ऋत का नियंता भी माना जाता था। ऋग्वेद में वरूण की महत्ता का प्रतिपादन मिलता है। तथा इन्हे इन्द्र के बाद ऋग्वैदिक काल का सर्वोच्च देवता माना जाता है। हाँलाकि आगे चलकर इनकी महत्ता कम हो गयी।

93. निम्नांकित में से किस पुस्तक में उल्लेख है कि "राजा की स्थिति सिपाहियों के समान थी, दोनों को अलगअलग पारिश्रमिक मिलता था और दोनों राष्ट्र की परिसंपत्ति साझा करने के हकदार थे"।

Correct Answer: (b) अर्थशास्त्र
Solution:

अर्थशास्त्र मे उल्लेख है कि 'राजा की स्थिति सिपाहियों के समान थी दोनों को अलग-अलग पारिश्रमिक मिलता था और दोनों राष्ट्र की परिसंपति साक्षा करने के हकदार थे।

अर्थशास्त्र की रचना कौटिल्य ने किया था जो की सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य का प्रधानमंत्री था। कौटिल्य राजा को धर्म प्रवर्तक मानता है तथा कहता है कि राजा प्रजा के लिए हमेशा उपलब्ध रहे।

94. प्रारंभिक धर्मसूत्र में टिप्पणी की गई है कि 'राजा वस्तुतः सेवक है और 16% कर उसका पारिश्रमिक है'। संदर्भित धर्मसूत्र है :

Correct Answer: (a) बौधायन धर्मसूत्र
Solution:

बौधायन धर्मसूत्र मे टिप्पणी की गयी है कि 'राजा वस्तुतः सेवक है और 16% कर उसका परिश्रमिक हैं। गौतम धर्मसूत्र के बाद सबसे पुराना धर्मसूत्र बौधायन धर्मसूत्र ही है।

धर्मसूत्रों में मुख्यतया सामाजिक और धार्मिक नियमों की जानकारी मिलती है। बौधायन का मानना था कि राजा को अपनी सेवा के बदले एक निश्चित कर मिलना चाहिए जो उपज के 16% के बराबर होना चाहिए।

95. उपर्युक्त गद्यांश निम्नांकित में से किसके संबंध में है?

Correct Answer: (d) जनसेवक के रूप में राजा
Solution:

उपर्युक्त गद्यांस वस्तुतः जनसेवक के रूप में राजा के संबन्ध में है राजा के बारे में महत्वपूर्ण धारणा यह थी कि राजा जनता का सेवक है। प्राचीन भारत के लगभग सभी लेखकों और धर्मसूत्रों ने राजा को सेवक के रूप में उल्लेख किया है। एक प्रारम्भिक धर्मसूत्र लेखक ने टिप्पणी की है कि राजा वस्तुतः सेवक होता है और 16% कर उसका परिश्रमिक होता है।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िये और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

"महाराष्ट्र में क्रांतिकारी गतिविधियों का अगला चरण विनायक दामोदर सावरकर के इर्द-गिर्द केन्द्रित है, जिन्हें जन्मजात क्रांतिकारी कहा जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि जब उन्होंने चापेकर बंधुओं के बारे में सुना, उस समय वे पंद्रह वर्ष के बालक थे, उन्होंने भारत से अंग्रेजों को बाहर खदेड़ने के शहीद चापेकर बंधुओं के मिशन को पूरा करने के लिए भगवती दुर्गा के समक्ष शपथ ली।

वर्ष 1900 में उन्होंने नासिक में मित्र मेला नामक संगठन की नींव रखी। इसका उद्देश्य भारत को राजनैतिक स्वतंत्रता दिलाना था तथा दृढ़तापूर्वक यह कहा गया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो ससशस्त्र विद्रोह द्वारा ऐसी स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। वर्ष 1904 में मैजिनी के 'यंग इटली' के नाम पर इस संगठन का नाम अभिनव भारत अंगीकार किया गया।"
निम्नलिखित में से किसे 'चापेकर बंधु' के नाम से संबोधित नहीं किया जाता है?

Correct Answer: (b) विनायक हरि चापेकर
Solution:

चापेकर बंधु महाराष्ट्र के प्रमुख क्रांतिकारी थे जिनमें दामोदर हरि चापेकर, बालकृष्ण हरि चापेकर और वासुदेव हरि चापेकर शामिल थे। चापेकर बंधु महाराष्ट्र में बी.डी. सावरकर के पहले के क्रांतिकारी थे। चापेकर बंधु सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता के पक्षधर थे। उन्होंने 22 जून 1897 को पूना में प्लेग समिति के प्रधान रैण्ड एवं लेफ्टिनेन्ट एयर्स्ट की हत्या कर दी थी।

97. 'अभिनव भारत' के निम्नलिखित में से किस सदस्य को रूसी क्रांतिकारियों से बम बनाने की कला सीखने के लिए पेरिस भेजा गया था?

Correct Answer: (c) पी.एन. बापट
Solution:

'अभिनव भारत' के प्रमुख सदस्य पी.एन.बापट को रूसी क्रांतिकारियों से बम बनाने की कला सीखने के लिए पेरिस भेजा गया था। इसी प्रकार बंगाल के हेमचन्द्र कानूनगो दास ने बम बनाने की कला सीखने के लिए 1906 में फ्रांस आ गए। फ्रांस में ही हेमचन्द्र कानूनगो की मुलाकात बापट से होती है। दोनों ने साथ में रूसी क्रांतिकारी संगठन से बम बनाने की कला सीखी।

98. 'अभिनव भारत' था

Correct Answer: (a) क्रांतिकारियों की गुप्त संस्था
Solution:

1904 ई. में मित्र मेला का परिवर्तित रूप ही 'अभिनव भारत' है। अभिनव भारत विनायक दामोदर सावरकर और उनके भाई गणेश दामोदर सावरकर तथा नारायण दामोदर सावरकर द्वारा स्थापित क्रांतिकारियों की गुप्त संस्था है। विनायक दामोदर सावरकर ने अभिनव भारत नाम मैजिनी के 'यंग इटली' से प्रेरित होकर रखा था। विनायक दामोदर सावरकर विदेशों में स्थापित इण्डिया हाउस तथा फ्री इण्डिया सोसाइटी जैसे संगठनों से भी जुड़े रहे और लंदन में अभिनव भारत सोसाइटी की स्थापना की।

99. उद्देश्य की प्राप्ति अर्थात् 'भारत की राजनैतिक स्वतंत्रता' के लिए 'मित्र मेला' ___ मार्ग का पक्षधर था :

Correct Answer: (b) सशस्त्र विद्रोह
Solution:

उद्देश्य की प्राप्ति अर्थात भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए मित्र मेला सशस्त्र विद्रोह मार्ग का पक्षधर था। मित्र मेला की स्थापना बी.डी. सावरकर ने 1900 ई. में नासिक में किया था जो 1904 ई. में अभिनव भारत नामक संस्था में परिवर्तित हो गया।

बी.डी. सावरकर महाराष्ट्र के प्रमुख क्रांतिकारी थे जो अपने पूर्ववतक्रांतिकारी चापेकर बंधुओं से काफी प्रभावित थे। उन्होंने अपनी पुस्तक 'द इण्यिन वार ऑफ इण्डिपेंडेंस' में 1857 के विद्रोह को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा था।

100. वर्ष 1900 में विनायक दामोदर सावरकर द्वारा मित्रमेला का शुभारंभ कहाँ किया गया था?

Correct Answer: (d) नासिक
Solution:

1900 ई.में विनायक दामोदर सावरकर ने मित्र मेला का शुभारम्भ महाराष्ट्र के नासिक से किया। यह एक क्रांतिकारीसंगठन था जो सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से भारत के स्वतंत्रता का पद्यधर था।

आगे चलकर 1904 ई. में मित्रमेला अभिनव भारत नामक नए संगठन के रूप में सामने आया। मित्र मेला स्थापित करनेका मुख्य उद्देश्य भारत को राजनैकि स्वतंत्रता दिलाना था। उन्होंनेअंग्रेजों को भारत से भगाने के लिए चापेकर बंधुओं के मिशन कोआगे बढ़ाया।