Solution:प्राचीन भारत में विवाह के दो प्रकार अनुलोम और प्रतिलोम विवाह प्रचलित थे। जब उच्च वर्ण का व्यक्ति अपने से नीचे वर्ण की कन्या से विवाह करता था तो वह अनुलोम विवाह होता था, जैसे ब्राह्मण व्यक्ति का क्षत्रिय कन्या से विवाह ।
जब निम्न वर्ण का व्यक्ति अपने से ऊँचे वर्ण की कन्या से विवाह करता था तो वह प्रतिलोम विवाह होता था, जैसे शुद्र वर्ण का व्यक्ति का ब्राह्मण वर्ण की कन्या से विवाह प्रतिलोम विवाह है।