NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ (निरस्त) परीक्षा, जून 2024 संस्कृत

Total Questions: 100

21. पुरुषसिद्धौ हेतुर्भवति -

Correct Answer: (c) संघातपरार्थत्वम्
Solution:पुरुषसिद्धौ हेतुः संघातपरार्थत्वम् भवति ।
अर्थात् पुरुषसिद्धि में हेतु संघातपरार्थत्वम् होता है।
संघात परार्थत्वात् त्रिगुणादिविपर्ययाद् अधिष्ठानात्।
पुरुषोऽस्ति भोक्तृ भावात् कैवल्यार्थं प्रवृत्तेश्च ।।

इसमें पुरुष की सिद्धि हेतु पाँच हेतुओं को दिये हैं-

1.प्रकृति आदि का संघात दूसरे के लिए होता है,
2.त्रिगुण रहित होता है,
3. कोई अधिष्ठाता होता है,
4. कोई भोक्ता होता है तथा
5. किसी की कैवल्य में प्रवृत्ति होती है।
अतः इन सभी हेतुओं से पुरुष की सत्ता सिद्ध होती है।

22. वैशेषिकाभिमतसंस्कारभेदेषु परिगण्यन्ते-

A. वेगः
B. धर्मः
C. भावना
D. विभागः
D. स्थितिस्थापकः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (d) A, C, E केवलम्
Solution:वैशेषिकाभिमतसंस्कारभदेषु 'वेगः, भावना, स्थितिस्थापकः परिगण्यन्ते।
अर्थात् वैशेषिकाभिमत संस्कार भेदों में वेग, भावना और स्थितिस्थापक परिगणित होता है।
वेशेषिक दर्शनेषु 'रूप-रस गंध-स्पर्श - संख्या - परिमाण पृथकत्व संयोग विभाग परत्वापरत्व गुरुत्व - |
द्रवत्व - स्नेह - शब्द-बुद्धि सुख-दुःख इच्छा द्वेष-प्रयत्न - धर्माधर्म - संस्काराः चतुर्विंशतिर्गुणाः'।
तथा संस्कारस्विविधः वेगो, भावना, स्थितिस्थापक श्चेति ।

अतः उपयुक्तेषु समुचितं विकल्पं (d) अस्ति।

23. भारविप्रणीतं किरातार्जुनीयमहाकाव्यं कति सर्गात्मकम् ?

Correct Answer: (a) अष्टादशसर्गात्मकम्
Solution:भारविप्रणीतं किरातार्जुनीयमहाकाव्यं अष्टादशसर्गात्मक अर्थात भारवि प्रणीत किरातार्जुनीय महाकाव्य अट्ठारह सर्गों वाला यह बृहत्त्रयी का सर्वप्रथम महाकाव्य है। इसमें चित्रालङ्कार का वर्णन प्राप्त होता है। इनकी रीति गौणी तथा वीर रस प्रधान महाकाव्य है।

सप्तदशसर्गात्मक - कुमारसंभवम्
विंशतिसर्गात्मकम् -  शिशुपालवधम्
कोनविंशतिसर्गात्मक - रघुवंशमहाकाव्यम्

अतः प्रश्नानुसार समुचित विकल्प (a) है।

24. सूचीद्वयमाश्रित्य समुचितं मेलयत

सूची-Iसूची-II
A. ब्राह्मणम्I. आरोग्यं पृच्छेत्
B. क्षत्रियम्II. क्षेमं पृच्छेत्
C. वैश्यम्III. कुशलं पृच्छेत्
D. शूद्रम्IV. अनामयं पृच्छेत्

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (b) A-III, B-IV, C-II, D-I
Solution:सूचीद्वयमाश्रित्य समुचितं मेलनमस्ति-

A. ब्राह्मणम्  - कुशलं पृच्छेत्
B. क्षत्रियम् - अनामयं पृच्छेत्
C. वैश्यम् - क्षेमं पृच्छेत्
D. शूद्रम् - आरोग्यं पृच्छेत्

उपर्युक्तेषु विकल्पेषु समुचितं विकल्प A-III, B-IV, C-II, D-I अस्ति।

ब्राह्मणं कुशल पृच्छेत्क्षत्रबन्धुमनामयम्।
वैश्यं क्षेमं समागम्य शूद्रमारोग्यमेव च।।

25. 'सस्यमिव मर्त्यः पच्यते सस्यमिवाजायते पुनः' इति वाक्यं कस्यामुपनिषदि प्राप्यते ?

Correct Answer: (d) कठोपनिषदि
Solution:'सस्यमिव मर्त्यः पच्यते सस्यमिवाजायते पुनः' इति वाक्यं कठोपनिषदि प्राप्यते । अर्थात् यह वाक्य कठोपनिषद् में प्राप्त होता है।

अनुपश्य यथा पूर्वे प्रतिपश्य तथापरे।
सस्यमिव मर्त्यः पच्यते सस्यमिवाजायते पुनः ।।
अर्थात् नचिकेता अपने पिता से कहता है कि आप अपने पितामहादि जिस प्रकार का आचरण करते आये हैं, उस पर विचार कीजिए और दूसरे

26. अर्थविस्तारस्य उदाहरणमेतद्-

Correct Answer: (d) प्रवीणः
Solution:अर्थविस्तारस्य उदाहरणं प्रवीणः अस्ति। अर्थात् अर्थविस्तार का उदाहरण प्रवीण है। प्रकृष्टो वीणायाम् प्रवीणः अर्थात् जो वीणा वादन में विशेष था उसको प्रवीण कहते थे। परन्तु इसका अर्थ -विस्तार होकर किसी भी कार्य में विशेष व्यक्ति को प्रवीण कहा जाने लगा।

अन्य उदाहरण कुशल, तैल, गौशाला, गवेषणा आदि हैं।
अर्थसंकोच का उदाहरण अश्वः है तथा असुरः, मौन अर्थादेश के उदाहरण हैं।
अतः प्रश्नानुसार समुचित विकल्प (d) है।

27. सूचीद्वयमाश्रित्य परस्परं समुचितं मेलयत

सूची-Iसूची-II
A. अनारकलीI. पण्डिता क्षमाराव
B. सत्याग्रहगीताII. दण्डी
C. मालविकाग्निमित्रम्III. वी. राघवन्
D. दशकुमारचरितम्IV. कालिदासः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (d) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:सूचीद्वयमाश्रित्य परस्परं समुचितं अस्ति
सूची-Iसूची-II
A. अनारकलीवी. राघवन्
B. सत्याग्रहगीतापण्डिता क्षमाराव
C. मालविकाग्निमित्रम्कालिदासः
D. दुष्यन्तकुमारचरितम्दण्डी

अर्थात् अनारकली-वी. राघवन की रचना है और सत्याग्रह गीता और तुकाराम चरित आदि रचनाएँ पण्डिता क्षमाराव की हैं। मालविकाग्निमित्रम् नाटक कालिदास का हैं, दण्डी की रचनाएँ दशकुमारचरितम्, अवन्ति- सुन्दरी, काव्यादर्श काव्यशास्त्रीय ग्रन्थ हैं। अतः उपर्युक्त उत्तर (d) सही है।

28. प्रतीत्यसमुत्पादस्य हेतूपनिबन्धनक्रमो भवति-

A. काण्डान्नालः
B. ततः शूकम्
C. ततः पुष्पम्
D. अकुरात्काण्डम्
D. नालाद गर्भः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (b) D, A, E, B, C
Solution:प्रतीत्य समुत्पादस्य हेतु उपनिबन्ध क्रम अस्ति-

अकुरात्काण्डम् - काण्डान्नालः
नालाद्गर्भः - ततः
शूकम् - ततः

फलम् अर्थात् प्रतीत्यसमुत्पादवाद बौद्ध दर्शन से सम्बन्धित है।
अतः उपयुक्तेषु विकल्पेषु समुचित विकल्पः (b) अस्ति।

29. विनियोगविधेः सहकारिभूतानां षट् प्रमाणानां क्रमं चिनुत

A. समाख्या
B. प्रकरणम्
C. वाक्यम्
D. लिङ्गम्
E. श्रुतिः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत

Correct Answer: (d) E, D, C, B, A
Solution:विनियोगविधेः सहकारिभूतानां षट् प्रमाणानां क्रम 'श्रुतिः -

लिङ्ग - वाक्य प्रकरण - समाख्या इति' उचितं क्रमं अस्ति।
अर्थात् यह षट् प्रमाण पूर्व मीमांसा (अर्थसंग्रह) में विनियोग विधि के प्रमाण है ।
इनका क्रम श्रुति, लिङ्ग, वाक्य, प्रकरण, स्थान, समाख्या।
अतः विकल्प (d) सही है।

30. लोकमान्यतिलकाभिमतस्य कृत्तिकाकालस्य कालमर्यादा भवति-

Correct Answer: (c) 2500-1400 ई.पू.
Solution:लोकमान्यतिलकाभिमतस्य कृत्तिका कालस्य काल मर्यादा  2500-1400 ई.पू. अस्ति। लोकमान्यतिलक वेदों का समय 6000ई.पू. मानते हैं। जिसका विभाजन -

6000-4000 ई.पू. - अदितिकाल
4000-2500 ई.पू. - मृगशिरा काल
2500-1400 ई.पू. - कृत्तिका काल
1400-500 ई.पू. - अन्तिम काल/सूत्र काल कहलाता है।

अतः उत्तर विकल्प (c) उचित है।