NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ (निरस्त) परीक्षा, जून 2024 संस्कृत

Total Questions: 100

51. एषु गद्यकाव्यकारान् चिनुत -

A. भवभूतिः
B. भारविः
C. अम्बिकादत्तव्यासः
D. दण्डी
E. बाणभट्टः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (a) C, D. E केवलम्
Solution:एषु गद्यकाव्यकारान् सन्ति- अम्बिकादत्तव्यास - दण्डी - बाणभट्ट

अम्बिकादत्तव्यास का जन्म राजस्थान के जयपुर शहर के रावत जी का झूला नामक स्थान पर हुआ है। इनकी रचनाएँ शिवराजविजय, सामवतम् रत्नाष्टकम् साहित्य नलिनी आदि है।

दण्डी का समय सातवीं सदी उत्तरार्ध एवं आठवीं सदी के पूर्वार्द्ध माना जाता है। इनकी रचनाएँ दशकुमार चरितम्, काव्यादर्श और अवन्ति सुन्दरी मानी जाती है।

बाणभट्ट राजा हर्ष वर्धन के सभा कवि थे जिनका जन्म 6वीं सदी माना जाता है। इनकी रचनाएँ कादम्बरी, चण्डीशतक, मुकुटताडितक, हर्षचरितम् है। अतः विकल्प (a) सही है।

52. काऽस्ति गणिकानायिका कृतिः ?

Correct Answer: (c) मृच्छकटिकम्
Solution:मृच्छकटिकम् अस्ति गणिका नायिका कृतिः । अर्थात् मृच्छकटिकम् शूद्रक की रचना है। इस प्रकरण में 10 अंक हैं

और इस प्रकरण में उस समय के वर्तमान काल का यथावत् चित्रण है कि कैसे एक ब्राह्मण चोरी करता है और राजा का साला गरीब ब्राह्मण चारुदत्त को डराता धमकाता है। अतः विकल्प (c) सही है।

53. सूचीद्वयमाश्रित्य समुचितं मेलयत-

स्तम्भः १स्तम्भः २
A. गुप्तलिपिःI. डोगरी
B. शारदालिपिःII. तेलुगु
C. ग्रन्थलिपिःIII. प्रयागप्रशस्तिः
D. प्राचीननागरीलिपिःIV. नन्दीनागरी

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत- 

Correct Answer: (a) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:सूचीद्वयमाश्रित्य समुचितं मेलनमस्ति-
स्तम्भः १स्तम्भः २
A. गुप्तलिपिःप्रयागप्रशस्तिः
B. शारदालिपिःडोगरी
C. ग्रन्थलिपिःतेलुगु
D. प्राचीननागरीलिपिःनन्दिनागरी

अतः उपर्यक्तेषु विकल्पेषु समुचितं विकल्पं (a) A-III, B-I, C-II, D-IV अस्ति।

54. काव्यप्रकाशस्थकाव्यप्रयोजनानां समुचितं क्रमं चिनुत

A. व्यवहारविदे
B. सद्यः परनिर्वृतये
C. अर्थकृते
D. कान्तासम्मिततयोपदेशयुजे
E. शिवेतरक्षतये

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (c) C, A, E, B, D
Solution:काव्यप्रकाशस्थकाव्यप्रयोजनानां समुचितं क्रमः
C. अर्थकृते, A. व्यवहारविदे, E. शिवेतरक्षतये, B. सद्यः परनिर्वृतये, D.कान्तासम्मिततयोपदेशयुजे इति अस्ति।
अर्थात् आचार्य मम्मट विरचित काव्यप्रकाश दश उल्लासों में विभक्त है। यह काव्यशास्त्र का ग्रन्थ है आचार्य मम्मट ने अपना काव्य प्रयोजन 6 बतलाया है।

काव्यं यशसेऽर्थकृते व्यवहारविदेशिवेतरक्षतये ।
सद्यः परनिर्वृतये कान्तासम्मितयोपदेशयुजे ।।

55. अशोकस्य 'धउलि' शिलालेखः कस्मिन् राज्ये वर्त्तते ?

Correct Answer: (b) ओडिशाराज्ये
Solution:अशोकस्य 'धउलि' शिलालेखः ओडिशाराज्ये अस्ति। अशोक का धउलि शिलालेख ओडिशा राज्य में विद्यमान है। उड़ीसा के खोर्धा जिला में स्थित इस बृहद शिलालेख में अशोक के पशुवध और समारोहों पर होने वाले अनावश्यक खर्च की निन्दा की है। अशोक के 14 दीर्घ शिलालेख प्राप्त होते हैं।

56. शिव संकल्पसूक्तस्य ऋषिः कः ?

Correct Answer: (d) याज्ञवल्क्यः
Solution:शिव संङ्कल्पसूक्तस्य = ऋषिः याज्ञवल्क्यः अस्ति। शिवसंकल्पसूक्त के ऋषि याज्ञवल्क्य हैं। शुक्ल यजुर्वेद के 34वें अध्याय के 6 मंत्रों को शिवसंकल्प सूक्त कहते हैं। इस अध्याय के देवता मन हैं, छन्द त्रिष्टुप् है, ऋषि याज्ञवल्क्य हैं।

57. सूचीद्वयमाश्रित्य समुचितं मेलयत-

स्तम्भः १स्तम्भः २
A. सुन्दरकाण्डम्I. अरण्यकाण्डम्
B. युद्धकाण्डवानम्II. उत्तरकाण्डम्
C. लङ्काकाण्डम्III. बालकाण्डम्
D. यत्रति-आख्यानम्IV. सुन्दरकाण्डम्

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत- 

Correct Answer: (c) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:सूचीद्वयमाश्रित्य समुचितं मेलनं अस्ति।
स्तम्भः १स्तम्भः २
A. समुद्रमन्थनम्III. बालकाण्डम्
B. शूर्पणखावर्णनम्I. अरण्यकाण्डम्
C. लागमनम्IV. सुन्दरकाण्डम्
D. ययाति-आख्यानम्II. उत्तरकाण्डम्

वाल्मीकि रामायण में समुद्र मन्थन प्रसंग बालकाण्ड में प्राप्त होता है। शूर्पणखा वर्णन अरण्यकाण्ड में प्राप्त होता है। राम के लंका गमन का वर्णन सुन्दर काण्ड में प्राप्त होता है। ययाति आख्यान रामायण के उत्तरकाण्ड में वर्णित है। अतः उपर्यक्तेषु विकल्पेषु समुचितं विकल्पः (c) अस्ति ।

58. महर्षिवाल्मीकिः क्रन्दनरतां क्रौञ्चीं कस्या नद्यास्तीरे ददर्श?

Correct Answer: (c) तमसायाः
Solution:महर्षि वाल्मीकिः क्रन्दनरतां क्रौञ्चीं तमसा नद्याः तीरे ददर्श। महर्षि वाल्मीकि ने रोती हुई क्रौञ्ची को तमसा नदी के किनारे देखा।

59. सूचीद्वयमाश्रित्य परस्परं समुचितं मेलयत-

स्तम्भः १स्तम्भः २
A. विश्वामित्र–नदीसंवादःI. यजुर्वेदः
B. रणायनीयशाखाII. अथर्ववेदः
C. शौनकशाखाIII. सामवेदः
D. कापिष्ठलशाखाIV. ऋग्वेदः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत -

Correct Answer: (a) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:सूचीद्वयमाश्रित्य परस्परं समुचित मेलनं अस्ति।
स्तम्भः १स्तम्भः २
A. विश्वामित्र–नदीसंवादःऋग्वेदः
B. रणायनीयशाखासामवेदः
C. शौनकशाखाअथर्ववेदः
D. कापिष्ठलशाखायजुर्वेदः

विश्वामित्र नदी संवाद ऋग्वेद में प्राप्त होता है।
राणायनीय शाखा सामवेद से सम्बन्धित है।
शौनक शाखा अथर्ववेद से सम्बन्धित है।
कपिष्ठलशाखा यजुर्ववेद से सम्बन्धित है।
अतः उपर्यक्तेषु विकल्पेषु समुचितं विकल्पं (a) अस्ति।

60. निरुक्तानुसारं निपातभेदेषु परिगण्यन्ते -

A. अभिव्यापकार्थः
B. उपमार्थकः
C. करणोपसंग्रहः
D. कर्मोपसंग्रहः
E. पादपूरणार्थकः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत- 

Correct Answer: (c) B, D, E केवलम्
Solution:निरुक्तानुसारं निपात भेदेषु B. उपमार्थकः, D. कर्मोपसंग्रहः तथा E.पादपूरणार्थकः त्रयः भेदाः परिगण्यन्ते। निरुक्त के अनुसार निपात तीन प्रकार के होते हैं।
स्तम्भः १स्तम्भः २
उपसर्गःइव, न, चित्, नु
कर्मप्रवचनीयःने, आ, वा, ह
पदपूरकःननु, बतु, हि, अथ