Solution:काव्यप्रकाशस्थकाव्यलक्षणे 'अनलकृती पुनः क्वापी'त्यत्र 'अनल कृती' इति पदे स्त्रीलिङ्गम्, द्विवचनम्।
अर्थात् काव्यप्रकाश के काव्य लक्षण में स्त्रीलिङ्ग द्विवचन है।
अलम् √कृ + विनन् = अलङ्कृतिः = अलङ्कृती, अलङ्कृत्तयः ।
इसका रूप मति के समान चलेगा।
काव्य लक्षण - तददोषौ शब्दार्थी सगुणावनलंकृती पुनः क्वापि । शब्दार्थी के तीन विशेषण बनाये गये हैं अदोषी, सगुणौ तथा अनलङ्कृती।
अतः प्रश्नानुसार समुचिन विकल्प (b) है।