NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ (निरस्त) परीक्षा, जून 2024 संस्कृत

Total Questions: 100

71. बौद्धमते निर्विकल्पकं भवति-

Correct Answer: (b) कल्पनापोढम्
Solution:: बौद्धमते निर्विकल्पकं कल्पनापोढम् भवति । बौद्ध भत में  निर्विकल्पक ज्ञान कल्पनापोढ होता है। अतः विकल्प (b) सही है।

72. कालक्रमेण इमे अभिलेखाः व्यवस्थापनीया:-

A. मंदसौरस्तम्भलेखः
B. ऐहोलशिलालेखः
C. बांसखेडाताम्रपटाभिलेखः
D. इलाहाबादस्तम्भलेखः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत- 

Correct Answer: (c) D, A, С, В
Solution:प्रश्नानुसारं अभिलेखाः समुचितं क्रमः अस्ति-
स्तम्भः १स्तम्भः २
D.  इलाहाबादस्तम्भलेखः250 ई.
A. मंदसौरस्तम्भलेखः529 ई.
C. बांसखेडाताम्रपटाभिलेखः628 ई.
B. ऐहोलशिलालेखः634 ई.

अतः उपर्युक्तेषु विकल्पेषु समुचित विकल्प (c) अस्ति।

73. महाभाष्यकारानुसारेण कात्यायनः कुत्रत्यः ?

Correct Answer: (d) दाक्षिणात्यः
Solution:महाभाष्यकारानुसारेण कात्यायनः दाक्षिणात्यः अस्ति। महाभाष्यकार पतंजलि के अनुसार, कात्यायन दाक्षिणात्य थे, इनका दूसरा नाम वररुचि भी है, इन्होंने पाणिनी की अष्टाध्यायी पर वार्तिक सूत्र भी लिखे हैं। अतः विकल्प (d) सही है।

74. शतम् (सतम्) वर्गेएते भाषे स्तः-

A. ग्रीक्
B. अवेस्ता
C. जर्मन
D. संस्कृतम्

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (a) B, D केवलम्
Solution:शतम् वर्गे B.अवेस्ता, D. संस्कृतम् भाषे स्तः ।
शतम् वर्ग में अवेस्ता तथा संस्कृत का ग्रहण होता है।
अतः विकल्प (a) सही है। जर्मन ग्रीक केन्टुम वर्ग की भाषा है।

75. आचार्याणां कालक्रमेण सम्प्रदायानां पूर्वपरक्रमं चिनुत-

A. अल‌कारसम्प्रदायः
B. ध्वनिसम्प्रदायः
C. औचित्यसम्प्रदायः
D. रससम्प्रदायः
E. वक्रोक्तिसम्प्रदायः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत

Correct Answer: (b) D, A, B, E, C
Solution:कालक्रमानुसारं सम्प्रदायाचार्याणाम् समुचित क्रमः अस्ति।
स्तम्भः १स्तम्भः २
D. रससम्प्रदायःभरतमुनिः
A. अलङ्कारसम्प्रदायःभामहरू
B. ध्वनिसम्प्रदायःआनन्दवर्धनः
E. वक्रोक्तिसम्प्रदायःकुन्तकः
C. औचित्यसम्प्रदायःक्षेमेन्द्रः

अतः विकल्प (b) सही है।

76. इमे शिलालेखः ब्राह्मीलिप्या वर्त्तन्ते-

A. पञ्चमशिलालेखः (मानसेहरा)
B. प्रथमशिलालेखः (गिरनार)
C. सारनाथशिलालेखः
D. शाहबाजगढीशिलालेखः
E. मंदसौरस्तम्भलेखः

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत

Correct Answer: (a) B, C, E केवलम्
Solution:इमे शिलालेखः ब्राह्मीलिप्यां वर्तन्ते-

B. प्रथम शिलालेखः (गिरनार), C. सारनाथ शिलालेख, D. मन्दसौरस्तम्भलेखः । मानसेहरा और शाहबाज़गढ़ी अशोक के खरोष्ठी लिपि में लिखे गये अभिलेख है। अतः विकल्प (a) सही है।

77. सूचीद्वयमाश्रित्य परस्परं समुचितं मेलयत -

स्तम्भः १स्तम्भः २
A. महेशःI. ब्राह्मणसर्वस्वम्
B. हतायु्धःII. विवरणभाष्यम्
C. माधवःIII. वेददीपः
D. उद्धवःIV. ऋक्सर्वानुक्रणीभाष्यम्

अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत -

Correct Answer: (b) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:प्रश्नानुसारं सूचिद्वयोः परस्परं समुचित मेलनं भवति ।
स्तम्भः १स्तम्भः २
A. महीधरःवेददीपः
B. हलायुधःब्राह्मणसर्वस्वम्
C. माधवःविवरणभाष्यम्
D. उद्धवःऋक्सर्वानुक्रमणीभाष्यम्

अतः विकल्प (b) A-III, B-I, C-II, D-IV सही है।

78. काव्ये ध्वनेः स्थितौ एताः विप्रतिपत्तयः संभवन्ति -

A. अभाववादः
B. रूढिवादः
C. भाक्तवादः
D. असमर्थतावादः
E. अनिर्वचनीयतावादः

 अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (c) A, C, E केवलम्
Solution:काव्ये ध्वनेः स्थितौ अभावावादः भाक्तवादः अनिर्वचनीयतावादः एताः विप्रतिपत्तयः संभवन्ति । च अर्थात् काव्य में ध्वनि की स्थिति में अभावावाद, भाक्तवाद और अनिर्वचनीयतावाद ये विप्रतिपत्तियाँ (विरोध) सम्भावित होते हैं। आचार्य आनन्दवर्धन ने काव्य की आत्मा ध्वनि को माना है। 'काव्यस्यात्मा ध्वनिरेव' जिसके विरोध में तीन मत प्रचलित होते हैं-
1. अभाववादी- ये ध्वनि का अभाव मानते हैं।
2. भाक्तवादी ये ध्वनि को गौण (लक्षणा) वृत्ति मानते हैं।
3. अनिर्वचनीयवादी- ये ध्वनि को वाणी का विषय नहीं मानते हैं।

अतः प्रश्नानुसार समुचित विकल्प (c) है।

79. काव्यप्रकाशस्थकाव्यलक्षणे 'अनल‌ङ्कृती पुनः क्वापी' त्यत्र 'अनल‌ङ्कृती' इति पदे किं लिङ्गं किं च वचनम्?

Correct Answer: (b) स्त्रीलिङ्गम, द्विवचनम्
Solution:काव्यप्रकाशस्थकाव्यलक्षणे 'अनलकृती पुनः क्वापी'

त्यत्र 'अनल कृती' इति पदे स्त्रीलिङ्गम्, द्विवचनम्।
अर्थात् काव्यप्रकाश के काव्य लक्षण में स्त्रीलिङ्ग द्विवचन है।
अलम् √कृ + विनन् = अलङ्कृतिः = अलङ्कृती, अलङ्कृत्तयः ।
इसका रूप मति के समान चलेगा।

काव्य लक्षण - तददोषौ शब्दार्थी सगुणावनलंकृती पुनः क्वापि । शब्दार्थी के तीन विशेषण बनाये गये हैं अदोषी, सगुणौ तथा अनलङ्कृती।

अतः प्रश्नानुसार समुचिन विकल्प (b) है।

80. गिरनारशिलालेखे का लिपिः प्राप्यते?

Correct Answer: (a) ब्राह्मी
Solution:गिरनार शिलालेखे ब्राह्मी लिपिः प्राप्यते । अर्थात् गिरनार शिलालेख में ब्राह्मी लिपि प्राप्त होती है। अशोक के 14 दीर्घ शिलालेख प्राप्त होते हैं, जिनमें शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा की लिपि खरोष्ठी है तथा गिरनार आदि की लिपि ब्राह्मी है। नागरी लिपि को ही देवनागरी लिपि कहते हैं। अतः प्रश्नानुसार समुचित विकल्प (a) है।