Solution:8वीं पंचवर्षीय योजना 1992 में प्रारम्भ हुई तथा 1997 तक चली। 8वीं पंचवर्षीय योजना का मूल उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र का विकास एवं आधुनिकीकरण था। इस योजना में जीडीपी 5.6% रखी गई थी। इसी योजना में प्रधानमंत्री रोजगार योजना प्रारम्भ किया गया। इस योजना में 6.8% की वार्षिक वृद्धि हुई। आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान उच्चतर शिक्षा नीति का उद्देश्य निजी क्षेत्र की सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।
मुख्य पंचवर्षीय योजनाओं और उनके फोकस का सारांश:
• पहली योजना (1951-1956): कृषि और सिंचाई पर जोर, हेरोल्ड डोमर मॉडल पर आधारित।
• दूसरी योजना (1956-1961): तीव्र औद्योगिकीकरण, भारी उद्योगों और परिवहन पर जोर, P.C Mahalanobis मॉडल पर आधारित।
• तीसरी योजना (1961-1966): आत्मनिर्भरता और कृषि-औद्योगिक विकास का लक्ष्य।
• चौथी योजना (1969-1974): 'स्थिरता के साथ विकास' और गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य।
• पांचवीं योजना (1974-1978): गरीबी हटाओ (Garibi Hatao) का नारा, रोजगार और सामाजिक न्याय पर जोर।
• छठी योजना (1980-1985): गरीबी और बेरोजगारी उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित, सतत विकास की शुरुआत।
• सातवीं योजना (1985-1990): 'भोजन, काम और उत्पादन' के नारे के साथ रोजगार सृजन और आधुनिकीकरण।
• आठवीं योजना (1992-1997): उदारीकरण के बाद की योजना, मानव विकास और रोजगार पर जोर।
• नौवीं योजना (1997-2002): सामाजिक न्याय और समानता के साथ विकास।
• दसवीं योजना (2002-2007): गरीबी और बेरोजगारी में कमी, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि।
• ग्यारहवीं योजना (2007-2012): समावेशी विकास और तेज, सतत विकास।
• बारहवीं योजना (2012-2017): सतत, तीव्र और अधिक समावेशी विकास (अंतिम पंचवर्षीय योजना)।